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Saturday, May 12, 2012

दायित्व

   समुद्र तट पर कुछ किशोर खेलने में लगे हुए थे कि उनका ध्यान पास ही में पानी में पलटी हुई एक नाव की ओर गया। उन्होंने तुरंत अपना खेल बन्द किया और पानी में पलटी हुई नाव को सीधा करने में लगे लोगों की सहायता करने के लिए उनके पास गए। जब वे उस नाव पर पहुंचे तो पता चला कि जिनकी नाव पलटी थी और जो लोग उसे वापस सीधा करने के प्रयास में लगे थे वे सभी व्यावसायिक नाविक थे और समुद्र तट पर सैलानियों को नौका विहार कराते थे। उन अनुभावी नाविकों और अनुभवहीन किशोरों ने मिल कर जब ज़ोर लगाया तो वे नाव को सीधा कर सके।

   समुद्र तट पर घटी इस घटना से मेरा ध्यान चर्च में घटित हो सकने वाली संभावाना की ओर गया। कई बार चर्च के कार्यों और प्रबंधन को करने में लगे अनुभवी लोगों, जैसे पास्टर और अगुवों के सामने कुछ ऐसी समस्याएं आ जाती हैं जिनका निवारण करने में वे असमर्थ रहते हैं। ऐसे में चर्च के सामन्य सदस्यों का दायित्व है कि वे इन ’अनुभवी’ लोगों की सहायता करें जिस से समस्या का समाधान हो सके।

   परमेश्वर के वचन बाइबल के प्रेरितों ६ में एक ऐसी ही स्थिति का उल्लेख है। मण्डली के कुछ लोगों को लगा कि उनकी उपेक्षा हो रही है और इससे मण्डली में तनाव होने लगा। मण्डली के अगुवों ने समस्या का अध्ययन किया और पहचाना कि समाधान के लिए सामान्य लोगों की सहायता आवश्यक है। उन्होंने मण्डली में से सात लोगों को नामान्कित किया और इन सात लोगों की सहायता से अगुवे उस समस्या को सुलझा सके और मण्डली का कार्य सुचारू रीति से आगे बढ़ सका।

   प्रत्येक मसीही विश्वासी का यह दायित्व है कि वह मण्डली के कार्यों और ज़िम्मेदारियों के निर्वाह में सहयोग दे। मण्डली का कार्य सुचारू रूप से चलाने के लिए अनुभवी पास्टर तथा अगुवों और मण्डली के सामान्य लोगों को एक साथ मिल कर कार्य करना आवश्यक है। - डेव ब्रैनन


परस्पर सहयोग के साथ किया गया कार्य मेहनत घटा देता है और प्रभाव बढ़ा देता है।

जिस को जो वरदान मिला है, वह उसे परमेश्वर के नाना प्रकार के अनुग्रह के भले भण्‍डारियों की नाईं एक दूसरे की सेवा में लगाए। - १ पतरस ४:१०

बाइबल पाठ: प्रेरितों ६:१-७
Act 6:1  उन दिनों में जब चेले बहुत होते जाते थे, तो यूनानी भाषा बोलने वाले इब्रानियों पर कुड़कुड़ाने लगे, कि प्रति दिन की सेवकाई में हमारी विधवाओं की सुधि नहीं ली जाती।
Act 6:2 तब उन बारहों ने चेलों की मण्‍डली को अपने पास बुलाकर कहा, यह ठीक नहीं कि हम परमेश्वर का वचन छोड़ कर खिलाने पिलाने की सेवा में रहें।
Act 6:3 इसलिये हे भाइयो, अपने में से सात सुनाम पुरूषों को जो पवित्र आत्मा और बुद्धि से परिपूर्ण हों, चुन लो, कि हम उन्‍हें इस काम पर ठहरा दें।
Act 6:4 परन्‍तु हम तो प्रार्थना में और वचन की सेवा में लगे रहेंगे।
Act 6:5 यह बात सारी मण्‍डली को अच्‍छी लगी, और उन्‍होंने स्‍तिुफनुस नाम एक पुरूष को जो विश्वास और पवित्र आत्मा से परिपूर्ण था, और फिलप्‍पुस और प्रखुरूस और नीकानोर और तीमोन और परिमनास और अन्‍ताकी वाला नीकुलाउस को जो यहूदी मत में आ गया था, चुन लिया।
Act 6:6 और इन्‍हें प्रेरितों के साम्हने खड़ा किया और उन्‍होंने प्रार्थना कर के उन पर हाथ रखे।
Act 6:7 और परमेश्वर का वचन फैलता गया और यरूशलेम में चेलों की गिनती बहुत बढ़ती गई, और याजकों का एक बड़ा समाज इस मत के अधीन हो गया।


एक साल में बाइबल: 

  • २ राजा १५-१६ 
  • यूहन्ना ३:१-१८