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Tuesday, September 16, 2014

सुख


   मेरी पत्नि अपनी व्यस्त दिनचर्या के कारण हमारे नाती-पोतों के साथ कभी कभी सप्ताह में थोड़ा ही समय बिताने पाती है। लेकिन जब कभी संभव होता है वह अपनी दिनचर्या के कार्यों के समय में बदलाव करके उनके साथ अधिक से अधिक समय बिताने का प्रयास करती है - किसी कर्तव्य के अन्तर्गत नहीं, वरन इसलिए क्योंकि वह उनसे प्रेम करती है। ऐसे समयों में जब मैं उसे उनके साथ देखता हूँ तो मुझे आभास होता है कि ’सुख’ शब्द का तात्पर्य क्या होता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 119 का लेखक परमेश्वर के वचन से उसे प्राप्त होने वाले सुख के बारे में लिखता है। इस भजन में वह आठ बार ’सुख’ से जुड़े शब्दों का प्रयोग करता है (पद 16, 24, 35, 47, 70, 77, 92, 174)। उदाहरण के लिए: "मैं तेरी विधियों से सुख पाऊंगा; और तेरे वचन को न भूलूंगा" (भजन 119:16); "क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं के कारण सुखी हूं, और मैं उन से प्रीति रखता हूं" (भजन 119:47)। भजनकार द्वारा ’सुख’ और उससे जुड़े हुए शब्दों का प्रयोग दिखाता है कि उसके लिए परमेश्वर के वचन के साथ समय बिताना ना तो कोई बोझ था और ना ही किसी कर्तव्य का पालन मात्र; क्योंकि वह परमेश्वर से तथा उसके वचन से प्रेम करता था। परमेश्वर से उसके निकट संबंध के कारण उसके मन में लालसा रहती थी कि वह परमेश्वर के बारे में और अधिक निकटता से जाने, तथा यह भी जाने कि उसका प्रीय उससे क्या कहना चाहता है।

   इसी प्रकार, यदि हमें भी परमेश्वर के वचन के अध्ययन को कर्तव्य नहीं वरन अपने आनन्द का स्त्रोत बनाना है तो हमें भी परमेश्वर के साथ अपने संबंध को और प्रगाढ़ बनाना होगा। जब हम यह स्मरण रखेंगे कि परमेश्वर हम से कितना प्रेम करता है और हमारे लिए उस प्रेम में होकर उसने क्या कुछ किया है तो उसके साथ समय बिताना हमारे लिए केवल कर्तव्य पालन नहीं वरन वास्तव में आनन्द की बात बन जाएगा, और हम भी भजनकार के साथ कह सकेंगे, "अहा! मैं तेरी व्यवस्था में कैसी प्रीति रखता हूं! दिन भर मेरा ध्यान उसी पर लगा रहता है" (भजन 119:97)। - सी. पी. हिया


हर समय हर परिस्थिति में परमेश्वर के वचन को अपने आनन्द का स्त्रोत बनाए रखिए।

इस कारण मैं तेरी आज्ञाओं को सोने से वरन कुन्दन से भी अधिक प्रिय मानता हूं। - भजन 119:127

बाइबल पाठ: भजन 119:41-48
Psalms 119:41 हे यहोवा, तेरी करूणा और तेरा किया हुआ उद्धार, तेरे वचन के अनुसार, मुझ को भी मिले; 
Psalms 119:42 तब मैं अपनी नामधराई करने वालों को कुछ उत्तर दे सकूंगा, क्योंकि मेरा भरोसा, तेरे वचन पर है। 
Psalms 119:43 मुझे अपने सत्य वचन कहने से न रोक क्योंकि मेरी आशा तेरे नियमों पर हैं। 
Psalms 119:44 तब मैं तेरी व्यवस्था पर लगातार, सदा सर्वदा चलता रहूंगा; 
Psalms 119:45 और मैं चोड़े स्थान में चला फिरा करूंगा, क्योंकि मैं ने तेरे उपदेशों की सुधि रखी है। 
Psalms 119:46 और मैं तेरी चितौनियों की चर्चा राजाओं के साम्हने भी करूंगा, और संकोच न करूंगा; 
Psalms 119:47 क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं के कारण सुखी हूं, और मैं उन से प्रीति रखता हूं। 
Psalms 119:48 मैं तेरी आज्ञाओं की ओर जिन में मैं प्रीति रखता हूं, हाथ फैलाऊंगा और तेरी विधियों पर ध्यान करूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • यहेजकेल 40-42