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मंगलवार, 20 अप्रैल 2021

सचेत

 

          क्रिसमस की छुट्टियों में हमारा पूरा परिवार, हम पाँचों,रोम घूमने के लिए गए। मुझे नहीं पता कि मैंने कभी इतनी अधिक संख्या में लोगों को एक ही समय पर एक ही स्थान एकत्रित देखा होगा। हम भीड़ में से होकर रास्ता बनाते हुए रोम के विभिन्न दर्शनीय स्थलों को देखते जा रहे थे, और मैं अपने बच्चों को बारंबार सचेत होकर अपने आस-पास का ध्यान रखे रहने के लिए कह रहा था – वे यह ध्यान रखें कि कहाँ पर हैं, उनके आस-पास कौन है, और क्या हो रहा है। हम ऐसे समय में रहते हैं जब अपना इलाका हो या कहीं बाहर का, संसार अब सुरक्षित स्थान नहीं रह गया है। और मोबाइल फोन तथा इयर-फोन्स के उपयोग करते हुए चलने की आदत के कारण, बच्चे हों या वयस्क, बहुत बार उन्हें ध्यान ही नहीं रहता है कि वे कहाँ पर और किस के साथ हैं।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में पौलुस ने फिलिप्पी के मसीही विश्वासियों को लिखी अपनी पत्री में, फिलिप्पियों 1:9-11 में, उनसे सचेत होकर प्रार्थना करने को कहा। उनके लिए उसकी इच्छा थी कि वे निरंतर अपनी परिस्थिति से संबंधित कौन/क्या/कहाँ की पहचान में बढ़ते चले जाएँ। किन्तु पौलुस की यह इच्छा उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए नहीं, वरन एक महान उद्देश्य के संबंध में थी – परमेश्वर के पवित्र लोग मसीह के उस प्रेम के अच्छे भण्डारी बनें, जो उन्होंने प्रभु यीशु से पाया है। वे पहचान सकें कि “क्या सर्वोत्तम है”, “पवित्र एवं निर्दोष” जीवन जीएँ, और उन सदगुणों से भरपूर हो जाएँ जो केवल प्रभु यीशु से ही आ सकते हैं।

          इस प्रकार का जीवन इस बात के प्रति सचेत बने रहने से आता है हमारे जीवन में परमेश्वर कौन है; क्या परमेश्वर पर हर बात के लिए हमारी निरंतर निर्भरता है, क्योंकि परमेश्वर इसी से प्रसन्न होता है; और हर परिस्थिति में सचेत रहते हुए उसके महान प्रेम को कहाँ पर व्यक्त और साझा कर सकते हैं। - जॉन ब्लेज़

 

हे पिता हमें सचेत करें, कि हम आपके प्रेम के सच्चे गवाह बनें।


क्योंकि मसीह का प्रेम हमें विवश कर देता है; इसलिये कि हम यह समझते हैं, कि जब एक सब के लिये मरा तो सब मर गए। और वह इस निमित्त सब के लिये मरा, कि जो जीवित हैं, वे आगे को अपने लिये न जीएं परन्तु उसके लिये जो उन के लिये मरा और फिर जी उठा। - 2 कुरिन्थियों 5:14-15

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 1:3-11

फिलिप्पियों 1:3 मैं जब जब तुम्हें स्मरण करता हूं, तब तब अपने परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं।

फिलिप्पियों 1:4 और जब कभी तुम सब के लिये बिनती करता हूं, तो सदा आनन्द के साथ बिनती करता हूं।

फिलिप्पियों 1:5 इसलिये, कि तुम पहिले दिन से ले कर आज तक सुसमाचार के फैलाने में मेरे सहभागी रहे हो।

फिलिप्पियों 1:6 और मुझे इस बात का भरोसा है, कि जिसने तुम में अच्छा काम आरम्भ किया है, वही उसे यीशु मसीह के दिन तक पूरा करेगा।

फिलिप्पियों 1:7 उचित है, कि मैं तुम सब के लिये ऐसा ही विचार करूं क्योंकि तुम मेरे मन में आ बसे हो, और मेरी कैद में और सुसमाचार के लिये उत्तर और प्रमाण देने में तुम सब मेरे साथ अनुग्रह में सहभागी हो।

फिलिप्पियों 1:8 इस में परमेश्वर मेरा गवाह है, कि मैं मसीह यीशु की सी प्रीति कर के तुम सब की लालसा करता हूं।

फिलिप्पियों 1:9 और मैं यह प्रार्थना करता हूं, कि तुम्हारा प्रेम, ज्ञान और सब प्रकार के विवेक सहित और भी बढ़ता जाए।

फिलिप्पियों 1:10 यहां तक कि तुम उत्तम से उत्तम बातों को प्रिय जानो, और मसीह के दिन तक सच्चे बने रहो; और ठोकर न खाओ।

फिलिप्पियों 1:11 और उस धामिर्कता के फल से जो यीशु मसीह के द्वारा होते हैं, भरपूर होते जाओ जिस से परमेश्वर की महिमा और स्तुति होती रहे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 2 शमूएल 9-11
  • लूका 15:11-32

मंगलवार, 16 मार्च 2021

चिह्न

 

          आयोवा विश्वविद्यालय की बास्केटबॉल टीम का प्रतिष्ठित खिलाड़ी, जॉर्डन बोहानन, अपनी टीम के इतिहास में एक नया कीर्तिमान बनाने की कगार पर था, लेकिन उसने जानबूझकर बॉल को सही नहीं फेंका और उसके स्कूल का पच्चीस वर्ष पुराना कीर्तिमान बना रहा। उसने यह क्यों किया? वर्ष 1993 में आयोवा के क्रिस स्ट्रीट ने एक के बाद एक चौंतीस बार फ्री थ्रो में बॉल सही फेंक कर कीर्तिमान बनाया और उसके कुछ ही दिन के बाद एक कार दुर्घटना में उसकी मृत्यु हो गई। जॉर्डन ने अपनी प्रतिष्ठा के स्थान पर क्रिस की इस स्मृति को बनाए रखने को चुना, और उसके द्वारा स्थापित इस कीर्तिमान को नहीं तोड़ा।

          जॉर्डन ने अपनी उन्नति से अधिक महत्वपूर्ण बात पर ध्यान दिया। हम परमेश्वर के वचन बाइबल में युवा योद्धा दाऊद में भी यही भावना देखते हैं। दाऊद राजा शाऊल और शत्रु फिलिस्तियों की सेनाओं से जान बचा कर एक गुफा में अपने साथियों, जो उसकी ‘सेना भी थे, के साथ छुपा हुआ था। वहाँ उसके मन में अपने घर के स्थान बैतलहम के कुएँ का पानी पीने की तीव्र इच्छा हुई, लेकिन खतरनाक पलिस्तीनी लोग उसके चारों ओर बसे हुए थे (2 शमूएल 23:14-15)।

          हतप्रभ कर देने वाले बहादुरी दिखाते हुए उसके तीन साथियों ने पलिस्तियों का सामना किया, उनसे बच कर निकल गए, कुएँ से पानी लिया और दाऊद के पास ले आए। किन्तु दाऊद उसे पीने के लिए अपने आप को तैयार न कर सका,और कहा, हे यहोवा, मुझ से ऐसा काम दूर रहे। क्या मैं उन मनुष्यों का लहू पीऊं जो अपने प्राणों पर खेल कर गए थे? इसलिये उसने उस पानी को पीने से इनकार किया” (2 शमूएल 23:17)।

          ऐसे संसार में जो अकसर उन्हें आदर देता है जो वह सब कुछ छीन और हथिया लेते है, जो वो ले सकते हैं, प्रेम और बलिदान के ऐसे कार्य कितने शक्तिशाली, और प्रोत्साहन देने वाली स्मृतियाँ हो सकते हैं! इस प्रकार के कार्य केवल एक चिह्न ही नहीं हैं; उनका महत्व चिह्न होने से कहीं बढ़कर है। - टिम गुस्ताफ्सन

 

हे पिता परमेश्वर मुझे औरों की आवश्यकताओं का ध्यान रखने वाला बनाएँ।


हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों की हित की भी चिन्ता करे। - फिलिप्पियों 2:4

बाइबल पाठ: 2 शमूएल 23:13-17

2 शमूएल 23:13 फिर तीसों मुख्य सरदारों में से तीन जन कटनी के दिनों में दाऊद के पास अदुल्लाम नाम गुफा में आए, और पलिश्तियों का दल रपाईम नाम तराई में छावनी किए हुए था।

2 शमूएल 23:14 उस समय दाऊद गढ़ में था; और उस समय पलिश्तियों की चौकी बेतलेहेम में थी।

2 शमूएल 23:15 तब दाऊद ने बड़ी अभिलाषा के साथ कहा, कौन मुझे बेतलेहेम के फाटक के पास के कुएं का पानी पिलाएगा?

2 शमूएल 23:16 तो वे तीनों वीर पलिश्तियों की छावनी में टूट पड़े, और बेतलेहेम के फाटक के कुंए से पानी भर के दाऊद के पास ले आए। परन्तु उसने पीने से इनकार किया, और यहोवा के सामने अर्घ कर के उण्डेला,

2 शमूएल 23:17 और कहा, हे यहोवा, मुझ से ऐसा काम दूर रहे। क्या मैं उन मनुष्यों का लहू पीऊं जो अपने प्राणों पर खेल कर गए थे? इसलिये उसने उस पानी को पीने से इनकार किया। इन तीन वीरों ने तो ये ही काम किए।

 

एक साल में बाइबल: 

  • व्यवस्थाविवरण 28-29
  • मरकुस 14:54-72 

शनिवार, 13 फ़रवरी 2021

प्रार्थना

 

          उस युवा सैनिक के चारों ओर धमाके हो रहे थे, तोप के गोले गिर और फट रहे थे, और वह बड़ी लगन से परमेश्वर से प्रार्थना कर रहा था, ‘हे परमेश्वर यदि तू मुझे इस सब से सुरक्षित निकाल देगा, तो मैं निश्चय ही उस बाइबल कॉलेज में जाऊँगा, जहाँ माँ चाहती है कि मैं जाऊँ। परमेश्वर ने उसकी यह लगन से की गई, मुद्दे पर केन्द्रित प्रार्थना सुनी, उसका उत्तर दिया, और मेरे पिता दूसरे विश्व-युद्ध से सुरक्षित घर लौट कर आ सके। उन्होंने अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार मूडी बाइबल इंस्टिट्यूट में दाखिला लिया, और अपना जीवन मसीही सेवकाई के लिए समर्पित कर दिया।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में एक अन्य योद्धा ने एक भिन्न प्रकार के संघर्ष का सामना किया, जिससे वह भी परमेश्वर के और भी निकट आने पाया; किन्तु उसकी समस्याएँ युद्ध में जाने से नहीं, वरन वहाँ न जाने के कारण उत्पन्न हुईं। राजा दाऊद के सैनिक युद्ध लड़ रहे थे, और वह अपने महल में विश्राम कर रहा था। इसी दौरान वह व्यभिचार, और फिर हत्या के पाप में गिर गया (देखिए 2 शमूएल 11 अध्याय)। भजन 39 में, दाऊद अपने उस भयानक पाप से बाहर निकाले जाकर पुनःस्थापित किए जाने की दुखद प्रक्रिया का ब्यौरा लिखता है। उसने लिखा,मैं मौन धारण कर गूंगा बन गया, और भलाई की ओर से भी चुप्पी साधे रहा; और मेरी पीड़ा बढ़ गई, मेरा हृदय अन्दर ही अन्दर जल रहा था। सोचते सोचते आग भड़क उठी; तब मैं अपनी जीभ से बोल उठा” (पद 2, 3)।

          दाऊद की टूटी हुई आत्मा ने उसे विचार करने के लिए बाध्य किया; उसने कहा,हे यहोवा ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालूम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिस से मैं जान लूं कि कैसा अनित्य हूं” (पद 4)। उसके जीवन के फिर से सही ओर केन्द्रित किए जाने के समय वह निराश नहीं हुआ “और अब हे प्रभु, मैं किस बात की बाट जोहूं? मेरी आशा तो तेरी ओर लगी है” (पद 7); उसके पास परमेश्वर की ओर देखते रहने के अतिरिक्त और कोई उपाय नहीं था। दाऊद की प्रार्थना भी सूनी गई; वह भी अपने इस युद्ध से सुरक्षित निकल आया और फिर से परमेश्वर की सेवकाई में लग गया।

          महत्व इस बात का नहीं है कि हमारे प्रार्थना के जीवन को क्या प्रोत्साहित करता है; वरन इस का है कि हमारी प्रार्थना का उद्देश्य क्या है। परमेश्वर ही हमारी आशा का स्त्रोत है। वह चाहता है कि हम प्रार्थना में उसके साथ अपने मन की बात को खुल कर बाँटें, और उसके उत्तर के अनुसार कार्य करें। - टिम गुस्ताफसन

 

सच्चे परमेश्वर के सम्मुख प्रार्थना की भूमि, सर्वोत्तम भूमि है।


मैं यहोवा की बाट जोहता हूं, मैं जी से उसकी बाट जोहता हूं, और मेरी आशा उसके वचन पर है; - भजन 130:5

बाइबल पाठ: भजन 39:1-7

भजन संहिता 39:1 मैं ने कहा, मैं अपनी चाल चलन में चौकसी करूंगा, ताकि मेरी जीभ से पाप न हो; जब तक दुष्ट मेरे सामने है, तब तक मैं लगाम लगाए अपना मुंह बन्द किए रहूंगा।

भजन संहिता 39:2 मैं मौन धारण कर गूंगा बन गया, और भलाई की ओर से भी चुप्पी साधे रहा; और मेरी पीड़ा बढ़ गई,

भजन संहिता 39:3 मेरा हृदय अन्दर ही अन्दर जल रहा था। सोचते सोचते आग भड़क उठी; तब मैं अपनी जीभ से बोल उठा;

भजन संहिता 39:4 हे यहोवा ऐसा कर कि मेरा अन्त मुझे मालूम हो जाए, और यह भी कि मेरी आयु के दिन कितने हैं; जिस से मैं जान लूं कि कैसा अनित्य हूं!

भजन संहिता 39:5 देख, तू ने मेरे आयु बालिश्त भर की रखी है, और मेरी अवस्था तेरी दृष्टि में कुछ है ही नहीं। सचमुच सब मनुष्य कैसे ही स्थिर क्यों न हों तौभी व्यर्थ ठहरे हैं।

भजन संहिता 39:6 सचमुच मनुष्य छाया सा चलता फिरता है; सचमुच वे व्यर्थ घबराते हैं; वह धन का संचय तो करता है परन्तु नहीं जानता कि उसे कौन लेगा!

भजन संहिता 39:7 और अब हे प्रभु, मैं किस बात की बाट जोहूं? मेरी आशा तो तेरी ओर लगी है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • लैव्यव्यवस्था 14
  • मत्ती 26:51-75

गुरुवार, 24 दिसंबर 2020

विचार

 

          सुप्रसिद्ध बाइबल शिक्षक तथा प्रचारक ऑस्वाल्ड चैम्बर्स के लंडन में बाइबल कॉलेज में कार्य (1911-15) के दिनों में वे अपने सिखाने के दौरान कही गई बातों से विद्यार्थियों को चौंका देते थे। एक युवती ने बताया कि क्योंकि चर्चा के लिए अगली बार भोजन के लिए एकत्रित होने का समय निर्धारित होता था, इसलिए चैम्बर्स को अकसर ही प्रश्नों की बौछार का सामना करना पड़ता था। ऐसे में कई बार चैम्बर्स बस केवल मुस्कुरा कर इतना ही कहते थे, “बस इसे अभी छोड़ दो; यह तुम्हें बाद में समझ में आ जाएगा।” चैम्बर्स विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते थे कि वे बात पर विचार करते रहें और परमेश्वर अपने समय और विधि के अनुसार अपने सत्यों को उन पर प्रकट कर देगा।

          किसी बात पर विचार करने का अर्थ है कि उस पर बहुत ध्यान लगाकर गहराई से चिंतन-मनन करना। प्रभु यीशु मसीह के बैतलहम में जन्म होने तक होने वाली घटनाओं और उनके उपरान्त स्‍वर्गदूतों का प्रकट होना,चरवाहों का मसीहा को देखने आना, परमेश्वर के वचन बाइबल में लिखा है कि “मरियम ये सब बातें अपने मन में रखकर सोचती रही” (लूका 2:19)। बाइबल के नए नियम खण्ड के विद्वान डब्ल्यू. ई. वाइन का कहना है कि ‘विचार करना का अर्थ है “... बातों को एक साथ लाना, बातचीत करना, एक से दूसरी बात को सन्दर्भ के अनुसार मिलाकर देखना” (Expository Dictionary of the New Testament Terms)।

          जब हम हमारे जीवनों में होने वाली बातों के अर्थ को समझने के लिए संघर्ष करते हैं, तो मरियम का सुन्दर उदाहरण हमारा मार्गदर्शन करता है कि परमेश्वर तथा उसकी बुद्धि के खोजी होने का क्या अर्थ होता है।

          जब हम हमारे जीवनों में जो हो रहा है, मरियम के समान उसके लिए परमेश्वर की अगुवाई को स्वीकार करते हैं, तो हमारे जीवनों में भी उसके सप्रेम मार्गदर्शन से संबंधित अनेकों नई बातें विचार करते रहने के लिए एकत्रित हो जाती हैं। - डेविड सी. मेक्कैस्लएंड

 

व्यस्त जीवन में अपने आप को कुछ शांत समय की अनुमति दीजिए, 

यह सुनने के लिए परमेश्वर आप से क्या कह रहा है।


मैं ने तेरे वचन को अपने हृदय में रख छोड़ा है, कि तेरे विरुद्ध पाप न करूं। - भजन संहिता 119:11

बाइबल पाठ: लूका 2:8-20

लूका 2:8 और उस देश में कितने गड़ेरिये थे, जो रात को मैदान में रहकर अपने झुण्ड का पहरा देते थे।

लूका 2:9 और प्रभु का एक दूत उन के पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उन के चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए।

लूका 2:10 तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा।

लूका 2:11 कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है।

लूका 2:12 और इस का तुम्हारे लिये यह पता है, कि तुम एक बालक को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे।

लूका 2:13 तब एकाएक उस स्वर्गदूत के साथ स्‍वर्गदूतों का दल परमेश्वर की स्तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिया।

लूका 2:14 कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्ति हो।

लूका 2:15 जब स्वर्गदूत उन के पास से स्वर्ग को चले गए, तो गड़ेरियों ने आपस में कहा, आओ, हम बैतलहम जा कर यह बात जो हुई है, और जिसे प्रभु ने हमें बताया है, देखें।

लूका 2:16 और उन्होंने तुरन्त जा कर मरियम और यूसुफ को और चरनी में उस बालक को पड़ा देखा।

लूका 2:17 इन्हें देखकर उन्होंने वह बात जो इस बालक के विषय में उन से कही गई थी, प्रगट की।

लूका 2:18 और सब सुनने वालों ने उन बातों से जो गड़िरयों ने उन से कहीं आश्चर्य किया।

लूका 2:19 परन्तु मरियम ये सब बातें अपने मन में रखकर सोचती रही।

लूका 2:20 और गड़ेरिये जैसा उन से कहा गया था, वैसा ही सब सुनकर और देखकर परमेश्वर की महिमा और स्तुति करते हुए लौट गए।

 

एक साल में बाइबल: 

  • हबक्कूक 1-3
  • प्रकाशितवाक्य 15

रविवार, 15 नवंबर 2020

विकर्षण

 

         इंग्लैंड के विक्टोरियन काल के एक चित्रकार सिगिस्मंड गोएत्ज़े ने अपने समय के लोगों को एक चित्र के द्वारा चौंका दिया। चित्र का शीर्षक था “Despised and Rejected of Men”(मनुष्यों द्वारा तुच्छ जाना तथा तिरस्कार किया हुआ)। इस चित्र में उसने दुःख झेल रहे और दोषी ठहराए गए प्रभु यीशु को, गोएत्ज़े के ही समय के लोगों से घिरा हुआ दिखाया गया है। वे सभी लोग अपनी ही रुचि की बातों – व्यापार, रोमांस, राजनीति, आदि में इतने संलग्न थे कि वे उद्धारकर्ता द्वारा दिए गए बलिदान के प्रति पूर्णतः उदासीन और अनजान थे। मसीह के प्रति उदासीन होने के कारण, उसे घेरे हुई उस भीड़ को, प्रभु यीशु के क्रूस के नीचे एकत्रित हुई भीड़ के समान, ज़रा भी ध्यान नहीं था कि उन्होंने क्या और किसे खो दिया है।

         हमारे वर्तमान समय में भी, मसीही विश्वासी और अविश्वासी दोनों ही का ध्यान अनन्त से भटक सकता है। प्रभु यीशु मसीह के अनुयायी ध्यान भटकाने वाले विकर्षणों की धुंध को परमेश्वर के प्रेम की सच्चाई के द्वारा किस प्रकार मिटा सकते हैं? परमेश्वर की संतान होने के नाते, हम एक दूसरे से प्रेम के करने के द्वारा आरंभ कर सकते हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने कहा, यदि आपस में प्रेम रखोगे तो इसी से सब जानेंगे, कि तुम मेरे चेले हो” (यूहन्ना 13:35)।

         परन्तु सच्चा प्रेम यहीं आकर रुक नहीं जाता है। हम उस प्रेम को और विस्तृत करते हैं, प्रभु यीशु में पापों की क्षमा और उद्धार के सुसमाचार को औरों के साथ साझा करने के द्वारा जिससे लोग समस्त जगत के सभी लोगों के उद्धारकर्ता की ओर आकर्षित होने पाएं। जैसे कि पौलुस ने लिखा, हम मसीह के राजदूत हैं (2 कुरिन्थियों 5:20)।

         ऐसा करने से मसीह की देह, उसकी कलीसिया, परमेश्वर के प्रेम को प्रतिबिंबित भी कर सकती है और दूसरों तक पहुँचा भी सकती है, क्योंकि परमेश्वर के प्रेम की संसार को बहुत आवश्यकता है। काश पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से प्रभु के प्रेम को अपने जीवनों के द्वारा दिखाने के द्वारा हम मसीह यीशु में सेंत-मेंत मिलाने वाले उद्धार से लोगों का ध्यान भटकाने वाले विकर्षणों को मिटा सकें, और सुसमाचार की आवश्यकता को प्रस्तुत कर सकें। - बिल क्राउडर

 

प्रभु यीशु में उद्धार का सुसमाचार, विकर्षणों की धुंध में ज्योति चमकाता है।


सो हम मसीह के राजदूत हैं; मानो परमेश्वर हमारे द्वारा समझाता है: हम मसीह की ओर से निवेदन करते हैं, कि परमेश्वर के साथ मेल मिलाप कर लो। - 2 कुरिन्थियों 5:20

बाइबल पाठ: यूहन्ना 13:31-35

यूहन्ना 13:31 जब वह बाहर चला गया तो यीशु ने कहा; अब मनुष्य पुत्र की महिमा हुई, और परमेश्वर की महिमा उस में हुई।

यूहन्ना 13:32 और परमेश्वर भी अपने में उस की महिमा करेगा, वरन तुरन्त करेगा।

यूहन्ना 13:33 हे बालकों, मैं और थोड़ी देर तुम्हारे पास हूं: फिर तुम मुझे ढूंढोगे, और जैसा मैं ने यहूदियों से कहा, कि जहां मैं जाता हूं, वहां तुम नहीं आ सकते वैसा ही मैं अब तुम से भी कहता हूं।

यूहन्ना 13:34 मैं तुम्हें एक नई आज्ञा देता हूं, कि एक दूसरे से प्रेम रखो: जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा है, वैसा ही तुम भी एक दूसरे से प्रेम रखो।

यूहन्ना 13:35 यदि आपस में प्रेम रखोगे तो इसी से सब जानेंगे, कि तुम मेरे चेले हो।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यहेजकेल 1-2
  • इब्रानियों 11:1-19

मंगलवार, 8 सितंबर 2020

देखभाल

 

         मैं अपनी आँखें बन्द करता हूँ, हाथ जोड़कर, सिर झुकाकर मन में प्रार्थना करना आरंभ करता हूँ, मेरी प्रार्थना आरंभ होती है, “हे परमेश्वर, मैं आपके सम्मुख आपके बच्चे की तरह आता हूँ। मैं आपकी भलाइयों और सामर्थ्य को स्मरण करता हूँ जो आप ...” और अचानक ही मेरी आँखें झटके से खुल जाती हैं। मुझे स्मरण हो आता है कि मेरे बेटे का स्कूल का काम अभी पूरा नहीं हुआ है, उसे मेरी सहायता की आवश्यकता थी, क्योंकि कल उसे वह स्कूल में दिखाना है। मुझे यह भी स्मरण आता है कि कल दोपहर बाद उसे स्कूल में बास्केटबाल के खेल में भी भाग लेना है, और मुझे वहाँ उसके पास होना है; और मैं विचार करता हूँ कि वह अभी अपने स्कूल के कार्य को पूरा करने में लगा होगा, जो लगभग मध्य-रात्रि तक जाकर पूरा होगा। किन्तु मुझे चिंता है कि उसका यह सब परिश्रम उसे थका कर दुर्बल न कर दे, जिससे फिर कोई बीमारी उसे पकड़ न ले। और मेरा ध्यान प्रार्थना से हट जाता है।

         सुप्रसिद्ध मसीही लेखक सी. एस. ल्युईस ने अपने पुस्तक The Screwtape Letters में प्रार्थना में इस प्रकार ध्यान विचलित करने वाली बातों के बारे में लिखा है। उन्होंने लिखा कि जब हमारे मन इधर-उधर भटकने लगते हैं तो हम अपनी इच्छा-शक्ति के द्वारा उन्हें फिर से अपनी मूल प्रार्थना पर लाने के प्रयास करते हैं। लेकिन ल्युईस का निष्कर्ष था कि ऐसा करने के स्थान पर अधिक अच्छा होता है कि विचलित करने वाली उस नई बात को ही हमारी वर्तमान समस्या समझ लिया जाए, उसे परमेश्वर के सामने रख दिया जाए, और उस बात को ही अपनी प्रार्थना का मुख्य विषय बना लिया जाए।

         कोई स्थायी चिंता, या कोई पापमय विचार परमेश्वर के साथ हमारे वार्तालाप का केंद्र बिंदु बन सकता है, हम उस बात को पिता परमेश्वर के सामने रख कर उसके बारे में उससे उसका मार्गदर्शन और सामर्थ्य माँग सकते हैं। परमेश्वर चाहता है कि हम जब उससे वार्तालाप करें तो निःसंकोच होकर अपनी वास्तविक चिंताओं, भय, संघर्षों, इच्छाओं आदि के बारे में उससे खुलकर बोलें। वह हमारी किसी भी बात से आश्चर्यचकित नहीं होगा, क्योंकि वह सब कुछ पहले से ही जानता है। जैसे एक घनिष्ठ मित्र हमारी बातों पर ध्यान लगाता है, परमेश्वर भी वैसे ही हमारी बातों का ध्यान करता है। इसीलिए परमेश्वर के वचन बाइबल में हमें प्रोत्साहित किया गया है कि हम अपनी सारी चिताएँ उस पर डाल दें क्योंकि उसे हमारा ध्यान है (1 पतरस 5:7), वह हमारी देखभाल करता है। - जेनिफर बेनसन शुल्ट

 

ध्यान बंटने से हमारी प्रार्थनाएं बाधित नहीं होनी चाहिएँ।


अपना बोझ यहोवा पर डाल दे वह तुझे सम्हालेगा; वह धर्मी को कभी टलने न देगा। - भजन 55:22

बाइबल पाठ: 1 पतरस 5:6-10

1 पतरस 5:6 इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए।

1 पतरस 5:7 और अपनी सारी चिन्ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है।

1 पतरस 5:8 सचेत हो, और जागते रहो, क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गरजने वाले सिंह के समान इस खोज में रहता है, कि किस को फाड़ खाए।

1 पतरस 5:9 विश्वास में दृढ़ हो कर, और यह जान कर उसका सामना करो, कि तुम्हारे भाई जो संसार में हैं, ऐसे ही दुख भुगत रहे हैं।

1 पतरस 5:10 अब परमेश्वर जो सारे अनुग्रह का दाता है, जिसने तुम्हें मसीह में अपनी अनन्त महिमा के लिये बुलाया, तुम्हारे थोड़ी देर तक दुख उठाने के बाद आप ही तुम्हें सिद्ध और स्थिर और बलवन्‍त करेगा।

 

 एक साल में बाइबल: 

  • नीतिवचन 3-5
  • 2 कुरिन्थियों 1

शुक्रवार, 12 जून 2020

नाम


     विज्ञापन बनाने वालों ने निष्कर्ष निकला है कि दर्शकों को सब से अधिक आकर्षित करने वाला शब्द उन का अपना नाम होता है। इसी आधार पर इंग्लैंड के एक टी.वी. चैनल ने अपनी ऑनलाइन सेवाओं के साथ व्यक्तिगत विज्ञापन देना भी आरंभ कर दिया है। टेलिविज़न पर अपने नाम के बोले जाने को सुन कर हमें अच्छा तो लग सकता है, परन्तु इसका कुछ विशेष अर्थ नहीं होता है जब तक कि यह उस आत्मीयता के साथ न बोला जाए जैसे हम से प्रेम करने वाला कोई व्यक्ति उसे बोलता है।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि मरियम मगदलीनी का ध्यान तुरंत ही उस के नाम को बोलने वाले की ओर खिंचा। मरियम उस कब्र पर थी जहाँ क्रूस पर उस के मारे जाने के बाद प्रभु यीशु को दफनाया गया था; कब्र खाली थी, और मृतकों में से जी उठा प्रभु मरियम के सामने खड़ा था, उस से बात कर रहा था, किन्तु वह उसे पहचान नहें पा रही थी। किन्तु जैसे ही प्रभु ने जैसे ही मरियम को उसके नाम से बुलाया (यूहन्ना 20:16), मरियम ने अपने गुरु और शिक्षक को, जिससे वह प्रेम करती थी, जिसकी वह अनुयायी थी, उसकी आवाज़ को तुरंत पहचान लिया, मैं समझती हूँ हतप्रभ होकर और बड़े आनन्द के साथ। जिस आत्मीयता के साथ प्रभु ने मरियम का नाम लिया, उस से उसे कोई संदेह नहीं रहा होगा कि उसे बुलाने वाला वही है जो उसे अच्छे से जानता था, और वह अब जीवित है, मृतक नहीं।

     यद्यपि मरियम ने उस पल प्रभु के साथ एक अनुपम और विशिष्ट पल का आनन्द लिया, परन्तु प्रभु हम मसीही विश्वासियों को भी व्यक्तिगत रीति से जानता है। प्रभु यीशु ने मरियम से कहा कि वह अपने स्वर्गीय पिता के पास जाएगा (पद 17), और प्रभु ने अपने शिष्यों से भी कहा था कि वह उन्हें अकेला नहीं छोड़ेगा (यूहन्ना 14:15-18)। प्रभु परमेश्वर का अपने शिष्यों से वायदा है कि वह अपने पवित्र आत्मा को अपने विश्वासियों में रहने और उनका मार्गदर्शन करने के लिए देगा (देखें प्रेरितों 2:1-13)।

     परमेश्वर की कही बात कभी नहीं टलती है; चाहे तब या फिर अब, वह उन्हें जानता है जिनसे वह प्रेम करता है (यूहन्ना 10:14-15); वह अपने लोगों को उन के नाम लेकर बुलाता है। - एमी बाउचर पाई


सृष्टि का सृष्टिकर्ता परमेश्वर आप का रचने वाला भी है, 

और आप को आपके नाम से जानता है।


... भेंड़ें उसका शब्द सुनती हैं, और वह अपनी भेड़ों को नाम ले ले कर बुलाता है और बाहर ले जाता है। और जब वह अपनी सब भेड़ों को बाहर निकाल चुकता है, तो उन के आगे आगे चलता है, और भेड़ें उसके पीछे पीछे हो लेती हैं; क्योंकि वे उसका शब्द पहचानती हैं। - यूहन्ना 10:3, 4

बाइबल पाठ: यूहन्ना 20:11-18

यूहन्ना 20:11 परन्तु मरियम रोती हुई कब्र के पास ही बाहर खड़ी रही और रोते रोते कब्र की ओर झुककर,

यूहन्ना 20:12 दो स्‍वर्गदूतों को उज्ज़वल कपड़े पहिने हुए एक को सिरहाने और दूसरे को पैताने बैठे देखा, जहां यीशु की लोथ पड़ी थी।

यूहन्ना 20:13 उन्होंने उस से कहा, हे नारी, तू क्यों रोती है? उसने उन से कहा, वे मेरे प्रभु को उठा ले गए और मैं नहीं जानती कि उसे कहां रखा है।

यूहन्ना 20:14 यह कहकर वह पीछे फिरी और यीशु को खड़े देखा और न पहचाना कि यह यीशु है।

यूहन्ना 20:15 यीशु ने उस से कहा, हे नारी तू क्यों रोती है? किस को ढूंढ़ती है? उसने माली समझकर उस से कहा, हे महाराज, यदि तू ने उसे उठा लिया है तो मुझ से कह कि उसे कहां रखा है और मैं उसे ले जाऊंगी।

यूहन्ना 20:16 यीशु ने उस से कहा, मरियम! उसने पीछे फिरकर उस से इब्रानी में कहा, रब्‍बूनी अर्थात हे गुरू।

यूहन्ना 20:17 यीशु ने उस से कहा, मुझे मत छू क्योंकि मैं अब तक पिता के पास ऊपर नहीं गया, परन्तु मेरे भाइयों के पास जा कर उन से कह दे, कि मैं अपने पिता, और तुम्हारे पिता, और अपने परमेश्वर और तुम्हारे परमेश्वर के पास ऊपर जाता हूं।

यूहन्ना 20:18 मरियम मगदलीनी ने जा कर चेलों को बताया, कि मैं ने प्रभु को देखा और उसने मुझ से ये बातें कहीं।   

 

एक साल में बाइबल: 

  • एज्रा 3-5
  • यूहन्ना 20



रविवार, 10 मई 2020

दृष्टि



     एमी कार्माईकल (1867-1951) भारत में अनाथ लड़कियों को देवदासी बनाए जाने से बचाने और उन्हें नया जीवन देने के लिए सुविख्यात हैं। इस कठिन और थका देने वाले कार्य के मध्य में उनके पास कुछ समय ऐसे होते थे जिन्हें उन्होंने अपनी पुस्तक, ‘गोल्ड बाय मून्लाईट’ में “दर्शन के पल” कहा है। उन्होंने लिखा, “किसी व्यस्त दिन के मध्य में, हमें दूर स्थित एक देश की एक झलक दी जाती है और हम उस झलक भर को देख कर मार्ग में ही स्तब्ध खड़े रह जाते हैं।”

     परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह भविष्यद्वक्ता ने एक ऐसे समय के विषय लिखा जब परमेश्वर के बलवाई लोग वापस उस की ओर मुड़ेंगे, “तू अपनी आंखों से राजा को उसकी शोभा सहित देखेगा; और लम्बे चौड़े देश पर दृष्टि करेगा” (यशायाह 33:17)। इस दूर स्थित देश को देखना, अपनी वर्तमान परिस्थितियों से ऊपर उठ कर अनन्त का दृष्टिकोण प्राप्त करना है। हमारी कठिनाईयों के समयों में परमेश्वर हमें हमारे जीवनों को उस के दृष्टिकोण से देखने और आशा रखने के लिए सक्षम करता है, “क्योंकि यहोवा हमारा न्यायी, यहोवा हमारा हाकिम, यहोवा हमारा राजा है; वही हमारा उद्धार करेगा” (पद 22)।

     हर दिन, हम चुन सकते हैं कि निराश हो कर नीचे देखेंगे, या अपनी आँखें उस दूर स्थित देश की ओर, उस प्रभु परमेश्वर की ओर जो हमारा “महाप्रतापी यहोवा” (पद 21) है लगाएंगे।

     एमी कार्माईकल ने भारत में पचासे से भी अधिक वर्ष व्यतीत किए, उन युवतियों और जवान स्त्रियों की सहायता करने के लिए जिन्हें इसकी बहुत आवश्यकता थी। वह यह कैसे कर सकीं? उनका मन्त्र था, प्रति दिन अपनी दृष्टि प्रभु यीशु पर लगाए रखें और अपना जीवन उनकी देखभाल के सुपुर्द कर दें। यही हम भी कर सकते हैं – सदा, हर बात के लिए ,अपनी दृष्टि प्रभु यीशु पर लगाए रखो। - डेविड सी. मैक्कैसलैंड

अपनी दृष्टि और ध्यान प्रभु यीशु पर केन्द्रित रखो।

उठ, प्रकाशमान हो; क्योंकि तेरा प्रकाश आ गया है, और यहोवा का तेज तेरे ऊपर उदय हुआ है। देख, पृथ्वी पर तो अन्धियारा और राज्य राज्य के लोगों पर घोर अन्धकार छाया हुआ है; परन्तु तेरे ऊपर यहोवा उदय होगा, और उसका तेज तुझ पर प्रगट होगा। - यशायाह 60:1-2

बाइबल पाठ: यशायाह 33:17-22
यशायाह 33:17 तू अपनी आंखों से राजा को उसकी शोभा सहित देखेगा; और लम्बे चौड़े देश पर दृष्टि करेगा।
यशायाह 33:18 तू भय के दिनों को स्मरण करेगा: लेखा लेने वाला और कर तौल कर लेने वाला कहां रहा? गुम्मटों का गिनने वाला कहां रहा?
यशायाह 33:19 जिनकी कठिन भाषा तू नहीं समझता, और जिनकी लड़खड़ाती जीभ की बात तू नहीं बूझ सकता उन निर्दय लोगों को तू फिर न देखेगा।
यशायाह 33:20 हमारे पर्व के नगर सिय्योन पर दृष्टि कर! तू अपनी आंखों से यरूशेलम को देखेगा, वह विश्राम का स्थान, और ऐसा तम्बू है जो कभी गिराया नहीं जाएगा, जिसका कोई खूंटा कभी उखाड़ा न जाएगा, और न कोई रस्सी कभी टूटेगी।
यशायाह 33:21 वहां महाप्रतापी यहोवा हमारे लिये रहेगा, वह बहुत बड़ी बड़ी नदियों और नहरों का स्थान होगा, जिस में डाँडवाली नाव न चलेगी और न शोभायमान जहाज उस में हो कर जाएगा।
यशायाह 33:22 क्योंकि यहोवा हमारा न्यायी, यहोवा हमारा हाकिम, यहोवा हमारा राजा है; वही हमारा उद्धार करेगा।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 राजाओं 10-12
  • यूहन्ना 1:29-51



शनिवार, 25 अप्रैल 2020

भूल जाना



     कैलिफोर्निया के कार्ल्सबाद क्षेत्र की आपातकालीन सेवा एक वृद्ध महिला की सहायता के लिए आगे आई। वह महिला ऑस्ट्रेल्यियाई लहजे में बात कर रही थी, किन्तु उसे अपने बारे में कुछ भी स्मरण नहीं आ रहा था। क्योंकि उसे भूल जाने की बीमारी थी, और उसके पास कोई भी पहचान पत्र नहीं था, इसलिए वह अपना नाम या पता बता पाने में असक्षम थी। डॉक्टरों ने उसकी चिकित्सीय सहायता की और अन्तराष्ट्रीय मीडिया की सहायता से उसके परिवार जनों को खोजा जा सका, और उसे वापस उसके परिवार जनों के साथ मिलाया जा सका।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में बेबीलोन का राजा नबूकदनेस्सर भी भूल बैठा था की वह कौन है और कहाँ से आया है। लेकिन उसका यह भूलना आत्मिक बीमारी थी। उसे जो साम्राज्य प्रदान किया गया था, उसके वैभव का सारा श्रेय स्वयं ही लेने में वह भूल गया कि परमेश्वर ही राजाओं का राजा है, और जो कुछ भी उसके पास है वह सबब उसे परमेश्वर द्वारा ही दिया गया है (दानिय्येल 4:17, 28-30)।

     उसके घमंड को देखते हुए, परमेश्वर ने नबूकदनेस्सर की मानसिक स्थिति को नाटकीय बना दिया, और उसे जानवरों के समान खेतों में रहने और घास चरने वाला कर दिया (पद 32-33)। अंततः सात वर्षों के बाद नबूकदनेस्सर ने जब अपनी आँखें स्वर्ग के परमेश्वर की ओर उठाईं तब उसकी स्मृति लौट आई और उसकी बुद्धि ठीक हो गई, उसका राज्य उसे मिल गया, और उसने घोषणा की, “अब मैं नबूकदनेस्सर स्वर्ग के राजा को सराहता हूं, और उसकी स्तुति और महिमा करता हूं” (पद 37)।

     आज हमारा क्या हाल है? हम अपने बारे में क्या सोचते हैं, कि हम कौन हैं; हम कहाँ से आए हैं? क्योंकि हम अकसर अपनी वास्तविकता के बारे में भूल जाते हैं, और ऐसे में अपने मार्गों से भटक सकते हैं, किन्तु ऐसे में भी हम परमेश्वर पर भरोसा रख सकते हैं कि वह हमें कभी नहीं भूलेगा, हमारा ध्यान रखेगा, और हमें फिर से बहाल करेगा। - मार्ट डीहान

जब हम अपने बारे में भूल जाते हैं, 
तब भी हमारा परमेश्वर पिता हमारी देखभाल करता है।

जब मैं बिछौने पर पड़ा तेरा स्मरण करूंगा, तब रात के एक एक पहर में तुझ पर ध्यान करूंगा; - भजन 63:6

बाइबल पाठ: दानिय्येल 4:28-37
दानिय्येल 4:28 यह सब कुछ नबूकदनेस्सर राजा पर घट गया।
दानिय्येल 4:29 बारह महीने बीतने पर जब वह बाबुल के राजभवन की छत पर टहल रहा था, तब वह कहने लगा,
दानिय्येल 4:30 क्या यह बड़ा बाबुल नहीं है, जिसे मैं ही ने अपने बल और सामर्थ से राजनिवास होने को और अपने प्रताप की बड़ाई के लिये बसाया है?
दानिय्येल 4:31 यह वचन राजा के मुंह से निकलने भी न पाया था कि आकाशवाणी हुई, हे राजा नबूकदनेस्सर तेरे विषय में यह आज्ञा निकलती है कि राज्य तेरे हाथ से निकल गया,
दानिय्येल 4:32 और तू मनुष्यों के बीच में से निकाला जाएगा, और मैदान के पशुओं के संग रहेगा; और बैलों के समान घास चरेगा और सात काल तुझ पर बीतेंगे, जब तक कि तू न जान ले कि परमप्रधान, मनुष्यों के राज्य में प्रभुता करता है और जिसे चाहे वह उसे दे देता है।
दानिय्येल 4:33 उसी घड़ी यह वचन नबूकदनेस्सर के विषय में पूरा हुआ। वह मनुष्यों में से निकाला गया, और बैलों के समान घास चरने लगा, और उसकी देह आकाश की ओस से भीगती थी, यहां तक कि उसके बाल उकाब पक्षियों के परों से और उसके नाखून चिडिय़ों के चंगुलों के समान बढ़ गए।
दानिय्येल 4:34 उन दिनों के बीतने पर, मुझ नबूकदनेस्सर ने अपनी आंखें स्वर्ग की ओर उठाईं, और मेरी बुद्धि फिर ज्यों की त्यों हो गई; तब मैं ने परमप्रधान को धन्य कहा, और जो सदा जीवित है उसकी स्तुति और महिमा यह कह कर करने लगा: उसकी प्रभुता सदा की है और उसका राज्य पीढ़ी से पीढ़ी तब बना रहने वाला है।
दानिय्येल 4:35 पृथ्वी के सब रहने वाले उसके साम्हने तुच्छ गिने जाते हैं, और वह स्वर्ग की सेना और पृथ्वी के रहने वालों के बीच अपनी इच्छा के अनुसार काम करता है; और कोई उसको रोक कर उस से नहीं कह सकता है, तू ने यह क्या किया है?
दानिय्येल 4:36 उसी समय, मेरी बुद्धि फिर ज्यों की त्यों हो गई; और मेरे राज्य की महिमा के लिये मेरा प्रताप और मुकुट मुझ पर फिर आ गया। और मेरे मन्त्री और प्रधान लोग मुझ से भेंट करने के लिये आने लगे, और मैं राज्य में स्थिर हो गया; और मेरी और अधिक प्रशंसा होने लगी।
दानिय्येल 4:37 अब मैं नबूकदनेस्सर स्वर्ग के राजा को सराहता हूं, और उसकी स्तुति और महिमा करता हूं क्योंकि उसके सब काम सच्चे, और उसके सब व्यवहार न्याय के हैं; और जो लोग घमण्ड से चलते हैं, उन्हें वह नीचा कर सकता है।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 21-22
  • लूका 18:24-43



बुधवार, 22 अप्रैल 2020

थामे हुए



     मेरा ‘चॉकलेट’ के रंग का पालतू कुत्ता जब तीन माह का पिल्ला ही था तो मैं उसके टीकों और जांच के लिए उसे पशु चिकित्सक के पास ले कर गया। बड़े ध्यान से उसका निरीक्षण करते समय, उसे उस पिल्ले के पिछले बाईं पंजे पर सफ़ेद बालों का एक छोटा सा स्थान दिखाई दिया। उसने मुस्कुराते हुए, मज़ाक में कहा, ‘अच्छा तो परमेश्वर ने तुम्हें चॉकलेट में डुबकी देते समय यहाँ से पकड़ा था।’ उसकी बात सुनकर मैं अपनी हंसी को नहीं रोक सका, परन्तु अनायास ही उस पशु चिकित्सक ने परमेश्वर द्वारा अपनी सृष्टि में लिए जाने वाली गहरी और व्यक्तिगत रूचि के संबंध में एक महत्वपूर्ण बात कह दी थी।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु ने मत्ती 10:30 में अपने शिष्यों से कहा, “तुम्हारे सिर के बाल भी सब गिने हुए हैं” अर्थात, परमेश्वर इतना महान है कि वह हमारी छोटी से छोटी बात में भी रूचि रखता है। ऐसा कुछ नहीं है, वह चाहे कितना भी छोटा क्यों न हो, वह जिसके विषय नहीं जानता हो, और हमारी कोई भी चिंता इतनी गौण नहीं है कि उसके सम्मुख न लाई जा सके; वह हम से इतना प्रेम करता है।

     न केवल परमेश्वर ने हमारी सृष्टि की है, वरन वह हर पल, हर क्षण हमारी देखभाल करता है, हमें सुरक्षा प्रदान करता रहता है। वह उन छोटी से छोटी बातों पर भी ध्यान लगाए रहता है, जिनके बारे में हम जानते, या सोचते नहीं हैं, या जिन्हें महत्वपूर्ण नहीं समझते हैं। यह कितना शांत और आश्वस्त करने वाली बात है कि हमारा सिद्ध, सर्वज्ञानी, सर्वशक्तिमान स्वर्गीय पिता, हमें तथा अपनी समस्त सृष्टि को, अपने सामर्थी और प्रेम भरे हाथों में सदा थामे रहता है। जेम्स बैंक्स

परमेश्वर हमारी प्रत्येक आवश्यकता की पूर्ति करता है।

किसी भी बात की चिन्‍ता मत करो: परन्तु हर एक बात में तुम्हारे निवेदन, प्रार्थना और बिनती के द्वारा धन्यवाद के साथ परमेश्वर के सम्मुख अपस्थित किए जाएं। तब परमेश्वर की शान्‍ति, जो समझ से बिलकुल परे है, तुम्हारे हृदय और तुम्हारे विचारों को मसीह यीशु में सुरिक्षत रखेगी। - फिलिप्पियों 4:6-7

बाइबल पाठ: मत्ती 10:29-31
मत्ती 10:29 क्या पैसे में दो गौरैये नहीं बिकतीं? तौभी तुम्हारे पिता की इच्छा के बिना उन में से एक भी भूमि पर नहीं गिर सकती।
मत्ती 10:30 तुम्हारे सिर के बाल भी सब गिने हुए हैं।
मत्ती 10:31 इसलिये, डरो नहीं; तुम बहुत गौरैयों से बढ़कर हो।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 14-15
  • लूका 17:1-19



गुरुवार, 9 अप्रैल 2020

प्रेम



     एक दिन, हमारी फिज़िक्स की क्लास के दौरान  हमारे शिक्षक ने हम सभी से प्रश्न पूछा – बिना पीछे मुड़कर देखे बताएं कि क्लास के पीछे की दीवार का रंग क्या है? हम में से कोई भी उत्तर नहीं देने पाया, क्योंकि हमने कभी ध्यान ही नहीं दिया था। कभी-कभी हम जीवन की अनेकों बातों को अनदेखा कर देते हैं, क्योंकि या तो हम हर बात को याद नहीं रखने पाते हैं, या हम उसे जो हमेशा वहीं होता है, ध्यान पूर्वक देखने नहीं पाते हैं।

     मेरे साथ भी यही हुआ जब मैंने परमेश्वर के वचन बाइबल में से प्रभु यीशु द्वारा अपने शिष्यों के पैर धोने के वृतांत को एक बार फिर से पढ़ा। यह एक जाना-पहचाना वृतांत है, जिसे ईस्टर से पूर्व  के सप्ताह में अकसर पढ़ा जाता है। यह बात कि हमारा उद्धारकर्ता प्रभु और राजा अपने शिष्यों के पैर धोने के लिए झुकता है अपने आप में अद्भुत और अनुपम है। प्रभु यीशु के दिनों में, यहूदी सेवकों को भी यह करने को नहीं कहा जाता था क्योंकि इसे उनकी मर्यादा से भी तुच्छ समझा जाता था। लेकिन इससे पहले जो बात मैंने ध्यान नहीं की थी, वह थी कि प्रभु यीशु ने, जो मनुष्य और परमेश्वर दोनों थे, यहूदा इस्करियोती के भी पैर धोए, यह जानते हुए भी कि कुछ ही समय में यहूदा उन्हें मारे जाने के लिए धोखा देकर पकड़वा देगा। परन्तु प्रभु यीशु ने फिर भी अपने आप को नम्र किया और यहूदा के पैर भी धोए।

     प्रभु का प्रेम उसके प्रति भी था जो उन्हें धोखा देने वाला था। जब हम प्रभु के जीवन के इस सपताह की घटनाओं पर विचार करते हैं, और प्रभु के मृतकों में से पुनरुत्थान के उत्सव को मनाने की तैयारी करते हैं, हम भी परमेश्वर से वैसी ही नम्रता का स्वभाव पाने के लिए प्रार्थना करें, जिससे हम प्रभु यीशु के प्रेम को औरों तक पहुंचा सकें, अपने विरोधियों और शत्रुओं को भी। - एमी बाउचर पाई


प्रेम में होकर ही प्रभु यीशु ने अपने आप को दीन किया और शिष्यों के पैर धोए।

मेरी आज्ञा यह है, कि जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा, वैसा ही तुम भी एक दूसरे से प्रेम रखो। इस से बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे। - यूहन्ना 15:12-13

बाइबल पाठ: यूहन्ना 13:1-17
यूहन्ना 13:1 फसह के पर्व से पहिले जब यीशु ने जान लिया, कि मेरी वह घड़ी आ पहुंची है कि जगत छोड़कर पिता के पास जाऊं, तो अपने लोगों से, जो जगत में थे, जैसा प्रेम वह रखता था, अन्‍त तक वैसा ही प्रेम रखता रहा।
यूहन्ना 13:2 और जब शैतान शमौन के पुत्र यहूदा इस्करियोती के मन में यह डाल चुका था, कि उसे पकड़वाए, तो भोजन के समय।
यूहन्ना 13:3 यीशु ने यह जानकर कि पिता ने सब कुछ मेरे हाथ में कर दिया है और मैं परमेश्वर के पास से आया हूं, और परमेश्वर के पास जाता हूं।
यूहन्ना 13:4 भोजन पर से उठ कर अपने कपड़े उतार दिए, और अंगोछा ले कर अपनी कमर बान्‍धी।
यूहन्ना 13:5 तब बरतन में पानी भरकर चेलों के पांव धोने और जिस अंगोछे से उस की कमर बन्‍धी थी उसी से पोंछने लगा।
यूहन्ना 13:6 जब वह शमौन पतरस के पास आया: तब उसने उस से कहा, हे प्रभु,
यूहन्ना 13:7 क्या तू मेरे पांव धोता है? यीशु ने उसको उत्तर दिया, कि जो मैं करता हूं, तू अब नहीं जानता, परन्तु इस के बाद समझेगा।
यूहन्ना 13:8 पतरस ने उस से कहा, तू मेरे पांव कभी न धोने पाएगा: यह सुनकर यीशु ने उस से कहा, यदि मैं तुझे न धोऊं, तो मेरे साथ तेरा कुछ भी साझा नहीं।
यूहन्ना 13:9 शमौन पतरस ने उस से कहा, हे प्रभु, तो मेरे पांव ही नहीं, वरन हाथ और सिर भी धो दे।
यूहन्ना 13:10 यीशु ने उस से कहा, जो नहा चुका है, उसे पांव के सिवा और कुछ धोने का प्रयोजन नहीं; परन्तु वह बिलकुल शुद्ध है: और तुम शुद्ध हो; परन्तु सब के सब नहीं।
यूहन्ना 13:11 वह तो अपने पकड़वाने वाले को जानता था इसी लिये उसने कहा, तुम सब के सब शुद्ध नहीं।
यूहन्ना 13:12 जब वह उन के पांव धो चुका और अपने कपड़े पहिनकर फिर बैठ गया तो उन से कहने लगा, क्या तुम समझे कि मैं ने तुम्हारे साथ क्या किया?
यूहन्ना 13:13 तुम मुझे गुरू, और प्रभु, कहते हो, और भला कहते हो, क्योंकि मैं वही हूं।
यूहन्ना 13:14 यदि मैं ने प्रभु और गुरू हो कर तुम्हारे पांव धोए; तो तुम्हें भी एक दुसरे के पांव धोना चाहिए।
यूहन्ना 13:15 क्योंकि मैं ने तुम्हें नमूना दिखा दिया है, कि जैसा मैं ने तुम्हारे साथ किया है, तुम भी वैसा ही किया करो।
यूहन्ना 13:16 मैं तुम से सच सच कहता हूं, दास अपने स्‍वामी से बड़ा नहीं; और न भेजा हुआ अपने भेजने वाले से।
यूहन्ना 13:17 तुम तो ये बातें जानते हो, और यदि उन पर चलो, तो धन्य हो।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 शमुएल 13-14
  • लूका 10:1-24