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Tuesday, February 2, 2016

मार्गदर्शक


   आयरलैण्ड के गैलवे में स्थित सन्त निकोलस चर्च का इतिहास ना केवल बहुत पुराना है वरन वह अभी भी लिखा जा रहा है। यह चर्च आयरलैण्ड का सबसे पुराना चर्च भवन है और बहुत ही व्यावाहरिक रीति से लोगों के जीवनों का मार्गदर्शन करता है। चर्च नगर के सबसे ऊँचे स्थान पर बना है और उसकी ऊँची मीनार निकट ही स्थित गैलवे खाड़ी में आने वाले पानी के जहाज़ों के लिए दिशा-निर्देशन तथा मार्गदर्शक का काम भी करती है। सदियों से इस चर्च के सहारे नाविक सुरक्षित घर आते रहे हैं और आज भी आ रहे हैं। चर्च उस स्थान के लोगों को आत्मिक और सांसारिक दोनों ही मार्गदर्शन उपलब्ध करवाता है।

   हम सभी को मार्गदर्शन की आवश्यकता पड़ती रहती है। प्रभु यीशु ने क्रूस पर चढ़ाए जाने से पहले अपने चेलों के साथ किए गए अन्तिम वार्तालाप में उन्हें इस बारे में सिखाया। प्रभु यीशु ने कहा कि उनके संसार से जाने के पश्चात परमेश्वर का पवित्र आत्मा सभी मसीही विश्वासियों के जीवनों में एक बहुत प्रमुख भूमिका निभाता रहेगा। प्रभु यीशु ने वायदा किया, "परन्तु जब वह अर्थात सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा, परन्तु जो कुछ सुनेगा, वही कहेगा, और आने वाली बातें तुम्हें बताएगा" (यूहन्ना 16:13)।

   भ्रम और भय से भरे इस संसार में सही मार्गदर्शन की अत्यन्त आवश्यकता है जिसके लिए परमेश्वर ने कैसा विलक्षण प्रावधान अपने लोगों के लिए किया है। बिगड़े हुए समाज और पाप में लिप्त लोगों के व्यवहार, या हमारे अन्दर की किसी अशान्ति के कारण हम कभी भी बहकाए जा सकते हैं। परन्तु हम मसीही विश्वासियों को यह प्रावधान है कि परमेश्वर का जीवता वचन बाइबल और हमारे अन्दर निवास करने वाला परमेश्वर का आत्मा हमारा मार्गदर्शक होगा। हमें कितना धन्यवादी होना चाहिए कि जीवन और संसार की सभी बातों में परमेश्वर ने हमारे मार्गदर्शन का सर्वोत्तम प्रावधान किया है। परमेश्वर के मार्गदर्शन के अनुसार अपने जीवन का मार्ग निर्धारण करते रहें, और आप अनन्त जीवन के स्थान में सुरक्षित पहुँच जाएंगे। - बिल क्राउडर


परमेश्वर का पवित्र आत्मा जीवन के हर मार्ग में विश्वासयोग्य मार्गदर्शक है।

तुम न तो संसार से और न संसार में की वस्‍तुओं से प्रेम रखो: यदि कोई संसार से प्रेम रखता है, तो उस में पिता का प्रेम नहीं है। क्योंकि जो कुछ संसार में है, अर्थात शरीर की अभिलाषा, और आंखों की अभिलाषा और जीविका का घमण्‍ड, वह पिता की ओर से नहीं, परन्तु संसार ही की ओर से है। और संसार और उस की अभिलाषाएं दोनों मिटते जाते हैं, पर जो परमेश्वर की इच्छा पर चलता है, वह सर्वदा बना रहेगा। - 1 यूहन्ना 2:15-17

बाइबल पाठ: यहुन्ना 16:7-15
John 16:7 तौभी मैं तुम से सच कहता हूं, कि मेरा जाना तुम्हारे लिये अच्छा है, क्योंकि यदि मैं न जाऊं, तो वह सहायक तुम्हारे पास न आएगा, परन्तु यदि मैं जाऊंगा, तो उसे तुम्हारे पास भेज दूंगा। 
John 16:8 और वह आकर संसार को पाप और धामिर्कता और न्याय के विषय में निरूत्तर करेगा। 
John 16:9 पाप के विषय में इसलिये कि वे मुझ पर विश्वास नहीं करते। 
John 16:10 और धामिर्कता के विषय में इसलिये कि मैं पिता के पास जाता हूं, 
John 16:11 और तुम मुझे फिर न देखोगे: न्याय के विषय में इसलिये कि संसार का सरदार दोषी ठहराया गया है। 
John 16:12 मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें सह नहीं सकते। 
John 16:13 परन्तु जब वह अर्थात सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा, परन्तु जो कुछ सुनेगा, वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें बताएगा। 
John 16:14 वह मेरी महिमा करेगा, क्योंकि वह मेरी बातों में से ले कर तुम्हें बताएगा। 
John 16:15 जो कुछ पिता का है, वह सब मेरा है; इसलिये मैं ने कहा, कि वह मेरी बातों में से ले कर तुम्हें बताएगा। 

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 29-30
  • मत्ती 21:23-46