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Friday, November 16, 2012

संपूर्ण निष्ठा


   अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वायलिन वादक मिदोरी का मानना है कि ध्यानपूर्वक और निष्ठा से किया गया अभ्यास ही सफलता की कुंजी है। वे प्रतिवर्ष ९० कार्यक्रमों में वायलिन वादन करती हैं और प्रतिदिन ५-६ घंटे अभ्यास करती हैं। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा: "मुझे अपने काम के लिए अभ्यास कि बहुत आवश्यकता रहती है; अभ्यास में व्यय किए समय का उतना महत्व नहीं है जितना उस निष्ठा का है जिस के साथ अभ्यास किया जाता है। मैं छात्रों को देखती हूँ, वे साज़ बजाते हैं और उसे अभ्यास कहते हैं, परन्तु ना वे ध्यान से सुनते हैं और ना देखते हैं। यदि आप अपनी अध्ययन पुस्तक अपने सामने खोल के बैठ जाएं तो क्या इसका अर्थ है कि आप अध्ययन कर रहे हैं?"

   यही सिद्धांत हमारे मसीही विश्वास के जीवन पर भी लागू होता है। प्रेरित पौलुस ने तिमुथियुस को लिखा: "अपने आप को परमेश्वर का ग्रहणयोग्य और ऐसा काम करने वाला ठहराने का प्रयत्‍न कर, जो लज्ज़ित होने न पाए, और जो सत्य के वचन को ठीक रीति से काम में लाता हो" (२ तिमुथियुस २:१५)। निष्ठा का अर्थ है अविरल, अथक सच्चा प्रयास और यह किसी भी कार्य के प्रति असावधान और ध्यान-रहित होने के विपरीत है। निष्ठा परमेश्वर के साथ हमारे हर संबंध पर लागू होती है।

   जैसे एक संगीतकार श्रेष्ठता के लिए निष्ठापूर्ण रीति से प्रयासरत रहता है, हम मसीही विश्वासीयों को भी परमेश्वर की सेवकाई, उसकी स्वीकृति और उसके वचन के श्रेष्ठता से बांटे जाने के लिए निष्ठापूर्ण रीति से प्रयासरत रहना चाहिए। 

   क्या आज आपने संपूर्ण निष्ठा के साथ परमेश्वर के वचन का अध्ययन और परमेश्वर से प्रार्थना करी तथा उसकी बात सुनी है? - डेविड मैक्कैसलैंड


परमेश्वर उनसे बात-चीत करता है जो उसकी सुनने को तैयार होते हैं; और उनकी सुनता है जो प्रार्थना में उसके पास आते हैं।

अपने आप को परमेश्वर का ग्रहणयोग्य और ऐसा काम करने वाला ठहराने का प्रयत्‍न कर, जो लज्ज़ित होने न पाए, और जो सत्य के वचन को ठीक रीति से काम में लाता हो। - २ तिमुथियुस २:१५

बाइबल पाठ: २ तिमुथियुस २:३-१६
2Ti 2:3 मसीह यीशु के अच्‍छे योद्धा की नाईं मेरे साथ दुख उठा। 
2Ti 2:4  जब कोई योद्धा लड़ाई पर जाता है, तो इसलिये कि अपने भरती करने वाले को प्रसन्न करे, अपने आप को संसार के कामों में नहीं फंसाता; 
2Ti 2:5  फिर अखाड़े में लड़ने वाला यदि विधि के अनुसार न लड़े तो मुकुट नहीं पाता। 
2Ti 2:6  जो गृहस्थ परिश्रम करता है, फल का अंश पहिले उसे मिलना चाहिए। 
2Ti 2:7  जो मैं कहता हूं, उस पर ध्यान दे और प्रभु तुझे सब बातों की समझ देगा। 
2Ti 2:8  यीशु मसीह को स्मरण रख, जो दाऊद के वंश से हुआ, और मरे हुओं में से जी उठा; और यह मेरे सुसमाचार के अनुसार है। 
2Ti 2:9  जिस के लिये मैं कुकर्मी की नाईं दुख उठाता हूं, यहां तक कि कैद भी हूं; परन्‍तु परमेश्वर का वचन कैद नहीं। 
2Ti 2:10  इस कारण मैं चुने हुए लोगों के लिये सब कुछ सहता हूं, कि वे भी उस उद्धार को जो मसीह यीशु में हैं अनन्‍त महिमा के साथ पाएं। 
2Ti 2:11  यह बात सच है, कि यदि हम उसके साथ मर गए हैं तो उसके साथ जीएंगे भी। 
2Ti 2:12  यदि हम धीरज से सहते रहेंगे, तो उसके साथ राज्य भी करेंगे : यदि हम उसका इन्‍कार करेंगे तो वह भी हमारा इन्‍कार करेगा। 
2Ti 2:13  यदि हम अविश्वासी भी हों तौभी वह विश्वासयोग्य बना रहता है, क्‍योंकि वह आप अपना इन्‍कार नहीं कर सकता।
2Ti 2:14  इन बातों की सुधि उन्‍हें दिला, और प्रभु के साम्हने चिता दे, कि शब्‍दों पर तर्क-वितर्क न किया करें, जिन से कुछ लाभ नहीं होता, वरन सुनने वाले बिगड़ जाते हैं। 
2Ti 2:15  अपने आप को परमेश्वर का ग्रहणयोग्य और ऐसा काम करने वाला ठहराने का प्रयत्‍न कर, जो लज्ज़ित होने न पाए, और जो सत्य के वचन को ठीक रीति से काम में लाता हो। 
2Ti 2:16  पर अशुद्ध बकवाद से बचा रह; क्‍योंकि ऐसे लोग और भी अभक्ति में बढ़ते जाएंगे।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल ३-४ 
  • इब्रानियों ११:२०-४०