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शुक्रवार, 5 अगस्त 2011

बहाने ही बहाने

मेरे एक मित्र ने मुझे कुछ बहानों की सूचि भेजी, जो दुर्घटना-ग्रस्त कार चालकों ने अपनी गलती से बचने के लिए वास्तव में बनाए थे:
  • बिना अपने किसी इरादे की कोई पूर्व सूचना दिए, दूसरी गाड़ी आकर मेरी गाड़ी से टकरा गई।
  • वो पैदल यात्री स्वयं आकर मेरी गाडी से टकराया और गाड़ी के नीचे चला गया।
  • घर आते समय मैं गलत घर की ओर मुड़ गया और एक ऐसे पेड़ से टकरा गया जो मेरे अपने घर में विद्यमान नहीं है।
  • मैं घर से गाड़ी लेकर निकला ही था कि मुझे मेरी सास दिखाई दे गई और गाड़ी अनायास ही सड़क के किनारे की पटरी पर चढ़ गई।
  • पैदल चल रहा व्यक्ति निर्णय ही नहीं कर पा रहा था कि किस ओर मुड़े और इसलिए मेरी गाड़ी उस पर चढ़ गई।
ये बहाने दिखाते हैं कि हम अपनी गलतियों की ज़िम्मेदारी लेने में कितनी आनाकानी करते हैं और बहाने बनाना हमारे लिए कितना आसान होता है। लेकिन अपनी ज़िम्मेदारी दूसरों पर डालने या बहाने बनाने से हम अपने किए से बच नहीं सकते।

ऐसे ही बहाने हम तब भी बनाते हैं जब हम परमेश्वर की इच्छा को पूरा करने में कमज़ोर रहते हैं। हमें लगता है कि परमेश्वर को हम अपने बहानों से मना लेंगे; लेकिन यदि उन्हीं बहानों को हम परमेश्वर के दृष्टिकोण से देखें तब हमे पता लगेगा कि हमारे बहाने कितने बचकाने होते हैं।

परमेश्वर के वचन में इस्त्राएल के प्रथम राजा, राजा शाऊल को परमेश्वर ने आज्ञा दी थी कि उसे अमालेकियों पर हमला करना है और उनकी हर चीज़ नष्ट कर देनी है, कुछ भी बचाना नहीं है। युद्ध में विजयी सेना पराजित लोगों से उनकी संपत्ति अपने लिए लूट लिया करती थी। शाऊल ने अपनी सेना के लोगों के डर में होकर बजाए सब कुछ नाश करने के, कुछ भाग लोगों को लूट लेने दिया और जब परमेश्वर के भविष्यद्वक्ता ने उस से इस विष्य में पूछा तो बहाना बनाया कि उन्होंने अच्छी अच्छी चीज़ें परमेश्वर को भेंट और बलिदान के लिए बचा लीं। उसकी यह अनाज्ञाकारिता उसे बहुत भारी पड़ी और इस्त्राएल का राज्य उसके हाथ और वंश से ले लिया गया।

यदि बहाने खोजने कि बजाए हम परमेश्वर की इच्छा को पूरा करने के मार्गों के खोजी होंगे तो बहाने खोजने की आवश्यक्ता भी नहीं रहेगी। - पौल वैन गौर्डर


बहाने चाहे सुनने में सही लगें लेकिन कभी सही होते नहीं हैं।

परन्तु प्रजा के लोग लूट में से भेड़-बकरियों, और गाय-बैलों, अर्थात सत्यानाश होने की उत्तम उत्तम वस्तुओं को गिलगाल में तेरे परमेश्वर यहोवा के लिये बलि चढ़ाने को ले आए हैं। - १ शमुएल १५:२१


बाइबल पाठ: १ शमुएल १५:१०-२६

1Sa 15:10 तब यहोवा का यह वचन शमूएल के पास पहुंचा,
1Sa 15:11 कि मैं शाऊल को राजा बना के पछताता हूं क्योंकि उस ने मेरे पीछे चलना छोड़ दिया, और मेरी आज्ञाओं का पालन नहीं किया। तब शमूएल का क्रोध भड़का; और वह रात भर यहोवा की दोहाई देता रहा।
1Sa 15:12 बिहान को जब शमूएल शाऊल से भेंट करने के लिये सवेरे उठा तब शमूएल को यह बताया गया, कि शाऊल कर्म्मेल को आया था, और अपने लिये एक निशानी खड़ी की, और घूम कर गिलगाल को चला गया है।
1Sa 15:13 तब शमूएल शाऊल के पास गया, और शाऊल ने उस से कहा, तुझे यहोवा की ओर से आशीष मिले; मैं ने यहोवा की आज्ञा पूरी की है।
1Sa 15:14 शमूएल ने कहा, फिर भेड़-बकरियों का यह मिमियाना, और गय-बैलों का यह रंबाना जो मुझे सुनाई देता है, यह क्यों हो रहा है?
1Sa 15:15 शाऊल ने कहा, वे तो अमालेकियों के यहां से आए हैं; अर्थात प्रजा के लोगों ने अच्छी से अच्छी भेड़-बकरियों और गाय-बैलों को तेरे परमेश्वर यहोवा के लिये बलि करने को छोड़ दिया है और बाकी सब को तो हम ने सत्यानाश कर दिया है।
1Sa 15:16 तब शमूएल ने शाऊल से कहा, ठहर जा! और जो बात यहोवा ने आज रात को मुझ से कही है वह मैं तुझ को बताता हूं। उस ने कहा, कह दे।
1Sa 15:17 शमूएल ने कहा, जब तू अपनी दृष्टि में छोटा था, तब क्या तू इस्राएली गोत्रों का प्रधान न हो गया, और क्या यहोवा ने इस्राएल पर राज्य करने को तेरा अभिषेक नहीं किया?
1Sa 15:18 और यहोवा ने तुझे यात्रा करने की आज्ञा दी, और कहा, जाकर उन पापी अमालेकियों को सत्यानाश कर, और जब तक वे मिट न जाएं, तब तक उन से लड़ता रह।
1Sa 15:19 फिर तू ने किस लिये यहोवा की वह बात टाल कर लूट पर टूट के वह काम किया जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है?
1Sa 15:20 शाऊल ने शमूएल से कहा, नि:सन्देह मैं ने यहोवा की बात मानकर जिधर यहोवा ने मुझे भेजा उधर चला, और अमालेकियों को सत्यानाश किया है।
1Sa 15:21 परन्तु प्रजा के लोग लूट में से भेड़-बकरियों, और गाय-बैलों, अर्थात सत्यानाश होने की उत्तम उत्तम वस्तुओं को गिलगाल में तेरे परमेश्वर यहोवा के लिये बलि चढ़ाने को ले आए हैं।
1Sa 15:22 शमूएल ने कहा, क्या यहोवा होमबलियों, और मेलबलियों से उतना प्रसन्न होता है, जितना कि अपनी बात के माने जाने से प्रसन्न होता है? सुन मानना तो बलि चढ़ाने और कान लगाना मेढ़ों की चर्बी से उत्तम है।
1Sa 15:23 देख बलवा करना और भावी कहने वालों से पूछना एक ही समान पाप है, और हठ करना मूरतों और गृहदेवताओं की पूजा के तुल्य है। तू ने जो यहोवा की बात को तुच्छ जाना, इसलिये उस ने तुझे राजा होने के लिये तुच्छ जाना है।
1Sa 15:24 शाऊल ने शमूएल से कहा, मैं ने पाप किया है; मैं ने तो अपनी प्रजा के लोगों का भय मान कर और उनकी बात सुन कर यहोवा की आज्ञा और तेरी बातों का उल्लंघन किया है।
1Sa 15:25 परन्तु अब मेरे पाप को क्षमा कर, और मेरे साथ लौट आ, कि मैं यहोवा को दण्डवत करूं।
1Sa 15:26 शमूएल ने शाऊल से कहा, मैं तेरे साथ न लौटूंगा; क्योंकि तू ने यहोवा की बात को तुच्छ जाना है, और यहोवा ने तुझे इस्राएल का राजा होने के लिये तुच्छ जाना है।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ६८-६९
  • रोमियों ८:१-२१

बुधवार, 3 अगस्त 2011

दोषी मैं हूँ!

जौन और जो ने मिलकर चोरी करी, परन्तु जब पकड़े गए तो दोनो की प्रतिक्रियाएं बिलकुल भिन्न थीं। जौन ने अपनी गलती तुरंत मान ली और उसके लिए पछतावा किया और नुकसान की भरपाई के लिए पैसा भरने की पेशकश करी। किन्तु जो ने इस कार्य के लिए अपने ऊपर कोई ज़िम्मेदारी लेने से इन्कार कर दिया, वरन अपने साथी को ही पूरी रीति से ज़िम्मेदार बनाया। बाद में जो के माता-पिता ने भी जो का ही साथ दिया और जो को निर्दोष बताते हुए उसके इस व्यवहार के लिए उसकी मित्र मण्डली को दोषी ठहराया; उनके अनुसार क्योंकि जो के वे साथी जो को पूरी रीति से अपने साथ स्वीकार नहीं करते थे, इसलिए जो यह कार्य करने पर मजबूर हुआ।

कई लोग यह नहीं पहचान पाते कि अपनी गलतियों को स्वीकार करने की बजाए जब वे उनके लिए दूसरों को दोषी ठहराते हैं तो वे स्वयं अपना ही नुकसान कर रहे हैं। परमेश्वर का वचन बाइबल हमें सिखाती है कि यदि हम अपने पाप ढांपने के प्रयास करेंगे तो कभी उन्नति नहीं करेंगे, लेकिन यदि हम उन्हें मान लेंगे तो हम पर दया करी जाएगी, "जो अपने अपराध छिपा रखता है, उसका कार्य सफल नहीं होता, परन्तु जो उनको मान लेता और छोड़ भी देता है, उस पर दया की जायेगी" (नीतिवचन २८:१३)।

बाइबल की पुस्तक १ राजा के २१ अध्याय में हम अहाब राजा का वृतांत पाते हैं जो अपने पड़ौसी नाबोत की पैत्रिक दाख की बारी लेना चाहता था किन्तु नाबोत उसे बेचने से इन्कार कर रहा था। अहाब की पत्नि को जब यह बात मालुम चली तो उसने मामले को अपनी युक्ति से सुलझाने का निर्णय लिया और अहाब के नाम से राजआज्ञा निकलवा कर नाबोत को मरवा डाला। जब अहाब को इस बात का पता चला तो इस जघन्य अपराध के लिए उसने अपनी पत्नि को दोषी नहीं ठहराया, वरन अपना नाम प्रयोग करने देने के कारण सारा दोष और सारी ज़िम्मेदारी अपने ऊपर ले ली, दुख जताया, पश्चाताप किया और उसपर अदभुत रीति से दया करी गई।

जब कभी हम गलती करें, भला होगा कि हम उसके दोष को स्वीकार कर लें और परमेश्वर से क्षमा मांग लें, क्योंकि वह पहले ही से सारी सच्चाई जानता है और हम उसको कभी मूर्ख नहीं बना सकते।

हम और बेहतर लोग बननेंगे जब हम कहना सीख लेंगे, "दोषी मैं हूँ।" - हर्ब वैण्डर लुग्ट


जो स्वयं का दोष स्वीकार करने वाला होगा, वह अधिक ज़िम्मेदारी उठाने के योग्य भी होगा।

एलिय्याह के ये वचन सुन कर अहाब ने अपने वस्त्र फाड़े, और अपनी देह पर टाट लपेट कर उपवास करने और टाट ही ओढ़े पड़ा रहने लगा, और दबे पांवों चलने लगा। - १ राजा २१:२७


बाइबल पाठ: १ राजा २१:१६-२९

1Ki 21:16 यिज्रेली नाबोत की मृत्यु का समाचार पाते ही अहाब उसकी दाख की बारी अपने अधिकार में लेने के लिये वहां जाने को उठ खड़ा हुआ।
1Ki 21:17 तब यहोवा का यह वचन तिशबी एलिय्यह के पास पहुंचा, कि चल,
1Ki 21:18 शोमरोन में रहने वाले इस्राएल के राजा अहाब से मिलने को जा; वह तो नाबोत की दाख की बारी में है, उसे अपने अधिकार में लेने को वह वहां गया है।
1Ki 21:19 और उस से यह कहना, कि यहोवा यों कहता है, कि क्या तू ने घात किया, और अधिकारी भी बन बैठा? फिर तू उस से यह भी कहना, कि यहोवा यों कहता है, कि जिस स्थान पर कुत्तों ने नाबोत का लोहू चाटा, उसी स्थान पर कुत्ते तेरा भी लोहू चाटेंगे।
1Ki 21:20 एलिय्याह को देख कर अहाब ने कहा, हे मेरे शत्रु! क्या तू ने मेरा पता लगाया है? उस ने कहा हां, लगाया तो है; और इसका कारण यह है, कि जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है, उसे करने के लिये तू ने अपने को बेच डाला है।
1Ki 21:21 मैं तुझ पर ऐसी विपत्ति डालूंगा, कि तुझे पूरी रीति से मिटा डालूंगा; और अहाब के घर के एक एक लड़के को और क्या बन्धुए, क्या स्वाधीन इस्राएल में हर एक रहने वाले को भी नाश कर डालूंगा।
1Ki 21:22 और मैं तेरा घराना नबात के पुत्र यारोबाम, और अहिय्याह के पुत्र बाशा का सा कर दूंगा, इसलिये कि तू ने मुझे क्रोधित किया है, और इस्राएल से पाप करवाया है।
1Ki 21:23 और हेज़ेबेल के विषय में यहोवा यह कहता है, कि यिज्रेल के किले के पास कुत्ते हेज़ेबेल को खा डालेंगे।
1Ki 21:24 अहाब का जो कोई नगर में मर जाएगा उसको कुत्ते खा लेंगे और जो कोई मैदान में मर जाएगा उसको आकाश के पक्षी खा जाएंगे।
1Ki 21:25 सचमुच अहाब के तुल्य और कोई न था जिसने अपनी पत्नी हेज़ेबेल के उकसाने पर वह काम करने को जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है, अपने को बेच डाला था।
1Ki 21:26 वह तो उन एमोरियों की नाईं जिनको यहोवा ने इस्राएलियों के साम्हने से देश से निकाला था बहुत ही घिनौने काम करता था, अर्थात मूरतों की उपासना करने लगा था।
1Ki 21:27 एलिय्याह के ये वचन सुन कर अहाब ने अपने वस्त्र फाड़े, और अपनी देह पर टाट लपेट कर उपवास करने और टाट ही ओढ़े पड़ा रहने लगा, और दबे पांवों चलने लगा।
1Ki 21:28 और यहोवा का यह वचन तिशबी एलिय्याह के पास पहुंचा,
1Ki 21:29 कि क्या तू ने देखा है कि अहाब मेरे साम्हने नम्र बन गया है? इस कारण कि वह मेरे साम्हने नम्र बन गया है मैं वह विपत्ति उसके जीते जी उस पर न डालूंगा परन्तू उसके पुत्र के दिनों में मैं उसके घराने पर वह विपत्ति भेजूंगा।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ६३-६५
  • रोमियों ६

सोमवार, 1 अगस्त 2011

अनुचित दृष्टिकोण

एक प्रयोग के लिए शोधकर्ताओं ने कुछ लोगों को विशेष ऐनकें पहिना दीं जिनके शीशे विशेष प्रकार से बनाए गए थे। इन ऐनकों को पहिनने से चीज़ें उलटी दिखने लगती थीं, सीधी रेखाएं गोलाकार प्रतीत होती थीं और किसी आकार की सीमारेखाएं धुंधली और रंगीन प्रतीत होती थीं। कुछ दिन इन ऐनकों को पहिने रहने के बाद पहनने वालों ने शोधकर्ताओं को बताया कि आरंभ में अस्वभाविक दिखने वाले आकार, उलटी दिखने वाली चीज़ें और टेढ़ी रेखाएं धीरे धीरे समाप्त हो गईं और उनके स्थान पर संसार कि चीज़ें पहले के समान ही अपने स्वाभाविक रूप में दिखने लगीं। उनके मस्तिष्क ने उन ऐनकों से होकर आने वाले गलत जानकारी को पहिचान लिया था और उस जानकारी को स्वतः ही सुधार कर स्वाभाविक रूप में फिर से उसका सही आँकलन करना आरंभ कर दिया था। हमारे मस्तिष्क की यह कार्यकुशलता हमें परमेश्वर की ओर से मिला एक वर्दान है जिसके लिए हमें परमेश्वर का धन्यवादी होना चाहिए।

परमेश्वर के वचन बाइबल की पुस्तक नीतिवचन सिखाती है कि हमारा मन और मस्तिष्क आत्मिक बातों के लिए इसी कुशलता से काम नहीं करता। हमारा मन और मस्तिष्क हमें पाप के मायाजल में से निकाल पाने में असमर्थ है। हम अपने आप को निर्दोष और सही ही देखते रहते हैं यद्यपि हमारे मन की भावनाएं स्वार्थी, बुरी और पापी बनी रहती हैं तथा परमेश्वर के सामने हम पापी होते हैं। अपने आप को न्यायसंगत और सही ठहराने के लिए लोग अपने गलत व्यवहार का दोष अपने वातावरण पर या अपनी परिस्थितयों पर या अपने गलत पालन-पोषण पर लगाते हैं। वे अपने स्वार्थ, विद्रोह और नियमों के उल्लंघन को नहीं देखते, वरन अपने आप को मासूम और परिस्थितियों का पीड़ित बताते हैं। इस के द्वारा वे अपने अनैतिक और पापी विचार तथा व्यवहार को जायज़ ठहराते हैं। उनकी नज़र में उन में कोई दोष नहीं है और उनका मार्ग सही है।

लेकिन परमेश्वर कहता है "मन तो सब वस्तुओं से अधिक धोखा देने वाला होता है, उस में असाध्य रोग लगा है; उसका भेद कौन समझ सकता है? मैं यहोवा मन की खोजता और हृदय को जांचता हूँ ताकि प्रत्येक जन को उसकी चाल-चलन के अनुसार अर्थात उसके कामों का फल दूं" (यर्मियाह १७:९)। हम अपने आप को धोखे में रख सकते हैं परमेश्वर को नहीं; और एक न एक दिन प्रत्येक को अपना हिसाब उसे देना ही होगा। परमेश्वर का वचन बाइबल ही वह सही दृष्टिकोण हमें प्रदान करता है जिससे हर बात को परमेश्वर के दृष्टिकोण से देख पाने की सामर्थ हमें प्राप्त होती है, पाप का सही बोध मिलता है और परमेश्वर का आत्मा जो उसके प्रत्येक विश्वासी में निवास करता है, हमें हमारे गलत व्यवहार से पश्चाताप द्वारा ठीक होने के लिए मार्गदर्शन भी करता है।

अनुचित दृष्टिकोण से हटकर सही दृष्टिकोण अपनाना ही आते न्याय से बचने का मार्ग है। - मार्ट डी हॉन


पाप से अन्धी आँखों को ठीक करने के लिए बाइबल ही सही ऐनक है।

मनुष्य का सारा चालचलन अपनी दृष्टि में तो ठीक होता है, परन्तु यहोवा मन को जांचता है - नीतिवचन २१:२


बाइबल पाठ: नीतिवचन ३०:५-१३

Pro 30:5 ईश्वर का एक एक वचन ताया हुआ है; वह अपने शरणागतों की ढाल ठहरा है।
Pro 30:6 उसके वचनों में कुछ मत बढ़ा, ऐसा न हो कि वह तुझे डांटे और तू झूठा ठहरे।
Pro 30:7 मैं ने तुझ से दो वर मांगे हैं, इसलिये मेरे मरने से पहिले उन्हें मुझे देने से मुंह न मोड़:
Pro 30:8 अर्थात व्यर्थ और झूठी बात मुझ से दूर रख; मुझे न तो निर्धन कर और न धनी बना, प्रतिदिन की रोटी मुझे खिलाया कर।
Pro 30:9 ऐसा न हो, कि जब मेरा पेट भर जाए, तब मैं इन्कार करके कहूं कि यहोवा कौन है? वा अपना भाग खोकर चोरी करूं, और अपने परमेश्वर का नाम अनुचित रीति से लूं।
Pro 30:10 किसी दास की, उसके स्वामी से चुगली न करना, ऐसा न हो कि वह तुझे शाप दे, और तू दोषी ठहराया जाए।
Pro 30:11 ऐसे लोग हैं, जो अपने पिता को शाप देते और अपनी माता को धन्य नहीं कहते।
Pro 30:12 ऐसे लोग हैं जो अपनी दृष्टि में शुद्ध हैं, तौभी उनका मैल धोया नहीं गया।
Pro 30:13 एक पीढ़ी के लोग ऐसे हैं उनकी दृष्टि क्या ही घमण्ड से भरी रहती है, और उनकी आंखें कैसी चढ़ी हुई रहती हैं।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ५७-५९
  • रोमियों ४

रविवार, 31 जुलाई 2011

दोषारोपण

प्रभु यीशु मसीह के अनुयायी फ्रैड ग्रिम ने, जो नियमों के पालन पर नज़र रखने वाले विभाग में कार्य करता था, अपना एक अनुभव बताया: एक परिवार कलह में पड़ा हुआ था, जिसके लिए पिता अपने पुत्र को दोषी ठहराता रहता था। यद्यपि वे पति पत्नि वर्षों से आपस में लड़ रहे थे, फिर भी पिता अपने पुत्र से यही कहता रहता था कि यदि किसी दिन मैं तुम्हें और तुम्हारी माँ को छोड़ कर चला गया तो यह तुम्हारी गलती के कारण होगा। एक दिन अचानक पति को अधरंग का दौरा पड़ा और वह मर गया। अब माँ ने भी अपने बेटे को ही अपनी पिता की मृत्यु के लिए दोषी ठहराया। वह लड़का बिलकुल टूट गया।

दूसरों को अपनी परेशानियों के लिए दोषी ठहराना न केवल अनन्यायपूर्ण है वरन क्रूर भी है और परमेश्वर को अति नापसन्द है। मिस्त्र से कनान देश की अपनी यात्रा के समय इस्त्राएल के लोगों ने भी यह किया। जब उन्हें पानी और भोजन की घटी हुई तो वे हड़बड़ा गए और उन्होंने अपनी परिस्थितियों के लिए अपने अगुवे मूसा और उसके भाई हारून को दोषी ठहराया। परमेश्वर ने दो बार तो उन्हें इस बात के लिए माफ कर दिया, लेकिन जब इस्त्राएलियों ने दोषारोपण को अपनी प्रवृति ही बना लिया तो परमेश्वर को उनके विरुद्ध कार्य करना पड़ा और उन्हें परमेश्वर से कठोर दण्ड का सामना करना पड़ा।

दोषारोपण बहुत हानिकारक हो सकता है। अकसर समस्या का कारण और समाधान दोनो ही हमारे पास ही होते हैं लेकिन हमारा अहम हमें इसे स्वीकार करने नहीं देता और हम दूसरों को अपनी परिस्थितियों के लिए ज़िम्मेदार ठहरा कर अपनी कमज़ोरी को छुपाना या अपने दायित्व से बचना चाहते हैं। ऐसा करके हम कुछ समय के लिए शायद समस्या से बच जाएं या उसके प्रभावों को टाल दें लेकिन यह कोई दीर्घ कालीन अथवा समुचित उपाय नहीं है। लोगों को हमारी प्रवृति पहचानने में अधिक समय नहीं लगेगा, और फिर हम और भी अधिक गंभीर समस्या में पड़ने से बच नहीं सकते।

दोषारोपण के स्थान पर हमें अपनी परिस्थिति का विशलेषण करने, अपनी कमियों और गलतियों को स्वीकार करने और परमेश्वर की सहायता से उन्हें सुधारने की आवश्यक्ता है। इसी मार्ग का अनुसरण कर के हम अपनी गलतियों से सीख भी सकेंगे, अपने आप को सुधार भी सकेंगे और और लोगों में अपनी विश्वासयोग्यता को बना भी सकेंगे। - हर्ब वैण्डर लुग्ट


दूसरों को दोषी ठहराकर हम परमेश्वर को प्रसन्न कभी नहीं कर सकेंगे।

जंगल में इस्राएलियों की सारी मण्डली मूसा और हारून के विरूद्ध बकझक करने लगी। - निर्गमन १६:२


बाइबल पाठ: निर्गमन १५:२२-१६:५

Exo 15:22 तब मूसा इस्राएलियों को लाल समुद्र से आगे ले गया, और वे शूर नाम जंगल में आए; और जंगल में जाते हुए तीन दिन तक पानी का सोता न मिला।
Exo 15:23 फिर मारा नाम एक स्थान पर पहुंचे, वहां का पानी खारा था, उसे वे न पी सके; इस कारण उस स्थान का नाम मारा पड़ा।
Exo 15:24 तब वे यह कह कर मूसा के विरूद्ध बकझक करने लगे, कि हम क्या पीएं ?
Exo 15:25 तब मूसा ने यहोवा की दोहाई दी, और यहोवा ने उसे एक पौधा बतला दिया, जिसे जब उस ने पानी में डाला, तब वह पानी मीठा हो गया। वहीं यहोवा ने उनके लिये एक विधि और नियम बनाया, और वहीं उस ने यह कह कर उनकी परीक्षा की,
Exo 15:26 कि यदि तू अपने परमेश्वर यहोवा का वचन तन मन से सुने, और जो उसकी दृष्टि में ठीक है वही करे, और उसकी सब विधियों को माने, तो जितने रोग मैं ने मिस्रियों पर भेजा है उन में से एक भी तुझ पर न भेजूंगा, क्योंकि मैं तुम्हारा चंगा करने वाला यहोवा हूं।
Exo 15:27 तब वे एलीम को आए, जहां पानी के बारह सोते और सत्तर खजूर के पेड़ थे और वहां उन्होंने जल के पास डेरे खड़े किए।
Exo 16:1 फिर एलीम से कूच करके इस्राएलियों की सारी मण्डली, मिस्र देश से निकलने के महीने के दूसरे महीने के पंद्रहवे दिन को, सीन नाम जंगल में, जो एलीम और सीनै पर्वत के बीच में है, आ पहुंची।
Exo 16:2 जंगल में इस्राएलियों की सारी मण्डली मूसा और हारून के विरूद्ध बकझक करने लगी।
Exo 16:3 और इस्राएली उन से कहने लगे, कि जब हम मिस्र देश में मांस की हांडियों के पास बैठ कर मनमाना भोजन खाते थे, तब यदि हम यहोवा के हाथ से मार डाले भी जाते तो उत्तम वही था, पर तुम हम को इस जंगल में इसलिये निकाल ले आए हो कि इस सारे समाज को भूखों मार डालो।
Exo 16:4 तब यहोवा ने मूसा से कहा, देखो, मैं तुम लोगों के लिये आकाश से भोजन वस्तु बरसाऊंगा और ये लोग प्रतिदिन बाहर जाकर प्रतिदिन का भोजन इकट्ठा करेंगे, इस से मैं उनकी परीक्षा करूंगा, कि ये मेरी व्यवस्था पर चलेंगे कि नहीं।
Exo 16:5 और ऐसा होगा कि छठवें दिन वह भोजन और दिनों से दूना होगा, इसलिये जो कुछ वे उस दिन बटोरें उसे तैयार कर रखें।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ५४-५६
  • रोमियों ३

शनिवार, 30 जुलाई 2011

व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी

सॉल्मन मछली की नैसर्गिक प्रवृति है कि जिस स्थान पर वह स्वयं पैदा हुई थी, समुंदर और नदियों मे सैंकड़ों मील का सफर तय कर के वे वहीं अपने अंडे देने भी आती हैं। एक तरह से वे एक अदृश्य शक्ति के वशीभूत होकर इस यात्रा और कार्य को पूरा करती हैं। लेकिन मनुष्य जानवरों से भिन्न है। हम अपने व्यवहार के लिए व्यक्तिगत रीति से ज़िम्मेदार हैं और अपने कार्यों के लिए किसी नैसर्गिक प्रक्रिया को दोषी नहीं ठहरा सकते।

अमेरिका में एक अपराधी, जिस पर अनेक हत्याओं का दोष था, मृत्यु दण्ड पाने से पहले बिलकुल अन्तिम समय में सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले से बचाया गया। उसका मानना है कि जानवरों का नैसर्गिक व्यवहार और मनुष्यों व्यवहार एक समान ही हैं। अपने द्वारा करी गई अनेक हत्याओं के विष्य में उसका कहना है कि "वे बस यों ही हो गईं"; उसकी धारणा है कि हत्याओं के लिए कोई अनजानी शक्ति ज़िम्मेदार है, जिसके आधीन उसने बन्दूक चलाई।

लगभग २५०० वर्ष पहले इस्त्राएलियों ने भी अपने अनुचित व्यवहार के लिए परमेश्वर से ऐसा ही बहाना बनाया। उन्होंने एक कहावत को उध्दरित करते हुए अपने व्यवहार का दोष अपने बाप-दादाओं के ऊपर मढ़ना चाहा। लेकिन अपने भविष्यद्वक्ता यहेजकेल द्वारा परमेश्वर ने उन्हें बताया कि वे इन बहानों द्वारा अपनी ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकते। परमेश्वर ने उन्हें स्पष्ट कहा कि कोई भला आदमी अपनी दुष्ट सन्तान के कारण दोषी नहीं ठहरेगा और न ही कोई भली सन्तान अपने दुष्ट पिता के पापों के लिए दोषी ठहरेगी। सब को अपनी अपनी ज़िम्मेदारी उठानी पड़ेगी।

हमारी परिस्थिती चाहे कैसी भी क्यों न हो, हम अपने किये के लिए ज़िम्मेदार रहते हैं; संसार के कानून भी इस बात को मानते हैं, इसका पालन करते हैं और इसी आधार पर उन में दण्ड भी निर्धारित किए गए हैं। इसलिए हमारे लिए यही भला है कि हम अपने पापों के लिए परमेश्वर के सामने बहाने बनाने और परिस्थित्यों तथा अन्य लोगों को दोषी ठहराने के बजाए, अपने पापों का अंगीकार कर लें, परमेश्वर प्रभु यीशु से उनके लिए क्षमा माँग लें तथा समय रहते उनके दोष से मुक्त हो जाएं। - हर्ब वैन्डर लुग्ट


अकसर लोग अपनी मूर्खता को ’भाग्य’ कह कर अपनी ज़िम्मेदारी से बचना चाहते हैं।

देखो, सभों के प्राण तो मेरे हैं; जैसा पिता का प्राण, वैसा ही पुत्र का भी प्राण है; दोनों मेरे ही हैं। इसलिये जो प्राणी पाप करे वही मर जाएगा। - यहेजकेल १८:४


बाइबल पाठ: यहेजकेल १८:१-१८

Eze 18:1 फिर यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,
Eze 18:2 तुम लोग जो इस्राएल के देश के विषय में यह कहावत कहते हो, कि जंगली अंगूर तो पुरखा लोग खाते, परन्तु दांत खट्टे होते हैं लड़के-बालों के, इसका क्या अर्थ है?
Eze 18:3 प्रभु यहोवा यों कहता है कि मेरे जीवन की शपथ, तुम को इस्राएल में फिर यह कहावत कहने का अवसर न मिलेगा।
Eze 18:4 देखो, सभों के प्राण तो मेरे हैं; जैसा पिता का प्राण, वैसा ही पुत्र का भी प्राण है; दोनों मेरे ही हैं। इसलिये जो प्राणी पाप करे वही मर जाएगा।
Eze 18:5 जो कोई धमीं हो, और न्याय और धर्म के काम करे,
Eze 18:6 और न तो पहाड़ों पर भोजन किया हो, न इस्राएल के घराने की मूरतों की ओर आंखें उठाई हों, न पराई स्त्री को बिगाड़ा हो, और न ऋतुमती के पास गया हो,
Eze 18:7 और न किसी पर अन्धेर किया हो वरन ऋणी को उसकी बन्धक फेर दी हो, न किसी को लूटा हो, वरन भूखे को अपनी रोटी दी हो और नंगे को कपड़ा ओढ़ाया हो,
Eze 18:8 न ब्याज पर रुपया दिया हो, न रुपए की बढ़ती ली हो, और अपना हाथ कुटिल काम से रोका हो, मनुष्य के बीच सच्चाई से न्याय किया हो,
Eze 18:9 और मेरी विधियों पर चलता और मेरे नियमों को मानता हुआ सच्चाई से काम किया हो, ऐसा मनुष्य धमीं है, वह निश्चय जीवित रहेगा, प्रभु यहोवा की यही वाणी है।
Eze 18:10 परन्तु यदि उसका पुत्र डाकू, हत्यारा, वा ऊपर कहे हुए पापों में से किसी का करने वाला हो,
Eze 18:11 और ऊपर कहे हुए उचित कामों का करने वाला न हो, और पहाड़ों पर भोजन किया हो, पराई स्त्री को बिगाड़ा हो,
Eze 18:12 दीन दरिद्र पर अन्धेर किया हो, औरों को लूटा हो, बन्धक न फेर दी हो, मूरतों की ओर आंख उठाई हो, घृणित काम किया हो,
Eze 18:13 ब्याज पर रुपया दिया हो, और बढ़ती ली हो, तो क्या वह जीवित रहेगा? वह जीवित न रहेगा? इसलिये कि उस ने ये सब घिनौने काम किए हैं वह निश्चय मरेगा और उसका खून उसी के सिर पड़ेगा।
Eze 18:14 फिर यदि ऐसे मनुष्य के पुत्र हों और वह अपने पिता के ये सब पाप देख कर भय के मारे उनके समान न करता हो।
Eze 18:15 अर्थात न तो पहाड़ों पर भोजन किया हो, न इस्राएल के घराने की मूरतों की ओर आंख उठाई हो, न पराई स्त्री को बिगाड़ा हो,
Eze 18:16 न किसी पर अन्धेर किया हो, न कुछ बन्धक लिया हो, न किसी को लूटा हो, वरन अपनी रोटी भूखे को दी हो, नंगे को कपड़ा ओढ़ाया हो,
Eze 18:17 दीन जन की हानि करने से हाथ रोका हो, ब्याज और बढ़ी न ली हो, मेरे नियमों को माना हो, और मेरी विधियों पर चला हो, तो वह अपने पिता के अधर्म के कारण न मरेगा, वरन जीवित ही रहेगा।
Eze 18:18 उसका पिता, जिस ने अन्धेर किया और लूटा, और अपने भाइयों के बीच अनुचित काम किया है, वही अपने अधर्म के कारण मर जाएगा।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ५१-५३
  • रोमियों २

रविवार, 24 जुलाई 2011

भिन्न मापदण्ड

लोगों को नापने के मापदण्ड में परमेश्वर और संसार में बहुत फर्क है। संसार लोगों को उनकी दौलत, शोहरत और रुतबे के अनुसार नापता है, चाहे उन का नैतिक और आत्मिक स्तर कैसा भी हो। इसकी तुलना में परमेश्वर मनुष्य में दीनता, नम्रता, खराई, निस्वार्थ होना आदि गुण देखता है।

कई बार हम लोगों को गलत समझते हैं क्योंकि हम उनके हृदयों की दशा से अनभिज्ञ होते हैं। यहूदी लोग, अपने समाज में शास्त्रियों को बड़े आदर का स्थान देते थे क्योंकि वे शास्त्री बिना कोई मेहनताना लिए, अपने हाथों से, परमेश्वर के वचन की प्रतिलिपियाँ बनाया करते थे। इस कार्य को करने के कारण लोग उन्हें बड़ा धार्मिक मानते थे। लेकिन प्रभु यीशु उनके मन की वास्तविकता पहचानते थे। उन्हें पता था कि ये शास्त्री समाज में हर जगह अपने आदर्णीय पद का अनुचित लाभ उठाकर अपने स्वार्थसिद्धी के प्रयत्न में रत रहते थे। प्रभु ने मन्दिर में आने वाली एक कंगाल विध्वा के मन की खराई भी देखी, जिसने दो दमड़ी - जो उसका सर्वस्व था, मन्दिर के भंडार में डाल दी, लेकिन किसी मनुष्य ने उसके इस महान त्याग को नहीं पहचाना।

जब हम अपने नापने के स्तर बनाएं और लोगों को उनके अनुसार नापना आरंभ करें तो ध्यान रखें कि परमेश्वर बाहरी स्वरूप को नहीं हृदयों को देखता है। वह हमें भी हमारे हृदय की दशा कि अनुसार ही आँकेगा, संसार के स्तर अथवा मापदण्ड के अनुसार नहीं। उसका प्रतिफल उसके अपने मापदण्ड के अनुसार होगा, हमारे या संसार के मापदण्ड अथवा सिफारिश के अनुसार नहीं।

यदि हम अपने जीवन में परमेश्वर के पवित्र आत्मा की शिक्षाओं के प्रति संवेदनशील रहेंगे, और उसी पर निर्भर होकर, उसी के मार्ग दर्शन में होकर चलेंगे, तो वह हमारे अन्दर एक ऐसा जीवन उत्पन्न करेगा जो परमेश्वर के मापदण्ड पर खरा होगा और अनन्त काल के लिए भले प्रतिफलों से भरा होगा।

यदि हमारे जीवनों में मसीही जीवन का बिगड़ा हुआ स्वरूप है, तो हम ने संसार को अपना जीवन प्रभावित करने दिया है।

...यहोवा का देखना मनुष्य का सा नहीं है? मनुष्य तो बाहर का रूप देखता है, परन्तु यहोवा की दृष्टि मन पर रहती है। - १ शमूएल १६:७


बाइबल पाठ: लूका २०:४५-२१:४

Luk 20:45 जब सब लोग सुन रहे थे, तो उस ने अपके चेलों से कहा।
Luk 20:46 शास्‍त्रियों से चौकस रहो, जिन को लम्बे लम्बे वस्‍त्र पहिने हुए फिरना भाता है, और जिन्‍हें बाजारों में नमस्‍कार, और सभाओं में मुख्य आसन और जेवनारों में मुख्य स्थान प्रिय लगते हैं।
Luk 20:47 वे विधवाओं के घर खा जाते हैं, और दिखाने के लिये बड़ी देर तक प्रार्थना करते रहते हैं: वे बहुत ही दण्‍ड पाएंगे।
Luk 21:1 फिर उस ने आंख उठा कर धनवानों को अपना अपना दान भण्‍डार में डालते देखा।
Luk 21:2 और उस ने एक कंगाल विधवा को भी उस में दो दमडिय़ां डालते देखा।
Luk 21:3 तब उस ने कहा मैं तुम से सच कहता हूं कि इस कंगाल विधवा ने सब से बढ़ कर डाला है।
Luk 21:4 क्‍योंकि उन सब ने अपनी बढ़ती में से दान में कुछ डाला है, परन्‍तु इस ने अपनी घटी में से अपनी सारी जीविका डाल दी है।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ३५-३६
  • प्रेरितों २५

शनिवार, 23 जुलाई 2011

काफी नहीं

हास्यकार सैम लेविन्सन ने एक ड्राईवर की कहानी सुनाई जिसने एक खड़ी हुई गाड़ी के शीशे पर कागज़ की एक पर्ची लगाई जिस पर लिखा था, "मैं अभी आपकी गाड़ी से टकराया हूँ। जिन लोगों ने मेरे द्वार हुए इस टक्कर को होते देखा, वे मुझे देख रहे हैं। उन्हें लग रहा है कि मैं इस पर्ची पर लिखकर माफी माँग रहा हूँ और अपना नाम तथा पता लिख रहा हूँ। जी नहीं, न मैं ऐसा कर रहा हूँ और न ही ऐसा करने का मेरा कोई इरादा है।"

बाइबल के पुराने नियम में यर्मियाह भविष्यद्वक्ता की पुस्तक के ३ अध्याय में भी एक ऐसे ही कपट का उल्लेख है - यहूदा के लोगों ने परमेश्वर की ओर लौट आने का दिखावा तो किया किंतु उनके मन परमेश्वर से दूर ही रहे। उन्होंने परमेश्वर को "पिता" कह कर तो बुलाया, किंतु साथ ही जो भी बुराई वे कर सकते थे, उसे वे करते रहे (पद ४, ५)।

मैं स्वयं अपने जीवन में परमेश्वर के सामने सच्चाई और खराई से खड़े हो पाने की समस्या से बड़ी किसी और समस्या को नहीं आँक पाता, उस परमेश्वर के सामने जिस ने अपने आप को मेरे लिए प्रभु यीशु में होकर इतना दीन और नम्र किया है तथा इतना सहज, वास्तविक और इतना उपलब्ध बना दिया है। मसीह यीशु के विष्य में यह कहना, "हाँ, वह मेरा प्रभु और उद्धारकर्ता है; वह मेरे पापों के लिए मरा और मेरी आरधना तथा सेवा का हकदार है" बहुत आसान है, किंतु अपने इस अंगीकार को निभाना, विशेष कर तब जब कोई हमें देख न रहा हो, आसान नहीं है। जब हमारे लाभ के लिए आवश्यक हो तो लोगों के सामने प्रभु के विष्य में सही बातें बोलना और विश्वास के दावे करना तो सहज है, परन्तु परमेश्वर के साथ हमारे दिल की गहराईयों में और जीवन में हमारी इच्छाओं तथा महत्वकांक्षाओं के निर्वाह में हमारा संबंध कैसा है? हमारे अन्दर की सच्चाई सदा ही हमारे बाहर से लोगों को दिखने वाले स्वरूप के अनुसार नहीं होती।

हम स्वयं अपने आप को धोखा देना छोड़ दें। संसार के लोगों की आँखों में आँखें डाल कर कह देना भर काफी नहीं है; क्या अपने जीवन और समर्पण के विष्य में हम परमेश्वर की आँखों में आँखें डालकर, बिना किसी शर्मिंदगी का एहसास किये उसके लिए अपने अंगीकार को दोहरा सकते हैं? - मार्ट डी हॉन


जैसा हमें होना चाहिए, उसके लिए जितनी अधिक मेहनत हम करेंगे, उतना ही कम प्रयास हमें अपनी वास्तविकता को छुपाने के लिए करना पड़ेगा।

इतने पर भी उसकी विश्वासघाती बहिन यहूदा पूर्ण मन से मेरी ओर नहीं फिरी, परन्तु कपट से, यहोवा की यही वाणी है। - यर्मियाह ३:१०


बाइबल पाठ: यर्मियाह ३:४-१०

Jer 3:4 क्या तू अब मुझे पुकार कर कहेगी, हे मेरे पिता, तू ही मेरी जवानी का साथी है?
Jer 3:5 क्या वह मन में सदा क्रोध रखे रहेगा? क्या वह उसको सदा बनाए रहेगा? तू ने ऐसा कहा तो है, परन्तु तू ने बुरे काम प्रबलता के साथ किए हैं।
Jer 3:6 फिर योशिय्याह राजा के दिनों में यहोवा ने मुझ से यह भी कहा, क्या तू ने देखा कि भटकने वाली इस्राएल ने क्या किया है? उस ने सब ऊंचे पहाड़ों पर और सब हरे पेड़ों के तले जा जाकर व्यभिचार किया है।
Jer 3:7 तब मैं ने सोचा, जब ये सब काम वह कर चुके तब मेरी ओर फिरेगी; परन्तु वह न फिरी, और उसकी विश्वासघाती बहिन यहूदा ने यह देखा।
Jer 3:8 फिर मैं ने देखा, जब मैं ने भटकने वाली इस्राएल को उसके व्यभिचार करने के कारण त्याग कर उसे त्यागपत्र दे दिया तौभी उसकी विश्वासघाती बहिन यहूदा न डरी, वरन जाकर वह भी व्यभिचारिणी बन गई।
Jer 3:9 उसके निर्लज्ज-व्यभिचारिणी होने के कारण देश भी अशुद्ध हो गया, उस ने पत्थर और काठ के साथ भी व्यभिचार किया।
Jer 3:10 इतने पर भी उसकी विश्वासघाती बहिन यहूदा पूर्ण मन से मेरी ओर नहीं फिरी, परन्तु कपट से, यहोवा की यही वाणी है।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ३३-३४
  • प्रेरितों २४

शुक्रवार, 22 जुलाई 2011

कहा सो करा

जुआ खेलने की लत से चाहे हम दूर हों परन्तु जुआ खेलने की प्रवृति से कोई भी अनजान नहीं है। जुए के कई रूप हो सकते हैं और इन से छेड़-छाड़ से हमें रोमांच और उत्तेजना मिल सकती है, लेकिन हर प्रकार के जुए में सदा ही जीतने से कहीं अधिक हार की संभावनाएं निहित रहती हैं। एक अनुमान के अनुसार ६० लाख से अधिक अमेरीकी मानसिक तौर से जुए की लत के शिकार हैं। प्रतिदिन वे थोड़े समय की उत्तेजना और रोमांच के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगाने से नहीं हिचकिचाते।

कुछ मसीही विश्वासियों को इसी प्रकार की समस्या है - आत्मिक जुआ खेलने की प्रवृति। वे परमेश्वर द्वारा पाप और अनैतिक व्यवहार के लिए करी गई उसके न्याय की भविष्यवाणी के विरुद्ध दांव लगाते हैं। उन्हें लगता है कि वे संसार के साथ समझौते और सांसारिक बातों तथा व्यवहार का भी आनन्द ले सकते हैं तथा अपने आत्मिक जीवन की आशीषों को भी बनाए रख सकते हैं।

हम जानते हैं कि भाग्य जैसा कुछ नहीं होता, जो है वह परमेश्वर की इच्छा है - अगर परमेश्वर की इच्छा में बने रहेंगे तो भलाई और आशीषें पाएंगे अन्यथा परशानियाँ और मुसीबतें; लेकिन फिर भी हम पाप से आनन्द लेने में बाज़ नहीं आते। खतरा मोल लेने के रोमांच के वशीभूत हम परमेश्वर के नियमों के विरुद्ध दांव लगा कर हम उस से जीत सकने की आशा बनाए रखते हैं।

परमेश्वर ने कभी हमें किसी प्रकार के कोई सन्देह का स्थान नहीं दिया है कि उसका वचन पूरा होगा कि नहीं - यह संभावना नहीं अवश्यंभावी है। इसमें सन्देह का कोई स्थान नहीं कि जो कुछ परमेश्वर ने कहा है, वह ठीक वैसे ही पूरा भी होगा। इसलिए परमेश्वर के वचन के विपरीत अपनी समझ, बुद्धि, ज्ञान तथा प्रतिभा पर भरोसा रखना मूर्खता है।

पाप के क्षणिक आनन्द की संभावन के लिए दांव लगाने की बजाए हमें परमेश्वर के विश्वास योग्य वचन पर सम्पूर्ण भरोसा रखना चाहिए जिससे अनन्तकाल की आशीषें हमारे साथ बनी रहें, क्योंकि परमेश्वर का गुण है कि जो वह कहता है, वही करता भी है। - मार्ट डी हॉन


संसार का इतिहास गवाह कि परमेश्वर ने जो भी कहा है, वह किया भी है।

मैं जगत के लोगों को उनकी बुराई के कारण, और दुष्टों को उनके अधर्म का दण्ड दूंगा; मैं अभिमानियों के अभिमान को नाश करूंगा और उपद्रव करने वालों के घमण्ड को तोडूंगा। - यशायाह १३:११


बाइबल पाठ: यशायाह १३

Isa 13:1 बाबुल के विषय की भारी भविष्यवाणी जिसको आमोस के पुत्र यशायाह ने दर्शन में पाया।
Isa 13:2 मुंड़े पहाड़ पर एक झंडा खड़ा करो, हाथ से सैन करो और उन से ऊंचे स्वर से पुकारो कि वे सरदारों के फाटकों में प्रवेश करें।
Isa 13:3 मैं ने स्वयं अपने पवित्र किए हुओं को आज्ञा दी है, मैं ने अपने क्रोध के लिये अपने वीरों को बुलाया है जो मेरे प्रताप के कारण प्रसन्न हैं।
Isa 13:4 पहाड़ों पर एक बड़ी भीड़ का सा कोलाहल हो रहा है, मानो एक बड़ी फौज की हलचल हों। राज्य राजय की इकट्ठी की हुई जातियां हलचल मचा रही हैं। सेनाओं का यहोवा युद्ध के लिये अपनी सेना इकट्ठी कर रहा है।
Isa 13:5 वे दूर देश से, आकाश के छोर से आए हैं, हाँ, यहोवा अपने क्रोध के हथियारों समेत सारे देश को नाश करने के लिये आया है।
Isa 13:6 हाय-हाय करो, क्योंकि यहोवा का दिन समीप है; वह सर्वशक्तिमान की ओर से मानो सत्यानाश करने के लिये आता है।
Isa 13:7 इस कारण सब के हाथ ढ़ीले पड़ेंगे, और हर एक मनुष्य का हृदय पिघल जाएगा,
Isa 13:8 और वे घबरा जाएगें। उनको पीड़ा और शोक होगा; उनको जच्चा की सी पीड़ाएं उठेंगी। वे चकित होकर एक दूसरे को ताकेंगे, उनके मुंह जल जायेंगे।
Isa 13:9 देखो, यहोवा का वह दिन रोष और क्रोध और निर्दयता के साथ आता है कि वह पृथ्वी को उजाड़ डाले और पापियों को उस में से नाश करे।
Isa 13:10 क्योंकि आकाश के तारागण और बड़े बड़े नक्षत्र अपना प्रकाश न देंगे, और सूर्य उदय होते होते अन्धेरा हो जाएगा, और चन्द्रमा अपना प्रकाश न देगा।
Isa 13:11 मैं जगत के लोगों को उनकी बुराई के कारण, और दुष्टों को उनके अधर्म का दण्ड दूंगा; मैं अभिमानियों के अभिमान को नाश करूंगा और उपद्रव करने वालों के घमण्ड को तोडूंगा।
Isa 13:12 मैं मनुष्य को कुन्दन से, और आदमी को ओपीर के सोने से भी अधिक महंगा करूंगा।
Isa 13:13 इसलिये मैं आकाश को कंपाऊंगा, और पृथ्वी अपने स्थान से टल जाएगी, यह सेनाओं के यहोवा के रोष के कारण और उसके भड़के हुए क्रोध के दिन होगा।
Isa 13:14 और वे खदेड़े हुए हरिण, वा बिन चरवाहे की भेड़ों की नाईं अपने अपने लोगों की ओर फिरेंगे, और अपने अपने देश को भाग जाएंगे।
Isa 13:15 जो कोई मिले सो बेधा जाएगा, और जो कोई पकड़ा जाए, वह तलवार से मार डाला जाएगा।
Isa 13:16 उनके बाल-बच्चे उनके साम्हने पटक दिए जाएंगे और उनके घर लूटे जाएंगे, और उनकी स्त्रियां भ्रष्ट की जाएंगी।
Isa 13:17 देखो, मैं उनके विरूद्ध मादी लोगों को उभारूंगा जो न तो चान्दी का कुछ विचार करेंगे और न सोने का लालच करेंगे।
Isa 13:18 वे तीरों से जवानों को मारेंगे, और बच्चों पर कुछ दया न करेंगे, वे लड़कों पर कुछ तरस न खाएंगे।
Isa 13:19 और बाबुल जो सब राज्यों का शिरोमणि है, और जिस की शोभा पर कसदी लोग फूलते हैं, वह ऐसा हो जाएगा जैसे सदोम और अमोरा, जब परमेश्वर ने उन्हें उलट दिया था।
Isa 13:20 वह फिर कभी न बसेगा और युग युग उस में कोई वास न करेगा; अरबी लोग भी उस में डेरा खड़ा न करेंगे, और न चरवाहे उस में अपने पशु बैठाएंगे।
Isa 13:21 वहां जंगली जन्तु बैठेंगे, और उल्लू उन के घरों में भरे रहेंगे; वहां शुतुर्मुर्ग बसेंगे, और छगलमानस वहां नाचेंगे। उस नगर के राज-भवनों में हुंडार,
Isa 13:22 और उसके सुख-विलास के मन्दिरों में गीदड़ बोला करेंगे; उसके नाश होने का समय निकट आ गया है, और उसके दिन अब बहुत नहीं रहे।

एक साल में बाइबल:
  • भजन ३१-३२०
  • प्रेरितों २३:१६-३५

गुरुवार, 21 जुलाई 2011

बोया सो काटोगे

लेखक तथा कैदख़ानों की दशा में सुधार में लगे सामजिक कार्यकर्ता चार्ल्स कोल्सन ने अन्य देशों के लिए जासूसी करने में लगे अमेरीकियों की संख्या में आक्समत वृद्धि से संबंधित एक चर्चा के दौरान कहा कि जो अमेरिका ने बोया है अब वह उसी की कटनी काट रहा है। मध्य बीसवीं शताब्दी के बाद अपने विज्ञान और आर्थिक समृद्धि के नशे में अधिकांश अमेरीकी नागरिकों ने परमेश्वर की मौजूदगी तथा महत्व को त्याग दिया। ना केवल उन्होंने परमेश्वर के अस्तित्व का इन्कार किया वरन उसके द्वारा स्थापित नैतिक मान्दण्डों को भी मानने से इन्कार कर दिया। उनका कहना था कि वे स्वयं निर्धारित करेंगे कि क्या सही है और क्या गलत। इसके लिए उन्हें किसी अन्य से कुछ सीखने की आवश्यक्ता नहीं है। उनके लिए देशभक्ति, कर्तव्य, वफादारी, भक्ति आदि व्यर्थ बातें हैं जो उनके परिहास का विष्य बनीं। लेकिन आज अमेरीका उनके द्वारा लिए गए निर्ण्यों का कटु प्रतिफल भोग रहा है - अनगिनित गर्भपात, तलाक और टूटे हुए घर-परिवार, परसपर अविश्वास तथा समाज में बढ़ती हुई हिंसा, युवकों में बढ़ती हुई नशे की लत और आत्म हत्याएं आदि सब एक बिखरे, अस्थिर और परमेश्वर विहीन समाज को दिखा रहे हैं जो अपनी दिशा खो चुका है और अनैतिकता की ढाल पर अपने विनाश की ओर तेज़ी से लुढ़कता जा रहा है - क्योंकि उन्होंने अपने बाप-दादों के परमेश्वर और उसके नियमों तथा अपने देश की स्थापना और संविधान बाइबल के आधार को त्याग कर अपना मार्ग और अपने नियम स्वयं तय करने का निर्णय लिया।

बाइबल के पुराने नियम की एक छोटी सी पुस्तक - ओबाद्याह, जिसमें केवल एक ही अध्याय है, में परमेश्वर ने ओबाद्याह भविष्यद्वक्ता द्वारा एदोम के निवासियों को चेतावनी दी - जो बोया है वही काटोगे। उन के शराब और राग रंग के भोज मनाए जाने, उन के घमंड तथा अत्याचार के कारण परमेश्वर ने उन्हें चिताया कि शीघ्र ही उसका न्याय उन पर पड़ने वाला है और फिर वे नशे की नहीं वरन परमेश्वर के प्रकोप की मदिरा पीएंगे। यह भविष्यवाणी थोड़े ही समय बाद पूरी हुई जब एदोम अन्य जातियों से युद्ध में सदा के लिए विनाश में चला गया।

बोने और काटने के मूल सिद्धांत को हमें कभी भूलना नहीं चाहिए। जब हम परमेश्वर की दृष्टि में भला करते हैं तो परमेश्वर से आशीष पाते हैं, और जब वह करते हैं जो उसकी दृष्टि में बुरा है तो उसके न्याय का सामना करते हैं। परमेश्वर का यह सिद्धांत समस्त संसार के जीवन के ताने-बाने में बुना हुआ है। बाइबल के परमेश्वर और उसके नियमों को मानने या ना मानने से यह सिद्धांत किसी के लिए बदलता नहीं, सदा समान रूप से कार्यकारी रहता है; और न केवल व्यक्तियों वरन राष्ट्रों पर भी समान रूप से लागू होता है। परमेश्वर और उसके नियमों का परित्याग करना एवं इस मूल सिद्धांत की अवहेलना करना, अपने ही हाथों अपनी मुसीबत को दावत देना है।

इसे चाहे भविष्य के न्याय की चेतावनी समझें अथवा आती भलाई का वायदा - जैसा बोएंगे वैसा ही काटेंगे। - हर्ब वैण्डर लुग्ट


जो कांटे बोते हैं उन्हें फूल चुनने की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।

क्योंकि सारी अन्य जातियों पर यहोवा के दिन का आना निकट है। जैसा तू ने किया है, वैसा ही तुझ से भी किया जाएगा, तेरा व्यवहार लौट कर तेरे ही सिर पर पड़ेगा। - ओबाद्याह १:१५


बाइबल पाठ: ओबाद्याह

Oba 1:1 ओबद्याह का दर्शन। हम लोगों ने यहोवा की ओर से समाचार सुना है, और एक दूत अन्य जातियों में यह कहने को भेजा गया है:
Oba 1:2 उठो! हम उस से लड़ने को उठें! मैं तुझे जातियों में छोटा कर दूंगा, तू बहुत तुच्छ गिना जाएगा।
Oba 1:3 हे पहाड़ों की दरारों में बसने वाले, हे ऊंचे स्थान में रहने वाले, तेरे अभिमान ने तुझे धोखा दिया है; तू मन में कहता है,
Oba 1:4 कौन मुझे भूमि पर उतार देगा? परन्तु चाहे तू उकाब की नाईं ऊंचा उड़ता हो, वरन तारागण के बीच अपना घोंसला बनाए हो, तौभी मैं तुझे वहां से नीचे गिराऊंगा, यहोवा की यही वाणी है।
Oba 1:5 यदि चोर-डाकू रात को तेरे पास आते, (हाय, तू कैसे मिटा दिया गया है!) तो क्या वे चुराए हुए धन से तृप्त होकर चले न जाते? और यदि दाख के तोड़ने वाले तेरे पास आते, तो क्या वे कहीं कहीं दाख न छोड़ जाते?
Oba 1:6 परन्तु एसाव का धन कैसे खोज कर लूटा गया है, उसका गुप्त धन कैसे पता लगा लगा कर निकाला गया है!
Oba 1:7 जितनों ने तुझ से वाचा बान्धी थी, उन सभों ने तुझे सिवाने तक ढकेल दिया है; जो लोग तुझ से मेल रखते थे, वे तुझ को धोखा देकर तुझ पर प्रबल हुए हैं, वे तेरी रोटी खाते हैं, वे तेरे लिये फन्दा लगाते हैं-- उस में कुछ समझ नहीं है।
Oba 1:8 यहोवा की यह वाणी है, क्या मैं उस समय एदोम में से बुद्धिमानों को, और एसाव के पहाड़ में से चतुराई को नाश न करूंगा?
Oba 1:9 और हे तेमान, तेरे शूरवीरों का मन कच्चा न हो जाएगा, और यों एसाव के पहाड़ पर का हर एक पुरूष घात होकर नाश हो जाएगा।
Oba 1:10 हे एसाव, एक उपद्रव के कारण जो तू ने अपने भाई याकूब पर किया, तू लज्जा से ढंपेगा और सदा के लिये नाश हो जाएगा।
Oba 1:11 जिस दिन परदेशी लोग उसकी धन सम्पत्ति छीनकर ले गए, और बिराने लोगों ने उसके फाटकों से घुस कर यरूशलेम पर चिट्ठी डाली, उस दिन तू भी उन में से एक था।
Oba 1:12 परन्तु तुझे उचित न था कि तू अपने भाई के दिन में, अर्थात उसकी विपत्ति के दिन में उसकी ओर देखता रहता, और यहूदियों के नाश होने के दिन उनके ऊपर आनन्द करता, और उनके संकट के दिन बड़ा बोल बोलता।
Oba 1:13 तुझे उचित न था कि मेरी प्रजा की विपत्ति के दिन तू उसके फाटक से घुसता, और उसकी विपत्ति के दिन उसकी धन सम्पत्ति पर हाथ लगाता।
Oba 1:14 तुझे उचित न था कि तिरमुहाने पर उसके भागने वालों को मार डालने के लिये खड़ा होता, और संकट के दिन उसके बचे हुओं को पकड़ाता।
Oba 1:15 क्योंकि सारी अन्य जातियों पर यहोवा के दिन का आना निकट है। जैसा तू ने किया है, वैसा ही तुझ से भी किया जाएगा, तेरा व्यवहार लौट कर तेरे ही सिर पर पड़ेगा।
Oba 1:16 जिस प्रकार तू ने मेरे पवित्र पर्वत पर पिया, उसी प्रकार से सारी अन्य जातियां लगातार पीती रहेंगी, वरन वे सुड़क-सुड़क कर पीएंगी, और एसी हो जाएंगी जैसी कभी हुई ही नहीं।
Oba 1:17 परन्तु उस समय सिय्योन पर्वत पर बचे हुए लोग रहेंगे, ओर वह पवित्रस्थान ठहरेगा और याकूब का घराना अपने निज भागों का अधिकारी होगा।
Oba 1:18 तब याकूब का घराना आग, और यूसुफ का घराना लौ, और एसाव का घराना खूंटी बनेगा और वे उन में आग लगा कर उन को भस्म करेंगे, और एसाव के घराने का कोई न बचेगा; क्योंकि यहोवा ही ने ऐसा कहा है।
Oba 1:19 दक्खिन देश के लोग एसाव के पहाड़ के अधिकारी हो जाएंगे, और नीचे के देश के लोग पलिश्तियों के अधिकारी होंगे और यहूदी, एप्रैम और समरिया के देहात को अपने भाग में कर लेंगे, और बिन्यामीन गिलाद का अधिकारी होगा।
Oba 1:20 इस्राएलियों के उस दल में से जो लोग बंधुआई में जा कर कनानियों के बीच सारपत तक रहते हैं, और यरूशलेमियों में से जो लोग बंधुआई में जाकर सपाराद में रहते हैं, वे सब दक्खिन देश के नगरों के अधिकारी हो जाएंगे।
Oba 1:21 और उद्धार करने वाले एसाव के पहाड़ का न्याय करने के लिये सिय्योन पर्वत पर चढ़ आएंगे, और राज्य यहोवा ही का हो जाएगा।

एक साल में बाइबल:
  • भजन २९-३०
  • प्रेरितों २३:१-१५

बुधवार, 20 जुलाई 2011

नैतिक खराई

आप का क्या विचार है? क्या आप एक ऐसे व्यक्ति को भला मानेंगे जो किसी बेगुनाह की निर्मम हत्या होती देख कर न तो विचिलित हो और ना ही हत्यारे को दण्ड दिलाने के लिए कोई सहयोग करे? क्या आप एक ऐसी सरकार और सामाजिक पद्वति को भला मानेंगे जो प्रत्येक को उसकी मन मर्ज़ी करने की स्वतंत्रता देती है परन्तु किसी को किसी बात के लिए जवाबदेह नहीं मानती, चाहे उनके कारण औरों का कैसा भी और कितना ही नुकसान क्यों न हो रहा हो? शायद ही कोई होगा जो समाज के प्रति व्यक्ति की ज़िम्मेदारी, व्यवहार और जवाबदेही को गलत या अनुचित मानता हो और इस जवाबदेही को निभाने का अंकुश रखने वाले सामाजिक अधिकारियों द्वारा अपने कर्तव्य पालन को भी अनुचित और गलत मानता हो। क्या न्याय और प्रेम परस्पर विरोधी हैं? क्या एक सच्चा और खरा न्यायी, किसी से प्रेम नहीं कर सकता?

व्यक्तिगत रीति से मुझे ऐसे परमेश्वर पर विश्वास करने में परेशानी होगी जो न तो पाप से क्रोधित होता हो और ना ही उसके लिए किसी को कोई दण्ड देता हो।

पिछली सदी के विख्यात दार्शनिक बर्टरैण्ड रसल नरक के बारे में प्रभु यीशु की शिक्षाओं को पढ़ने से नास्तिक हो गए। वे ऐसा परमेश्वर चाहते थे जो कभी क्रोधित नहीं होता और ना ही किसी को दण्डित करता हो। आज का बाइबल पाठ बर्टरैण्ड रसल को कभी रास नहीं आता क्योंकि उस में परमेश्वर के उग्र और न्यायी रूप को दर्शाया गया है।

परमेश्वर ने हमें स्वेच्छा और स्वतंत्रता दी है, लेकिन साथ ही स्वतंत्रता को सही रीति से उपयोग में लाने के लिए अपने नियम भी दिए हैं जिनका पालन वह हमसे चाहता है। जब उसकी अनाज्ञाकारिता होती है और स्वतंत्रता का अनुचित प्रयोग होता है तो वह दण्ड से पहले चेतावनी भी देता है। परमेश्वर खरा और सच्चा न्यायी है, अपने द्वारा दी गई स्वतंत्रता के उपयोग के लिए वह जवाबदेही भी मांगता है।

नहूम के दिनों में निनेनवेह के लोग बहुत क्रूर और निष्ठुर थे तथा दूसरों पर भयानक अत्याचार ढाते थे। नहूम भविष्यद्वक्ता द्वारा परमेश्वर ने अपनी प्रजा इस्त्राएल को आशावासन दिलाया कि वह निनेनवह के लोगों की क्रूरता और निर्मम व्यवहार से परिचित है, उससे क्रोधित है और उनका न्याय करेगा तथा उचित दण्ड देगा।

मैं धन्यवादी हूँ कि मेरा परमेश्वर ऐसी खराई और न्याय के प्रति दृढ़ निश्चय रखता है। उसका यह गुण मुझे विश्वास दिलाता है कि मैं उस पर भरोसा रख सकता हूँ कि वह अपने सब वायदे पूरे करेगा और हर अन्याय का हिसाब लेगा तथा कोई अन्यायी उसके न्याय से कभी भी बचा नहीं रहे सकेगा। - हर्ब वौण्डर लुग्ट


परमेश्वर का न्याय चाहे तुरन्त न हो लेकिन अवश्यंभावी है।

यहोवा जल उठने वाला और बदला लेने वाला ईश्वर है; यहोवा बदला लेने वाला और जलजलाहट करने वाला है; यहोवा अपने द्रोहियों से बदला लेता है, और अपने शत्रुओं का पाप नहीं भूलता। - नहूम १:२

यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधी रखता है। - नहूं १:७

बाइबल पाठ: नहूम १:१-१५

Nah 1:1 नीनवे के विषय में भारी वचन। एल्कोशी नहूम के दर्शन की पुस्तक।
Nah 1:2 यहोवा जल उठने वाला और बदला लेने वाला ईश्वर है; यहोवा बदला लेने वाला और जलजलाहट करने वाला है; यहोवा अपने द्रोहियों से बदला लेता है, और अपने शत्रुओं का पाप नहीं भूलता।
Nah 1:3 यहोवा विलम्ब से क्रोध करने वाला और बड़ा शक्तिमान है; वह दोषी को किसी प्रकार निर्दोष न ठहराएगा। यहोवा बवंडर और आंधी में होकर चलता है, और बादल उसके पांवों की धूलि है।
Nah 1:4 उसके घुड़कने से महानद सूख जाते हैं, और समुद्र भी निर्जल हो जाता है, बाशान और कर्म्मैल कुम्हलाते और लबानोन की हरियाली जाती रहती है।
Nah 1:5 उसके स्पर्श से पहाड़ कांप उठते हैं और पहाडिय़ां गल जाती हैं; उसके प्रताप से पृथ्वी वरन सारा संसार अपने सब रहने वालों समेत थरथरा उठता है।
Nah 1:6 उसके क्रोध का साम्हना कौन कर सकता है? और जब उसका क्रोध भड़कता है, तब कौन ठहर सकता है? उसकी जलजलाहट आग की नाईं भड़क जाती है, और चट्टानें उसकी शक्ति से फट फटकर गिरती हैं।
Nah 1:7 यहोवा भला है; संकट के दिन में वह दृढ़ गढ़ ठहरता है, और अपने शरणागतों की सुधी रखता है।
Nah 1:8 परन्तु वह उमड़ती हुई धारा से उसके स्थान का अन्त कर देगा, और अपने शत्रुओं को खदेड़ कर अन्धकार में भगा देगा।
Nah 1:9 तुम यहोवा के विरूद्ध क्या कल्पना कर रहे हो? वह तुम्हारा अन्त कर देगा, विपत्ति दूसरी बार पड़ने न पाएगी।
Nah 1:10 क्योंकि चाहे वे कांटों से उलझे हुए हों, और मदिरा के नशे में चूर भी हों, तौभी वे सूखी खूंटी की नाईं भस्म किए जाएंगे।
Nah 1:11 तुझ में से एक निकला है, जो यहोवा के विरूद्ध कल्पना करता और नीचता की युक्ति बान्धता है।
Nah 1:12 यहोवा यों कहता है, चाहे वे सब प्रकार के सामर्थी हों, और बहुत भी हों, तौभी पूरी रीति से काटे जाएंगे और शून्य हो जाएंगे। मैं ने तुझे दु:ख दिया है, परन्तु फिर न दूंगा।
Nah 1:13 क्योंकि अब मैं उसका जूआ तेरी गर्दन पर से उतार कर तोड़ डालूंगा, और तेरा बन्धन फाड़ डालूंगा।
Nah 1:14 यहोवा ने तेरे विषय में यह आज्ञा दी है कि आगे को तेरा वंश न चले, मैं तेरे देवालयों में से ढली और गढ़ी हुई मूरतों को काट डालूंगा, मैं तेरे लिये कबर खोदूंगा, क्योंकि तू नीच है।
Nah 1:15 देखो, पहाड़ों पर शुभसमाचार का सुनाने वाला और शान्ति का प्रचार करने वाला आ रहा है! अब हे यहूदा, अपने पर्व मान, और अपनी मन्नतें पूरी कर, क्योंकि वह ओछा फिर कभी तेरे बीच में होकर न चलेगा, और पूरी रीति से नाश हुआ है।

एक साल में बाइबल:
  • भजन २६-२८
  • प्रेरितों २२

सोमवार, 18 जुलाई 2011

भविष्यवाणी

परमेश्वर के वचन बाइबल में पुराने नियम के भविष्यद्वक्ताओं जैसे यशायाह, मीका और अन्य ने प्रभु यीशु मसीह के जन्म, जीवन और मृत्यु से संबंधित बहुत सी घटनाएं उनके आगमन से सदियों पहले अपनी भविष्यद्वाणीयों में दर्ज कर दी थीं और प्रभु यीशु के पृथ्वी पर आगमन के बाद वे सभी संपूर्णतः पूरी भी हुईं।

अपनी पुस्तक Science Speaks में लेखक पीटर स्टोनर ने आधुनिक विज्ञान और गणित के किसी बात के संभव होने के सिद्धान्तों (Probability Principles) द्वारा इन भविष्यवाणियों में से केवल आठ का विशलेषण किया। इस विशलेष्ण की व्याख्या उनकी पुस्तक में दी गई है; उनका निष्कर्ष था कि किसी भी व्यक्ति के लिए केवल इन आठ भविष्याणियों को अक्षरक्षः पूरा कर पाने के संभावना होगी १०x१० १७ बार (अर्थात १००,०००,०००,०००,०००,०००) में से केवल एक बार की है। इस गिनती की विशालता और बात की असंभवता को समझाने के लिए स्टोनर ने एक उदाहरण दिया कि यदि हम इतनी ही संख्या के सिक्के लें और उन्हें अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े प्रांत - टेक्सस प्रांत पर (जिसकी लंबाई लगभग ७९० मील और चौड़ाई लगभग ७७३ मील तथा जिसका क्षेत्रफल लगभग २६८५८१ वर्ग मील है), क्रमवार बिछा दें तो पूरा प्रांत सिक्कों के दो फुट ऊंचे ढेर से ढक जाएगा। अब यदि इन सभी सिक्कों में से केवल एक पर निशान लगा कर, पूरे ढेर को खंगाल कर, उसे उस ढेर में कहीं मिला दिया जाए और फिर किसी मनुष्य की आंखों पर पट्टी बन्ध कर उस से कहा जाए कि इस सिक्कों के ढेर पर वह चाहे जितना इधर उधर आए-जाए और उसे चाहे जितना खंगाले, और तब बिना आंखों से पट्टी हटाए वह उस एक सिक्के को उठाए जिसपर निशान लगा है, तो जो संभावना उस व्यक्ति के इस कार्य में सफल होने की है, वही संभावना उन भविष्यद्वाक्ताओं की भविष्यवाणीयों के पूरा होने के लिए थी; अर्थात वे भविष्यद्वक्ता, जो एक दूसरे की बातों से अन्जान थे, भविष्यवाणी करें और उनके जीवन के सैंकड़ों साल के बाद एक मनुष्य उन्हें अक्षरक्षः पूरा करे। स्वाभाविक है कि यह किसी मनुष्य द्वारा दी गई भविष्यवाणी के लिए संभव नहीं है, यह केवल तब ही संभव है जब भविष्यवाणी देने और पूरा करवाने वाला परमेश्वर ही हो।

जिस परमेश्वर ने अपने पुत्र के प्रथम आगमन की भविष्यवाणीयाँ अपने भविष्य्द्वक्ताओं द्वारा लिखवाईं थीं, उसी ने उसके दूसरे आगमन और उसके न्याय की भविष्यवाणीयाँ भी लिखवाई हैं। जैसे पहले आगमन से संबंधित सभी भवैष्यवाणियाँ संपूर्णतः पूरी हुई हैं, वैसे ही दूसरे आगमन और न्याय से संबंधित भी पूरी होंगी, और उनके पूरे होने के चिन्ह वर्तमान में दिखाई देने आरंभ हो चुके हैं।

हम आनन्दित और धन्यवादी हों कि परमेश्वर ने अपने पुत्र को पहले संसार का उद्धारकर्ता बना कर भेजा, जिससे जो कोई उस पर विश्वास करे वह पाप में नाश न हो वरन परमेश्वर की धार्मिकता का अनन्त जीवन पाए (युहन्ना ३:१६); और अब अपने पुत्र को फिर से भेजने वाला है कि उसकी धार्मिकता और न्याय का राज्य स्थापित हो और संसार से दुष्टता और पाप का अन्त हो।

बैतलहम का शिशु अब सृष्टि का राजा बन कर आने वाला है और उसका न्याय तथा धार्मिकता का सिंहासन कभी नहीं टलेगा, जैसी उसके विष्य में भविष्यवाणीयाँ सदियों पहले करी गई हैं।

क्या आप उसके इस दूसरे आगमन और न्याय के लिए तैयार हैं? - डेनिस डी हॉन


भविष्यवाणीयाँ समय में पूर्व से लिखा गया इतिहास हैं।

हे बेतलेहेम एप्राता, यदि तू ऐसा छोटा है कि यहूदा के हजारों में गिना नहीं जाता, तौभी तुझ में से मेरे लिये एक पुरूष निकलेगा, जो इस्राएलियों में प्रभुता करने वाला होगा; और उसका निकलना प्राचीन काल से, वरन अनादि काल से होता आया है। - मीका ५:२

बाइबल पाठ: मीका ५:१-५

Mic 5:1 अब हे बहुत दलों की स्वामिनी, दल बान्ध-बान्धकर इकट्ठी हो, क्योंकि उस ने हम लोगों को घेर लिया है; वे इस्राएल के न्यायी के गाल पर सोंटा मारेंगे।
Mic 5:2 हे बेतलेहेम एप्राता, यदि तू ऐसा छोटा है कि यहूदा के हजारों में गिना नहीं जाता, तौभी तुझ में से मेरे लिये एक पुरूष निकलेगा, जो इस्राएलियों में प्रभुता करने वाला होगा; और उसका निकलना प्राचीन काल से, वरन अनादि काल से होता आया है।
Mic 5:3 इस कारण वह उनको उस समय तक त्यागे रहेगा, जब तक जच्चा उत्पन्न न करे; तब इस्राएलियों के पास उसके बचे हुए भाई लौटकर उन से मिल जाएंगे।
Mic 5:4 और वह खड़ा हो कर यहोवा की दी हुई शक्ति से, और अपने परमेश्वर यहोवा के नाम के प्रताप से, उनकी चरवाही करेगा। और वे सुरक्षित रहेंगे, क्योंकि अब वह पृथ्वी की छोर तक महान्‌ ठहरेगा।
Mic 5:5 और वह शान्ति का मूल होगा, जब अश्शूरी हमारे देश पर चढ़ाई करें, और हमारे राजभवनों में पांव धरें, तब हम उनके विरूद्ध सात चरवाहे वरन आठ प्रधान मनुष्य खड़ें करेंगे।

एक साल में बाइबल:
  • भजन २०-२२
  • प्रेरितों २१:१-१७