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Wednesday, February 29, 2012

पापों का स्मरण

   हमारे पापों का स्मरण हमारे उद्धार के आनन्द को चुरा सकता है। हो सकता है कि हमने स्वयं कहा हो, या किसी को कहते हुए सुना हो कि "काश मैं अपने आप को अपने किए के लिए माफ कर पाता!" कुछ लोग अपने बीते समय के पापों के दोष से ग्रस्त रहते हैं और सोच सोच कर दुखी होते रहते हैं।

   परमेश्वर के वचन में जब यूसुफ ने अपने भाईयों के सामने अपने आप को प्रकट किया, जिन्होंने कई वर्ष पहले उसे गुलामी में बेच दिया था, तो वे स्तब्ध खड़े रह गए, "वे उसके साम्हने घबरा गए थे" (उत्पत्ति ४५:३)। जो दुख उन्होंने अपने भाई और अपने वृद्ध पिता को दिया था उसके स्मरण ने उन्हें उनके दोष के कारण भयभीत कर दिया। यह देखते हुए यूसुफ ने तुरंत उन्हें आश्वस्त किया, "अब तुम लोग मत पछताओ, और तुम ने जो मुझे यहां बेच डाला, इस से उदास मत हो; क्योंकि परमेश्वर ने तुम्हारे प्राणों को बचाने के लिये मुझे आगे से भेज दिया है" (उत्पत्ति ४५:५)।

   जब हमने दूसरों को दुख दिया हो और पाप किया हो तो हम भी अपने आप को यूसुफ के भाईयों के जैसी स्थिति में पा सकते हैं। किंतु यदि हमने परमेश्वर के सामने अपने पापों का अंगीकार करके उनका पश्चाताप किया है और उससे उनकी क्षमा माँगी है तो हम आश्वस्त हो सकते हैं कि उसने उन्हें क्षमा कर दिया है: "यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है" (१ युहन्ना १:९)। परेशान करते रहने वाला पाप-बोध और हमारे अन्तरात्मा द्वारा हमें दोषी ठहराते रहना परमेश्वर के पवित्र आत्मा का कार्य नहीं है; वरन, परमेश्वर तो कहता है: "मैं ने तेरे अपराधों को काली घटा के समान और तेरे पापों को बादल के समान मिटा दिया है; मेरी ओर फिर लौट आ, क्योंकि मैं ने तुझे छुड़ा लिया है" (यशायाह ४४:२२)।

   परमेश्वर का वचन हमें सिखाता है कि "अपने मन के आत्मिक स्‍वभाव में नये बनते जाओ" (इफिसीयों ४:२३)। अर्थात, हमें अपना ध्यान बीते समय के उन पापों पर नहीं लगाना है जिनकी क्षमा हमें मिल चुकी है, वरन पापों के दोष और दण्ड से विवारण देने वाले अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु पर लगाए रखना है। हमारे विचार उन बीती बातों पर केंद्रित नहीं होने चाहिएं जो हमने की थीं वरन उस उद्धार के कार्य पर होने चाहिएं जो हमारे लिए हमारे प्रभु यीशु ने कलवरी के क्रूस पर अपना बलिदान दे कर किया है।

   क्योंकि उसने हमारे पाप क्षमा कर दिए हैं, अपने उन पापों को हमें भी स्मरण नहीं करते रहना चाहिए। - डेनिस डी हॉन

पापों के दोष का बोझ वह बोझ है जो हमारा स्वर्गीय परमेश्वर पिता नहीं चाहता कि उसके बच्चे उठाए फिरें।

अब तुम लोग मत पछताओ, और तुम ने जो मुझे यहां बेच डाला, इस से उदास मत हो; क्योंकि परमेश्वर ने तुम्हारे प्राणों को बचाने के लिये मुझे आगे से भेज दिया है। - उत्पत्ति ४५:५
 
बाइबल पाठ: उत्पत्ति ४५:१-१५
Gen 45:1  तब यूसुफ उन सब के साम्हने, जो उसके आस पास खड़े थे, अपने को और रोक न सका और पुकार के कहा, मेरे आस पास से सब लोगों को बाहर कर दो। भाइयों के साम्हने अपने को प्रगट करने के समय यूसुफ के संग और कोई न रहा।
Gen 45:2  तब वह चिल्ला चिल्लाकर रोने लगा : और मिस्रियों ने सुना, और फिरौन के घर के लोगों को भी इसका समाचार मिला।
Gen 45:3  तब यूसुफ अपने भाइयों से कहने लगा, मैं यूसुफ हूं, क्या मेरा पिता अब तक जीवित है? इसका उत्तर उसके भाई न दे सके, क्योंकि वे उसके साम्हने घबरा गए थे।
Gen 45:4  फिर यूसुफ ने अपने भाइयों से कहा, मेरे निकट आओ। यह सुनकर वे निकट गए। फिर उस ने कहा, मैं तुम्हारा भाई यूसुफ हूं, जिसको तुम ने मिस्र आनेहारों के हाथ बेच डाला था।
Gen 45:5  अब तुम लोग मत पछताओ, और तुम ने जो मुझे यहां बेच डाला, इस से उदास मत हो; क्योंकि परमेश्वर ने तुम्हारे प्राणों को बचाने के लिये मुझे आगे से भेज दिया है।
Gen 45:6  क्योंकि अब दो वर्ष से इस देश में अकाल है, और अब पांच वर्ष और ऐसे ही होंगे, कि उन में न तो हल चलेगा और न अन्न काटा जाएगा।
Gen 45:7  सो परमेश्वर ने मुझे तुम्हारे आगे इसी लिये भेजा, कि तुम पृथ्वी पर जीवित रहो, और तुम्हारे प्राणों के बचने से तुम्हारा वंश बढ़े।
Gen 45:8  इस रीति अब मुझ को यहां पर भेजने वाले तुम नहीं, परमेश्वर ही ठहरा: और उसी ने मुझे फिरौन का पिता सा, और उसके सारे घर का स्वामी, और सारे मिस्र देश का प्रभु ठहरा दिया है।
Gen 45:9  सो शीघ्र मेरे पिता के पास जाकर कहो, तेरा पुत्र यूसुफ इस प्रकार कहता है, कि परमेश्वर ने मुझे सारे मिस्र का स्वामी ठहराया है, इसलिये तू मेरे पास बिना विलम्ब किए चला आ।
Gen 45:10  और तेरा निवास गोशेन देश में होगा, और तू, बेटे, पोतों, भेड़-बकरियों, गाय-बैलों, और अपने सब कुछ समेत मेरे निकट रहेगा।
Gen 45:11  और अकाल के जो पांच वर्ष और होंगे, उन में मै वहीं तेरा पालन पोषण करूंगा; ऐसा न हो कि तू, और तेरा घराना, वरन जितने तेरे हैं, सो भूखों मरें।
Gen 45:12  और तुम अपनी आंखों से देखते हो, और मेरा भाई बिन्यामीन भी अपनी आंखों से देखता है, कि जो हम से बातें कर रहा है सो यूसुफ है।
Gen 45:13  और तुम मेरे सब वैभव का, जो मिस्र में है और जो कुछ तुम ने देखा है, उस सब को मेरे पिता से वर्णन करना, और तुरन्त मेरे पिता को यहां ले आना।
Gen 45:14  और वह अपने भाई बिन्यामीन के गले से लिपटकर रोया, और बिन्यामीन भी उसके गले से लिपटकर रोया।
Gen 45:15  तब वह अपने सब भाइयों को चूमकर उन से मिलकर रोया : और इसके पश्चात्‌ उसके भाई उस से बातें करने लगे।
 
एक साल में बाइबल: 
  • गिनती २३ 
  • मरकुस ७:१४-२३

Tuesday, February 28, 2012

वृद्धावस्था का देश

   लेखिका मेरी पाईफर ने अपनी पुस्तक Another Country कई वृद्ध लोगों से जो सत्तर, अस्सी, नव्वे की अवस्थाओं में थे और जीवन की कई परिस्थितियों का सामना कर रहे थे, मुलाकात करके उन अनुभवों के आधार पर लिखी। पाईफर ने बताया कि वे "वृद्धावस्था के देश को समझना चाहतीं थीं।" उन्होंने यह भी कहा कि "हमारा सामाजिक संगठन वृद्ध होने को आसान और आरामदायक होने के लिए प्रबन्धित नहीं है।" उनका निषकर्ष था कि इसका मूल कारण है कि जवान और वृद्ध एक दुसरे से पृथक और दूर हो गए हैं और इससे दोनो ही की हानि हुई है।

   यह सामाजिक प्रवृति जानबूझकर बनाई हुई नहीं है, लेकिन यह भी सत्य है कि बहुत से लोग वृद्धों के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी को नज़रंदाज़ करते हैं, उसे टालते हैं, उससे जी चुराते हैं। यह आज के समाज की प्रवृति भी नहीं है; लगभग २००० वर्ष पूर्व, प्रभु यीशु के दिनों में भी यह प्रवृति उस समय के समाज में देखी जा सकती थी।

   परमेश्वर के वचन में मरकुस ७:९-१३ में प्रभु यीशु द्वारा धर्म के अगुवे फरीसियों द्वारा अपने पारिवारिक दायित्व से बचने के अनूठे तरीके के लिए उनकी भर्त्सना करी। ये फरीसी अपनी सांसारिक संपत्ति परमेश्वर के मन्दिर के नाम "कुर्बान" कर देते थे। अब जो परमेश्वर को दिया गया है, वह परिवार के वृद्धों के लिए कैसे प्रयोग हो सकता था? किंतु क्योंकि ये धर्म के अगुवे परमेश्वर के मंदिर से सम्बंधित थे और उसके लिए कार्य करते थे, इसलिए मंदिर की वस्तुओं का अपने लिए प्रयोग करना उनके लिए "जायज़" माना जाता था। इस प्रकार वे अपने धन को अपने लिए तो प्रयोग करने पाते थे किंतु अपने माता-पिता को उस धन से वंचित कर देते थे। उन लोगों ने अपनी इस परंपरा के मानने से परमेश्वर के वचन में माता-पिता का आदर करने की आज्ञा को तुच्छ किया और उसका उल्लंघन किया।

   हमारे बच्चे, हमारा कार्य, चर्च में हमारे कार्य हमें कई ओर खेंच सकते हैं, कई बातों में व्यस्त कर सकते हैं, लेकिन यह माता-पिता की देखभाल करने और उनका आदर करने के हमारे कर्त्वय और परमेश्वर की आज्ञा को अन्देखा करने के बहाने नहीं हो सकते। अपने वृद्ध जनों की यथासम्भव देखभाल करना और उनकी आवश्यक्ताओं को पूरा करने की जवाबदेही से हम बच नहीं सकते; परमेश्वर का वचन हमें चिताता है "पर यदि कोई अपनों की और निज करके अपने घराने की चिन्‍ता न करे, तो वह विश्वास से मुकर गया है, और अविश्वासी से भी बुरा बन गया है" (१ तिमुथियुस ५:८)।

   जब वह समय आए कि हमें "वृद्धावस्था के देश" में पदार्पण करना हो तो ध्यान रहे कि हमने अपने जीवन और अपने कार्यों से अपनी सन्तान के सम्मुख वह श्रेष्ठ उदाहरण रखा है जिसका अब वह अनुसरण करने वाले बनने वाले हैं। - डेनिस फिशर

माता-पिता का आदर करना हम उदाहरण से ही सीखते हैं।
पर यदि कोई अपनों की और निज करके अपने घराने की चिन्‍ता न करे, तो वह विश्वास से मुकर गया है, और अविश्वासी से भी बुरा बन गया है। - १ तिमुथियुस ५:८
 
बाइबल पाठ: मरकुस ७:१-१३
Mar 7:1  तब फरीसी और कई एक शास्त्री जो यरूशलेम से आए थे, उसके पास इकट्ठे हुए।
Mar 7:2  और उन्‍होंने उसके कई चेलों को अशुद्ध अर्थात बिना हाथ धोए रोटी खाते देखा।
Mar 7:3  क्‍योंकि फरीसी और सब यहूदी, पुरिनयों की रीति पर चलते हैं और जब तक भली भांति हाथ नहीं धो लेते तब तक नहीं खाते।
Mar 7:4  और बाजार से आकर, जब तक स्‍नान नहीं कर लेते, तब तक नहीं खाते; और बहुत सी और बातें हैं, जो उन के पास मानने के लिये पहुंचाई गई हैं, जैसे कटोरों, और लोटों, और तांबे के बरतनों को धोना-मांजना।
Mar 7:5  इसलिये उन फरीसियों और शास्‍त्रियों ने उस से पूछा, कि तेरे चेले क्‍यों पुरिनयों की रीतों पर नहीं चलते, और बिना हाथ धोए रोटी खाते हैं?
Mar 7:6  उस ने उन से कहा;. कि यशायाह ने तुम कपटियों के विषय में बहुत ठीक भविष्यद्ववाणी की, जैसा लिखा है, कि ये लोग होठों से तो मेरा आदर करते हैं, पर उन का मन मुझ से दूर रहता है।
Mar 7:7  और ये व्यर्थ मेरी उपासना करते हैं, क्‍योंकि मनुष्यों की आज्ञाओं को धर्मोपदेश करके सिखाते हैं।
Mar 7:8  क्‍योंकि तुम परमेश्वर की आज्ञा को टालकर मनुष्यों की रीतियों को मानते हो।
Mar 7:9  और उस ने उन से कहा, तुम अपनी रीतियो