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Monday, December 23, 2013

खोजने वाला


   पास्टर टिम कैलर ने मसीही विश्वास में पाई जाने वाली एक अद्वितीय बात का उल्लेख किया है, जो अन्य किसी भी धर्म या धार्मिक विचारधारा में कहीं नहीं मिलती है। अन्य सभी धर्मों और धार्मिक विचारधाराओं में हम पाते हैं कि उनके मानने वाले अपने ईश्वर की खोज में लगे रहते हैं, उसे अपने भले कार्यों या अन्य बातों द्वारा प्रसन्न करने, मनाने में लगे रहते हैं। केवल मसीही विश्वास ही एकमात्र ऐसा धार्मिक विश्वास है जिसमें स्वयं परमेश्वर मनुष्य को खोजता है, मनुष्य को अपने पास लौटा लाने और उसे अशीषों से भर देने को लालायित रहता है, प्रयास करता रहता है और अपने इस प्रयास में उसने मनुष्य रूप में आकर समस्त मनुष्य जाति के समस्त पापों को अपने ऊपर लेकर अपने जीवन के बलिदान द्वारा उन पापों का दण्ड भी भोग लिया और अपने प्रत्येक विश्वास करने वाले के लिए उद्धार, आशीष और अनन्त जीवन का मार्ग भी बना कर दे दिया। अब, मसीही विश्वास में होकर, मनुष्य का परमेश्वर से मेल-मिलाप मनुष्य द्वारा किए जाने वाले किसी प्रयास से नहीं वरन केवल पश्चाताप और विश्वास द्वारा है।

   इस अद्भुत सच्चाई की गंभीरता को ब्रिटिश कवि फ्रांसिस थौम्पसन ने अपनी कृति "The Hound of Heaven" में बड़ी सुन्दरता से व्यक्त किया है। वे अपने जीवन के अनुभव से लिखते हैं कि उन्होंने परमेश्वर से दूर भाग जाने का बहुत प्रयास किया, लेकिन "मेरा पीछा कर रहे उन सामर्थी कदमों की संतुलित और अविचिलित चाल से आगे मैं निकल नहीं सका।" भटके हुओं और हठधर्मियों को अथक खोज द्वारा परमेश्वर का अपनी ओर लौटा लाना केवल फ्रांसिस थौम्पसन का ही अनुभव नहीं है, वरन क्रिसमस की कथा का मर्म भी परमेश्वर द्वारा मनुष्य को खोजना ही है, जैसे प्रेरित पौलुस लिखता है: "परन्तु जब समय पूरा हुआ, तो परमेश्वर ने अपने पुत्र को भेजा, जो स्त्री से जन्मा, और व्यवस्था के आधीन उत्पन्न हुआ। ताकि व्यवस्था के आधीनों को मोल ले कर छुड़ा ले, और हम को लेपालक होने का पद मिले" (गलतियों 4:4-5)।

   परमेश्वर की यह खोज केवल क्रिसमस की कहानी ही नहीं है, वरन हमारे आदि माता-पिता, आदम और हव्वा के पाप में गिरने के बाद परमेश्वर ही उन्हें खोजता हुआ आया था, क्योंकि वे तो अपनी शर्मनाक हालत के कारण परमेश्वर से छिप गए थे। तब से परमेश्वर पाप में गिरे मनुष्य को खोज रहा है जिससे उसके निकट आने वालों को वह वापस उसी आशीष की स्थिति में बहाल कर सके। उसने मुझे खोज कर अपने पास बुलाया, वह आपको भी खोज कर अपने पास बुलाना चाहता है, परमेश्वर की सन्तान कहलाने का आदर देना चाहता है। यदि परमेश्वर हमारा खोजने वाला ना होता तो हमारे पाप हमें कहीं का ना छोड़ते। क्या आपने उस की खोज को आदर दिया है, उसके पास लौट आए हैं? - जो स्टोवैल


आपके उद्धार के लिए परमेश्वर की अमिट इच्छा कभी समाप्त नहीं होगी।

क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। - यूहन्ना 3:16

बाइबल पाठ: गलतियों 4:1-7
Galatians 4:1 मैं यह कहता हूं, कि वारिस जब तक बालक है, यद्यपि सब वस्‍तुओं का स्‍वामी है, तौभी उस में और दास में कुछ भेद नहीं। 
Galatians 4:2 परन्तु पिता के ठहराए हुए समय तक रक्षकों और भण्‍डारियों के वश में रहता है। 
Galatians 4:3 वैसे ही हम भी, जब बालक थे, तो संसार की आदि शिक्षा के वश में हो कर दास बने हुए थे। 
Galatians 4:4 परन्तु जब समय पूरा हुआ, तो परमेश्वर ने अपने पुत्र को भेजा, जो स्त्री से जन्मा, और व्यवस्था के आधीन उत्पन्न हुआ। 
Galatians 4:5 ताकि व्यवस्था के आधीनों को मोल ले कर छुड़ा ले, और हम को लेपालक होने का पद मिले। 
Galatians 4:6 और तुम जो पुत्र हो, इसलिये परमेश्वर ने अपने पुत्र के आत्मा को, जो हे अब्‍बा, हे पिता कह कर पुकारता है, हमारे हृदय में भेजा है। 
Galatians 4:7 इसलिये तू अब दास नहीं, परन्तु पुत्र है; और जब पुत्र हुआ, तो परमेश्वर के द्वारा वारिस भी हुआ।

एक साल में बाइबल: 
  • नहूम 1-3 
  • प्रकाशितवाक्य 14