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Wednesday, September 27, 2017

ध्यान


   वह वर्ष 1780 था, और लंडन में रहने वाले रॉबर्ट रेक्स का मन अपने आस-पास रहने वाले गरीब अनपढ़ बच्चों के लिए कुछ करने को व्याकुल था। उसने देखा था कि उन बच्चों के लिए कुछ भी नहीं किया जा रहा था, इसलिए उसने उनके लिए कुछ करने का बीड़ा उठा लिया। उसने उन बच्चों को पढ़ना सिखाने के लिए इतवार के दिन स्कूल चलाने के लिए कुछ महिलाओं को नियुक्त किया। परमेश्वर के वचन बाइबल को अपनी पाठ्यपुस्तक बनाकर, उन शिक्षिकाओं ने लंडन के सबसे गरीब और अनपढ़ बच्चों को पढ़ना-लिखना सिखाना आरंभ किया, बाइबल की बुध्दिमता से उन बच्चों का परिचय करवाया। शीघ्र ही लगभग 100 बच्चे उन कक्षाओं में आने लगे, और एक सुरक्षित तथा स्वच्छ पर्यावरण में दोपहर का भोजन करने का आनन्द भी लेने लगे।

   ये स्कूल "सन्डे स्कूल" कहलाए जाने लगे, और इनके द्वारा हज़ारों लड़के-लड़कियों के जीवन छूए गए। इंगलैंड ही में, 1831 तक, इन सन्डे स्कूलों में दस लाख बच्चे शिक्षा ले चुके थे - केवल इस कारण क्योंकि एक व्यक्ति ने बाइबल के इस तथ्य को समझा: "धर्मी पुरूष कंगालों के मुकद्दमे [परिस्थिति] में मन लगाता है..." (नीतिवचन 29:7) और उसे व्यावाहरिक रीति से कार्यान्वित किया।

   यह कोई छिपी हुई बात नहीं है कि प्रभु यीशु जीवन के संघर्षों में होकर निकलने वालों की बहुत चिंता करता है। मत्ती के 25वें अध्याय में प्रभु यीशु ने अपने अनुयायियों से कहा कि वे भूखों को भोजन, प्यासों को जल, बेघरों को घर, नंगों को वस्त्र उपलब्ध करवा कर तथा बीमारों और बन्दियों की सुधि लेकर, उन्हें आराम दिलवा कर उसके पुनःआगमन की तैयारी करें (पद 35-36)।

   हम जब यह गवाही रखते हैं कि प्रभु यीशु हमारे हृदयों में हैं, और हम उनके लौट कर आने की बाट जोह रहे हैं, तो जिन लोगों का प्रभु परमेश्वर ध्यान रखवाना चाहता है, उसके निर्देषों के अनुसार उनका ध्यान रख कर, अपने प्रभु का आदर और महिमा करें। - डेव ब्रैनन


करुणा सीखने के लिए परमेश्वर के लिए अपने हृदयों को खोलें; 
सहायता करने के लिए अपने हाथों को खोलें।

क्या ही धन्य है वह, जो कंगाल की सुधि रखता है! विपत्ति के दिन यहोवा उसको बचाएगा। यहोवा उसकी रक्षा कर के उसको जीवित रखेगा, और वह पृथ्वी पर भाग्यवान होगा। तू उसको शत्रुओं की इच्छा पर न छोड़। भजन 41:1-2

बाइबल पाठ: मत्ती 25:31-40
Matthew 25:31 जब मनुष्य का पुत्र अपनी महिमा में आएगा, और सब स्वर्ग दूत उसके साथ आएंगे तो वह अपनी महिमा के सिहांसन पर विराजमान होगा। 
Matthew 25:32 और सब जातियां उसके साम्हने इकट्ठी की जाएंगी; और जैसा चरवाहा भेड़ों को बकिरयों से अलग कर देता है, वैसा ही वह उन्हें एक दूसरे से अलग करेगा। 
Matthew 25:33 और वह भेड़ों को अपनी दाहिनी ओर और बकिरयों को बाईं और खड़ी करेगा। 
Matthew 25:34 तब राजा अपनी दाहिनी ओर वालों से कहेगा, हे मेरे पिता के धन्य लोगों, आओ, उस राज्य के अधिकारी हो जाओ, जो जगत के आदि से तुम्हारे लिये तैयार किया हुआ है। 
Matthew 25:35 क्योंकि मैं भूखा था, और तुम ने मुझे खाने को दिया; मैं प्यासा था, और तुम ने मुझे पानी पिलाया, मैं परदेशी था, तुम ने मुझे अपने घर में ठहराया। 
Matthew 25:36 मैं नंगा था, तुम ने मुझे कपड़े पहिनाए; मैं बीमार था, तुम ने मेरी सुधि ली, मैं बन्‍दीगृह में था, तुम मुझ से मिलने आए। 
Matthew 25:37 तब धर्मी उसको उत्तर देंगे कि हे प्रभु, हम ने कब तुझे भूखा देखा और खिलाया? या प्यासा देखा, और पिलाया? 
Matthew 25:38 हम ने कब तुझे परदेशी देखा और अपने घर में ठहराया या नंगा देखा, और कपड़े पहिनाए? 
Matthew 25:39 हम ने कब तुझे बीमार या बन्‍दीगृह में देखा और तुझ से मिलने आए? 
Matthew 25:40 तब राजा उन्हें उत्तर देगा; मैं तुम से सच कहता हूं, कि तुम ने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक के साथ किया, वह मेरे ही साथ किया।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 3-4
  • गलतियों 6