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Sunday, January 28, 2018

प्रार्थना


   युवा बच्चों की माँ होने के कारण, मैं कभी कभी कुछ परिस्थितियों को लेकर घबरा जाती हूँ। ऐसे में मेरी पहली प्रतिक्रया होती है फोन उठा कर उस परिस्थिति के, जैसे कि मेरे बेटे को एलर्जी होना या मेरी बेटी को अचानक ही खाँसी होना आदि, बारे में अपनी माँ से बात करना, उससे पूछना कि उस परिस्थिति में मैं क्या करूँ। माँ सहायता और समझाने, घबराहट से निकालने के लिए एक महान साधन हैं।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में जब हम भजन संहिता नामक पुस्तक में भजनों को पढ़ते हैं तो हमें एहसास होता है कि कितनी ही बार हमें जो सहायता चाहिए होती है वह किसी भी मनुष्य की क्षमता और सामर्थ्य से परे होती है। हम पाते हैं कि भजन 18 में दाऊद बहुत खतरे में है। वह भयभीत है, जान के जोखिम में है, और अपनी इस वेदना में वह प्रभु परमेश्वर को पुकारता है।

   दाऊद प्रभु से कह सका, “मैं तुझ से प्रेम करता हूं”, क्योंकि उसने जाना था कि प्रभु परमेश्वर एक दृढ़ गढ़, एक चट्टान, और उसका छुड़ानेवाला है (पद 1-2)। प्रभु परमेश्वर उसकी ढाल, उसका मुक्तिदाता, और उसका शरणस्थान था। संभव है कि क्योंकि हमने परमेश्वर की सहायता का अनुभव नहीं किया है इसलिए हम दाऊद की इस आराधना को समझ ना पाएँ। यह भी संभव है कि सहायता और परामर्श के लिए हम परमेश्वर के पास प्रार्थना में जाने से पहले फोन उठा कर किसी मनुष्य से बात करने लगते हैं, इसी लिए हम यह अनुभव नहीं करने पाएँ हैं।

   अवश्य ही परमेश्वर हमारे जीवनों में हमारी सहायता और सांतवना के लिए लोगों को रखता है; परन्तु वे प्रभु परमेश्वर के विकल्प नहीं हैं। इसलिए मनुष्यों के पास जाने से पहले प्रार्थना में परमेश्वर के पास जाएँ। दाऊद ने कहा, “...उसने अपने मन्दिर में से मेरी बातें सुनी। और मेरी दोहाई उसके पास पहुंचकर उसके कानों में पड़ी” (पद 6)। परमेश्वर हमारी प्रार्थानाएं सुनता है; हो सकता है कि उत्तर में परमेश्वर किसी उपयुक्त मनुष्य के द्वारा ही हमें सहायता और परामर्श उपलब्ध करवाए। जब हम प्रभु परमेश्वर के पास दाऊद के समान जाते हैं तो हम दाऊद के समान ही परमेश्वर का हमारी चट्टान, हमारा दृढ़ गढ़, और हमारा छुड़ानेवाला होने का अनुभव भी करने पाते हैं।

   इसलिए अगली बार किसी परिस्थिति में, परामर्श और सहायता के लिए किसी मनुष्य के पास जाने से पहले, प्रभु परमेश्वर से प्रार्थना अवश्य कर लें। - कीला ओकोआ


प्रार्थना घबराहट और शान्ति के मध्य का सेतु है।

इस दीन जन ने पुकारा तब यहोवा ने सुन लिया, और उसको उसके सब कष्टों से छुड़ा लिया। - भजन 34:6

बाइबल पाठ: भजन 18:1-6
Psalms 18:1 हे परमेश्वर, हे मेरे बल, मैं तुझ से प्रेम करता हूं।
Psalms 18:2 यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़ और मेरा छुड़ाने वाला है; मेरा ईश्वर, मेरी चट्टान है, जिसका मैं शरणागत हूं, वह मेरी ढ़ाल और मेरी मुक्ति का सींग, और मेरा ऊँचा गढ़ है।
Psalms 18:3 मैं यहोवा को जो स्तुति के योग्य है पुकारूंगा; इस प्रकार मैं अपने शत्रुओं से बचाया जाऊंगा।
Psalms 18:4 मृत्यु की रस्सियों से मैं चारो ओर से घिर गया हूं, और अधर्म की बाढ़ ने मुझ को भयभीत कर दिया;
Psalms 18:5 पाताल की रस्सियां मेरे चारों ओर थीं, और मृत्यु के फन्दे मुझ पर आए थे।
Psalms 18:6 अपने संकट में मैं ने यहोवा परमेश्वर को पुकारा; मैं ने अपने परमेश्वर की दोहाई दी। और उसने अपने मन्दिर में से मेरी बातें सुनी। और मेरी दोहाई उसके पास पहुंचकर उसके कानों में पड़ी।


एक साल में बाइबल: 
  • निर्गमन 19-20
  • मत्ती 18:21-35