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Saturday, July 4, 2015

दृष्टि


   पिछले महीने जब मैं अपनी आँखों की जाँच के लिए गया तो जाँच की रिपोर्ट से मुझे अच्छा लगने वाला समाचार मिला कि मेरी दूर देखने की दृष्टि पहले से बेहतर हो गई है। मैं इस बात से खुश था, लेकिन मेरे एक मित्र ने मुझे बताया कि उम्र के साथ दूर देखने की दृष्टि तो बेहतर हो सकती है, किंतु पास का देखने वाली दृष्टि कम होती जाती है।

   इस बात से मेरा ध्यान एक और प्रकार की दूर का देखने वाली दृष्टि की ओर गया जो मैंने कई मसीही विश्वासियों में देखी है। जो मसीही विश्वासी प्रभु यीशु के साथ निकटता से चलते रहते हैं या जिन्हें प्रभु यीशु के लिए कठिनाईयों तथा परीक्षाओं से होकर निकलना पड़ा है, अन्य विश्वासियों के मुकाबले उनकी स्वर्गीय तथा अलौकिक बातों की दृष्टि बेहतर और सांसारिक बातों के लिए कमज़ोर हो जाती है।

   प्रेरित पौलुस की दृष्टि भी ऐसी ही हो गई थी; उसने कुरिन्थुस की मसीही मण्डली को प्रोत्साहित किया, "क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्‍लेश हमारे लिये बहुत ही महत्‍वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है।और हम तो देखी हुई वस्‍तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्‍तुओं को देखते रहते हैं, क्योंकि देखी हुई वस्तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्तु अनदेखी वस्तुएं सदा बनी रहती हैं" (2 कुरिन्थियों 4:17-18)।

   धर्मशास्त्री जौनथन एडवर्ड्स ने कहा था, "स्वर्ग जाना, और परमेश्वर में पूर्णतः आनन्दित होना, पृथ्वी की सबसे आनन्दायक बातों से भी कहीं अधिक उत्तम है।" आज हम अपनी दृष्टि को लेकर पशोपेश में रहते हैं - पार्थिव वस्तुओं की ओर आकर्षित होकर उनका आनन्द लें या जौनथन एडवर्ड्स की कही बात का अनुसरण करें। लेकिन जब सब बातों के लिए हमारी नज़रें प्रभु यीशु पर टिकी रहती हैं तो हमारा दृष्टि भी स्वर्गीय हो जाती है। - एनी सेटास


अपनी आँखें प्रभु पर तथा उससे मिलने वाले ईनाम पर लगाए रखें।

सो जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए, तो स्‍वर्गीय वस्‍तुओं की खोज में रहो, जहां मसीह वर्तमान है और परमेश्वर के दाहिनी ओर बैठा है। पृथ्वी पर की नहीं परन्तु स्‍वर्गीय वस्‍तुओं पर ध्यान लगाओ। कुलुस्सियों 3:1-2

बाइबल पाठ: 2 कुरिन्थियों 4:16-5:8
2 Corinthians 4:16 इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्‍व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्‍व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है। 
2 Corinthians 4:17 क्योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्‍लेश हमारे लिये बहुत ही महत्‍वपूर्ण और अनन्त महिमा उत्पन्न करता जाता है। 
2 Corinthians 4:18 और हम तो देखी हुई वस्‍तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्‍तुओं को देखते रहते हैं, क्योंकि देखी हुई वस्तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्तु अनदेखी वस्तुएं सदा बनी रहती हैं। 
2 Corinthians 5:1 क्योंकि हम जानते हैं, कि जब हमारा पृथ्वी पर का डेरा सरीखा घर गिराया जाएगा तो हमें परमेश्वर की ओर से स्वर्ग पर एक ऐसा भवन मिलेगा, जो हाथों से बना हुआ घर नहीं परन्तु चिरस्थाई है। 
2 Corinthians 5:2 इस में तो हम कराहते, और बड़ी लालसा रखते हैं; कि अपने स्‍वर्गीय घर को पहिन लें। 
2 Corinthians 5:3 कि इस के पहिनने से हम नंगे न पाए जाएं। 
2 Corinthians 5:4 और हम इस डेरे में रहते हुए बोझ से दबे कराहते रहते हैं; क्योंकि हम उतारना नहीं, वरन और पहिनना चाहते हैं, ताकि वह जो मरनहार है जीवन में डूब जाए। 
2 Corinthians 5:5 और जिसने हमें इसी बात के लिये तैयार किया है वह परमेश्वर है, जिसने हमें बयाने में आत्मा भी दिया है। 
2 Corinthians 5:6 सो हम सदा ढाढ़स बान्‍धे रहते हैं और यह जानते हैं; कि जब तक हम देह में रहते हैं, तब तक प्रभु से अलग हैं। 
2 Corinthians 5:7 क्योंकि हम रूप को देखकर नहीं, पर विश्वास से चलते हैं। 
2 Corinthians 5:8 इसलिये हम ढाढ़स बान्‍धे रहते हैं, और देह से अलग हो कर प्रभु के साथ रहना और भी उत्तम समझते हैं।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 28-29
  • प्रेरितों 13:1-25