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Friday, July 1, 2016

उद्धारकर्ता


   कैली स्टीन्हॉस ने हार्वर्ड स्क्वैयर जाकर छात्रों से जानना चाहा कि वे प्रभु यीशु मसीह के बारे में क्या सोचते हैं; और जो उत्तर उसे मिले वे प्रभु के प्रति आदरणीय तो थे परन्तु बहुत ही कम लोगों ने उसके जगत का उद्धारकर्ता होने को स्वीकार किया। एक ने उत्तर दिया कि प्रभु लोगों की देखभाल करने वाला व्यक्ति था, तो एक अन्य ने कहा वह एक अच्छा व्यक्ति था। कुछ ने उसके उद्धारकर्ता होने के दावे को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि वह बस एक मनुष्य था, कोई उद्धारकर्ता नहीं तो एक अन्य ने कहा कि वह ऐसे किसी विश्वास को नहीं मान सकता जो परमेश्वर तक पहुँचने के एकमात्र मार्ग का दावा करता है। कुछ लोग ध्यानपूर्वक प्रभु यीशु पर विचार करना चाहते हैं तो कुछ उसको पूर्णतया अस्वीकार करते हैं।

   लगभग 2000 वर्ष पूर्व जब प्रभु यीशु मौत का सामना कर रहे थे, तो बहुत से लोग उसका उपहास कर रहे थे और इस दावे का तिरिस्कार कर रहे थे कि प्रभु यीशु कोई विशेष व्यक्ति है। मृत्यु में भी उसके उपहास के लिए उसके क्रूस के ऊपर एक तखती पर लिख कर लगा दिया गया: "उसका दोषपत्र, उसके सिर के ऊपर लगाया, कि ’यह यहूदियों का राजा यीशु है’" (मत्ती 27:37)। जो उसकी सामर्थ पर विश्वास नहीं करते थे उन्होंने उसका मज़ाक उड़ाते हुए उससे कहा "...हे मन्दिर के ढाने वाले और तीन दिन में बनाने वाले, अपने आप को तो बचा; यदि तू परमेश्वर का पुत्र है, तो क्रूस पर से उतर आ" (मत्ती 27:40)। धर्म के अगुवों ने तो ठट्ठे में यहाँ तक कह दिया: "यह तो “इस्राएल का राजा है”। अब क्रूस पर से उतर आए, तो हम उस पर विश्वास करें" (मत्ती 27:42)।

   क्रूस पर अपने बलिदान के समय में प्रभु यीशु लोगों को निर्बल और असहाय लग रहे थे, किंतु जब हम उनकी संपूर्ण गाथा को पढ़ते हैं तो हम पाते हैं कि उन्हें ज़बर्दस्ती क्रूस पर नहीं चढ़ाया गया था वरन उन्होंने अपने स्वेच्छा से क्रूश पर चढ़ना स्वीकार किया और अपने प्राण बलिदान किए थे। अपने पुनरुत्थान और कब्र में से बाहर आ जाने के द्वारा उन्होंने अपने आप को परमेश्वर का पुत्र और असीम सामर्थी प्रमाणित कर दिया। प्रभु यीशु का मृतकों में से पुनरुत्थान एक ऐसा ऐतिहासिक सत्य है जो आज तक झुठलाया नहीं जा सका है, और जो मसीही विश्वास की अडिग, अटल, सदा स्थिर नींव है।

   प्रभु यीशु के जीवन, शिक्षाओं, कार्यों, आश्चर्यकर्मों, मृत्यु और पुनरुत्थान पर गंभीरता से विचार तथा विशलेषण कीजिए। उस सामर्थ पर ध्यान कीजिए जिसके द्वारा प्रभु पुनः जीवित होकर कब्र से बाहर निकल आए और अनेक अकाट्य प्रमाणों द्वारा अपने पुनरुत्थान को संसार के सामने प्रत्यक्ष दिखाया। प्रभु यीशु का बलिदान और पुनरुत्थान इस बात का प्रमाण है कि वही जगत के एकमात्र उद्धारकर्ता हैं। - डेव ब्रैनन


प्रभु यीशु का पुनरुत्थान मृत्यु का अन्त है।

इसलिये परमेश्वर आज्ञानता के समयों में अनाकानी कर के, अब हर जगह सब मनुष्यों को मन फिराने की आज्ञा देता है। क्योंकि उसने एक दिन ठहराया है, जिस में वह उस मनुष्य के द्वारा धर्म से जगत का न्याय करेगा, जिसे उसने ठहराया है और उसे मरे हुओं में से जिलाकर, यह बात सब पर प्रामाणित कर दी है। - प्रेरितों 17:30-31

बाइबल पाठ: मत्ती 27:26-44
Matthew 27:26 इस पर उसने बरअब्‍बा को उन के लिये छोड़ दिया, और यीशु को कोड़े लगवाकर सौंप दिया, कि क्रूस पर चढ़ाया जाए।
Matthew 27:27 तब हाकिम के सिपाहियों ने यीशु को किले में ले जा कर सारी पलटन उसके चहुं ओर इकट्ठी की। 
Matthew 27:28 और उसके कपड़े उतारकर उसे किरिमजी बागा पहिनाया। 
Matthew 27:29 और काटों को मुकुट गूंथकर उसके सिर पर रखा; और उसके दाहिने हाथ में सरकण्‍डा दिया और उसके आगे घुटने टेककर उसे ठट्ठे में उड़ाने लगे, कि हे यहूदियों के राजा नमस्‍कार। 
Matthew 27:30 और उस पर थूका; और वही सरकण्‍डा ले कर उसके सिर पर मारने लगे। 
Matthew 27:31 जब वे उसका ठट्ठा कर चुके, तो वह बागा उस पर से उतारकर फिर उसी के कपड़े उसे पहिनाए, और क्रूस पर चढ़ाने के लिये ले चले।
Matthew 27:32 बाहर जाते हुए उन्हें शमौन नाम एक कुरेनी मनुष्य मिला, उन्हो