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Sunday, May 15, 2011

आराधना

१९वीं शताब्दी के एक अविष्कारक जौन एरिकसन विश्व विख्यात वायलिन वादक ओले बुल के बचपन के मित्र थे; लेकिन वे कभी ओले के किसी संगीत समारोह में नहीं गए, क्योंकि उनका मानना था कि संगीत समय की बरबादी है। ओले अपने मित्र के इस रवैये से कभी हताश नहीं हुआ, और एक दिन वह अपने मित्र के कारखाने में पहुंचा और उसने अपना वायलिन बजाना आरंभ कर दिया। जौन एरिकसन ने पहले तो उसे रोकने का प्रयास किया, परन्तु जब अपने सभी कर्मचारियों को मंत्रमुग्ध होकर अपना सभी काम छोड़कर, संगीत का आनन्द लेते देखा तो उसने भी सुनना आरंभ कर दिया और थोड़ी ही देर में वह भी अपने कर्मचारियों के समान संगित से मंत्रमुग्ध हो गया। जब ओले ने वायलिन बजाना बन्द किया तो जौन उससे विनती करने लगा, "मत रुको! बजाते रहो! आज से पहले मैं ने न जाना था कि मैं अपने जीवन में क्या खोए बैठा हूँ।"

कुछ ऐसा ही हाल बहुतेरे मसीही विश्वासियों का है। वे परमेश्वर के वचन के अध्ययन, प्रार्थना और चर्च जाने के द्वारा अपने आत्मा का पोषण तो करते हैं, लेकिन जो परिपूर्ण्ता परमेश्वर उनके जीवनों मे चाहता है, वे उससे वंचित रहते हैं क्योंकि उनके जीवनों में परमेश्वर की आराधना नहीं है। न तो वे परमेश्वर की सृष्टि की सुन्दरता को निहरते हैं और न उस सृष्टि के रहस्यों को समझने का प्रयास करते हैं और वे परमेश्वर की विलक्षण प्रतिभा का आनन्द लेने और उसका गुणनुवाद करने से रह जाते हैं; कुछ अन्य प्रेर्णादायक स्तुति के संगीत में रुचि नही रखते। जिनके जीवनों में परमेश्वर की आराधना नहीं है, उनमें उसकी सभी बातों का संतुलित नज़रिया भी नहीं है।

भजनकार ऐसा नहीं था। उसने परमेश्वर को अपने जीवन के केंद्र में रखा और इससे उसका जीवन परिपूर्ण हुआ और वह परिपक्व बना। उसने परमेश्वर की सृष्टि को निहारने का समय निकाला और संगीत द्वारा परमेश्वर की प्रशंसा तथा आराधना का एक उत्तम साधन पाया। - हर्ब वैण्डर लुग्ट


कुछ लोग जो बातें सारे संसार का भ्रमण करके भी नहीं देख पाते, अन्य उससे अधिक अपने इर्द-गिर्द के स्थानों में ही देख लेते हैं।

याह की स्तुति करो! क्योंकि अपने परमेश्वर का भजन गाना अच्छा है; क्योंकि वह मनभावना है, उसकी स्तुति करनी मनभावनी है। - भजन १४७:१


बाइबल पाठ: भजन १४७

Psa 147:1 याह की स्तुति करो! क्योंकि अपने परमेश्वर का भजन गाना अच्छा है; क्योंकि वह मनभावना है, उसकी स्तुति करनी मनभावनी है।
Psa 147:2 यहोवा यरूशलेम को बसा रहा है, वह निकाले हुए इस्राएलियों को इकट्ठा कर रहा है।
Psa 147:3 वह खेदित मन वालों को चंगा करता है, और उनके शोक पर मरहम-पट्टी बान्धता है।
Psa 147:4 वह तारों को गिनता, और उन में से एक एक का नाम रखता है।
Psa 147:5 हमारा प्रभु महान और अति सामर्थी है, उसकी बुद्धि अपरम्पार है।
Psa 147:6 यहोवा नम्र लोगों को सम्भलता है, और दुष्टों को भूमि पर गिरा देता है।
Psa 147:7 धन्यवाद करते हुए यहोवा का गीत गाओ, वीणा बजाते हुए हमारे परमेश्वर का भजन गाओ।
Psa 147:8 वह आकाश को मेघों से छा देता है, और पृथ्वी के लिये मेंह की तैयारी करता है, और पहाड़ों पर घास उगाता है।
Psa 147:9 वह पशुओं को और कौवे के बच्चों को जो पुकारते हैं, आहार देता है।
Psa 147:10 न तो वह घोड़े के बल को चाहता है, और न पुरूष के पैरों से प्रसन्न होता है;
Psa 147:11 यहोवा अपने डरवैयों ही से प्रसन्न होता है, अर्थात उन से जो उसकी करूणा की आशा लगाए रहते हैं।
Psa 147:12 हे यरूशलेम, यहोवा की प्रशंसा कर! हे सिय्योन, अपने परमेश्वर की स्तुति कर!
Psa 147:13 क्योंकि उस ने तेरे फाटकों के खम्भों को दृढ़ किया है; और तेरे लड़के बालों को आशीष दी है।
Psa 147:14 और तेरे सिवानों में शान्ति देता है, और तुझ को उत्तम से उत्तम गेहूं से तृप्त करता है।
Psa 147:15 वह पृथ्वी पर अपनी आज्ञा का प्रचार करता है, उसका वचन अति वेग से दौड़ता है।
Psa 147:16 वह ऊन के समान हिम को गिराता है, और राख की नाईं पाला बिखेरता है।
Psa 147:17 वह बर्फ के टुकड़े गिराता है, उसकी की हुई ठण्ड को कौन सह सकता है?
Psa 147:18 वह आज्ञा देकर उन्हें गलाता है; वह वायु बहाता है, तब जल बहने लगता है।
Psa 147:19 वह याकूब को अपना वचन, और इस्राएल को अपनी विधियां और नियम बताता है।
Psa 147:20 किसी और जाति से उस ने ऐसा बर्ताव नहीं किया, और उसके नियमों को औरों ने नहीं जाना। याह की स्तुति करो।

एक साल में बाइबल:
  • २ राजा २२-२३
  • यूहन्ना ४:३१-५४