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Thursday, July 21, 2011

बोया सो काटोगे

लेखक तथा कैदख़ानों की दशा में सुधार में लगे सामजिक कार्यकर्ता चार्ल्स कोल्सन ने अन्य देशों के लिए जासूसी करने में लगे अमेरीकियों की संख्या में आक्समत वृद्धि से संबंधित एक चर्चा के दौरान कहा कि जो अमेरिका ने बोया है अब वह उसी की कटनी काट रहा है। मध्य बीसवीं शताब्दी के बाद अपने विज्ञान और आर्थिक समृद्धि के नशे में अधिकांश अमेरीकी नागरिकों ने परमेश्वर की मौजूदगी तथा महत्व को त्याग दिया। ना केवल उन्होंने परमेश्वर के अस्तित्व का इन्कार किया वरन उसके द्वारा स्थापित नैतिक मान्दण्डों को भी मानने से इन्कार कर दिया। उनका कहना था कि वे स्वयं निर्धारित करेंगे कि क्या सही है और क्या गलत। इसके लिए उन्हें किसी अन्य से कुछ सीखने की आवश्यक्ता नहीं है। उनके लिए देशभक्ति, कर्तव्य, वफादारी, भक्ति आदि व्यर्थ बातें हैं जो उनके परिहास का विष्य बनीं। लेकिन आज अमेरीका उनके द्वारा लिए गए निर्ण्यों का कटु प्रतिफल भोग रहा है - अनगिनित गर्भपात, तलाक और टूटे हुए घर-परिवार, परसपर अविश्वास तथा समाज में बढ़ती हुई हिंसा, युवकों में बढ़ती हुई नशे की लत और आत्म हत्याएं आदि सब एक बिखरे, अस्थिर और परमेश्वर विहीन समाज को दिखा रहे हैं जो अपनी दिशा खो चुका है और अनैतिकता की ढाल पर अपने विनाश की ओर तेज़ी से लुढ़कता जा रहा है - क्योंकि उन्होंने अपने बाप-दादों के परमेश्वर और उसके नियमों तथा अपने देश की स्थापना और संविधान बाइबल के आधार को त्याग कर अपना मार्ग और अपने नियम स्वयं तय करने का निर्णय लिया।

बाइबल के पुराने नियम की एक छोटी सी पुस्तक - ओबाद्याह, जिसमें केवल एक ही अध्याय है, में परमेश्वर ने ओबाद्याह भविष्यद्वक्ता द्वारा एदोम के निवासियों को चेतावनी दी - जो बोया है वही काटोगे। उन के शराब और राग रंग के भोज मनाए जाने, उन के घमंड तथा अत्याचार के कारण परमेश्वर ने उन्हें चिताया कि शीघ्र ही उसका न्याय उन पर पड़ने वाला है और फिर वे नशे की नहीं वरन परमेश्वर के प्रकोप की मदिरा पीएंगे। यह भविष्यवाणी थोड़े ही समय बाद पूरी हुई जब एदोम अन्य जातियों से युद्ध में सदा के लिए विनाश में चला गया।

बोने और काटने के मूल सिद्धांत को हमें कभी भूलना नहीं चाहिए। जब हम परमेश्वर की दृष्टि में भला करते हैं तो परमेश्वर से आशीष पाते हैं, और जब वह करते हैं जो उसकी दृष्टि में बुरा है तो उसके न्याय का सामना करते हैं। परमेश्वर का यह सिद्धांत समस्त संसार के जीवन के ताने-बाने में बुना हुआ है। बाइबल के परमेश्वर और उसके नियमों को मानने या ना मानने से यह सिद्धांत किसी के लिए बदलता नहीं, सदा समान रूप से कार्यकारी रहता है; और न केवल व्यक्तियों वरन राष्ट्रों पर भी समान रूप से लागू होता है। परमेश्वर और उसके नियमों का परित्याग करना एवं इस मूल सिद्धांत की अवहेलना करना, अपने ही हाथों अपनी मुसीबत को दावत देना है।

इसे चाहे भविष्य के न्याय की चेतावनी समझें अथवा आती भलाई का वायदा - जैसा बोएंगे वैसा ही काटेंगे। - हर्ब वैण्डर लुग्ट


जो कांटे बोते हैं उन्हें फूल चुनने की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।

क्योंकि सारी अन्य जातियों पर यहोवा के दिन का आना निकट है। जैसा तू ने किया है, वैसा ही तुझ से भी किया जाएगा, तेरा व्यवहार लौट कर तेरे ही सिर पर पड़ेगा। - ओबाद्याह १:१५


बाइबल पाठ: ओबाद्याह

Oba 1:1 ओबद्याह का दर्शन। हम लोगों ने यहोवा की ओर से समाचार सुना है, और एक दूत अन्य जातियों में यह कहने को भेजा गया है:
Oba 1:2 उठो! हम उस से लड़ने को उठें! मैं तुझे जातियों में छोटा कर दूंगा, तू बहुत तुच्छ गिना जाएगा।
Oba 1:3 हे पहाड़ों की दरारों में बसने वाले, हे ऊंचे स्थान में रहने वाले, तेरे अभिमान ने तुझे धोखा दिया है; तू मन में कहता है,
Oba 1:4 कौन मुझे भूमि पर उतार देगा? परन्तु चाहे तू उकाब की नाईं ऊंचा उड़ता हो, वरन तारागण के बीच अपना घोंसला बनाए हो, तौभी मैं तुझे वहां से नीचे गिराऊंगा, यहोवा की यही वाणी है।
Oba 1:5 यदि चोर-डाकू रात को तेरे पास आते, (हाय, तू कैसे मिटा दिया गया है!) तो क्या वे चुराए हुए धन से तृप्त होकर चले न जाते? और यदि