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Tuesday, October 21, 2014

कटनी


   एक दोपहर को मैं एक खेत के निकट से होकर निकला। वहाँ उस खेत के स्वामी किसान ने बड़ी बड़ी मशीनें सड़क के किनारे खड़ी कर रखीं थीं और पीले रंग का एक चेतावनी चिन्ह लगा रखा था जिस पर लिखा था, "सावधान! फसल काटी जा रही है।" खेत के बगल से निकलते हुए मैंने एक झलक खेत की ओर देखा और मैं तुरंत पहचान गया कि कुछ महीने पहले उस किसान ने कौन से बीज बोए थे - मक्की के छोटे छोटे बीज। मैं यह इस लिए कह सकता हूँ क्योंकि वह किसान अपने खेतों से मक्का के पक्के खेत काटने की तैयारी कर रहा था - खेत की उपज प्रमाण थी कि वहाँ क्या बोया गया था।

   चाहे यह एक बहुत ही स्वाभाविक और साधारण सी बात प्रतीत होती है कि जब मक्की के बीज बोए जाएंगे तो फसल भी मक्की की ही होगी; लेकिन बोने और काटने के इसी संबंध को हम अपने आत्मिक जीवनों में अनेक बार नज़रंदाज़ कर देते हैं। प्रेरित पौलुस ने परमेश्वर के वचन बाइबल में गलतिया के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में उन्हें सचेत किया, "धोखा न खाओ, परमेश्वर ठट्ठों में नहीं उड़ाया जाता, क्योंकि मनुष्य जो कुछ बोता है, वही काटेगा" (गलतियों 6:7)। यदि हम शारीरिक अभिलाषाओं की पूर्ति के लिए जीएंगे तो प्रतिफल में हमें भ्रष्ट आचरण ही मिलेगा जिस के कारण हम उसकी लालसा करेंगे जो हमारा नहीं है, हम स्वार्थी बन जाएंगे और अपने शरीरों का दुरुपयोग भी करने लगेंगे (गलतियों 5:19-21)। परन्तु यदि हम परमेश्वर के आत्मा के चलाए चलेंगे तो हमारे जीवनों में आत्मा के फल जैसे शान्ति, भलाई, संयम आदि भी दिखाई देंगे। परमेश्वर के अनुग्रह में हमें यह दिया गया है कि हम आत्मा के लिए बोएं और अनन्त जीवन की कटनी काटें (गलतियों 5:22-23)।

   मान लीजिए कि प्रभु यीशु आज के दिन को हमारे जीवन के लिए "कटनी का दिन" घोषित कर दे और पिछले वर्ष में अपने दैनिक चुनाव द्वारा जो कार्य रूपी ’बीज’ हमने बोएं हैं उनकी फसल उसके सम्मुख लाने को कहे, तो हमारे पास उसे दिखाने के लिए क्या होगा? क्या हम कटनी के लिए तैयार हैं? - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


जो बीज हम आज बोते हैं वे ही निर्धारित करते हैं कि कल हम क्या फसल काटेंगे।

पर मैं कहता हूं, आत्मा के अनुसार चलो, तो तुम शरीर की लालसा किसी रीति से पूरी न करोगे। - गलतियों 5:16 

बाइबल पाठ: गलतियों 5:19-23; 6:1-10
Galatians 5:19 शरीर के काम तो प्रगट हैं, अर्थात व्यभिचार, गन्‍दे काम, लुचपन। 
Galatians 5:20 मूर्ति पूजा, टोना, बैर, झगड़ा, ईर्ष्या, क्रोध, विरोध, फूट, विधर्म। 
Galatians 5:21 डाह, मतवालापन, लीलाक्रीड़ा, और इन के जैसे और और काम हैं, इन के विषय में मैं तुम को पहिले से कह देता हूं जैसा पहिले कह भी चुका हूं, कि ऐसे ऐसे काम करने वाले परमेश्वर के राज्य के वारिस न होंगे। 
Galatians 5:22 पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज, 
Galatians 5:23 और कृपा, भलाई, विश्वास, नम्रता, और संयम हैं; ऐसे ऐसे कामों के विरोध में कोई भी व्यवस्था नहीं। 

Galatians 6:1 हे भाइयों, यदि कोई मनुष्य किसी अपराध में पकड़ा भी जाए, तो तुम जो आत्मिक हो, नम्रता के साथ ऐसे को संभालो, और अपनी भी चौकसी रखो, कि तुम भी परीक्षा में न पड़ो। 
Galatians 6:2 तुम एक दूसरे के भार उठाओ, और इस प्रकार मसीह की व्यवस्था को पूरी करो। 
Galatians 6:3 क्योंकि यदि कोई कुछ न होने पर भी अपने आप को कुछ समझता है, तो अपने आप को धोखा देता है। 
Galatians 6:4 पर हर एक अपने ही काम को जांच ले, और तब दूसरे के विषय में नहीं परन्तु अपने ही विषय में उसको घमण्‍ड करने का अवसर होगा। 
Galatians 6:5 क्योंकि हर एक व्यक्ति अपना ही बोझ उठाएगा।
Galatians 6:6 जो वचन की शिक्षा पाता है, वह सब अच्छी वस्‍तुओं में सिखाने वाले को भागी करे। 
Galatians 6:7 धोखा न खाओ, परमेश्वर ठट्ठों में नहीं उड़ाया जाता, क्योंकि मनुष्य जो कुछ बोता है, वही काटेगा। 
Galatians 6:8 क्योंकि जो अपने शरीर के लिये बोता है, वह शरीर के द्वारा विनाश की कटनी काटेगा; और जो आत्मा के लिये बोता है, वह आत्मा के द्वारा अनन्त जीवन की कटनी काटेगा। 
Galatians 6:9 हम भले काम करने में हियाव न छोड़े, क्योंकि यदि हम ढीले न हों, तो ठीक समय पर कटनी काटेंगे। 
Galatians 6:10 इसलिये जहां तक अवसर मिले हम सब के साथ भलाई करें; विशेष कर के विश्वासी भाइयों के साथ।

एक साल में बाइबल: 
  • मरकुस 1-3