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Thursday, May 12, 2016

व्यवहार


   अनेक वर्षों से मैंने एक फाइल बना रखी है जिस का शीर्षक है "प्रचार हेतु"। इस फाइल में मैं वे लेख, उद्धरण, रोचक सामग्री आदि जमा करता रहता हूँ जो प्रचार में उपयोगी हो सकती हैं। हाल ही में मैंने चाहा कि उस मोटी हो चुकी फाइल में से वह सब निकाल दूं जो पुराना पड़ चुका है, अब समसामयिक नहीं रहा है। लेकिन फाइल की बहुत सी सामग्री को निकाल कर फेंक पाना मेरे लिए कठिन हो गया; इसलिए नहीं क्योंकि मैंने उन्हें लंबे समय से या कभी भी किसी प्रचार में प्रयोग नहीं किया है, वरन इसलिए क्योंकि वे बातें मैं अपने व्यावाहरिक जीवन में जी कर नहीं दिखा पाया। उस फाइल को बंद कर के वापस रखते समय मैं सोचने लगा, "ये प्रचार में बोलने के लिए उपयोगी बातें नहीं हैं; ये तो व्यवहार में जीने के लिए उपयोगी बातें हैं।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में व्यवस्थाविवरण की पुस्तक, 40 वर्ष की यात्रा के बाद वाचा किए हुए कनान देश में प्रवेश से पहले मुसा द्वारा उन इस्त्राएलियों के सामने कही और दोहराई गई बातों का विवरण है। मूसा ने उन से कहा: "अब, हे इस्राएल, जो जो विधि और नियम मैं तुम्हें सिखाना चाहता हूं उन्हें सुन लो, और उन पर चलो; जिस से तुम जीवित रहो, और जो देश तुम्हारे पितरों का परमेश्वर यहोवा तुम्हें देता है उस में जा कर उसके अधिकारी हो जाओ" (व्यवस्थाविवरण 4:1)। यहाँ मूसा ने बारंबार इस बात को दोहराया कि परमेश्वर के नियम दैनिक व्यवहार में लाने के लिए हैं (व्यवस्थाविवरण 4:1, 2, 6, 9); "सुनो, मैं ने तो अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा के अनुसार तुम्हें विधि और नियम सिखाए हैं, कि जिस देश के अधिकारी होने जाते हो उस में तुम उनके अनुसार चलो" (व्यवस्थाविवरण 4:5)।

   जितना हम करने पा रहे हैं या जैसा सत्य हम जीने पा रहे हैं उससे बढ़-चढ़ कर बोलना और प्रचार करना बहुत सरल होता है। हम, यह भुला कर कि परमेश्वर ने अपने नियम अपने मन से हमारे प्रति उसके असीम प्रेम के कारण दिए हैं, शब्दों से भरे हुए किंतु वास्तविकता से रहित हो सकते हैं। लेकिन परमेश्वर के वचन के व्यावाहरिक पालन का जीवन ही सच्चा मसीही जीवन है। - डेविड मैक्कैअसलैंड


हमारे कार्यों और जीवन का प्रदर्शन हमारे शब्दों के अनुरूप ही होना चाहिए।

परन्तु वचन पर चलने वाले बनो, और केवल सुनने वाले ही नहीं जो अपने आप को धोखा देते हैं। - याकूब 1:22

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 4:1-9
Deuteronomy 4:1 अब, हे इस्राएल, जो जो विधि और नियम मैं तुम्हें सिखाना चाहता हूं उन्हें सुन लो, और उन पर चलो; जिस से तुम जीवित रहो, और जो देश तुम्हारे पितरों का परमेश्वर यहोवा तुम्हें देता है उस में जा कर उसके अधिकारी हो जाओ। 
Deuteronomy 4:2 जो आज्ञा मैं तुम को सुनाता हूं उस में न तो कुछ बढ़ाना, और न कुछ घटाना; तुम्हारे परमेश्वर यहोवा की जो जो आज्ञा मैं तुम्हें सुनाता हूं उन्हें तुम मानना। 
Deuteronomy 4:3 तुम ने तो अपनी आंखों से देखा है कि बालपोर के कारण यहोवा ने क्या क्या किया; अर्थात जितने मनुष्य बालपोर के पीछे हो लिये थे उन सभों को तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने तुम्हारे बीच में से सत्यानाश कर डाला; 
Deuteronomy 4:4 परन्तु तुम जो अपने परमेश्वर यहोवा के साथ लिपटे रहे हो सब के सब आज तक जीवित हो। 
Deuteronomy 4:5 सुनो, मैं ने तो अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा के अनुसार तुम्हें विधि और नियम सिखाए हैं, कि जिस देश के अधिकारी होने जाते हो उस में तुम उनके अनुसार चलो। 
Deuteronomy 4:6 सो तुम उन को धारण करना और मानना; क्योंकि और देशों के लोगों के साम्हने तुम्हारी बुद्धि और समझ इसी से प्रगट होगी, अर्थात वे इन सब विधियों को सुनकर कहेंगे, कि निश्चय यह बड़ी जाति बुद्धिमान और समझदार है। 
Deuteronomy 4:7 देखो, कौन ऐसी बड़ी जाति है जिसका देवता उसके ऐसे समीप रहता हो जैसा हमारा परमेश्वर यहोवा, जब कि हम उसको पुकारते हैं? 
Deuteronomy 4:8 फिर कौन ऐसी बड़ी जाति है जिसके पास ऐसी धर्ममय विधि और नियम हों, जैसी कि यह सारी व्यवस्था जिसे मैं आज तुम्हारे साम्हने रखता हूं? 
Deuteronomy 4:9 यह अत्यन्त आवश्यक है कि तुम अपने विषय में सचेत रहो, और अपने मन की बड़ी चौकसी करो, कहीं ऐसा न हो कि जो जो बातें तुम ने अपनी आंखों से देखीं उन को भूल जाओ, और वह जीवन भर के लिये तुम्हारे मन से जाती रहे; किन्तु तुम उन्हें अपने बेटों पोतों को सिखाना।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजा 15-16
  • यूहन्ना 3:1-18