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Friday, June 3, 2016

शिक्षा


   एक साल के अन्दर रिचर्ड लेम्यूकस का प्रकाशन करने का लाभदायक व्यवसाय धाराशायी हो गया; शीघ्र ही उसकी संपत्ति भी जाती रही, वह हताश होकर नशे की लत में पड़ गया, और उसके परिवार ने भी उसका साथ छोड़ दिया। अपने जीवन के सबसे निम्न बिंदु पर वह अकेला, बेघर, टूटा हुआ और निस्सहाय था। लेकिन जीवन के इस हाल ही में वह परमेश्वर की ओर मुड़ा, और फिर उसने अपने अनुभवों से मिली शिक्षाओं पर एक पुस्तक लिखी।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में हम पाते हैं कि इस्त्राएलियों ने भी कुछ महत्वपूर्ण आत्मिक शिक्षाएं प्रापत करीं जब परमेश्वर ने उन्हें अनिश्चितता, खतरे और यात्रा में रहने जैसी परिस्थितियों का सामना करने दिया। उनकी कठिनाईयों ने उन्हें नम्र कर दिया (व्यवस्थाविवरण 8:1-20)। उन कठिनाईयों में जाने से ही उन्होंने सीखा कि परमेश्वर हर परिस्थिति में उनके साथ बना रहता है और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करता है। जब वे भूखे हुए तो परमेश्वर ने उन्हें मन्ना दिया, जब प्यासे हुए तो चट्टान में से पानी पिलाया। परमेश्वर ने उन्हें सिखाया कि कठिनाईयों के बावजूद वह उन्हें आशीष देने में सक्षम है (पद 1)। अन्ततः वे इस्त्राएली सीख सके कि परेशानियों में होना इस बात का सूचक नहीं है कि परमेश्वर ने उन्हें छोड़ दिया है। मूसा ने उन्हें स्मरण करवाया कि उनकी हर परिस्थिति में, उन चालीस वर्षों में परमेश्वर ही उन्हें लिए चल रहा था, उस बियाबान की यात्रा में उनका मार्गदर्शक था।

   जब हम जीवन में कठिन और निराशाजनक परिस्थितियों से होकर निकलें, तो वे समय होते हैं कुछ कठिन आत्मिक शिक्षाओं को सीखने के, जीवन को संवारने के। ऐसे समयों में ही हम शिक्षा ले पाते हैं कि परमेश्वर, जो सब कुछ को संचालित और नियंत्रित करता है, हमारा साथ कभी नहीं छोड़ता वरन हर परिस्थिति से अन्ततः हमारे लिए भला ही उत्पन्न करता है (रोमियों 8:28)। - जेनिफर बेन्सन शुल्ट


जो कुछ हो रहा है या होता है उसका सबसे स्पष्ट और उत्तम दृष्टिकोण स्वर्गीय दृष्टिकोण है।

और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं। - रोमियों 8:28

बाइबल पाठ: व्यवस्थाविवरण 8:1-20
Deuteronomy 8:1 जो जो आज्ञा मैं आज तुझे सुनाता हूं उन सभों पर चलने की चौकसी करना, इसलिये कि तुम जीवित रहो और बढ़ते रहो, और जिस देश के विषय में यहोवा ने तुम्हारे पूर्वजों से शपथ खाई है उस में जा कर उसके अधिकारी हो जाओ। 
Deuteronomy 8:2 और स्मरण रख कि तेरा परमेश्वर यहोवा उन चालीस वर्षों में तुझे सारे जंगल के मार्ग में से इसलिये ले आया है, कि वह तुझे नम्र बनाए, और तेरी परीक्षा कर के यह जान ले कि तेरे मन में क्या क्या है, और कि तू उसकी आज्ञाओं का पालन करेगा वा नहीं। 
Deuteronomy 8:3 उसने तुझ को नम्र बनाया, और भूखा भी होने दिया, फिर वह मन्ना, जिसे न तू और न तेरे पुरखा ही जानते थे, वही तुझ को खिलाया; इसलिये कि वह तुझ को सिखाए कि मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं जीवित रहता, परन्तु जो जो वचन यहोवा के मुंह से निकलते हैं उन ही से वह जीवित रहता है। 
Deuteronomy 8:4 इन चालीस वर्षों में तेरे वस्त्र पुराने न हुए, और तेरे तन से भी नहीं गिरे, और न तेरे पांव फूले। 
Deuteronomy 8:5 फिर अपने मन में यह तो विचार कर, कि जैसा कोई अपने बेटे को ताड़ना देता है वैसे ही तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ को ताड़ना देता है। 
Deuteronomy 8:6 इसलिये अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञाओं का पालन करते हुए उसके मार्गों पर चलना, और उसका भय मानते रहना। 
Deuteronomy 8:7 क्योंकि तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे एक उत्तम देश में लिये जा रहा है, जो जल की नदियों का, और तराइयों और पहाड़ों से निकले हुए गहिरे गहिरे सोतों का देश है। 
Deuteronomy 8:8 फिर वह गेहूं, जौ, दाखलताओं, अंजीरों, और अनारों का देश है; और तेलवाली जलपाई और मधु का भी देश है। 
Deuteronomy 8:9 उस देश में अन्न की महंगी न होगी, और न उस में तुझे किसी पदार्थ की घटी होगी; वहां के पत्थर लोहे के हैं, और वहां के पहाड़ों में से तू तांबा खोदकर निकाल सकेगा। 
Deuteronomy 8:10 और तू पेट भर खाएगा, और उस उत्तम देश के कारण जो तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देगा उसका धन्य मानेगा। 
Deuteronomy 8:11 इसलिये सावधान रहना, कहीं ऐसा न हो कि अपने परमेश्वर यहोवा को भूलकर उसकी जो जो आज्ञा, नियम, और विधि, मैं आज तुझे सुनाता हूं उनका मानना छोड़ दे; 
Deuteronomy 8:12 ऐसा न हो कि जब तू खाकर तृप्