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Wednesday, October 4, 2017

प्रार्थना


   चीन के युनान प्रांत के पहाड़ी इलाके में रहने वाले लोगों के लिए जीवन कठिन रहता है। उनके भोजन की मुख्य वस्तुएं हैं मक्का तथा चावल। परन्तु मई 2012 में एक कठोर सूखे ने उस इलाके को प्रभावित किया, और फसलें मुर्झा गईं। सब लोग बहुत चिंतित थे, और सूखे का अन्त करवाने के लिए अनेकों अन्धविश्वास के अनुष्ठानों को किया गया, रिवाज़ों को निभाया गया, परन्तु सब असफल रहा। तब लोग उस इलाके में रहने वाले पाँच मसीही लोगों को दोषी ठहराने लगे, कि उनके कारण पित्रों की आत्माएं नाराज़ हो गई हैं जिससे यह स्थिति हो गई है।

   तब ये पाँच मसीही विश्वासी एक स्थान पर एकत्रित होकर प्रार्थना करने लगे। कुछ समय में घने बादल आ गए, आकाश अन्धियारा हो गया, बादल ज़ोर से गड़गड़ाने लगे और तेज़ वर्षा आरंभ हो गई जो सारी दोपहर और रात्रि चलती रही। फसलें बच गईं! अधिकांश गाँव वासियों ने यह नहीं माना कि परमेश्वर ने प्रार्थना के उत्तर में बारिश भेजी थी, परन्तु कुछ ने माना और वे ऐसे परमेश्वर तथा प्रभु यीशु के बारे में और जानकारी लेने के लिए उत्सुक्त हुए।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम खण्ड में 1 राजा 17, 18 अध्याय में हम इस्त्राएल पर आए भयंकर अकाल के बारे में पढ़ते हैं। लेकिन बाइबल हमें बताती है कि यह अकाल अपने लोगों पर परमेश्वर के न्याय के कारण था (17:1)। इस्त्राएलियों ने कनानियों के देवता बाल की उपासना करनी आरंभ कर दी थी, क्योंकि उनको लगता था कि उनकी फसलों के लिए वर्षा बाल देवता ही भेजेगा। तब परमेश्वर ने अपने भविष्यद्वक्ता एलिय्याह के द्वारा दिखा दिया कि वर्षा होने को निर्धारित करने वाला कौन है।

   हमारा सर्वसामर्थी परमेश्वर हमारी प्रार्थनाओं को सुनने और हमारी याचनाओं का उत्तर देने के लिए इच्छुक रहता है। यद्यपि हम उसके समय और उद्देश्यों को सदा समझ नहीं पाते हैं, परमेश्वर सदा हमारे लिए सर्वोत्तम ही करता है। - पो फैंग चिया


प्रार्थना द्वारा हम सर्वसामर्थी परमेश्वर की सामर्थ्य से प्राप्त करते हैं।

तेरा परमेश्वर यहोवा मैं हूं, जो तुझे मिस्त्र देश से निकाल लाया है। तू अपना मुंह पसार, मैं उसे भर दूंगा। - भजन 81:10

बाइबल पाठ: 1 राजा 18:1, 41-46
1 Kings 18:1 बहुत दिनों के बाद, तीसरे वर्ष में यहोवा का यह वचन एलिय्याह के पास पहुंचा, कि जा कर अपने आप को अहाब को दिखा, और मैं भूमि पर मेंह बरसा दूंगा। 
1 Kings 18:41 फिर एलिय्याह ने अहाब से कहा, उठ कर खा पी, क्योंकि भारी वर्षा की सनसनाहट सुन पडती है। 
1 Kings 18:42 तब अहाब खाने पीने चला गया, और एलिय्याह कर्म्मेल की चोटी पर चढ़ गया, और भूमि पर गिर कर अपना मुंह घुटनों के बीच किया। 
1 Kings 18:43 और उसने अपने सेवक से कहा, चढ़कर समुद्र की ओर दृष्टि कर देख, तब उसने चढ़ कर देखा और लौट कर कहा, कुछ नहीं दीखता। एलिय्याह ने कहा, फिर सात बार जा। 
1 Kings 18:44 सातवीं बार उसने कहा, देख समुद्र में से मनुष्य का हाथ सा एक छोटा बादल उठ रहा है। एलिय्याह ने कहा, अहाब के पास जा कर कह, कि रथ जुतवा कर नीचे जा, कहीं ऐसा न हो कि तू वर्षा के कारण रुक जाए। 
1 Kings 18:45 थोड़ी ही देर में आकाश वायु से उड़ाई हुई घटाओं, और आन्धी से काला हो गया और भारी वर्षा होने लगी; और अहाब सवार हो कर यिज्रेल को चला। 
1 Kings 18:46 तब यहोवा की शक्ति एलिय्याह पर ऐसी हुई; कि वह कमर बान्धकर अहाब के आगे आगे यिज्रेल तक दौड़ता चला गया।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 20-22
  • इफिसियों 6