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Sunday, October 4, 2015

बेरुखी और प्रेम


   मेरी भांजी ने कहा, "जूली आन्टी, यह कभी होने वाला नहीं है; आप इस बात का विचार भी अपने मन से निकाल दें!" मेरा प्रत्युत्तर था, "मैं जानती हूँ कि यह अन्होना है, लेकिन असंभव तो नहीं है।"

   बहुत वर्षों से मेरे और मेरी भांजी के बीच एक पारिवारिक स्थिति को लेकर उप्रोक्त संवाद विभिन्न रूप में होता रहा है। उप्रोक्त कहे हुए से आगे का मेरा प्रत्युत्तर, जो मैं कभी-कभी ही बोलती हूं होता है, "मैं जानती हूँ ऐसा हो सकता है क्योंकि मैं प्रायः सुनती रहती हूँ कि परमेश्वर ने असंभव को भी कर दिखाया।" लेकिन इसके आगे की बात जो मैं केवल अपने आप से ही कह पाती हूँ है, "लेकिन असंभव को संभव होते मैंने केवल दूसरों के परिवारों में ही देखा है।"

   हाल के दिनों में हमारे पास्टर परमेश्वर के वचन बाइबल में से इफिसियों की पत्री से सन्देश दे रहे हैं, और प्रत्येक सभा के अन्त में हम इसी पत्री में लिखे आशीष वचन, "अब जो ऐसा सामर्थी है, कि हमारी बिनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है, उस सामर्थ के अनुसार जो हम में कार्य करता है, कलीसिया में, और मसीह यीशु में, उस की महिमा पीढ़ी से पीढ़ी तक युगानुयुग होती रहे। आमीन" (इफिसियों 3:20-21) को दोहराते आए हैं; और यह वचन मेरी भांजी के साथ चल रहे हमारे संभव-असंभव के द्वंद में मेरे दृष्टिकोण को दिखाता है।

   यह वह वर्ष था जब परमेश्वर ने मेरे परिवार में "समझ से कहीं अधिक काम" किया; वह बेरुखी के स्थान पर प्रेम को ले आया! परमेश्वर ने ऐसा कैसे कर दिखाया, यह मेरी समझ से परे है, लेकिन मैंने यह होते हुए देखा है। लेकिन इस बात को लेकर मैं अचंभित क्यों हूँ? यदि शैतान प्रेम को बेरुखी में बदल सकता है तो फिर परमेश्वर बेरुखी को प्रेम में परिवर्तित क्यों नहीं कर सकता? प्रेम बेरुखी पर जयवंत है! - जूली ऐकैरमैन लिंक


शैतान की विनाश करने की सामर्थ से परमेश्वर की निर्माण करने सामर्थ कहीं अधिक बढ़कर है।

हे बालको, तुम परमेश्वर के हो: और तुम ने उन पर जय पाई है; क्योंकि जो तुम में है, वह उस से जो संसार में है, बड़ा है। - 1 यूहन्ना 4:4 

बाइबल पाठ: इफिसियों 3:14-21
Ephesians 3:14 मैं इसी कारण उस पिता के साम्हने घुटने टेकता हूं, 
Ephesians 3:15 जिस से स्वर्ग और पृथ्वी पर, हर एक घराने का नाम रखा जाता है। 
Ephesians 3:16 कि वह अपनी महिमा के धन के अनुसार तुम्हें यह दान दे, कि तुम उसके आत्मा से अपने भीतरी मनुष्यत्‍व में सामर्थ पाकर बलवन्‍त होते जाओ। 
Ephesians 3:17 और विश्वास के द्वारा मसीह तुम्हारे हृदय में बसे कि तुम प्रेम में जड़ पकड़ कर और नेव डाल कर। 
Ephesians 3:18 सब पवित्र लोगों के साथ भली भांति समझने की शक्ति पाओ; कि उसकी चौड़ाई, और लम्बाई, और ऊंचाई, और गहराई कितनी है। 
Ephesians 3:19 और मसीह के उस प्रेम को जान सको जो ज्ञान से परे है, कि तुम परमेश्वर की सारी भरपूरी तक परिपूर्ण हो जाओ।
Ephesians 3:20 अब जो ऐसा सामर्थी है, कि हमारी बिनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है, उस सामर्थ के अनुसार जो हम में कार्य करता है, 
Ephesians 3:21 कलीसिया में, और मसीह यीशु में, उस की महिमा पीढ़ी से पीढ़ी तक युगानुयुग होती रहे। आमीन। 

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 20-22
  • इफिसियों 6