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Thursday, August 26, 2010

आध्यात्म विद्या का महत्व

किसी नई कार को खरिदते समय खरीदने वाले केवल उसकी बहरी रंग-रूप को ही नहीं देखते, वे उसके आंतरिक भागों को और उसे सुचारू रूप से और भली भांति चलाने वाले इंजन को भी जांचते हैं।

किंतु जीवन साथी चुनते समय, कुछ लोग इस प्रकार सावधान नहीं होते। उन्हें बहुत देर से समझ आता है कि आकर्षक दिखने वाली देह के अंदर एक दोषपूर्ण दिमाग और आत्मा है। आदमी और औरत, दोनों ही यह गलती करते हैं, परन्तु लेखिका कैरोलिन जेम्स विशेषकर मर्दों के लिये यह लिखती है कि, "एक मर्द के लिये जीवन साथी चुनते समय जो जांचने की प्रथम बात होनी चाहिये वह है उस औरत की आध्यात्म विद्या में रुचि। इस बात का महत्व समझ में तब आता है जब आदमी को जीवन में किसी गंभीर कठिनाई का सामना करना पड़ता है और उसे प्रोत्साहन देने के लिये केवल वह स्त्री ही उसके साथ हो।

राजा सुलेमान को यह पता होना चहिये था, आखिरकर वह संसार का सबसे बुद्धिमान मनुष्य था ( १ राजा ३:१२, ४:२९-३४)। परन्तु सुलेमान ने परमेश्वर की आज्ञा मानने के स्थान पर, अपनी इच्छाओं के अनुसार मनमानी करी, और ऐसी स्त्रीओं से ब्याह किया जो परमेश्वर पर विश्वास नहीं करतीं थीं (११:१, २)। इसके परिणाम घातक हुए, सुलेमान की पत्नियों ने उसका मन अन्य देवी-देवताओं की ओर मोड़ दिया (पद ३, ४) और परमेश्वर उससे क्रोधित हुआ। इसका दीर्घकालीन परिणाम हुआ कि इस्त्राएल का राज्य विभाजित और पराजित हुआ (पद ११-१३)।

परमेश्वर का अच्छा ज्ञान सबके लिये आवश्यक है। यदि हमारा प्रेम किसी ऐसे जन के प्रति है जो परमेश्वर को नहीं जानता और न प्रेम करता है, तो जीवन में सही निर्णय ले पाना हमारे लिये कठिन होगा। - जूली ऐकरमैन लिंक


परमेश्वर के संबंध में गलत धारणाएं और विश्वास रखने से, मनुष्यों के संबंध में गलत निर्णय ले लिए जाते हैं।


अविश्वासियों के साथ असमान जूए में न जुतो - २ कुरिन्थियों ६:१४

बाइबल पाठ: १ राजा १:४-१३

सो जब सुलैमान बूढ़ा हुआ, तब उसकी स्त्रियों ने उसका मन पराये देवताओं की ओर बहका दिया, और उसका मन अपने पिता दाऊद की नाईं अपने परमेश्वर यहोवा पर पूरी रीति से लगा न रहा।
सुलैमान तो सीदोनियों की अशतोरेत नाम देवी, और अम्मोनियों के मिल्कोम नाम घृणित देवता के पीछे चला।
और सुलैमान ने वह किया जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है, और यहोवा के पीछे अपने पिता दाऊद की नाईं पूरी रीति से न चला।
उन दिनों सुलैमान ने यरूशलेम के साम्हने के पहाड़ पर मोआबियों के किमोश नाम घृणित देवता के लिये और अम्मोनियों के मोलेक नाम घृणित देवता के लिये एक एक ऊंचा स्थान बनाया।
और अपनी सब पराये स्त्रियों के लिये भी जो अपने अपने देवताओं को धूप जलातीं और बलिदान करती थीं, उस ने ऐसा ही किया।
तब यहोवा ने सुलैमान पर क्रोध किया, क्योंकि उसका मन इस्राएल के परमेश्वर यहोवा से फिर गया था जिस ने दो बार उसको दर्शन दिया था।
और उस ने इसी बात के विषय में आज्ञा दी थी, कि पराये देवताओं के पीछे न हो लेना, तौभी उस ने यहोवा की आज्ञा न मानी।
और यहोवा ने सुलैमान से कहा, तुझ से जो ऐसा काम हुआ है, और मेरी बन्धाई हुई वाचा और दी हुई वीधि तू ने पूरी नहीं की, इस कारण मैं राज्य को निश्चय तुझ से छीन कर तेरे एक कर्मचारी को दे दूंगा।
तौभी तेरे पिता दाऊद के कारण तेरे दिनो में तो ऐसा न करूंगा, परन्तु तेरे पुत्र के हाथ से राज्य छीन लूंगा।
फिर भी मैं पूर्ण राज्य तो न छीन लूंगा, परन्तु अपने दास दाऊद के कारण, और अपने चुने हुए यरूशलेम के कारण, मैं तेरे पुत्र के हाथ में एक गोत्र छोड़ दूंगा।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ११९:८९-१७६
  • १ कुरिन्थियों ८