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Monday, September 12, 2011

परीक्षाओं का सामना

   किसी ने कहा, "काश मैं अपने ऊपर आने वाली परीक्षाओं, प्रलोभनों और पाप को भी वैसे ही स्पष्ट देख पाता जैसे औरों के देख लेता हूँ, तो फिर उनका सामना करना कठिन नहीं रहता। परीक्षाओं और प्रलोभनों को उनके सच्चे रंग में देख पाने के दो तरीके हैं - पहला है कि उनके विष्य में प्रार्थना करके उन्हें परमेश्वर की ज्योति के सम्मुख ले आएं जिससे उनका सच्चा स्वरूप स्पष्ट हो जाए। दूसरा है कि अपने आप से प्रश्न करें कि यदि मेरी जगह कोई अन्य इन में पड़ जाता तो कैसा दिखता?" जो परीक्षाओं और प्रलभनों का सामना कर रहा है उसके लिए उनमें गिर कर पाप कर लेने का लालच बहुत लुभावना हो सकता है, लेकिन उसने यदि एक बार उनमें कदम बढ़ाया तो फिर वह नीचे की ओर फिसलते ही चला जाता है।

   मत्ती ४ अध्याय में शैतान द्वारा प्रभु यीशु की परीक्षाओं का उल्लेख है। जो पहली परीक्षा शैतान ने प्रभु के सामने रखी पहली नज़र में वह बिलकुल साधरण और अहानिकारक प्रतीत होती है - ४० दिन के उपवास के बाद प्रभु को भूख लगी और शैतान ने सुझाव दिया कि वे परमेश्वर द्वारा उन्हें प्रदित शक्ति का उपयोग कर के अपनी भूख मिटाने के लिए वहाँ पड़े पत्थरों को रोटी बना लें, और भूख मिटा लें - अभिप्राय था कि उन्हें परमेश्वर द्वारा जनहित के लिए प्रदित सामर्थ का निज स्वार्थ के लिए उपयोग करने को उकसाना। फिर दूसरी परीक्षा में शैतान ने उन्हें परमेश्वर द्वारा प्रदित सुरक्षा को जाँच-परख कर सुनिश्चित कर लेने का सुझाव दिया, अभिप्राय था परमेश्वर की साथ बने रहने वाली उपस्थिति और सुरक्षा पर विश्वास छोड़कर, उसपर शक करना। और फिर तीसरी परीक्षा में खुले रूप से प्रभु को शैतान ने अपनी उपासना करने को कह भी दिया। लेकिन प्रभु शैतान की किसी परीक्षा में नहीं फंसा, वह शैतान के हर अभिप्राय को समझ रहा था कि शैतान किसी प्रकार उसे कलवरी के क्रूस पर संसार के पापों से मुक्ति के लिए अपना बलिदान देने से भटका सके और रोक सके। शैतान की प्रत्येक परीक्षा का उत्तर प्रभु ने परमेश्वर के वचन से उद्वत कर के दिया। ऐसा कर के जो सन्देश प्रभु ने शैतान को और अपने उदाहरण द्वारा हमें दिया है वह यह है कि, "मैं अपने पिता परमेश्वर और उसके वचन की आधीनता में बना रहता हूँ, इसलिए परीक्षाओं में भी विचलित नहीं होता, स्थिर खड़ा रहता हूँ।"

   यदि हम परमेश्वर के वचन को, जो आत्मा की तलवार भी कहा जाता है, भली भांति जानते हैं और उसका उपयोग करना जानते हैं, तो हम भी शैतान की हर परीक्षा और प्रलोभन पर जयवंत हो सकेंगे। परीक्षाओं और प्रलभनों का सफलता पूर्वक सामना करना है तो प्रभु यीशु में अपने विश्वास में दृढ़, उसकी पवित्र आत्मा से परिपूर्ण और उसके वचन में बने रहें - आप परीक्षाओं और प्रलोभनों में छिपे पाप को उसके सच्चे स्वरूप में सरलता से पहचान लेंगे तथा उसका सफलता से सामना भी कर सकेंगे। - रिचर्ड डी हॉन


यदि परीक्षाओं और प्रलोभनों पर जयवंत रहना है तो प्रभु यीशु के आधीन बने रहिये।
 
जागते और प्रार्थना करते रहो कि तुम परीक्षा में न पड़ो: - मरकुस १४:३८
 
बाइबल पाठ: मरकुस १४:३२-५०
    Mar 14:32  फिर वे गतसमने नाम एक जगह में आए, और उस ने अपने चेलों से कहा, यहां बैठे रहो, जब तक मैं प्रार्थना करूं।
    Mar 14:33  और वह पतरस और याकूब और यूहन्ना को अपने साथ ले गया: और बहुत ही अधीर, और व्याकुल होने लगा।
    Mar 14:34  और उन से कहा; मेरा मन बहुत उदास है, यहां तक कि मैं मरने पर हूं: तुम यहां ठहरो, और जागते रहो।
    Mar 14:35  और वह थोड़ा आगे बढ़ा, और भूमि पर गिर कर प्रार्थना करने लगा, कि यदि हो सके तो यह घड़ी मुझ पर से टल जाए।
    Mar 14:36  और कहा, हे अब्‍बा, हे पिता, तुझ से सब कुछ हो सकता है; इस कटोरे को मेरे पास से हटा ले: तौभी जैसा मैं चाहता हूं वैसा नहीं, पर जो तू चाहता है वही हो।
    Mar 14:37  फिर वह आया, और उन्‍हें सोते पा कर पतरस से कहा; हे शमौन तू सो रहा है क्‍या तू एक घड़ी भी न जाग सका?
    Mar 14:38  जागते और प्रार्थना करते रहो कि तुम परीक्षा में न पड़ो: आत्मा तो तैयार है, पर शरीर र्दुबल है।
    Mar 14:39  और वह फिर चला गया, और वही बात कह कर प्रार्थना की।
    Mar 14:40  और फिर आ कर उन्‍हें सोते पाया, क्‍योंकि उन की आंखे नींद से भरी थीं और नहीं जानते थे कि उसे क्‍या उत्तर दें।
    Mar 14:41  फिर तीसरी बार आ कर उन से कहा अब सोते रहो और विश्राम करो, बस, घड़ी आ पहुंची; देखो मनुष्य का पुत्र पापियों के हाथ पकड़वाया जाता है।
    Mar 14:42  उठो, चलें: देखो, मेरा पकड़वाने वाला निकट आ पहुंचा है।
    Mar 14:43  वह यह कह ही रहा था, कि यहूदा जो बारहों में से था, अपने साथ महायाजकों और शास्‍त्रियों और पुरिनयों की ओर से एक बड़ी भीड़ तलवारें और लाठियां लिए हुए तुरन्‍त आ पहुंची।
    Mar 14:44  और उसके पकड़ने वाले ने उन्‍हें यह पता दिया था, कि जिस को मैं चूमूं वही है, उसे पकड़ कर यतन से ले जाना।
    Mar 14:45  और वह आया, और तुरन्‍त उसके पास जाकर कहा; हे रब्‍बी और उस को बहुत चूमा।
    Mar 14:46  तब उन्‍होंने उस पर हाथ डाल कर उसे पकड़ लिया।
    Mar 14:47  उन में से जो पास खड़े थे, एक ने तलवार खींच कर महायाजक के दास पर चलाई, और उसका कान उड़ा दिया।
    Mar 14:48  यीशु ने उन से कहा, क्‍या तुम डाकू जान कर मेरे पकड़ने के लिये तलवारें और लाठियां लेकर निकले हो?
    Mar 14:49  मैं तो हर दिन मन्‍दिर में तुम्हारे साथ रह कर उपदेश दिया करता था, और तब तुम ने मुझे न पकड़ा: परन्‍तु यह इसलिये हुआ है कि पवित्र शास्‍त्र की बातें पूरी हों।
    Mar 14:50  इस पर सब चेले उसे छोड़ कर भाग गए।
 
एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन १३-१५ 
  • २ कुरिन्थियों ५