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Tuesday, September 17, 2013

आगे की ओर

   जैसे ही मेरी नज़र उस पर पड़ी, उस पहली ही नज़र में मुझे उस से प्यार हो गया। वह बहुत साफ-सुथरी और खूबसूरत थी, उसकी चमक देखते ही बनती थी, वह अति मनमोहक थी। प्रयुक्त कारों की उस दुकान में 1962 मॉडल की उस फोर्ड थन्डरबर्ड पर नज़र पड़ते ही मैं उसकी ओर आकर्षित हुआ, और मेरे मन में यह निश्चय हो गया कि मेरे लिए बस यही कार है, और मैंने $800 देकर अपनी पहली कार खरीद ली। लेकिन मैं अपनी नई कार के बारे में एक समस्या से अनजान था, जो थोड़े ही समय में प्रकट हो गई - वह केवल आगे की ओर ही जा सकती थी, उसमें कार को पीछे ले जाने वाला रिवर्स गियर नहीं था!

   यद्यपि कार चलाने में पीछे की ओर ना जा सकना एक समस्या हो सकती है, लेकिन जीवन के लिए मेरी उस थन्डरबर्ड कार के समान पीछे की ओर ना जा पाना साधारणतया अच्छा ही होता है, विशेषतः हम मसीही विश्वासियों के लिए। हमारे उद्धारकर्ता प्रभु यीशु के साथ हमारी जीवन यात्रा में हमें पीछे की ओर लौट जाने का इनकार करते हुए निरन्तर आगे ही बढ़ते रहना है। जैसे प्रेरित पौलुस ने कहा, "हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है" (फिलिप्पियों 3:13-14)।

   यह आगे की ओर बढ़ते रहने का सबक सीखना उन इस्त्राएलियों के लिए आवश्यक था जिन्हें मिस्त्र की गुलामी से निकालकर, मूसा वाचा किए हुए दूध और मधु की धाराओं वाले कनान देश की ओर ले कर जा रहा था। हर परेशानी या किसी भी अनेपक्षित परिस्थिति के आते ही वे इस्त्राएली तुरंत मिस्त्र में बिताए गए जीवन को स्मरण कर के वापस वहाँ लौट जाने की बात करने लगते थे। यद्यपि परमेश्वर ने अनेकों आश्चर्यकर्मों के द्वारा और बारंबार उन्हें समस्याओं से निकालने के द्वारा यह प्रमाणित किया था कि वह उनके साथ है, उनकी देखभाल कर रहा है और उन्हें आगे लेकर जाने में सक्षम है, लेकिन वे फिर भी पीछे की ओर लौट जाने की चेष्टा करते रहते थे, और उनकी यही प्रवृति उनके लिए बहुत बड़ी समस्या का कारण बन गई - जो कुछ दिनों की यात्रा होनी थी, वही उनके लिए 40 वर्ष तक जंगल में भटकते रहने का कारण बन गई जब तक कि परमेश्वर पर अविश्वास करने वाली पीढ़ी के लोग खत्म नहीं हो गए, और उनके बाद फिर उनके बच्चे ही उस आशीष की भूमि कनान में प्रवेश करने पाए।

   हम मसीही विश्वासियों को भी अपनी विश्वास यात्रा में अनेकों समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। लेकिन हमें यह विश्वास बनाए रखना होगा कि जो परमेश्वर उन समस्याओं को हमारे जीवनों में आने देगा, वही उनका सामना करने योग्य सामर्थ भी देगा और उनके निवारण का मार्ग भी। वह हमें कभी अकेला और असहाय नहीं छोड़ेगा। इसलिए हमें कभी वापस संसार के जीवन की ओर नहीं वरन सदा ही आगे की ओर, आशीषों की ओर ही अग्रसर रहना है। जीवन की गाड़ी में रिवर्स गियर का ना होना हम मसीही विश्वासियों के लिए तो अवश्य ही लाभदयक है! - डेव ब्रैनन


जब संकट का सामना करना पड़े तब परमेश्वर पर भरोसा रखते हुए आगे की ओर ही बढ़ते रहें।

तब मूसा और हारून ने सारे इस्राएलियों से कहा, सांझ को तुम जान लोगे कि जो तुम को मिस्र देश से निकाल ले आया है वह यहोवा है। - निर्गमन 16:6

बाइबल पाठ: निर्गमन 16:1-12
Exodus 16:1 फिर एलीम से कूच कर के इस्राएलियों की सारी मण्डली, मिस्र देश से निकलने के महीने के दूसरे महीने के पंद्रहवे दिन को, सीन नाम जंगल में, जो एलीम और सीनै पर्वत के बीच में है, आ पहुंची।
Exodus 16:2 जंगल में इस्राएलियों की सारी मण्डली मूसा और हारून के विरुद्ध बकझक करने लगी।
Exodus 16:3 और इस्राएली उन से कहने लगे, कि जब हम मिस्र देश में मांस की हांडियों के पास बैठकर मनमाना भोजन खाते थे, तब यदि हम यहोवा के हाथ से मार डाले भी जाते तो उत्तम वही था; पर तुम हम को इस जंगल में इसलिये निकाल ले आए हो कि इस सारे समाज को भूखों मार डालो।
Exodus 16:4 तब यहोवा ने मूसा से कहा, देखो, मैं तुम लोगों के लिये आकाश से भोजन वस्तु बर