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Tuesday, October 4, 2011

आशा का लंगर

 सर्दियों की बारिश में एक अख़बार बाँटने वाला लड़का एक घर के दरवाज़े की ओट में खड़ा "प्रातः का अखबार" पुकार रहा था। बारिश से वह भीग गया था और ठंड से काँप रहा था। गर्म कोट और छाते के सहारे एक व्यक्ति उसके पास आया और उससे अखबार लेते हुए बोला, "ऐसा मौसम तुम्हारे लिए बहुत परेशानी वाला है; है ना?" लड़के ने उत्तर दिया, "श्रीमन, मैं इससे विचलित नहीं होता, क्योंकि सूर्य फिर अवश्य ही चमकेगा।"

   विपरीत परिस्थितियों की सर्द हवाएं और पाप के घने बादल हमें अवश्य निराश कर सकते हैं, लेकिन हम बेहतर दिनों की आशा रख सकते हैं क्योंकि हम जानते हैं कि परमेश्वर नियंत्रण में है और हमारे जीवनों में कार्यरत है। इसी आशा को परमेश्वर के वचन में "आत्मा का लंगर" कहा गया है (इब्रानियों ६:१९)। यह वह लंगर है जो कभी निराश नहीं करता (रोमियों ५:५), सदा की धार्मिकता का वायदा देता है (गलतियों५:५), अनन्त जीवन इसके साथ जुड़ा है (तीतुस १:२)। यह वह जीवित आशा है जो मसीह के मृतकों में से पुनरुत्थान (१ पतरस १:३) और मसीह के पुनरागमन (तीतुस २:१३) पर आधारित है।

   जब परिस्थितियाँ सामर्थ से बाहर प्रतीत हों और जीवन के तनाव हमें दबाने और पीसने लगें तो इस बात में आश्वस्त रहें कि जिस प्रभु यीशु ने हमारे लिए अपने प्राण दे दिए, वह अब भी हमारे हित में कार्य कर रहा है और हमें कभी निस्सहाय नहीं छोड़ेगा। हम परमेश्वर के वायदों पर पूरा भरोसा रख कर धैर्य के साथ परिस्थितियों का सामना कर सकते हैं। हमारा "आशा का लंगर" हमें स्थिर रखेगा और भटकने नहीं देगा। - डेनिस डी हॉन

भोर से पहले अन्धकार घना हो जाता है।

वह आशा हमारे प्राण के लिये ऐसा लंगर है जो स्थिर और दृढ़ है, और परदे के भीतर तक पहुंचता है। - इब्रानियों ६:१९
 
बाइबल पाठ: इब्रानियों ६:९-२०
    Heb 6:9  पर हे प्रियो यद्यपि हम ये बातें कहते हैं तौभी तुम्हारे विषय में हम इस से अच्छी और उद्धार वाली बातों का भरोसा करते हैं।
    Heb 6:10  क्‍योंकि परमेश्वर अन्यायी नहीं, कि तुम्हारे काम, और उस प्रेम को भूल जाए, जो तुम ने उसके नाम के लिये इस रीति से दिखाया, कि पवित्र लोगों की सेवा की, और कर रहे हो।
    Heb 6:11  पर हम बहुत चाहते हैं, कि तुम में से हर एक जन अन्‍त तक पूरी आशा के लिये ऐसा ही प्रयत्‍न करता रहे।
    Heb 6:12  ताकि तुम आलसी न हो जाओ; वरन उन का अनुकरण करो, जो विश्वास और धीरज के द्वारा प्रतिज्ञाओं के वारिस होते हैं।
    Heb 6:13  और परमेश्वर ने इब्राहीम को प्रतिज्ञा देते समय जब कि शपथ खाने के लिये किसी को अपने से बड़ा न पाया, तो अपनी ही शपथ खा कर कहा।
    Heb 6:14  कि मैं सचमुच तुझे बहुत आशीष दूंगा, और तेरी सन्‍तान को बढ़ाता जाऊंगा।
    Heb 6:15  और इस रीति से उस ने धीरज धर कर प्रतिज्ञा की हुई बात प्राप्‍त की।
    Heb 6:16  मनुष्य तो अपने से किसी बड़े की शपथ खाया करते हैं और उन के हर एक विवाद का फैसला शपथ से पक्का होता है।
    Heb 6:17  इसलिये जब परमेश्वर ने प्रतिज्ञा के वारिसों पर और भी साफ रीति से प्रगट करना चाहा, कि उसकी मनसा बदल नहीं सकती तो शपथ को बीच में लाया।
    Heb 6:18  ताकि दो बे-बदल बातों के द्वारा जिन के विषय में परमेश्वर का झूठा ठहरना अन्‍होना है, हमारा दृढ़ता से ढाढ़स बन्‍ध जाए, जो शरण लेने को इसलिये दौड़े हैं, कि उस आशा को जो साम्हने रखी हुई है प्राप्‍त करें।
    Heb 6:19  वह आशा हमारे प्राण के लिये ऐसा लंगर है जो स्थिर और दृढ़ है, और परदे के भीतर तक पहुंचता है।
    Heb 6:20  जहां यीशु मलिकिसिदक की रीति पर सदा काल का महायाजक बनकर, हमारे लिये अगुए की रीति पर प्रवेश हुआ है।
 
एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह २०-२२ 
  • इफिसियों ६