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Tuesday, June 18, 2013

केंद्र बिन्दु

   मुझे गोल्फ खेलना अच्छा लगता है, इसलिए कभी कभी मैं कुछ ऐसे वीडियो देखता हूँ जो इस खेल की बारीकियों और इसे खेलने के बारे में सिखाते हैं। लेकिन एक वीडियो से मैं बहुत निराश हुआ क्योंकि सिखाने वाले ने गोल्फ के एक बिन्दु को समझाने के लिए 8 क्रम और हर क्रम के नीचे और दर्जन भर उप-क्रम बताए। यह सब समझने में बहुत कठिन और अनुपयोगी था। यद्यपि मैं गोल्फ का कोई कोई बड़ा खिलाड़ी नहीं हूँ, फिर भी सालों से खलने के अनुभव ने मुझे यह सिखाया है कि खेलते समय जितने अधिक विचार आपके दिमाग़ में चल रहे होंगे, आपकी सफलता की संभावना उतनी ही कम होगी। अच्छे खेल के लिए आपको अपने विचारों को सीमित एवं सरल तथा ध्यान को एक ही बात पर केंद्रित रखना चाहिए कि किस प्रकार गोल्फ के बल्ले और गेंद में सबसे अधिक कारगर संपर्क बनाया जाए। उस प्रशिक्षक द्वारा दिए गए इतने अधिक विचार ध्यान को केंद्रित रखने में बाधा थे।

   जैसे गोल्फ में, वैसे ही जीवन में इसी प्रकार से केंद्रित रहना सफलता के लिए अनिवार्य है। यही बात मसीही विश्वास और मसीही जीवन में भी पाई जाती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पौलुस ने इस बारे में लिखा है (फिलिप्पियों 3)। बजाए इसके कि वह अनेक बातों पर ध्यान करता रहे, पौलुस ने सबसे महत्वपूरण एक ही बात पर अपना ध्यान केंद्रित रखा: "हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ। निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है" (फिलिप्पियों 3:13-14)।

   उसके जीवन की सफलता और उन्नति का यही राज़ था - "केवल यह एक काम करता हूं" - केंद्रित विचार। ध्यान इधर-उधर खींचने और भंग करने के अनेक आकर्षणों तथा विधियों से भरे इस संसार में एक मसीही विश्वासी के लिए अपने ध्यान को अपने उद्धारकर्ता मसीह यीशु पर ध्यान केंद्रित रखने से भला और कुछ नहीं है। लेकिन यह तब ही हो सकता है जब मसीह यीशु आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण और मूल्यवान हो। जब ऐसा होगा तब सांसारिक प्रलोभन और विचार नहीं वरन मसीह यीशु का जीवन और शिक्षाएं आपका मार्गदर्शक तथा उद्देश्य होंगी और परमेश्वर की आशीष आपके जीवन में बनी रहेगी। 

   क्या आज मसीह यीशु आपके जीवन तथा ध्यान का केंद्र बिन्दु है? - बिल क्राउडर


जब हम मसीह यीशु पर अपने ध्यान को बनाए रखते हैं तब ही हम उसके लिए सबसे प्रभावशाली होते हैं।

क्या तुम नहीं जानते, कि दौड़ में तो दौड़ते सब ही हैं, परन्तु इनाम एक ही ले जाता है तुम वैसे ही दौड़ो, कि जीतो। - 1 कुरिन्थियों 9:24 

बाइबल पाठ: फिलिप्पियों 3:8-16
Philippians 3:8 वरन मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहिचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूं: जिस के कारण मैं ने सब वस्‍तुओं की हानि उठाई, और उन्हें कूड़ा समझता हूं, जिस से मैं मसीह को प्राप्त करूं।
Philippians 3:9 और उस में पाया जाऊं; न कि अपनी उस धामिर्कता के साथ, जो व्यवस्था से है, वरन उस धामिर्कता के साथ जो मसीह पर विश्वास करने के कारण है, और परमेश्वर की ओर से विश्वास करने पर मिलती है।
Philippians 3:10 और मैं उसको और उसके मृत्युंजय की सामर्थ को, और उसके साथ दुखों में सहभागी हाने के मर्म को जानूँ, और उस की मृत्यु की समानता को प्राप्त करूं।
Philippians 3:11 ताकि मैं किसी भी रीति से मरे हुओं में से जी उठने के पद तक पहुंचूं।
Philippians 3:12 यह मतलब नहीं, कि मैं पा चुका हूं, या सिद्ध हो चुका हूं: पर उस पदार्थ को पकड़ने के लिये दौड़ा चला जाता हूं, जिस के लिये मसीह यीशु ने मुझे पकड़ा था।
Philippians 3:13 हे भाइयों, मेरी भावना यह नहीं कि मैं पकड़ चुका हूं: परन्तु केवल यह एक काम करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ।
Philippians 3:14 निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है।
Philippians 3:15 सो हम में से जितने सिद्ध हैं, यही विचार रखें, और यदि किसी बात में तुम्हारा और ही विचार हो तो परमेश्वर उसे भी तुम पर प्रगट कर देगा।
Philippians 3:16 सो जहां तक हम पहुंचे हैं, उसी के अनुसार चलें।

एक साल में बाइबल: 
  • नहेम्याह 10-11 
  • प्रेरितों 4:1-22