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Friday, September 14, 2012

ज्ञान और ध्यान


   एक सन्ध्या, एक छोटी गौरैया उड़कर हमारे घर के अन्दर आ गई। हम उसे बाहर का रास्ता दिखाने में लग गए। जैसे ही उसके निकट पहुँचते, वह डर के मारे उड़कर किसी अन्य स्थान पर जा बैठती। इससे पहले कि हम उसे बाहर निकाल पाते, उस गौरैया ने अपनी घबराहट में घर के कई चक्कर लगा लिए। उसकी घबराहट उसकी छाती में दिखाई दे रही उसके दिल के तेज़ धड़कन से प्रगट थी। हमारी सहायता के प्रयास वह समझ नहीं पा रही थी और अपने ही प्रयासों में थकती जा रही थी।

   कभी कभी हम भी उस घबराई हुई छोटी चिड़िया के समान ही होते हैं - चिंतित, अस्त-व्यस्त और आगे क्या होगा इससे आशंकित। अपनी इस मनःस्थिति में हमें परमेश्वर की सहायता और मार्गदर्शन के हाथ भी भयावह लगते हैं। लेकिन परमेश्वर हमारी प्रत्येक परिस्थिति को जानता है; हमारे संसार की हर बात को वह देखता और जानता है। क्योंकि "यहोवा की आंखें सब स्थानों में लगी रहती हैं, वह बुरे भले दोनों को देखती रहती हैं" (नीतिवचन १५:३), उसकी निगाहों तथा ध्यान से कुछ भी बचकर नहीं निकल सकता, और वह हमारी छोटी से छोटी बात को भी जानता है "तुम्हारे सिर के बाल भी सब गिने हुए हैं" (मत्ती १०:३०); ऐसे में मुझे प्रभु यीशु की कही बात "क्‍या पैसे में दो गौरैये नहीं बिकतीं? तौभी तुम्हारे पिता की इच्‍छा के बिना उन में से एक भी भूमि पर नहीं गिर सकती" (मत्ती १०:२९) से बहुत सांत्वना मिलती है।

   यह अद्भुत बात है कि परमेश्वर हमारी छोटी से छोटी बात का भी ध्यान रखता है और संसार में एक छोटा पक्षी भी उसके ज्ञान के बिना नहीं गिर सकता। जिसे हमारी इन छोटी छोटी बातों का ध्यान है, उसे हमारी बड़ी और महत्वपुर्ण बातों तथा आवश्यक्ताओं और चिंताओं का भी ज्ञान है, वह उनका ध्यान रखता है। जब कभी हम सहायता के लिए उससे प्रार्थना करते हैं, उसका उत्तर उसके इसी ज्ञान और ध्यान के अनुसार होता है।

   चिंतित रहकर फड़फड़ाते रहने और थकने की बजाए उसके हाथों में शांत होकर अपने आप को छोड़ दें। वह जो करेगा, भला और सर्वोत्तम ही करेगा। - जेनिफर बेन्सन शुल्ड्ट


उसकी दृष्टि गौरैये पर भी रहती है, और मैं जानता हूँ कि वह मेरा भी ध्यान रखता है।

क्‍या पैसे में दो गौरैये नहीं बिकतीं? तौभी तुम्हारे पिता की इच्‍छा के बिना उन में से एक भी भूमि पर नहीं गिर सकती। - मत्ती १०:२९

बाइबल पाठ: मत्ती १०:२७-३३
Mat 10:27  जो मैं तुम से अन्‍धियारे मे कहता हूं, उसे उजियाले में कहो; और जो कानों कान सुनते हो, उसे कोठों पर से प्रचार करो। 
Mat 10:28  जो शरीर को घात करते हैं, पर आत्मा को घात नहीं कर सकते, उन से मत डरना; पर उसी से डरो, जो आत्मा और शरीर दोनों को नरक में नाश कर सकता है। 
Mat 10:29 क्‍या पैसे मे दो गौरैये नहीं बिकतीं? तौभी तुम्हारे पिता की इच्‍छा के बिना उन में से एक भी भूमि पर नहीं गिर सकती। 
Mat 10:30  तुम्हारे सिर के बाल भी सब गिने हुए हैं। 
Mat 10:31  इसलिये, डरो नहीं; तुम बहुत गौरैयों से बढ़ कर हो। 
Mat 10:32 जो कोई मनुष्यों के साम्हने मुझे मान लेगा, उसे मैं भी स्‍वर्गीय पिता के साम्हने मान लूंगा। 
Mat 10:33 पर जो कोई मनुष्यों के साम्हने मेरा इन्‍कार करेगा उस से मैं भी अपने स्‍वर्गीय पिता के साम्हने इन्‍कार करूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन १९-२१ 
  • २ कुरिन्थियों ७