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Tuesday, February 18, 2014

प्रश्न


   जब मैं पढ़ा रही होती हूँ तब अपने शिषयों को प्रोत्साहित करती हूँ कि वे प्रश्न पूछें। ऐसा करके मैं उन्हें यह नहीं कह रही हूँ कि वे मुझे चुनौती दें; मैं उन्हें इस बात के लिए प्रोत्साहित कर रही हूँ कि वे अपनी जिज्ञासाओं को शांत करें और जो नहीं समझ पाए हैं उसे समझ लें। क्योंकि स्वभाव से ही हम उसे अधिक महत्व देते हैं जो हम स्वयं जानना चाहते हैं बजाए उसके जो दूसरे हमें बताना चाहते हैं इसलिए कुछ शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बजाए दूसरों के सामने केवल बोलते रहने के, प्रश्न-उत्तर के द्वारा एक शिक्षक अधिक अच्छी रीति से पढ़ा सकता है।

   दोनों ही प्रकार की शिक्षाओं का अपना अपना स्थान है, लेकिन परमेश्वर के वचन बाइबल में शिक्षा प्रदान करने का सबसे पहला उदाहरण प्रश्न पूछे जाने के द्वारा का है। मिस्त्र के दासत्व से छुड़ाए जाकर, कनान देश की ओर कूच करने से पहले, परमेश्वर ने मूसा को आज्ञा दी कि वह एक ऐसी रीति, अर्थात फसह का पर्व, स्थापित करे जिसमें प्रश्न पूछना स्वाभाविक और महत्वपूर्ण था। यह पर्व व्यसकों को परमेश्वर द्वारा दासत्व से छुड़ाए जाने को स्मरण कराता है और बच्चों को उसके विषय में पूछने को प्रोत्साहित करता है (निर्गमन 12:26)।

   "क्यों" एक खीझ दिलाने वाला प्रश्न हो सकता है, लेकिन यह हमारे लिए अपने विश्वास को बाँटने का भी एक अच्छा अवसर प्रदान करने वाला प्रश्न भी हो सकता है (1 पतरस 3:15)। जब कोई प्रश्न पूछे तब खिसियाने के बजाए हमें धन्यवादी होना चाहिए कि उनमें जानने और सीखने की जिज्ञासा है, और हमें धैर्य, सहिषुण्ता और प्रेम के साथ उनके प्रश्नों का उत्तर देना चाहिए, यह स्मरण रखते हुए कि हमारे शब्दों के अनन्तकालीन परिणाम भी हो सकते हैं।

   प्रश्नों को नज़रन्दाज़ ना करें, उन्हें अवसर जान कर उनका सदुपयोग करें। - जूली ऐकैरमैन लिंक


सच्चे प्रश्न विश्वास स्थापित करने और बढ़ाने का माध्यम हो सकते हैं।

पर मसीह को प्रभु जान कर अपने अपने मन में पवित्र समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ। - 1 पतरस 3:15 

बाइबल पाठ: निर्गमन 12:1-13
Exodus 12:1 फिर यहोवा ने मिस्र देश में मूसा और हारून से कहा, 
Exodus 12:2 कि यह महीना तुम लोगों के लिये आरम्भ का ठहरे; अर्थात वर्ष का पहिला महीना यही ठहरे। 
Exodus 12:3 इस्राएल की सारी मण्डली से इस प्रकार कहो, कि इसी महीने के दसवें दिन को तुम अपने अपने पितरों के घरानों के अनुसार, घराने पीछे एक एक मेम्ना ले रखो। 
Exodus 12:4 और यदि किसी के घराने में एक मेम्ने के खाने के लिये मनुष्य कम हों, तो वह अपने सब से निकट रहने वाले पड़ोसी के साथ प्राणियों की गिनती के अनुसार एक मेम्ना ले रखे; और तुम हर एक के खाने के अनुसार मेम्ने का हिसाब करना। 
Exodus 12:5 तुम्हारा मेम्ना निर्दौष और पहिले वर्ष का नर हो, और उसे चाहे भेड़ों में से लेना चाहे बकरियों में से। 
Exodus 12:6 और इस महीने के चौदहवें दिन तक उसे रख छोड़ना, और उस दिन गोधूलि के समय इस्राएल की सारी मण्डली के लोग उसे बलि करें। 
Exodus 12:7 तब वे उसके लोहू में से कुछ ले कर जिन घरों में मेम्ने को खाएंगे उनके द्वार के दोनों अलंगों और चौखट के सिरे पर लगाएं। 
Exodus 12:8 और वे उसके मांस को उसी रात आग में भूंजकर अखमीरी रोटी और कड़वे सागपात के साथ खाएं। 
Exodus 12:9 उसको सिर, पैर, और अतडिय़ों समेत आग में भूंजकर खाना, कच्चा वा जल में कुछ भी पकाकर न खाना। 
Exodus 12:10 और उस में से कुछ बिहान तक न रहने देना, और यदि कुछ बिहान तक रह भी जाए, तो उसे आग में जला देना। 
Exodus 12:11 और उसके खाने की यह विधि है; कि कमर बान्धे, पांव में जूती पहिने, और हाथ में लाठी लिये हुए उसे फुर्ती से खाना; वह तो यहोवा का पर्ब्ब होगा। 
Exodus 12:12 क्योंकि उस रात को मैं मिस्र देश के बीच में से हो कर जाऊंगा, और मिस्र देश के क्या मनुष्य क्या पशु, सब के पहिलौठों को मारूंगा; और मिस्र के सारे देवताओं को भी मैं दण्ड दूंगा; मैं तो यहोवा हूं। 
Exodus 12:13 और जिन घरों में तुम रहोगे उन पर वह लोहू तुम्हारे निमित्त चिन्ह ठहरेगा; अर्थात मैं उस लोहू को देखकर तुम को छोड़ जाऊंगा, और जब मैं मिस्र देश के लोगों को मारूंगा, तब वह विपत्ति तुम पर न पड़ेगी और तुम नाश न होगे।

एक साल में बाइबल: 
  • व्यवस्थाविवरण 7-9