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Wednesday, March 6, 2013

चित्र-पटल


   जब मैं छोटा था तो हमारे बाइबल शिक्षक बाइबल की कहानियों को दर्शाने के लिए एक "फ्लैनेल बोर्ड" का प्रयोग करते थे। यह स्कूलों में प्रयोग होने वाले लकड़ी के बने श्यामपट के समान ही होता था, बस इस पटल पर फ्लैनल का कपड़ा चढ़ा होता था, जिस पर बाइबल पात्रों के गत्ते या काग़ज़ से बने चित्र, जिनके पीछे भी फ्लैनल लगा होता था, लगा दिए जाते थे। जहाँ लगाए जाते, वहाँ वे चित्र ’चिपके’ रहते और सरलता से हटाए भी जा सकते थे। इस माध्यम से हमारे शिक्षक हमारे लिए उन कहानियों को सजीव कर देते थे। इस आधुनिक और टैकनौलोजी के युग में भी कई शिक्षक अभी भी "फ्लैनेल बोर्ड" का प्रयोग करते हैं।

   केवल वे प्राचीन "फ्लैनेल बोर्ड" ही आज भी सजीव शिक्षा देने का माध्यम नहीं हैं। परमेश्वर ने आदि काल से अपने बारे में शिक्षा देने के लिए एक और माध्यम का प्रयोग किया है, जो अब तक उतना ही कारगर है - उसकी सृष्टि। सृष्टि की अद्भुत बातों द्वारा परमेश्वर अपने बारे में बताता आया है और बता रहा है। परमेश्वर की सृष्टि उसका चित्र-पटल है जिस पर वह अपने बारे में बताता आया है और आज भी बता रहा है।

   दाऊद ने भजन 19:1 में लिखा "आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है।" सृष्टि में परमेश्वर ने अपने आप को इतनी स्पष्टता से प्रगट किया है कि प्रेरित पौलुस ने लिखा: "इसलिये कि परमेश्वर के विषय का ज्ञान उन के मनों में प्रगट है, क्योंकि परमेश्वर ने उन पर प्रगट किया है। क्योंकि उसके अनदेखे गुण, अर्थात उस की सनातन सामर्थ, और परमेश्वरत्व जगत की सृष्टि के समय से उसके कामों के द्वारा देखने में आते है, यहां तक कि वे निरुत्तर हैं। इस कारण कि परमेश्वर को जानने पर भी उन्होंने परमेश्वर के योग्य बड़ाई और धन्यवाद न किया, परन्तु व्यर्थ विचार करने लगे, यहां तक कि उन का निर्बुद्धि मन अन्धेरा हो गया। वे अपने आप को बुद्धिमान जताकर मूर्ख बन गए। और अविनाशी परमेश्वर की महिमा को नाशमान मनुष्य, और पक्षियों, और चौपायों, और रेंगने वाले जन्तुओं की मूरत की समानता में बदल डाला" (रोमियों 1:19-23)।

   परमेश्वर की सृष्टि में हम उसके अविनाशी स्वरूप को, उसकी पवित्रता और उसके गुणों को, उसके व्यवस्थित और योजनाबद्ध रीति से कार्य करने को, उसकी सामर्थ और उसकी महिमा को, प्रत्येक बात पर उसके नियंत्रण आदि को देखते हैं। सृष्टि हमें परमेश्वर की उपासना के लिए प्रेरित करती है, और हम भजनकार के साथ कह सकते हैं: "हे यहोवा हमारे प्रभु, तेरा नाम सारी पृथ्वी पर क्या ही प्रतापमय है! तू ने अपना वैभव स्वर्ग पर दिखाया है" (भजन 8:1)। - बिल क्राउडर


परमेश्वर ने अपनी सृष्टि में होकर अपने गुणों और चरित्र को प्रगट किया है।

आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है। - भजन 19:1

बाइबल पाठ: भजन 19
Psalms 19:1 आकाश ईश्वर की महिमा वर्णन कर रहा है; और आकशमण्डल उसकी हस्तकला को प्रगट कर रहा है।
Psalms 19:2 दिन से दिन बातें करता है, और रात को रात ज्ञान सिखाती है।
Psalms 19:3 न तो कोई बोली है और न कोई भाषा जहां उनका शब्द सुनाई नहीं देता है।
Psalms 19:4 उनका स्वर सारी पृथ्वी पर गूंज गया है, और उनके वचन जगत की छोर तक पहुंच गए हैं। उन में उसने सूर्य के लिये एक मण्डप खड़ा किया है,
Psalms 19:5 जो दुल्हे के समान अपने महल से निकलता है। वह शूरवीर की नाईं अपनी दौड़ दौड़ने को हर्षित होता है।
Psalms 19:6 वह आकाश की एक छोर से निकलता है, और वह उसकी दूसरी छोर तक चक्कर मारता है; और उसकी गर्मी सब को पहुंचती है।
Psalms 19:7 यहोवा की व्यवस्था खरी है, वह प्राण को बहाल कर देती है; यहोवा के नियम विश्वासयोग्य हैं, साधारण लोगों को बुद्धिमान बना देते हैं;
Psalms 19:8 यहोवा के उपदेश सिद्ध हैं, हृदय को आनन्दित कर देते हैं; यहोवा की आज्ञा निर्मल है, वह आंखों में ज्योति ले आती है;
Psalms 19:9 यहोवा का भय पवित्र है, वह अनन्तकाल तक स्थिर रहता है; यहोवा के नियम सत्य और पूरी रीति से धरî