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Tuesday, December 19, 2017

आशा


   सन 1861 के ग्रीष्म ऋतु में हेनरी वैड्सवर्थ लौंगफैलो की पत्नी की मृत्यु हो गई। उस वर्ष, उसके बिना के पहले क्रिसमस पर उन्होंने अपनी डायरी में लिखा, "अवकाश के ये दिन अकथनीय रूप से कितने दुखद हैं।" इससे अगले क्रिसमस पर भी हालत कुछ अधिक बेहतर नहीं थे; उन्होंने डायरी में लिखा, "बच्चे मुझे क्रिसमस की मुबारकबाद देते हैं, परन्तु मेरे लिए यह सत्य नहीं है।" सन 1863 में, जब अमेरीकी गृह युद्ध लंबा खिंच रहा था, उनका बेटा अपने पिता की इच्छा के विरुद्ध सेना में भर्ती हो गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। उस एक और दुखद वर्ष, जब क्रिसमस के उपलक्ष में चर्च में घंटे बज रहे थे, लौंगफैलो ने अपनी कलम उठाकर एक कविता के बोल लिखने आरंभ किए, "I Heard the Bells on Christmas Day" (मैंने क्रिसमस के दिन घंटों की ध्वनि सुनी)।

   इस कविता का आरंभ सुखद और लयबद्ध है, परन्तु फिर वह एक दुखद मोड़ ले लेती है। इसके चौथे अन्तरे में दिया गया ’श्रापित’ तोपों के ’गरजन’ का आक्रमक चित्रण इसे क्रिसमस के गीत के समान प्रतीत नहीं होने देता है। पांचवें और छठवें अंतरे तक पहुँचते-पहुँचते, लौंगफैलो का भीतरी उजड़ापन पूर्णतः प्रत्यक्ष हो जाता है। उन्होंने लिखा, "ऐसा लगता है कि भूकंप ने पृथ्वी की नींव हिला दी है।" कवि ने पूर्ण हताशा में लिखा, "मैंने निराशा में अपना सिर झुका लिया, और कहा पृथ्वी पर कोई शान्ति नहीं है।"

   परन्तु उस सूने क्रिसमस के दिन की गहराईयों में से लौंगफैलो ने आशा की अदम्य आवाज़ सुनी, और कविता का यह सातवां अंतरा लिखा: "फिर घंटे और तेज़ बजने लगे: ’परमेश्वर न मरा है और न सोया हुआ है! असत्य की हार होगी और सत्य की जीत; और पृथ्वी पर मनुश्यों में शान्ति और सद्भावना राज्य करेगी।"

   गृह युद्ध चलता रहा, और लौंगफैलो की त्रास्दियों की व्यक्तिगत यादें भी ज़ारी रहीं, परन्तु वे क्रिसमस को ठंडा नहीं कर सकीं। प्रभु यीशु मसीह का जन्म हुआ है! प्रभु ने प्रतिज्ञा की है, "और जो सिंहासन पर बैठा था, उसने कहा, कि देख, मैं सब कुछ नया कर देता हूं: फिर उसने कहा, कि लिख ले, क्योंकि ये वचन विश्वास के योग्य और सत्य हैं" (प्रकाशितवाक्य 21:5); सारे संसार के लिए आशा उपलब्ध है। - टिम गुस्टाफ्सन


इम्मैन्युएल - परमेश्वर हमारे साथ

यहोवा ने अपना किया हुआ उद्धार प्रकाशित किया, उसने अन्यजातियों की दृष्टि में अपना धर्म प्रगट किया है। उसने इस्राएल के घराने पर की अपनी करूणा और सच्चाई की सुधि ली, और पृथ्वी के सब दूर दूर देशों ने हमारे परमेश्वर का किया हुआ उद्धार देखा है। - भजन 98:2-3

बाइबल पाठ: लूका 2:8-14
Luke 2:8 और उस देश में कितने गड़ेरिये थे, जो रात को मैदान में रहकर अपने झुण्ड का पहरा देते थे। 
Luke 2:9 और प्रभु का एक दूत उन के पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उन के चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए। 
Luke 2:10 तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा। 
Luke 2:11 कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है। 
Luke 2:12 और इस का तुम्हारे लिये यह पता है, कि तुम एक बालक को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे। 
Luke 2:13 तब एकाएक उस स्वर्गदूत के साथ स्‍वर्गदूतों का दल परमेश्वर की स्‍तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिया। 
Luke 2:14 कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्‍ति हो।

एक साल में बाइबल: 
  • योना 1-4
  • प्रकाशितवाक्य 10