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Tuesday, May 24, 2011

कम बोलिए, अधिक कहिए

सन १९७२ में सैन फ्रैनसिस्को के विशाल गोल्डन गेट पुल के नीचे दो तेल के टैंकर आपस में टकरा गए जिससे ८४०,००० गैलन तेल खाड़ी में बह गया। तेल रिसाव के कारण मरे हुए समुद्री पक्षी, मछलियाँ और समुद्री जीव बह कर किनारों पर आने लगे। इस त्रासदी से प्रभावित होकर उस पुल के समीप रहने वाले एक मनुष्य ने ठान लिया कि अब से वह ऐसा सादगी का जीवन व्यतीत करेगा जिससे कम से कम प्राकृतिक संसाधनों का व्यय हो। पहले उसने हर जगह चल कर ही जाना आरंभ किया। लगभग एक साल के पश्चात उसने निर्णय लिया कि प्राकृतिक संसाधनों के व्यर्थ व्यय की ओर लोगों का ध्यान खींचने के लिए वह मौन धारण कर लेगा। अगले १३ वर्ष में वह केवल एक बार बोला, जब उसने अपने माता-पिता को फोन करके बताया कि अपने इस उद्देश्य को सर्वविदित करने के लिए वह एक पैदल यात्रा करने जा रहा है। अपनी यात्रा में वह बिना बोले अपनी बात लोगों को पहुँचाता रहा; लेकिन कुछ ही समय में उसने यह भी जाना कि मौन रहकर वह लोगों की बातों को अधिक सुन सकता है, और फिर वह यह बात भी लोगों को पहुँचाने लगा।

जो इस व्यक्ति ने किया, वह हम सब पर भी लागू होता है। कम बोलने से न केवल हम अधिक सुन सकेंगे, वरन अपनी बात अधिक प्रभावी रीति से कह भी सकेंगे। अकसर किसी विष्य पर हमारा शाँत रहना हमारे शब्दों से अधिक प्रभावकारी और वाग्मी होता है।

बुद्धिमान व्यक्ति की बात सुनी भी जाती है और वह स्वयं भी औरों की बात सुनता है, क्योंकि वह जानता है कि उसे कब बोलना चाहिए और कब मौन रहना चाहिए; उसका मौन भी अपनी बात कहने की एक विधी है।

राजा सुलेमान ने अपने नीतिवचनों में इस सत्य की ओर कई बार ध्यान खींचा है कि कम बोलकर भी अधिक कह जाना बुद्धिमान की निशानी है। - मार्ट डी हॉन


शांति मनोहर है। जब तक कहने को उससे सुन्दर कुछ न हो, तब तक शांत ही रहिए।

मूढ़ भी जब चुप रहता है, तब बुद्धिमान गिना जाता है; और जो अपना मुंह बन्द रखता वह समझ वाला गिना जाता है। - नीतिवाचन १७:२८


बाइबल पाठ: नीतिवाचन १७:२७-१८:४

Pro 17:27 जो संभलकर बोलता है, वही ज्ञानी ठहरता है; और जिकी आत्मा शान्त रहती है, वो ही समझ वाला पुरूष ठहरता है।
Pro 17:28 मूढ़ भी जब चुप रहता है, तब बुद्धिमान गिना जाता है; और जो अपना मुंह बन्द रखता वह समझ वाला गिना जाता है।
Pro 18:1 जो औरों से अलग हो जाता है, वह अपनी ही इच्छा पूरी करने के लिये ऐसा करता है,
Pro 18:2 और सब प्रकार की खरी बुद्धि से बैर करता है। मूर्ख का मन समझ की बातों में नहीं लगता, वह केवल अपने मन की बात प्रगट करना चाहता है।
Pro 18:3 जहां दुष्ट आता है, वहां अपमान भी आता है; और निन्दित काम के साथ नामधराई होती है।
Pro 18:4 मनुष्य के मुंह के वचन गहिरा जल, वा उमण्डने वाली नदी वा बुद्धि के सोते हैं।

एक साल में बाइबल:
  • १ इतिहास २२-२४
  • यूहन्ना ८:२८-५९