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Saturday, December 26, 2015

उपस्थिति


   कनेटिकट के एक स्कूल के 20 बच्चों और 6 कर्मचारियों की हत्या किए जाने से सारा देश स्तब्ध था कि ऐसी निर्मम घटना कैसे घटित हो गई। हर एक का ध्यान उस त्रासदी और उससे संबंधित प्रश्नों पर केंद्रित था: कैसा व्यक्ति यह कर सकता है? हम इसके दोबारा होने को कैसे रोक सकते हैं? जो उस घटना से होकर निकले हैं उनकी सहायता कैसे करी जा सकती है? उस घटना और उसके बाद संबंधित लोगों के अस्त-व्यस्त जीवन में एक अप्रत्याशित समूह आया और उसके द्वारा उन आहत लोगों के जीवनों में एक बड़ा सकारात्मक परिवर्तन आया।

   शिकागो से कुछ विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कुत्ते भेजे गए। गोल्डन रिट्रिवर जाति के इन कुत्तों को केवल प्रेम जताना सिखाया गया था। कुत्ते कोई सलाह नहीं देते; वे केवल साथ उपस्थित रहते हैं। वे बच्चे जो उस त्रासदी से आहत होकर अपने में सिमट गए थे, किसी से कोई बात नहीं कर रहे थे, उन कुत्तों के साथ खुलने लगे, उन से अपने वे भय और भावनाएं व्यक्त करने लगे जो उन्होंने कभी किसी वयस्क से नहीं कही थीं। लूथरन चर्च चैरिटीस के टिम हैट्ज़नर ने उन कुत्तों के बारे में कहा, "उनके प्रशिक्षण का सबसे महत्वपूर्ण भाग है उन्हें बिलकुल शान्त रहना सिखाया जाना।"

   परमेश्वर के वचन बाइबल में अय्युब की पुस्तक से भी हम यही सीखते हैं; शोकित और दुःखी लोगों को हमेशा ही शब्दों की आवश्यकता नहीं होती। कई बार उन्हें किसी ऐसे की आवश्यकता होती है जो उनके साथ खामोशी से बैठा रहे; जब वे बोलें तो उनकी सुन ले, और जब उनका दुःख आँसू बनकर बाहर आएँ तो उन्हें गले लगा कर रोने के लिए एक कंधा दे।

   परमेश्वर हमारे दुःखों के कारणों को चाहे हमें ना समझाए और ना ही हमारी परिस्थितियों को बदले, परन्तु अन्य मसीही विश्वासियों की उपस्थिति के द्वारा वह हमारे लिए सांत्वना उपलब्ध करवाए रखता है (2 कुरिन्थियों 1:4)। यदि आप मसीही विश्वासी हैं तो आपकी उपस्थिति दूसरों के लिए सांत्वना का कारण होनी चाहिए। - जूली ऐकैरमैन लिंक


संभवतः सुनना ही वह सबसे अधिक मसीह के चरित्र के अनुरूप और प्रेम पूर्ण बात है जो आज आप कर सकते हैं।

वह हमारे सब क्‍लेशों में शान्‍ति देता है; ताकि हम उस शान्‍ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्‍ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्‍लेश में हों। - 2 कुरिन्थियों 1:4

बाइबल पाठ: अय्युब 2:3-13
Job 2:3 यहोवा ने शैतान से पूछा, क्या तू ने मेरे दास अय्यूब पर ध्यान दिया है कि पृथ्वी पर उसके तुल्य खरा और सीधा और मेरा भय मानने वाला और बुराई से दूर रहने वाला मनुष्य और कोई नहीं है? और यद्यापि तू ने मुझे उसको बिना कारण सत्यानाश करने को उभारा, तौभी वह अब तक अपनी खराई पर बना है। 
Job 2:4 शैतान ने यहोवा को उत्तर दिया, खाल के बदले खाल, परन्तु प्राण के बदले मनुष्य अपना सब कुछ दे देता है। 
Job 2:5 सो केवल अपना हाथ बढ़ाकर उसकी हड्डियां और मांस छू, तब वह तेरे मुंह पर तेरी निन्दा करेगा। 
Job 2:6 यहोवा ने शैतान से कहा, सुन, वह तेरे हाथ में है, केवल उसका प्राण छोड़ देना। 
Job 2:7 तब शैतान यहोवा के साम्हने से निकला, और अय्यूब को पांव के तलवे से ले सिर की चोटी तक बड़े बड़े फोड़ों से पीड़ित किया। 
Job 2:8 तब अय्यूब खुजलाने के लिये एक ठीकरा ले कर राख पर बैठ गया। 
Job 2:9 तब उसकी स्त्री उस से कहने लगी, क्या तू अब भी अपनी खराई पर बना है? परमेश्वर की निन्दा कर, और चाहे मर जाए तो मर जा। 
Job 2:10 उसने उस से कहा, तू एक मूढ़ स्त्री की सी बातें करती है, क्या हम जो परमेश्वर के हाथ से सुख लेते हैं, दु:ख न लें? इन सब बातों में भी अय्यूब ने अपने मुंह से कोई पाप नहीं किया। 
Job 2:11 जब तेमानी एलीपज, और शूही बिलदद, और नामाती सोपर, अय्यूब के इन तीन मित्रों ने इस सब विपत्ति का समाचार पाया जो उस पर पड़ी थीं, तब वे आपस में यह ठान कर कि हम अय्यूब के पास जा कर उसके संग विलाप करेंगे, और उसको शान्ति देंगे, अपने अपने यहां से उसके पास चले। 
Job 2:12 जब उन्होंने दूर से आंख उठा कर अय्यूब को देखा और उसे न चीन्ह सके, तब चिल्लाकर रो उठे; और अपना अपना बागा फाड़ा, और आकाश की ओर धूलि उड़ाकर अपने अपने सिर पर डाली। 
Job 2:13 तब वे सात दिन और सात रात उसके संग भूमि पर बैठे रहे, परन्तु उसका दु:ख बहुत ही बड़ा जान कर किसी ने उस से एक भी बात न कही।

एक साल में बाइबल: 
  • हग्गै 1-2
  • प्रकाशितवाक्य 17