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गुरुवार, 9 नवंबर 2017

कृपा द्वीप


   अमेरिका में स्थित ह्यूरॉन झील में मिशिगन की ओर स्थित सागीनौ खाड़ी में Charity Island (कृपा द्वीप) सबसे बड़ा द्वीप है। अनेकों वर्षों से उस द्वीप पर एक प्रकाशस्तंभ कार्य कर रहा है और यह द्वीप उस क्षेत्र में जल यात्रा कर रहे लोगों के लिए दिशा निर्देश तथा सुरक्षित बन्दरगाह प्रदान करता है। उस द्वीप को यह नाम इसलिए दिया गया क्योंकि वहाँ के नाविकों का मानना था कि परमेश्वर ने अपनी कृपा में होकर वह द्वीप उनकी भलाई और सहायता लिए वहाँ बनाया है।

   हमें भी जीवन में कभी कठिन परिस्थितियों से होकर निकलना पड़ता है; और उन नाविकों के समान हमें भी किसी सुरक्षित स्थान और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन संहिता पुस्तक में हम पाते हैं कि भजनकार ने यह समझ लिया कि परमेश्वर ही है जो अशान्ति में भी शान्ति ला सकता है, और सुरक्षित स्थानों तक पहुँचने के लिए सही मार्गदर्शन प्रदान कर सकता है। भजनकार ने लिखा, "वह आंधी को थाम देता है और तरंगें बैठ जाती हैं। तब वे उनके बैठने से आनन्दित होते हैं, और वह उन को मन चाहे बन्दर स्थान में पहुंचा देता है" (भजन 107:29-30)।

   यह सत्य है कि कोई अपने जीवन में आंधियाँ, अशान्ति के समय, देखना नहीं चाहता है; परन्तु न चाहते हुए भी उन परिस्थितियों का सामना हमें करना ही पड़ता है। परन्तु यही आंधियाँ परमेश्वर द्वारा प्रदान की जाने वली सहायता और सुरक्षा के प्रति हमारी सराहना को कई गुणा बढ़ा सकते हैं। उसके निःस्वार्थ प्रेम में हम अपेक्षित सुरक्षित बन्दरगाह पाते हैं; उसके वचन से हम मार्गदर्शन पाते हैं, और उसका पवित्र आत्मा हमारे अंधियारों को ज्योतिर्मय करता है। प्रभु परमेश्वर ही हमारा सदैव सहजता से उपलब्ध "कृपा द्वीप" है। - डेनिस फिशर


हमारा जीवित प्रभु परमेश्वर सदैव हमारा सुरक्षित आश्रय-स्थल रहेगा।

तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है। - भजन 119:105

बाइबल पाठ: भजन 107:23-32
Psalms 107:23 जो लोग जहाजों में समुद्र पर चलते हैं, और महासागर पर हो कर व्यापार करते हैं; 
Psalms 107:24 वे यहोवा के कामों को, और उन आश्चर्यकर्मों को जो वह गहिरे समुद्र में करता है, देखते हैं। 
Psalms 107:25 क्योंकि वह आज्ञा देता है, वह प्रचण्ड बयार उठ कर तरंगों को उठाती है। 
Psalms 107:26 वे आकाश तक चढ़ जाते, फिर गहराई में उतर आते हैं; और क्लेश के मारे उनके जी में जी नहीं रहता; 
Psalms 107:27 वे चक्कर खाते, और मत वाले के समान लड़खड़ाते हैं, और उनकी सारी बुद्धि मारी जाती है। 
Psalms 107:28 तब वे संकट में यहोवा की दोहाई देते हैं, और वह उन को सकेती से निकालता है। 
Psalms 107:29 वह आंधी को थाम देता है और तरंगें बैठ जाती हैं। 
Psalms 107:30 तब वे उनके बैठने से आनन्दित होते हैं, और वह उन को मन चाहे बन्दर स्थान में पहुंचा देता है। Psalms 107:31 लोग यहोवा की करूणा के कारण, और उन आश्चर्यकर्मों के कारण जो वह मनुष्यों के लिये करता है, उसका धन्यवाद करें। 
Psalms 107:32 और सभा में उसको सराहें, और पुरनियों के बैठक में उसकी स्तुति करें।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 46-47
  • इब्रानियों 6

मंगलवार, 2 फ़रवरी 2016

मार्गदर्शक


   आयरलैण्ड के गैलवे में स्थित सन्त निकोलस चर्च का इतिहास ना केवल बहुत पुराना है वरन वह अभी भी लिखा जा रहा है। यह चर्च आयरलैण्ड का सबसे पुराना चर्च भवन है और बहुत ही व्यावाहरिक रीति से लोगों के जीवनों का मार्गदर्शन करता है। चर्च नगर के सबसे ऊँचे स्थान पर बना है और उसकी ऊँची मीनार निकट ही स्थित गैलवे खाड़ी में आने वाले पानी के जहाज़ों के लिए दिशा-निर्देशन तथा मार्गदर्शक का काम भी करती है। सदियों से इस चर्च के सहारे नाविक सुरक्षित घर आते रहे हैं और आज भी आ रहे हैं। चर्च उस स्थान के लोगों को आत्मिक और सांसारिक दोनों ही मार्गदर्शन उपलब्ध करवाता है।

   हम सभी को मार्गदर्शन की आवश्यकता पड़ती रहती है। प्रभु यीशु ने क्रूस पर चढ़ाए जाने से पहले अपने चेलों के साथ किए गए अन्तिम वार्तालाप में उन्हें इस बारे में सिखाया। प्रभु यीशु ने कहा कि उनके संसार से जाने के पश्चात परमेश्वर का पवित्र आत्मा सभी मसीही विश्वासियों के जीवनों में एक बहुत प्रमुख भूमिका निभाता रहेगा। प्रभु यीशु ने वायदा किया, "परन्तु जब वह अर्थात सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा, परन्तु जो कुछ सुनेगा, वही कहेगा, और आने वाली बातें तुम्हें बताएगा" (यूहन्ना 16:13)।

   भ्रम और भय से भरे इस संसार में सही मार्गदर्शन की अत्यन्त आवश्यकता है जिसके लिए परमेश्वर ने कैसा विलक्षण प्रावधान अपने लोगों के लिए किया है। बिगड़े हुए समाज और पाप में लिप्त लोगों के व्यवहार, या हमारे अन्दर की किसी अशान्ति के कारण हम कभी भी बहकाए जा सकते हैं। परन्तु हम मसीही विश्वासियों को यह प्रावधान है कि परमेश्वर का जीवता वचन बाइबल और हमारे अन्दर निवास करने वाला परमेश्वर का आत्मा हमारा मार्गदर्शक होगा। हमें कितना धन्यवादी होना चाहिए कि जीवन और संसार की सभी बातों में परमेश्वर ने हमारे मार्गदर्शन का सर्वोत्तम प्रावधान किया है। परमेश्वर के मार्गदर्शन के अनुसार अपने जीवन का मार्ग निर्धारण करते रहें, और आप अनन्त जीवन के स्थान में सुरक्षित पहुँच जाएंगे। - बिल क्राउडर


परमेश्वर का पवित्र आत्मा जीवन के हर मार्ग में विश्वासयोग्य मार्गदर्शक है।

तुम न तो संसार से और न संसार में की वस्‍तुओं से प्रेम रखो: यदि कोई संसार से प्रेम रखता है, तो उस में पिता का प्रेम नहीं है। क्योंकि जो कुछ संसार में है, अर्थात शरीर की अभिलाषा, और आंखों की अभिलाषा और जीविका का घमण्‍ड, वह पिता की ओर से नहीं, परन्तु संसार ही की ओर से है। और संसार और उस की अभिलाषाएं दोनों मिटते जाते हैं, पर जो परमेश्वर की इच्छा पर चलता है, वह सर्वदा बना रहेगा। - 1 यूहन्ना 2:15-17

बाइबल पाठ: यहुन्ना 16:7-15
John 16:7 तौभी मैं तुम से सच कहता हूं, कि मेरा जाना तुम्हारे लिये अच्छा है, क्योंकि यदि मैं न जाऊं, तो वह सहायक तुम्हारे पास न आएगा, परन्तु यदि मैं जाऊंगा, तो उसे तुम्हारे पास भेज दूंगा। 
John 16:8 और वह आकर संसार को पाप और धामिर्कता और न्याय के विषय में निरूत्तर करेगा। 
John 16:9 पाप के विषय में इसलिये कि वे मुझ पर विश्वास नहीं करते। 
John 16:10 और धामिर्कता के विषय में इसलिये कि मैं पिता के पास जाता हूं, 
John 16:11 और तुम मुझे फिर न देखोगे: न्याय के विषय में इसलिये कि संसार का सरदार दोषी ठहराया गया है। 
John 16:12 मुझे तुम से और भी बहुत सी बातें कहनी हैं, परन्तु अभी तुम उन्हें सह नहीं सकते। 
John 16:13 परन्तु जब वह अर्थात सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब सत्य का मार्ग बताएगा, क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा, परन्तु जो कुछ सुनेगा, वही कहेगा, और आनेवाली बातें तुम्हें बताएगा। 
John 16:14 वह मेरी महिमा करेगा, क्योंकि वह मेरी बातों में से ले कर तुम्हें बताएगा। 
John 16:15 जो कुछ पिता का है, वह सब मेरा है; इसलिये मैं ने कहा, कि वह मेरी बातों में से ले कर तुम्हें बताएगा। 

एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 29-30
  • मत्ती 21:23-46


गुरुवार, 27 जनवरी 2011

आपका मार्गदर्शक कौन है?

अंग्रज़ी भाषा की एक मशहूर कविता "Invictus" में एक जगह कहा गया है "अपने भाग्य का स्वामी मैं स्वयं हूं; अपनी आत्मा का मर्गदर्शक भी मैं ही हूं।" यह मनोहर कविता तो हो सकती है परन्तु बहुत खतरनाक विचारधारा है। यदि हम अपने जीवनों को स्वयं नियंत्रित करने का प्रयास करेंगे तो अन्त विनाश ही होगा।

एक युवक लड़कपन से ही नाविक बन गया और अपने इस व्यवसाय में बहुत शीघ्र उन्नति भी प्राप्त करता गया, और कुछ समय में ही उसे एक पानी के जहाज़ का कपतान बना दिया गया। एक यात्रा के अन्त में, जब वह तट के निकट पहुंच रहा था तो एक यात्री, जो पानी के जहाज़ के संचालन की विधियों को जानता था, उसके पास आया और उससे कहा कि "क्या यह बेहतर नहीं होगा कि अभी लंगर डाल कर, बन्दरगाह में प्रवेश करने के लिये सहायता ले ली जाए।" उस युवक कपतान ने कहा "मेरे लिये नहीं। मैं स्वयं अपना संचालक हूं। प्रातः के ज्वार के प्रवाह के साथ मैं बन्दरगाह में प्रवेश कर जाऊंगा।" यह जान कर कि अपनी बात को रखने के लिये उसे शेष दूरी जल्दी तय करनी पड़ेगी, उसने बन्दरगाह में प्रवेश के लिये कम दूरी पर स्थित एक संकरा मुहाना चुना। उसके साथ के अनुभवी नाविकों ने अचंभे में अपना सिर हिलाया, साथ के अन्य यात्रियों ने भी चौड़ा मुहाना चुनने की सलाह दी। लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी, वरन उन पर हंस कर प्रातः के ज्वार के साथ तट पर होने के अपने दावे को दोहरया। प्रातः होने पर वह तट पर तो था, लेकिन उस का जहाज़ टूट गया था और उसका अपना जीवन नष्ट हो गया था, पानी में बहकर उसकी लाश ही तट पर पहुंची थी। इस बड़े और दुखदायी विनाश कारण केवल उसका हठीला दंभ ही था।

समय के सागर पर होकर अनन्तकाल के तट की ओर हमारी जीवन यात्रा भी किसी अनुभवी संचालक की सहायता के बिना बहुत जोखिम से भरी है। उसे ही अपना संचालक बनाईये जो मृत्यु के पार होकर वापस आया है। वह ही इस लोक और परलोक का मार्ग जानता है तथा आपको सुरक्षित पार उतार सकता है। यदि प्रभु यीशु आपका मार्गदर्शक नहीं है तो स्वर्गीय तट पर आपका पहुंचना असंभव है। इस सृष्टि के रचियता के हाथों में अपने इस लोक और परलोक की बागडोर देकर सुरक्षित हो जाईये। - पौल वैन गौर्डर


जो अपना मार्गदर्शन स्वयं करते हैं उनका अनुयायी भी एक मूर्ख ही होता है।

नाश होने से पहिले मनुष्य के मन में घमण्ड, और महिमा पाने से पहिले नम्रता होती है। - नीतिवचन १८:१२


बाइबल पाठ: १ शमुएल २:१-१०

और हन्ना ने प्रार्थना करके कहा, मेरा मन यहोवा के कारण मगन है, मेरा सींग यहोवा के कारण ऊंचा, हुआ है। मेरा मुंह मेरे शत्रुओं के विरूद्ध खुल गया, क्योंकि मैं तेरे किए हुए उद्धार से आनन्दित हूं।
यहोवा के तुल्य कोई पवित्र नहीं, क्योंकि तुझ को छोड़ और कोई है ही नहीं; और हमारे परमेश्वर के समान कोई चट्टान नहीं है।
फूल कर अहंकार की और बातें मत करो, और अन्धेर की बातें तुम्हारे मुंह से न निकलें क्योंकि यहोवा ज्ञानी ईश्वर है, और कामों को तौलने वाला है।
शूरवीरों के धनुष टूट गए, और ठोकर खाने वालों की कटि में बल का फेंटा कसा गया।
जो पेट भरते थे उन्हें रोटी के लिये मजदूरी करनी पड़ी, जो भूखे थे वे फिर ऐसे न रहे। वरन जो बांझ थी उसके सात हुए, और अनेक बालकों की माता घुलती जाती है।
यहोवा मारता है और जिलाता भी है, वही अधोलोक में उतारता और उस से निकालता भी है।
यहोवा निर्धन करता है और धनी भी बनाता है, वही नीचा करता और ऊंचा भी करता है।
वह कंगाल को धूलि में से उठाता और दरिद्र को घूरे में से निकाल खड़ा करता है, ताकि उनको अधिपतियों के संग बिठाए, और महिमायुक्त सिंहासन के अधिकारी बनाए। क्योंकि पृथ्वी के खम्भे यहोवा के हैं, और उस ने उन पर जगत को धरा है।
वह अपने भक्तों के पावों को सम्भाले रहेगा, परन्तु दुष्ट अन्धियारे में चुपचाप पड़े रहेंगे क्योंकि कोई मनुष्य अपने बल के कारण प्रबल न होगा।
जो यहोवा से झगड़ते हैं वे चकनाचूर होंगे, वह उनके विरूद्ध आकाश में गरजेगा। यहोवा पृथ्वी की छोर तक न्याय करेगा और अपने राजा को बल देगा, और अपने अभिषिक्त के सींग को ऊंचा करेगा।

एक साल में बाइबल:
  • निर्गमन १६-१८
  • मत्ती १८:१-२०