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Thursday, May 9, 2013

प्रेम


   मेरी माँ के इस पृथ्वी पर के अन्तिम दिनों में भी मेरे माता और पिता में प्रगाढ़ प्रेम और मसीह यीशु में अटूट विश्वास था। उन अन्तिम दिनों में माँ को देखभाल के लिए भरती करना पड़ा था और वहाँ उनसे मिलने का समय सीमित ही होता था। उनकी स्मरणशक्ति भी बहुत कमज़ोर हो गई थी और वे परिवार को भी भूलती जा रही थीं। लेकिन पिताजी नियमित रूप से उन से मिलने जाते थे और उनके साथ समय बिताते थे और किसी ना किसी रीति से उनके प्रति अपने प्रेम को व्यक्त करते थे।

   उदाहरण स्वरूप, वे उनकी मनपसन्द टॉफी ले जाते, और क्योंकि माँ स्वयं उसे खोलकर खाने में असमर्थ थीं, पिताजी टॉफी खोलकर बड़े प्रेम से उनके मुँह में डाल देते, और फिर उनका हाथ प्रेम से थाम कर पास ही बैठ जाते और उन्हें वह टॉफी चूसते हुए देखते रहते। जब मिलने का समय समाप्त होता तो वे एक बड़ी मुस्कान चेहरे पर लिए हुए उठते और कहते, "ऐसे साथ समय बिताने से मुझे बहुत शांति और आनन्द मिलता है।" माँ की सहायता करने और साथ देने से पिताजी को मिलने वाले आनन्द ने मुझे बहुत प्रभावित किया, लेकिन जिस बात ने इससे भी अधिक मुझे प्रभावित किया वह थी कि पिताजी अपने मसीही विश्वास को जी कर दिखा रहे थे, परमेश्वर के अनुग्रह को उदाहरण द्वारा प्रस्तुत कर रहे थे।

   यह वैसे ही था जैसे मनुष्य की पापी, कमज़ोर और असहाय दशा में प्रभु यीशु स्वर्ग का वैभव और आदर छोड़कर दीन हो गया और हमारे पृथ्वी के स्तर पर उतर आया कि हमारे साथ संबंध बना सके और हमारी सहायता कर सके। प्रभु यीशु के मनुष्य स्वरूप में अवतरित होने के संबंध में यूहन्ना लिखता है: "और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया..." (यूहन्ना 1:14)। उस मानव स्वरूप की सीमाओं में होते हुए भी प्रभु यीशु ने हमारी कमज़ोरियों और ऐबों के प्रति अनुग्रह किया और हमारे लिए अपनी करुणा और दया के अनगिनित कार्य किए। आज भी उसकी यह करुणा और दया बनी हुई है और वह प्रत्येक उस व्यक्ति को अपने साथ ले लेने को तैयार है जो सच्चे मन से पापों के पश्चाताप के साथ उसके पास आना चाहता है।

   क्या आप किसी ऐसे जन को जानते हैं जो प्रभु यीशु की इस करुणा और दया से लाभान्वित हो सकता है; कोई ऐसा व्यक्ति जिसे प्रभु यीशु के उद्धारक प्रेम और अनुग्रह को आपके जीवन में से प्रवाहित होते हुए देखने और अनुभव करने की आवश्यकता है? अपने प्रति प्रभु के प्रेम को दुसरों के प्रति अपने जीवन से अवश्य ही प्रदर्शित करें। - डेनिस फिशर


दूसरों के लिए आशीष का माध्यम बनने के लिए परमेश्वर के प्रेम को प्रवाहित करने का माध्यम बनें।

और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा। - यूहन्ना 1:14

बाइबल पाठ: यूहन्ना 1:9-14
John 1:9 सच्ची ज्योति जो हर एक मनुष्य को प्रकाशित करती है, जगत में आनेवाली थी।
John 1:10 वह जगत में था, और जगत उसके द्वारा उत्पन्न हुआ, और जगत ने उसे नहीं पहिचाना।
John 1:11 वह अपने घर आया और उसके अपनों ने उसे ग्रहण नहीं किया।
John 1:12 परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं।
John 1:13 वे न तो लोहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं।
John 1:14 और वचन देहधारी हुआ; और अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण हो कर हमारे बीच में डेरा किया, और हम ने उस की ऐसी महिमा देखी, जैसी पिता के एकलौते की महिमा।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 7-9 
  • यूहन्ना 1:1-28