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Sunday, August 12, 2012

संबंध


   जब मुझे पता चला कि एक बोर्ड मीटिंग में भाग लेने के लिए डेविड उसी दफतर में आया हुआ है जहां मैं काम करती हूँ तो मुझे बहुत खुशी हुई। मेरे और डेविड की एक सामान्य सहेली थी - शैरन, जिसकी म्रुत्यु कुछ वर्ष पहले हुई थी। मुझे और डेविड को कुछ मिनिट का समय मिला कि हम मिल कर शैरन के बारे में बात कर सकें और जीवन था परमेश्वर के प्रति उसके प्रेम को स्मरण कर सकें। कितना आनन्दमय होता है किसी ऐसे के साथ संपर्क करना जो आपके समान ही किसी ऐसे व्यक्ति को प्रीय जानता हो जिसे आप भी प्रीय जानते हैं। उस सामान्य प्रीय जन के कारण उस दूसरे व्यक्ति से आपका एक विशेष संबंध हो जाता है और आप उसके साथ अपने प्रीय जन के बारे में बातें करके आनन्दित हो सकते हैं।

   जो लोग मसीह यीशु को अपने उद्धारकर्ता के रूप में जानते हैं, वे आपस में एक गहरे संबंध से जुड़े हैं, क्योंकि हम अपने प्रभु और उसमें होकर एक दूसरे के साथ सदा के लिए जुड़ गए हैं। जैसे प्रेरित पौलुस ने परमेश्वर के वचन बाइबल में कहा: "...हम जो बहुत हैं, मसीह में एक देह हो कर आपस में एक दूसरे के अंग हैं" (रोमियों १२:५), और प्रेरित युहन्ना ने भी लिखा "जिसका यह विश्वास है कि यीशु ही मसीह है, वह परमेश्वर से उत्‍पन्न हुआ है और जो कोई उत्‍पन्न करने वाले से प्रेम रखता है, वह उस से भी प्रेम रखता है, जो उस से उत्‍पन्न हुआ है" (१ युहन्ना ५:१)।

   जब हम संगी विश्वासियों के साथ मिलते हैं तो हमारे पास अवसर होता है कि हम अपने प्रीय - प्रभु यीशु के बारे में बातें करें, और उसमें होकर, उसकी मृत्यु और पुनरुत्थान द्वारा जो प्रेम, क्षमा और अनुग्रह हमने अनुभव किया है उसके बारे में एक दूसरे को बताएं। ऐसे समयों पर हम एक दूसरे को प्रोत्साहित भी कर सकते हैं कि उसमें अपने विश्वास में दृढ़ बनें रहें और विश्वासयोग्यता के साथ उसके साथ चलते रहें।

   आज और इस पूरे सप्ताह, हम अपने संगी विश्वासियों को स्मरण दिलाते रहें कि प्रभु ने हमारे लिए क्या क्या किया है और वास्तव में वह कितना अद्भुत है। - ऐनी सेटास


आप जितना अधिक प्रभु यीशु से प्रेम करेंगे, उतना अधिक उसके बारे में बातें करेंगे।

...हम जो बहुत हैं, मसीह में एक देह हो कर आपस में एक दूसरे के अंग हैं। - रोमियों १२:५

बाइबल पाठ: १ युहन्ना ४:७-५:१
1Jn 4:7  हे प्रियों, हम आपस में प्रेम रखें; क्‍योंकि प्रेम परमेश्वर से है: और जो कोई प्रेम करता है, वह परमेश्वर से जन्मा है, और परमेश्वर को जानता है। 
1Jn 4:8  जो प्रेम नहीं रखता, वह परमेश्वर को नहीं जानता है, क्‍योंकि परमेश्वर प्रेम है। 
1Jn 4:9  जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, वह इस से प्रगट हुआ, कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्र को जगत में भेजा है, कि हम उसके द्वारा जीवन पाएं। 
1Jn 4:10 प्रेम इस में नहीं कि हम ने परमेश्वर ने प्रेम किया, पर इस में है, कि उस ने हम से प्रेम किया, और हमारे पापों के प्रायश्‍चित्त के लिये अपने पुत्र को भेजा। 
1Jn 4:11  हे प्रियों, जब परमेश्वर ने हम से ऐसा प्रेम किया, तो हम को भी आपस में प्रेम रखना चाहिए। 
1Jn 4:12  परमेश्वर को कभी किसी ने नहीं देखा; यदि हम आपस में प्रेम रखें, तो परमेश्वर हम में बना रहता है, और उसका प्रेम हम में सिद्ध हो गया है। 
1Jn 4:13 इसी से हम जानते हैं, कि हम उस में बने रहते हैं, और वह हम में; क्‍योंकि उस ने अपने आत्मा में से हमें दिया है। 
1Jn 4:14  और हम ने देख भी लिया और गवाही देते हैं, कि पिता ने पुत्र को जगत का उद्धारकर्ता करके भेजा है। 
1Jn 4:15  जो कोई यह मान लेता है, कि यीशु परमेश्वर का पुत्र है: परमेश्वर उस में बना रहता है, और वह परमेश्वर में। 
1Jn 4:16  और जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, उस को हम जान गए, और हमें उस की प्रतीति है; परमेश्वर प्रेम है: जो प्रेम में बना रहता है, वह परमेश्वर में बना रहता है, और परमेश्वर उस में बना रहता है। 
1Jn 4:17 इसी से प्रेम हम में सिद्ध हुआ, कि हमें न्याय के दिन हियाव हो; क्‍योंकि जैसा वह है, वैसे ही संसार में हम भी हैं। 
1Jn 4:18 प्रेम में भय नहीं होता, वरन सिद्ध प्रेम भय को दूर कर देता है, क्‍योंकि भय से कष्‍ट होता है, और जो भय करता है, वह प्रेम में सिद्ध नहीं हुआ। 
1Jn 4:19  हम इसलिये प्रेम करते हैं, कि पहिले उस ने हम से प्रेम किया। 
1Jn 4:20 यदि कोई कहे, कि मैं परमेश्वर से प्रेम रखता हूं, और अपने भाई से बैर रखे, तो वह झूठा है: क्‍योंकि जो अपने भाई से, जिस उस ने देखा है, प्रेम नहीं रखता, तो वह परमेश्वर से भी जिसे उस ने नहीं देखा, प्रेम नहीं रख सकता। 
1Jn 4:21  और उस से हमें यह आज्ञा मिली है, कि जो कोई अपने परमेश्वर से प्रेम रखता है, वह अपने भाई से भी प्रेम रखे।
1Jn 5:1  जिसका यह विश्वास है कि यीशु ही मसीह है, वह परमेश्वर से उत्‍पन्न हुआ है और जो कोई उत्‍पन्न करने वाले से प्रेम रखता है, वह उस से भी प्रेम रखता है, जो उस से उत्‍पन्न हुआ है।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन ८४-८६ 
  • रोमियों १२