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Thursday, August 16, 2018

ज्योति



      सन 1989 में वाक्लाव हावेल को पदोन्नति देकर राजनैतिक कैदी से चेकोस्लावाकिया का प्रथम चयनित राष्ट्रपति बनाया गया। वर्षों बाद, सन 2011 में प्राग में उनकी अंत्येष्ठी के समय, अमेरिका की तत्कालीन राज्य सचिव मैडलीन औल्ब्राईट ने, जो स्वयं प्राग में जन्मीं थी, उनके बारे में कहते हुए उन्हें ऐसा व्यक्ति बताया जो “गहरे अन्धकार के अनेकों स्थानों पर ज्योति को लेकर आए।”

      चेकोस्लावाकिया (बाद में चेक गणतंत्र) के राजनैतिक क्षेत्र में जो काम हावेल द्वारा लाई गई ज्योति ने किया, हमारे प्रभु यीशु ने वही काम समस्त सँसार के लिए किया है – ज्योति लाना। सृष्टि और समय के आरंभ में, प्रभु ने अन्धकार में से ज्योति की रचना की (यूहन्ना 1:2-3; उत्पत्ति 1:2-3)। फिर सँसार में मानव रूप में अपने जन्म के द्वारा प्रभु यीशु आत्मिक अन्धकार में ज्योति को लेकर आए। प्रभु यीशु वह जीवन ज्योति हैं, जिसे कैसा भी अन्धकार क्यों न हो, दबा नहीं सकता है; वे सदा चमकते रहते हैं (यूहन्ना 1:5)।

      यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला निर्जन स्थानों में से निकल कर आया कि सँसार के सामने जगत की ज्योति प्रभु यीशु की गवाही दे। आज हम भी यही कर सकते हैं; वास्तव में प्रभु यीशु ने हम से यही करने के लिए कहा भी है: “उसी प्रकार तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में हैं, बड़ाई करें” (मत्ती 5:16)।

      आज हमारे सँसार में, जब बहुधा भले को बुरा और बुरे को भला समझा जाता है, जब सही और गलत को परस्पर उलट-पुलट कर दिया जाता है, लोग जीवन के लिए दिशा निर्देश ढूँढ़ रहे हैं। हम मसीही विश्वासियों को वे लोग बनना है जो जगत की ज्योति प्रभु यीशु मसीह के जीवन परिवर्तित कर देने वाले सत्य एवँ वास्तविकता को, और उसके मार्गदर्शक वचन को लोगों तक पहुंचाएं। - सी. पी. हिया



जगत की ज्योति को हर अँधेरे जीवन में चमकाएं।

तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है। - भजन 119:105

बाइबल पाठ: यूहन्ना 1:1-8
John 1:1 आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था।
John 1:2 यही आदि में परमेश्वर के साथ था।
John 1:3 सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है, उस में से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई।
John 1:4 उस में जीवन था; और वह जीवन मुनष्यों की ज्योति थी।
John 1:5 और ज्योति अन्धकार में चमकती है; और अन्धकार ने उसे ग्रहण न किया।
John 1:6 एक मनुष्य परमेश्वर की ओर से आ उपस्थित हुआ जिस का नाम यूहन्ना था।
John 1:7 यह गवाही देने आया, कि ज्योति की गवाही दे, ताकि सब उसके द्वारा विश्वास लाएं।
John 1:8 वह आप तो वह ज्योति न था, परन्तु उस ज्योति की गवाही देने के लिये आया था।


एक साल में बाइबल: 
  • भजन 94-96
  • रोमियों 15:14-33