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Monday, April 30, 2012

सहारा

   एक सुसमाचार सभा में वक्ता अपने सन्देश में समझा रहा था कि प्रभु यीशु मसीह में बने रहने और हर परीक्षा में उस पर पूर्णतः विश्वास करने का तात्पर्य क्या है। अपने सन्देश को समाप्त करते समय उन्होंने कई बार दोहराया कि इसका अर्थ है कि हर बात और हर परिस्थित के लिए आप विश्वास करेंगे कि ’इस बात के लिए मुझे यीशु का सहारा है’।

   सन्देश के बाद सभा में उपस्थित श्रोताओं को समय दिया गया कि वे अपने अनुभव बताएं और इस संबंध में अपने जीवन से गवाही दें। एक महिला ने उठ कर कहा, "कुछ मिनिट पहले मुझे एक सन्देश मिला कि मेरी माँ बहुत बिमार हैं और मुझे पहली गाड़ी से घर पहुँचकर उनसे मिल लेना चाहिए। तुरंत मैं जान गई कि आज का यह सन्देश मेरे लिए था। मैंने ऊपर की ओर देख कर कहा ’इस बात के लिए मुझे यीशु का सहारा है’ और उसी क्षण एक अद्भुत शांति और सामर्थ्य से मेरा मन भर गया, मेरी चिन्ताएं दूर हो गईं।"

   इस बात के कोई तीन या चार सप्ताह पश्चात उस प्रचारक को उसी महिला का एक पत्र मिला, जिसमें उस ने लिखा था, "उस दिन के दिए गए सन्देश के लिए एक बार फिर आपका धन्यवाद। तब से मेरे लिए जीवन एक निरन्तर विजय का स्तुति गीत बन गया है, क्योंकि मैं अब जान गई हूँ कि जीवन में चाहे जो भी परिस्थिति क्यों ना आए, हर बात के लिए मुझे यीशु का सहारा है।"

   उस मसीही विश्वासी महिला ने अपने उद्धारकर्ता मसीह यीशु में उसे पा लिया था जिसका वायदा है कि वह उन्हें हर आग और जल से उबार कर सुख से भर देगा (भजन ६६:१२)। यदि आप भी किसी परीक्षा में हैं या किसी बात से निराश हैं, तो स्मरण रखिए, हर बात के लिए आपको यीशु का सहारा उपलब्ध है। जो हाथ विश्वास से एक बार उसके हाथ में रख दिया जाता है उसे वह न कभी छोड़ता है और ना कभी त्यागता है। - हेनरी जी. बौश


यदि हर परिस्थिति में हम मसीह में बने हुए पाए जाते हैं, तो हर परिस्थिति में हमें मसीह हमारे साथ खड़ा मिलेगा।
तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो, क्‍योंकि उस ने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा। - इब्रानियों १३:५
बाइबल पाठ: भजन ६६:१-२०
Psa 66:1  हे सारी पृथ्वी के लोगों, परमेश्वर के लिये जयजयकार करो;
Psa 66:2  उसके नाम की महिमा का भजन गाओ, उसकी स्तुति करते हुए, उसकी महिमा करो।
Psa 66:3  परमेश्वर से कहो, कि तेरे काम क्या ही भयानक हैं! तेरी महासामर्थ्य के कारण तेरे शत्रु तेरी चापलूसी करेंगे।
Psa 66:4  सारी पृथ्वी के लोग तुझे दण्डवत् करेंगे, और तेरा भजन गाएंगे, वे तेरे नाम का भजन गाएंगे।
Psa 66:5  आओ परमेश्वर के कामों को दखो, वह अपने कार्यों के कारण मनुष्यों को भययोग्य देख पड़ता है।
Psa 66:6  उस ने समुद्र को सूखी भूमि कर डाला, वे महानद में से पांव पावं पार उतरे। वहां हम उसके कारण आनन्दित हुए,
Psa 66:7  जो पराक्रम से सर्वदा प्रभुता करता है, और अपनी आंखों से जाति जाति को ताकता है। हठीले अपने सिर न उठाएं।
Psa 66:8  हे देश देश के लोगो, हमारे परमेश्वर को धन्य कहो, और उसकी स्तुति में राग उठाओ,
Psa 66:9  जो हम को जीवित रखता है, और हमारे पांव को टलने नहीं देता।
Psa 66:10  क्योंकि हे परमेश्वर तू ने हम को जांचा, तू ने हमें चान्दी की नाईं ताया था।
Psa 66:11  तू ने हम को जाल में फंसाया, और हमारी कटि पर भारी बोझ बान्धा था;
Psa 66:12  तू ने घुड़चढ़ों को हमारे सिरों के ऊपर से चलाया, हम आग और जल से होकर गए, परन्तु तू ने हम को उबार के सुख से भर दिया है।
Psa 66:13  मैं होमबलि लेकर तेरे भवन में आऊंगा मैं उन मन्नतों को तेरे लिये पूरी करूंगा,
Psa 66:14  जो मैं ने मुंह खोल कर मानीं, और संकट के समय कही थीं।
Psa 66:15  मैं तुझे मोटे पशुओं के होमबलि, मेढ़ों की चर्बी के धूप समेत चढ़ऊंगा; मैं बकरों समेत बैल चढ़ाऊंगा।
Psa 66:16  हे परमेश्वर के सब डरवैयों आकर सुनो, मैं बताऊंगा कि उस ने मेरे लिये क्या क्या किया है।
Psa 66:17  मैं ने उसको पुकारा, और उसी का गुणानुवाद मुझ से हुआ।
Psa 66:18  यदि मैं मन में अनर्थ बात सोचता तो प्रभु मेरी न सुनता।
Psa 66:19  परन्तु परमेश्वर ने तो सुना है, उस ने मेरी प्रार्थना की ओर ध्यान दिया है।
Psa 66:20  धन्य है परमेश्वर, जिस ने न तो मेरी प्रार्थना अनसुनी की, और न मुझ से अपनी करूणा दूर कर दी है! 
एक साल में बाइबल: