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Saturday, August 25, 2018

प्रेम और देखभाल



      वृद्ध होते जाने का एक कठिन भाग है स्मरण शक्ति को खो देने वाले रोग डिमेंशिया से ग्रसित हो जाना, जिसमें रोगी को हाल ही की बातें याद नहीं रहती हैं। किन्तु डॉक्टर बेंजामिन मास्ट जो डिमेंशिया से संबंधित एल्ज्हाईमर रोग के विशेषज्ञ हैं, कुछ प्रोत्साहन प्रदान करते हैं। उनका कहना है कि रोगियों के मस्तिष्क पुराने बातों की यादों में इतने “घिस चुके” और उन बातों के इतने “अभ्यस्त” हो चुके होते हैं कि किसी पुराने भजन को सुनकर, वे उसके प्रत्येक शब्द को साथ-साथ गा सकते हैं। वे सुझाव देते हैं कि आत्मिक अनुशासन जैसे कि नियमित पवित्र-शास्त्र को पढ़ना, प्रार्थना करना, और परमेश्वर के भजन गाना हमारे मस्तिष्क में परमेश्वर की सच्चाइयों को गहरा जमा देते हैं, जिससे जब भी उनकी आवश्यकता पड़े, हम उन्हें स्मरण कर सकते हैं।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में, भजन 119:11 में भजनकार हमें बताता है कि परमेश्वर के वचन को अपने हृदयों में बसा लेने के द्वारा हम पाप करने से बचे रह सकते हैं। इसी भजन में अन्य स्थानों पर हम देखते हैं कि परमेश्वर का वचन हमें सामर्थी करता है, हमें आज्ञाकारिता सिखाता है, और हमारा मार्गदर्शन करता है (पद 28, 67, 133)। इससे हमें आशा बंधती है, और हम में समझ आती है (पद 49, 130)। हम चाहे अपने या किसी प्रिय जन के जीवन में स्मरण शक्ति को घटते हुए भी देखें, तो भी वर्षों पहले स्मरण किए गए परमेश्वर के वचन वहीं बने रहते हैं, मन में उपस्थित रहते हैं। चाहे हमारे मस्तिष्क जवानी के समान तेज न भी रह जाएँ, तो भी हम जानते हैं कि परमेश्वर का वचन, जो हमारे हृदयों में बसा हुआ है, वह हम से बातें करता रहेगा।

      ऐसा कुछ भी नहीं है, क्षीण होती स्मरण शक्ति भी नहीं, जो हमें परमेश्वर के प्रेम और देखभाल से अलग कर सके। हमारे पास उसके वचन से इसका आश्वासन है। - सिंडी हैस कैस्पर


परमेश्वर की प्रतिज्ञाएं कभी चूकती नहीं हैं।

मैं ने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि तेरे विरुद्ध पाप न करूं। - भजन 119:11

बाइबल पाठ: भजन 119:17-19, 130-134
Psalms 119:17 अपने दास का उपकार कर, कि मैं जीवित रहूं, और तेरे वचन पर चलता रहूं।
Psalms 119:18 मेरी आंखें खोल दे, कि मैं तेरी व्यवस्था की अद्भुत बातें देख सकूं।
Psalms 119:19 मैं तो पृथ्वी पर परदेशी हूं; अपनी आज्ञाओं को मुझ से छिपाए न रख!
Psalms 119:130 तेरी बातों के खुलने से प्रकाश होता है; उस से भोले लोग समझ प्राप्त करते हैं।
Psalms 119:131 मैं मुंह खोल कर हांफने लगा, क्योंकि मैं तेरी आज्ञाओं का प्यासा था।
Psalms 119:132 जैसी तेरी रीति अपने नाम की प्रीति रखने वालों से है, वैसे ही मेरी ओर भी फिर कर मुझ पर अनुग्रह कर।
Psalms 119:133 मेरे पैरों को अपने वचन के मार्ग पर स्थिर कर, और किसी अनर्थ बात को मुझ पर प्रभुता न करने दे।
Psalms 119:134 मुझे मनुष्यों के अन्धेर से छुड़ा ले, तब मैं तेरे उपदेशों को मानूंगा।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 119:1-88
  • 1कुरिन्थियों 7:20-40



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