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Wednesday, September 11, 2013

करुणा

   आज का दिन, सितंबर 11, 2001, अमेरिका के न्यू-यॉर्क शहर में हुए आतंकी हमले की 12वीं वर्षगाँठ का दिन है। इस तिथि के उस दिन को उन दुखदायी यादों से अलग कर के स्मरण करना बहुत कठिन है। उस त्रासदी, विनाश और जान-माल की हानि से केवल अमेरिका पर नहीं वरन सारे विश्व पर प्रभाव आया। उस समय, इस समाचार को देखने सुनने से, हज़ारों बेगुनाह लोगों की मृत्यु के शोक के साथ राष्ट्रीय तथा वैश्विक स्तर पर असुरक्षा की भावना सब जगह व्याप्त थी। जब कभी उस दिन को स्मरण किया जाएगा, तो साथ ही उस दिन के साथ जुड़ी शोक और हानि की व्यक्तिगत तथा सामूहिक भावना को भी स्मरण किया जाएगा।

   लेकिन उस दिन से जुड़े दुख का कारण उस भयानक दिन की वे भयंकर घटनाएं मात्र ही नहीं हैं। मेरे परिवार के लिए एक और दुखदायी घटना उस दिन के साथ जुड़ी है - मेरे ससुर जिम का देहांत भी उसी दिन हुआ। जिम की कमी हम परिवार जनों और जिम के मित्रों को अभी भी बहुत खलती है।

   हम चाहे कैसे भी दुख से होकर क्यों ना निकल रहे हों, हम मसीही विश्वासियों के लिए एक बहुत कारगर दिलासा उपलब्ध है - परमेश्वर की करुणा। दाऊद ने भी अपने घोर दुख में अपने स्वर्गीय पिता को पुकारा: "हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर क्योंकि मैं संकट में हूं; मेरी आंखे वरन मेरा प्राण और शरीर सब शोक के मारे घुले जाते हैं" (भजन 31:9)। परमेश्वर की करुणा ही हमारे दुख में दिलासा और शान्ति का आधार है, और उसी के द्वारा ही हमारे व्याकुल हृदय शान्ति पा सकते हैं। इस बात को हमने व्यक्तिगत रीति से अनुभव किया है क्योंकि जिम के जाने के बाद परमेश्वर की यही करुणा हमारी शान्ति और दिलासा का कारण रही है।

   हमारी प्रत्येक हानि और शोक में हम अपने सच्चे चरवाहे प्रभु यीशु की ओर मुड़ सकते हैं क्योंकि वह हमारे प्रति सच्ची करुणा रखता है और हमारे हर दुख और अशान्ति में हमें सान्तवना और शान्ति भी देता है। - बिल क्राउडर


जब परमेश्वर दुख आने देता है तो उनके योग्य सामर्थ और शान्ति भी प्रदान करता है।

हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर क्योंकि मैं संकट में हूं; मेरी आंखे वरन मेरा प्राण और शरीर सब शोक के मारे घुले जाते हैं। - भजन 31:9

बाइबल पाठ: भजन 31:9-15
Psalms 31:9 हे यहोवा, मुझ पर अनुग्रह कर क्योंकि मैं संकट में हूं; मेरी आंखे वरन मेरा प्राण और शरीर सब शोक के मारे घुले जाते हैं।
Psalms 31:10 मेरा जीवन शोक के मारे और मेरी अवस्था कराहते कराहते घट चली है; मेरा बल मेरे अधर्म के कारण जाता रह, और मेरी हडि्डयां घुल गई।
Psalms 31:11 अपने सब विरोधियों के कारण मेरे पड़ोसियों में मेरी नामधराई हुई है, अपने जान पहिचान वालों के लिये डर का कारण हूं; जो मुझ को सड़क पर देखते है वह मुझ से दूर भाग जाते हैं।
Psalms 31:12 मैं मृतक की नाईं लोगों के मन से बिसर गया; मैं टूटे बर्तन के समान हो गया हूं।
Psalms 31:13 मैं ने बहुतों के मुंह से अपना अपवाद सुना, चारों ओर भय ही भय है! जब उन्होंने मेरे विरुद्ध आपस में सम्मति की तब मेरे प्राण लेने की युक्ति की।
Psalms 31:14 परन्तु हे यहोवा मैं ने तो तुझी पर भरोसा रखा है, मैं ने कहा, तू मेरा परमेश्वर है।
Psalms 31:15 मेरे दिन तेरे हाथ में है; तू मुझे मेरे शत्रुओं और मेरे सताने वालों के हाथ से छुड़ा।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 10-12 
  • 2 कुरिन्थियों 4