बाइबल और मसीही विश्वास सम्बन्धी अपने प्रश्नों के लिए यहाँ क्लिक करें:

GotQuestions?org

Sunday, December 28, 2014

भला और बुरा


   आग जलाते समय कभी-कभी हवा तेज़ होती है और मुझे आग जलाने नहीं देती; कभी जब आग जल रही होती है और मध्यम पड़ने लगती है तो हवा के झोंके उसे तेज़ कर देने में सहायक हो जाते हैं। वही हवा एक परिस्थिति में तो मेरे लिए बुरी और दूसरी में मेरे लिए अच्छी हो जाती है! जहाँ वह मेरी योजना और कार्य में बाधा बनती है मैं उसे बुरा मान लेता हूँ, और जहाँ वह मेरी सहायक हो जाती है, मैं उसे अच्छा मान लेता हूँ। हवा तो वही है, फर्क केवल मेरे परिपेक्ष और आँकलन का है।

   यह एक उदाहरण है उस विरोधाभास का जिसके अन्तर्गत हम परिस्थितियों अथवा लोगों के विषय में निर्णय लेते हैं या राय व्यक्त करते हैं। यदि वे हमारी योजनाओं और कार्यविधियों में सहायक होते हैं तो अच्छे हैं, यदि बाधा बनते हैं या सहायक नहीं होते तो बुरे हैं।

   लेकिन भले और बुरे की सही पहचान हमें परमेश्वर से मिलती है, जिसके मानक सदा सिद्ध और पक्षपात रहित होते हैं, जो समय, परिस्थितियों, लोगों और आवश्यकताओं के अनुसार बदलते नहीं हैं। उसकी नज़र में भला या बुरा वह नहीं है जो हम मनुष्यों की योजना और सोच के अनुसार भला या बुरा है; वरन भला या बुरा वह है जो उसके स्थापित मानकों के अनुसार भला या बुरा है, जो उसकी योजनाओं की पूर्ति में सहायक या बाधक है। हम मसीही विश्वासियों के लिए परमेश्वर की योजना है कि हम "...एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और (परमेश्वर की) निज प्रजा हो, इसलिये कि जिसने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो" (1 पतरस 2:9)।

   परमेश्वर की इस योजना की पूर्ति के लिए हमें सब लोगों को आदर देना है, सभी मसीही विश्वासियों से प्रेम रखना है, परमेश्वर के भय और भक्ति में जीवन व्यतीत करना है और अपने ऊपर अधिकार रखने वालों का सम्मान करना है चाहे वे हमारे मन के अनुरूप हों अथवा नहीं (पद 17-18)। हमारे इस व्यवहार को देख कर उन अविश्वासियों में विश्वास की चिंगारी जगने की संभावना बन जाएगी जो बुरी परिस्थितियों में भी हमारे भले व्यवहार को देखेंगे; और हमारा ऐसा व्यवहार परमेश्वर की महिमा और गौरव का कारण ठहरेगा। - जूली ऐकैरमैन लिंक


जब परिस्थितियाँ बुरी प्रतीत हों तो स्मरण रखिए कि परमेश्वर सदैव भला रहता है।

जो मन के टेढ़े है, उन से यहोवा को घृणा आती है, परन्तु वह खरी चाल वालों से प्रसन्न रहता है। - नीतिवचन 11:20

बाइबल पाठ: 1 पतरस 2:9-25
1 Peter 2:9 पर तुम एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और (परमेश्वर की) निज प्रजा हो, इसलिये कि जिसने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो। 
1 Peter 2:10 तुम पहिले तो कुछ भी नहीं थे, पर अब परमेश्वर ही प्रजा हो: तुम पर दया नहीं हुई थी पर अब तुम पर दया हुई है।
1 Peter 2:11 हे प्रियों मैं तुम से बिनती करता हूं, कि तुम अपने आप को परदेशी और यात्री जान कर उस सांसारिक अभिलाषाओं से जो आत्मा से युद्ध करती हैं, बचे रहो। 
1 Peter 2:12 अन्यजातियों में तुम्हारा चालचलन भला हो; इसलिये कि जिन जिन बातों में वे तुम्हें कुकर्मी जान कर बदनाम करते हैं, वे तुम्हारे भले कामों को देख कर; उन्‍हीं के कारण कृपा दृष्टि के दिन परमेश्वर की महिमा करें।
1 Peter 2:13 प्रभु के लिये मनुष्यों के ठहराए हुए हर एक प्रबन्‍ध के आधीन में रहो, राजा के इसलिये कि वह सब पर प्रधान है। 
1 Peter 2:14 और हाकिमों के, क्योंकि वे कुकिर्मयों को दण्‍ड देने और सुकिर्मयों की प्रशंसा के लिये उसके भेजे हुए हैं। 
1 Peter 2:15 क्योंकि परमेश्वर की इच्छा यह है, कि तुम भले काम करने से निर्बुद्धि लोगों की अज्ञानता की बातों को बन्‍द कर दो। 
1 Peter 2:16 और अपने आप को स्‍वतंत्र जानो पर अपनी इस स्‍वतंत्रता को बुराई के लिये आड़ न बनाओ, परन्तु अपने आप को परमेश्वर के दास समझ कर चलो। 
1 Peter 2:17 सब का आदर करो, भाइयों से प्रेम रखो, परमेश्वर से डरो, राजा का सम्मान करो।
1 Peter 2:18 हे सेवकों, हर प्रकार के भय के साथ अपन&#