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Sunday, November 3, 2019

महत्व



      जब मैंने उसे पहली बार देखा, मैं रो पड़ा। वह पूर्णतः अपने पालने में सो रहे नवजात शिशु जैसा दिख रहा था। परन्तु हम जानते थे कि वह कभी नहीं उठेगा; जब तक कि वह प्रभु यीशु की बाहों में न हो। वह कई महीने तक जीवन से संघर्ष करता रहा था। फिर उसकी माँ ने एक दिल को कसमसा देने वाली ई-मेल के द्वारा हमें बताया कि उसकी मृत्यु हो गई। उसने उस “गहरी, अति गहरी पीड़ा जो आपके अन्दर कराहती है” के विषय लिखा; फिर उसने कहा, “उस छोटे से जीवन के द्वारा परमेश्वर ने अपने प्रेम को कितनी गहराई से हमारे हृदयों में तराशा था! वह जीवन कितना सामर्थी था।”

      सामर्थी? वह यह कैसे कह सकती थी?

      उस परिवार के छोटे और प्रिय बच्चे ने उन्हें और हमें दिखाया कि हमें प्रत्येक बात के लिए परमेश्वर पर निर्भर रहना चाहिए। विशेषकर तब, जब परिस्थितियाँ ऐसे अत्यंत बिगड़ी हुई हो जाएँ। यह कठोर किन्तु सांत्वना देने वाला सत्य है कि परमेश्वर हम से हमारी पीड़ा में मिलता और बातें करता है। उसने भी पुत्र को खोने की पीड़ा को सहा है।

      अपनी पीड़ा की गहराईयों में हम परमेश्वर के वचन में दाऊद के भजनों की ओर मुड़ते हैं, क्योंकि वह अपनी पीड़ा के विषय लिखता है। उसने भजन 13:2 में प्रश्न किया, “मैं कब तक अपने मन ही मन में युक्तियां करता रहूं, और दिन भर अपने हृदय में दुखित रहा करूं, कब तक मेरा शत्रु मुझ पर प्रबल रहेगा?” और फिर कहा कि “मेरी आंखों में ज्योति आने दे, नहीं तो मुझे मृत्यु की नींद आ जाएगी” (पद 3)। किन्तु फिर भी दाऊद अपने सभी प्रश्न परमेश्वर को सौंप सका और कह सका कि, “परन्तु मैं ने तो तेरी करूणा पर भरोसा रखा है; मेरा हृदय तेरे उद्धार से मगन होगा” (पद 5)।

      केवल परमेश्वर ही है जो हमारी सबसे पीड़ादायक घटनाओं में से भी हमारे लिए सर्वश्रेष्ठ महत्व दे सकता है। - टिम गुस्ताफासन

जो हमें सबसे तुच्छ लगता है, परमेश्वर उसे भी सर्वाधिक उपयोगी बना सकता है।

चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं! – भजन 46:10

बाइबल पाठ: भजन 13
Psalms 13:1 हे परमेश्वर तू कब तक? क्या सदैव मुझे भूला रहेगा? तू कब तक अपना मुखड़ा मुझ से छिपाए रहेगा?
Psalms 13:2 मैं कब तक अपने मन ही मन में युक्तियां करता रहूं, और दिन भर अपने हृदय में दुखित रहा करूं, कब तक मेरा शत्रु मुझ पर प्रबल रहेगा?
Psalms 13:3 हे मेरे परमेश्वर यहोवा मेरी ओर ध्यान दे और मुझे उत्तर दे, मेरी आंखों में ज्योति आने दे, नहीं तो मुझे मृत्यु की नींद आ जाएगी;
Psalms 13:4 ऐसा न हो कि मेरा शत्रु कहे, कि मैं उस पर प्रबल हो गया; और ऐसा न हो कि जब मैं डगमगाने लगूं तो मेरे शत्रु मगन हों।।
Psalms 13:5 परन्तु मैं ने तो तेरी करूणा पर भरोसा रखा है; मेरा हृदय तेरे उद्धार से मगन होगा।
Psalms 13:6 मैं परमेश्वर के नाम का भजन गाऊंगा, क्योंकि उसने मेरी भलाई की है।

एक साल में बाइबल: 
  • यिर्मयाह 30-31
  • फिलेमोन