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Monday, October 31, 2016

प्रेम


   वर्षों पहले मैंने एक जवान से, जिसकी सगाई हो गई थी, पूछा, "तुम कैसे जानते हो कि तुम उससे प्रेम करते हो?" इस प्रश्न का उद्देश्य था कि वह आने वाली शादी के लिए अपने हृदय के उद्देश्यों को जान सके। कुछ देर विचार करने के पश्चात उस जवान ने उत्तर दिया, "मैं जानता हूँ कि मैं उससे प्रेम करता हूँ क्योंकि मैं अपना शेष जीवन उसे प्रसन्न रखने के लिए बिताना चाहता हूँ।" हमने उसके इस उत्तर के तात्पर्य के बारे में कुछ देर विचार-विमर्श किया और यह भी समझने का प्रयास किया कि अपने आप को प्रथम रखने की बजाए दूसरे के लिए निःस्वार्थ भाव से भला चाहने की कीमत क्या होती है। हम ने समझा कि सच्चे प्रेम का बलिदान के साथ बहुत गहरा संबंध है।

   यह बात परमेश्वर के वचन बाइबल में दी गई बुद्धिमता के समान है। परमेश्वर के वचन में विभिन्न प्रकार के प्रेम को बताने के लिए कई भिन्न शब्द प्रयुक्त हुए हैं। सर्वोच्च गुणवन्ता वाले प्रेम के लिए ’अगापे’ प्रयुक्त हुआ है; यह उस प्रेम को दिखाता है जो आत्म-बलिदान द्वारा प्रदर्शित और परिभाषित होता है। इस अगापे प्रेम का सर्वोत्तम उदाहरण है परमेश्वर पिता द्वारा हमारे प्रति किया गया प्रेम जिसके अन्तरगत उन्होंने हमारे लिए प्रभु यीशु मसीह को बलिदान होने के लिए दे दिया; परमेश्वर के लिए हम बहुत मूल्यवान हैं। प्रेरित पौलुस ने कहा, "परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा" (रोमियों 5:8)।

   यदि बलिदान प्रेम का सही माप है, तो मनुष्यों के लिए प्रभु यीशु के प्रेम से बढ़कर और कोई प्रेम हो नहीं सकता है: "क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए" (यूहन्ना 3:16)। - बिल क्राउडर


प्रेम का माप इससे है कि आप उसके लिए क्या कुछ दे देने के लिए तैयार हैं।

इस से बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे। - यूहन्ना 15:13

बाइबल पाठ: रोमियों 5:1-8
Romans 5:1 सो जब हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें। 
Romans 5:2 जिस के द्वारा विश्वास के कारण उस अनुग्रह तक, जिस में हम बने हैं, हमारी पहुंच भी हुई, और परमेश्वर की महिमा की आशा पर घमण्ड करें। 
Romans 5:3 केवल यही नहीं, वरन हम क्लेशों में भी घमण्ड करें, यही जानकर कि क्लेश से धीरज। 
Romans 5:4 ओर धीरज से खरा निकलना, और खरे निकलने से आशा उत्पन्न होती है। 
Romans 5:5 और आशा से लज्ज़ा नहीं होती, क्योंकि पवित्र आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है। 
Romans 5:6 क्योंकि जब हम निर्बल ही थे, तो मसीह ठीक समय पर भक्तिहीनों के लिये मरा। 
Romans 5:7 किसी धर्मी जन के लिये कोई मरे, यह तो र्दुलभ है, परन्तु क्या जाने किसी भले मनुष्य के लिये कोई मरने का भी हियाव करे। 
Romans 5:8 परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 22-23
  • तीतुस 1