ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें : rozkiroti@gmail.com / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

चिंता लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
चिंता लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, 12 मई 2021

प्रेम

 

          उन्नीस वर्ष की होने के तुरंत बाद, मैं अपनी माँ और घर से सात सौ मील दूर के एक स्थान पर जा कर काम करने और रहने लगी थी। यह तब की बात है जब न तो पेजर और न ही सेल-फोन थे; मैं प्रतिदिन माँ से साधारण लैंड-लाइन फोन के द्वारा बात किया करती थी। एक प्रातः, मुझे कुछ काम करने के लिए घर से सामान्य से जल्दी जाना पड़ा, और नियोजित समय पर मैं माँ से बात नहीं कर सकी। उस संध्या, मेरे घर पर दो पुलिसकर्मी मेरा हाल-चाल पूछने के लिए आ गए। माँ मेरे कुशल के लिए दिन भर चिंतित बनी रही थी; और बार बार मुझे फोन करती किन्तु हर बार उसे मेरे फोन के व्यस्त होने की ध्वनि ही सुनने को मिलती। अन्ततः माँ ने स्थानीय पुलिस सेवा की सहायता ली, और उन्हें बलपूर्वक कहा की वे जाकर देखें कि मैं ठीक हूँ कि नहीं। मेरे कुशल को पता करने के बाद, जाते हुए एक पुलिसकर्मी ने मुझ से कहा, “यह बहुत बड़ी आशीष है कि प्रेम तुम्हें ढूँढने से रुका नहीं।”

          उनके जाने के बाद जब माँ को फोन करने के लिए मैं फोन पर पहुँची, तो मुझे कारण का पता चला; गलती से मैंने फोन के हैंडल को ठीक से नहीं रखा था, और इस कारण वह व्यस्त होने की ध्वनि दे रहा था। मैंने माँ से बात की, उनसे क्षमा माँगी; और उन्होंने मेरे हाल-चाल जानने, मुझे सुरक्षित पाने के पश्चात कहा कि अब उन्हें यह भला समाचार शेष सभी परिवार जनों को भी बताना है – क्योंकि उन्होंने सबसे कह दिया था कि मुझे कुछ हो गया है, मैं कहीं गायब हो गई हूँ! फोन बन्द कर के रखते समय मैं सोचने लगी, कि क्या माँ की यह प्रतिक्रिया आवश्यकता से कुछ अधिक नहीं थी? किन्तु फिर भी इस एहसास ने कि मुझ से इतना प्रेम किया जाता है, एक अच्छी सी अनुभूति दी।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में परमेश्वर का बहुत सुन्दर चित्रण किया गया है – परमेश्वर प्रेम है; निरंतर प्रेम करता है, और अपने भटकने वाले बच्चों को अपने पास बुलाने और साथ रखने के निरंतर प्रयास करता रहता है। एक अच्छे चरवाहे के समान, वह अपनी प्रत्येक खोई हुई भेड़ की चिंता करता है, और उसे खोज कर निकाल कर ले कर आता है। इस प्रकार वह दिखता है कि हम उसके लिए कितने अमूल्य हैं, और वह एक को भी अपने से अलग नहीं होने दे सकता है (लूका 15:1-7)।

          परमेश्वर जो प्रेम है, अपने इस प्रेम के अंतर्गत हमेशा हम पर अपनी दृष्टि बनाए रखता है। यदि हम उससे दूर कहीं भटक जाएँ, तो जब तक हम लौट कर उसके पास वापस आ नहीं जाते हैं, वह हमें खोजता और पुकारता ही रहता है। उसके इस अद्भुत प्रेम के बारे में हमें औरों को भी बताना है, जिससे वो भी उसके इस प्रेम का अनुभव करें, और उसके साथ अनन्त आशीष के संबंध में जुड़ जाएँ। - सोहचील डिक्सन

 

प्रभु परमेश्वर, आपके इस अद्भुत प्रेम, देखभाल, और सुरक्षा के लिए बहुत धन्यवाद।


देखो पिता ने हम से कैसा प्रेम किया है, कि हम परमेश्वर की सन्तान कहलाएं, और हम हैं भी: इस कारण संसार हमें नहीं जानता, क्योंकि उसने उसे भी नहीं जाना। - 1 यूहन्ना 3:1

बाइबल पाठ: लूका 15:1-7

लूका 15:1 सब चुंगी लेने वाले और पापी उसके पास आया करते थे ताकि उस की सुनें।

लूका 15:2 और फरीसी और शास्त्री कुड़कुड़ा कर कहने लगे, कि यह तो पापियों से मिलता है और उन के साथ खाता भी है।

लूका 15:3 तब उसने उन से यह दृष्टान्त कहा।

लूका 15:4 तुम में से कौन है जिस की सौ भेड़ें हों, और उन में से एक खो जाए तो निन्यानवे को जंगल में छोड़कर, उस खोई हुई को जब तक मिल न जाए खोजता न रहे?

लूका 15:5 और जब मिल जाती है, तब वह बड़े आनन्द से उसे कांधे पर उठा लेता है।

लूका 15:6 और घर में आकर मित्रों और पड़ोसियों को इकट्ठे कर के कहता है, मेरे साथ आनन्द करो, क्योंकि मेरी खोई हुई भेड़ मिल गई है।

लूका 15:7 मैं तुम से कहता हूं; कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में भी स्वर्ग में इतना ही आनन्द होगा, जितना कि निन्यानवे ऐसे धर्मियों के विषय नहीं होता, जिन्हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं।

 

एक साल में बाइबल: 

  • 2 राजाओं 15-16
  • यूहन्ना 3:1-18

सोमवार, 15 फ़रवरी 2021

विश्राम

 

          अन्ततः सत्रह वर्षीय रैंडी गार्डनर ने वह कर दिया जो उसने ग्यारह दिन और पच्चीस मिनिट तक नहीं किया था – वह पड़कर सो गया। उसका प्रयास था कि वह गिन्निस बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में किसी भी मनुष्य के सबसे अधिक समय तक लगातार जागते रहने के कीर्तिमान को अपने नाम कर ले। जागते रहने के लिए वह कभी कुछ सॉफ्ट-ड्रिंक्स पीता, कभी बास्केटबॉल खेलता, या अन्य किसी बात में अपने आप को व्यस्त करता, और इस प्रकार डेढ़ सप्ताह तक रैंडी नींद को भगाता रहा; अन्ततः उसके थक कर सो जाने के समय तक उसके स्वाद, सूंघने, और सुनने के शक्ति बहुत गड़बड़ा गई थी। दशकों बाद, उसे बारंबार नींद न आने की बीमारी के प्रबल समयों का सामना भी करना पड़ा। उसने वह कीर्तिमान तो अपने नाम कर लिया, लेकिन एक प्रकट बात की पुष्टि भी कर दी – उचित मात्र और सही समय पर विश्राम भी मनुष्य के लिए आवश्यक है।

          हम में से बहुतेरे हैं जो रात में अच्छे विश्राम को पाने के लिए संघर्ष करते हैं। रैंडी ने तो जान-बूझकर अपने आप को सो जाने से रोके रखा, परन्तु कई बार, अनेकों कारणों से, हम सोना चाहते हुए भी ठीक से सोने नहीं पाते हैं; हमारी अनेकों बातों के लिए चिन्ताएँ, जैसे कि हमें अभी क्या कुछ करना शेष है; दूसरे लोग हम से जो अपेक्षाएँ रखते हैं उन पर पूरा उतरने के प्रयास, जीवन की तीव्र गति के अनुसार औरों के साथ स्पर्धा में अथक चलते रहने के प्रयास, आदि, हमें अपने भय और चिंताओं को छोड़कर शांत होकर विश्राम करने से रोके रखते हैं।

          परमेश्वर के वचन बाइबल में भजनकार लिखता है “यदि घर को यहोवा न बनाए, तो उसके बनाने वालों को परिश्रम व्यर्थ होगा” (भजन 127:1)। हमारा अपने आप को थका देने वाले प्रयास करते रहना, हमारा सारा परिश्रम व्यर्थ है, जब तक कि हम परमेश्वर की इच्छा के अनुसार कार्य न करें; क्योंकि वह हम से हमारी सभी आवश्यकताओं के अनुसार हमें सब कुछ प्रदान करने का वायदा करता है – उचित विश्राम भी (पद 2)। परमेश्वर का यह वायदा उसके सभी बच्चों से है। वह कहता है कि हम अपने बोझ और चिताएँ उस पर डाल दें, और उसमें विश्राम लें। - विन्न कोलियर

 

परमेश्वर पर भरोसा रखने से हम चिंता से मुक्त विश्राम में आ सकते हैं।


हे सब परिश्रम करने वालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। - मत्ती 11:28

बाइबल पाठ: भजन 127:1-2

भजन 127:1 यदि घर को यहोवा न बनाए, तो उसके बनाने वालों को परिश्रम व्यर्थ होगा। यदि नगर की रक्षा यहोवा न करे, तो रखवाले का जागना व्यर्थ ही होगा।

भजन 127:2 तुम जो सवेरे उठते और देर कर के विश्राम करते और दु:ख भरी रोटी खाते हो, यह सब तुम्हारे लिये व्यर्थ ही है; क्योंकि वह अपने प्रियों को यों ही नींद दान करता है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • लैव्यव्यवस्था 17-18
  • मत्ती 27:27-50

शुक्रवार, 13 नवंबर 2020

चरवाहा

 

         मेरे मित्र चाड ने एक वर्ष भेड़ों की चरवाही की थी। उसने मुझे बताया कि भेड़ें इतनी भोली और मूर्ख होती हैं कि वे केवल वही खाती हैं जो ठीक उनके सामने होता है। यदि उनके सामने की सारी घास समाप्त भी हो जाए, तो भी वे इधर-उधर देख कर अच्छे घास को ढूँढने का प्रयास नहीं करती हैं, वे सामने पड़ा कचरा और मिट्टी में धंसी घास को ही खाने के प्रयास करने लगेंगी। यह सुनकर हम दोनों ही भेड़ों की मूर्खता पर हँसे, परन्तु मैं यह सोचने के लिए विवश हुआ कि परमेश्वर के वचन बाइबल में कितनी ही बार हम मनुष्यों की तुलना भेड़ों के साथ की गई है।

         भेड़ों की मूर्खता की बात सुनने के बाद यह समझना आसान है कि क्यों उन्हें हमेशा ही एक चरवाहे की आवश्यकता रहती है। लेकिन उनके इस भोलेपन के कारण, किसी भी चरवाहे से काम नहीं चलेगा। भेड़ों को ऐसे चरवाहे की आवश्यकता होती है जो उनकी चिंता और देखभाल करता है। बाइबल में जब यहेजकेल भविष्यद्वक्ता ने निर्वासित हुए तथा बेबीलोन में बन्धुआई में रहने वाले परमेश्वर के लोगों को लिखा, तो उसने उनकी तुलना अयोग्य चरवाहों द्वारा देखभाल की गई भेड़ों से की। झुण्ड की देखभाल करने की बजाए, इस्राएल के अगुवों ने उनसे लाभ उठाया था (पद 3), और फिर उन्हें जंगली जानवरों के द्वारा आहार बनने के लिए छोड़ दिया था (पद 5)।

         परन्तु वे आशा रहित नहीं थे। परमेश्वर ने, जो उनका अच्छा चरवाहा भी था, उनसे प्रतिज्ञा की, कि वह उन्हें उनका शोषण करने वाले चरवाहों से बचाएगा, और उन्हें वापस घर लेकर आएगा, और अच्छी चरागाहों में लेकर जाएगा, उन्हें विश्राम देगा। उनमें जो घायल हैं, उन्हें चंगा करेगा, और जो भटक कर खो गए हैं, उन्हें खोजने जाएगा (पद 11-16)। वह जंगली जानवरों को दूर भगाएगा, जिससे उसका झुण्ड सुरक्षित रहे (पद 28)।

         परमेश्वर के झुण्ड के लोगों को निःसंदेह कोमल देखभाल और मार्गदर्शन की आवश्यकता रहती है। हम कितने धन्य हैं कि हमारा एक चरवाहा है जो सदा हमें हरी चराइयों में लिए चलता है (पद 14)! – एमी पीटरसन

 

क्या मैं अपने चरवाहे की आवाज़ को सुनता हूँ?


प्रभु यीशु ने कहा: अच्छा चरवाहा मैं हूं; अच्छा चरवाहा भेड़ों के लिये अपना प्राण देता है। - यूहन्ना 10:11

बाइबल पाठ: यहेजकेल 34:7-16

यहेजकेल 34:7 इस कारण, हे चरवाहों, यहोवा का वचन सुनो।

यहेजकेल 34:8 परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, मेरे जीवन की सौगन्ध, मेरी भेड़-बकरियां जो लुट गई, और मेरी भेड़-बकरियां जो चरवाहे के न होने के कारण सब वन-पशुओं का आहार हो गई; और इसलिये कि मेरे चरवाहों ने मेरी भेड़-बकरियों की सुधि नहीं ली, और मेरी भेड़- बकरियों का पेट नहीं, अपना ही अपना पेट भरा;

यहेजकेल 34:9 इस कारण हे चरवाहों, यहोवा का वचन सुनो,

यहेजकेल 34:10 परमेश्वर यहोवा यों कहता हे, देखो, मैं चरवाहों के विरुद्ध हूँ; और मैं उन से अपनी भेड़-बकरियों का लेखा लूंगा, और उन को फिर उन्हें चराने न दूंगा; वे फिर अपना अपना पेट भरने न पाएंगे। मैं अपनी भेड़-बकरियां उनके मुंह से छुड़ाऊंगा कि आगे को वे उनका आहार न हों।

यहेजकेल 34:11 क्योंकि परमेश्वर यहोवा यों कहता है, देखो, मैं आप ही अपनी भेड़-बकरियों की सुधि लूंगा, और उन्हें ढूंढ़ूंगा।

यहेजकेल 34:12 जैसे चरवाहा अपनी भेड़-बकरियों में से भटकी हुई को फिर से अपने झुण्ड में बटोरता है, वैसे ही मैं भी अपनी भेड़-बकरियों को बटोरूंगा; मैं उन्हें उन सब स्थानों से निकाल ले आऊंगा, जहां जहां वे बादल और घोर अन्धकार के दिन तितर-बितर हो गई हों।

यहेजकेल 34:13 और मैं उन्हें देश देश के लोगों में से निकालूंगा, और देश देश से इकट्ठा करूंगा, और उन्हीं के निज भूमि में ले आऊंगा; और इस्राएल के पहाड़ों पर और नालों में और उस देश के सब बसे हुए स्थानों में चराऊंगा।

यहेजकेल 34:14 मैं उन्हें अच्छी चराई में चराऊंगा, और इस्राएल के ऊंचे ऊंचे पहाड़ों पर उन को चराई मिलेगी; वहां वे अच्छी हरियाली में बैठा करेंगी, और इस्राएल के पहाड़ों पर उत्तम से उत्तम चराई चरेंगी।

यहेजकेल 34:15 मैं आप ही अपनी भेड़-बकरियों का चरवाहा हूंगा, और मैं आप ही उन्हें बैठाऊंगा, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।

यहेजकेल 34:16 मैं खोई हुई को ढूंढ़ूंगा, और निकाली हुई को फेर लाऊंगा, और घायल के घाव बान्धूंगा, और बीमार को बलवान करूंगा, और जो मोटी और बलवन्त हैं उन्हें मैं नाश करूंगा; मैं उनकी चरवाही न्याय से करूंगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • विलापगीत 1-2
  • इब्रानियों 10:1-18

सोमवार, 12 अक्टूबर 2020

सुरक्षित

 

         बाहर मौसम खराब होता जा रहा था, और मेरे मोबाइल फोन पर संभावित आकस्मिक बाढ़ की चेतावनी आ रही थी। मेरे घर के आस पास सामान्य से कहीं अधिक गाड़ियां आ कर खड़ी हो रही थीं, क्योंकि वह स्कूल की बस के रुकने का स्थान था, और अभिभावक तथा अन्य लोग स्कूल से लौटने वाले बच्चों को ले कर जाने के लिए आते जा रहे थे। जब तक स्कूल की बस पहुँची, बारिश आरंभ हो चुकी थी। तभी मेरा ध्यान एक महिला की ओर गया जो कार से उतरकर डिक्की में से छत्री निकाल रही थी। फिर वह उस छाते को लेकर एक छोटी लड़की के पास गई, और यह सुनिश्चित किया कि कार तक वापस आने तक उस लड़की पर बारिश न पड़े। उस अभिभावक की अपनी बच्ची को सुरक्षित रखने की इस घटना से मुझे हमारे स्वर्गीय परमेश्वर पिता के द्वारा हमें सुरक्षित रखे जाने के कार्यों का ध्यान आया।

         परमेश्वर के वचन बाइबल में यशायाह भविष्यद्वक्ता ने परमेश्वर के लोगों के लिए अनाज्ञाकारिता के लिए दण्ड और फिर उसके बाद अच्छे दिनों की भविष्यवाणी की (यशायाह 40:1-8)। पहाड़ों से आए हुए उस स्वर्गीय सन्देश (पद 9) ने इस्राएलियों को परमेश्वर की पराक्रमी उपस्थिति तथा कोमल देखभाल के लिए आश्वस्त किया। तब भी, और अब भी, सुसमाचार एक ही था और है, कि परमेश्वर के सामर्थ्य और राज्य करने वाले अधिकार के कारण चिंतित हृदयों को घबराने की आवश्यकता नहीं है (पद 9-10)। उस घोषणा में यह समाचार भी सम्मिलित था कि परमेश्वर की सुरक्षा, वैसी सुरक्षा जैसी चरवाहे अपनी भेड़ों के लिए उपलब्ध करवाते हैं (पद 11), उपलब्ध है: दुर्बल भेड़ें चरवाहे की बाँहों में सुरक्षा पाएंगी, और बच्चों को दूध पिलाने वाली भेड़ों की कोमलता से अगुवाई और देखभाल की जाएगी।

         ऐसे संसार में जिसमें परिस्थितियाँ सदा ही सहज नहीं होती हैं, सुरक्षा और देखभाल के यह चित्रण हमें प्रभु परमेश्वर की ओर भरोसे के साथ देखते रहने के लिए बाध्य करते हैं। जो प्रभु परमेश्वर पर सम्पूर्ण मन से भरोसा रखते हैं, उन्हें उससे सामर्थ्य प्राप्त होती है और वे सुरक्षित बने रहते हैं (पद 31)। - आर्थर जैक्सन

 

सुसमाचार यह है कि परमेश्वर में हम सुरक्षित रहते हैं।


परन्तु जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों के समान उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे। - यशायाह 40:31

बाइबल पाठ: यशायाह 40:9-11

यशायाह 40:9 हे सिय्योन को शुभ समाचार सुनाने वाली, ऊंचे पहाड़ पर चढ़ जा; हे यरूशलेम को शुभ समाचार सुनाने वाली, बहुत ऊंचे शब्द से सुना, ऊंचे शब्द से सुना, मत डर; यहूदा के नगरों से कह, अपने परमेश्वर को देखो!

यशायाह 40:10 देखो, प्रभु यहोवा सामर्थ्य दिखाता हुआ रहा है, वह अपने भुजबल से प्रभुता करेगा; देखो, जो मजदूरी देने की है वह उसके पास है और जो बदला देने का है वह उसके हाथ में है।

 यशायाह 40:11 वह चरवाहे के समान अपने झुण्ड को चराएगा, वह भेड़ों के बच्चों को अंकवार में लिये रहेगा और दूध   पिलाने वालियों को धीरे धीरे ले चलेगा।

 

एक साल में बाइबल: 

  • यशायाह 39-40
  • कुलुस्सियों 4

मंगलवार, 8 सितंबर 2020

देखभाल

 

         मैं अपनी आँखें बन्द करता हूँ, हाथ जोड़कर, सिर झुकाकर मन में प्रार्थना करना आरंभ करता हूँ, मेरी प्रार्थना आरंभ होती है, “हे परमेश्वर, मैं आपके सम्मुख आपके बच्चे की तरह आता हूँ। मैं आपकी भलाइयों और सामर्थ्य को स्मरण करता हूँ जो आप ...” और अचानक ही मेरी आँखें झटके से खुल जाती हैं। मुझे स्मरण हो आता है कि मेरे बेटे का स्कूल का काम अभी पूरा नहीं हुआ है, उसे मेरी सहायता की आवश्यकता थी, क्योंकि कल उसे वह स्कूल में दिखाना है। मुझे यह भी स्मरण आता है कि कल दोपहर बाद उसे स्कूल में बास्केटबाल के खेल में भी भाग लेना है, और मुझे वहाँ उसके पास होना है; और मैं विचार करता हूँ कि वह अभी अपने स्कूल के कार्य को पूरा करने में लगा होगा, जो लगभग मध्य-रात्रि तक जाकर पूरा होगा। किन्तु मुझे चिंता है कि उसका यह सब परिश्रम उसे थका कर दुर्बल न कर दे, जिससे फिर कोई बीमारी उसे पकड़ न ले। और मेरा ध्यान प्रार्थना से हट जाता है।

         सुप्रसिद्ध मसीही लेखक सी. एस. ल्युईस ने अपने पुस्तक The Screwtape Letters में प्रार्थना में इस प्रकार ध्यान विचलित करने वाली बातों के बारे में लिखा है। उन्होंने लिखा कि जब हमारे मन इधर-उधर भटकने लगते हैं तो हम अपनी इच्छा-शक्ति के द्वारा उन्हें फिर से अपनी मूल प्रार्थना पर लाने के प्रयास करते हैं। लेकिन ल्युईस का निष्कर्ष था कि ऐसा करने के स्थान पर अधिक अच्छा होता है कि विचलित करने वाली उस नई बात को ही हमारी वर्तमान समस्या समझ लिया जाए, उसे परमेश्वर के सामने रख दिया जाए, और उस बात को ही अपनी प्रार्थना का मुख्य विषय बना लिया जाए।

         कोई स्थायी चिंता, या कोई पापमय विचार परमेश्वर के साथ हमारे वार्तालाप का केंद्र बिंदु बन सकता है, हम उस बात को पिता परमेश्वर के सामने रख कर उसके बारे में उससे उसका मार्गदर्शन और सामर्थ्य माँग सकते हैं। परमेश्वर चाहता है कि हम जब उससे वार्तालाप करें तो निःसंकोच होकर अपनी वास्तविक चिंताओं, भय, संघर्षों, इच्छाओं आदि के बारे में उससे खुलकर बोलें। वह हमारी किसी भी बात से आश्चर्यचकित नहीं होगा, क्योंकि वह सब कुछ पहले से ही जानता है। जैसे एक घनिष्ठ मित्र हमारी बातों पर ध्यान लगाता है, परमेश्वर भी वैसे ही हमारी बातों का ध्यान करता है। इसीलिए परमेश्वर के वचन बाइबल में हमें प्रोत्साहित किया गया है कि हम अपनी सारी चिताएँ उस पर डाल दें क्योंकि उसे हमारा ध्यान है (1 पतरस 5:7), वह हमारी देखभाल करता है। - जेनिफर बेनसन शुल्ट

 

ध्यान बंटने से हमारी प्रार्थनाएं बाधित नहीं होनी चाहिएँ।


अपना बोझ यहोवा पर डाल दे वह तुझे सम्हालेगा; वह धर्मी को कभी टलने न देगा। - भजन 55:22

बाइबल पाठ: 1 पतरस 5:6-10

1 पतरस 5:6 इसलिये परमेश्वर के बलवन्‍त हाथ के नीचे दीनता से रहो, जिस से वह तुम्हें उचित समय पर बढ़ाए।

1 पतरस 5:7 और अपनी सारी चिन्ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है।

1 पतरस 5:8 सचेत हो, और जागते रहो, क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गरजने वाले सिंह के समान इस खोज में रहता है, कि किस को फाड़ खाए।

1 पतरस 5:9 विश्वास में दृढ़ हो कर, और यह जान कर उसका सामना करो, कि तुम्हारे भाई जो संसार में हैं, ऐसे ही दुख भुगत रहे हैं।

1 पतरस 5:10 अब परमेश्वर जो सारे अनुग्रह का दाता है, जिसने तुम्हें मसीह में अपनी अनन्त महिमा के लिये बुलाया, तुम्हारे थोड़ी देर तक दुख उठाने के बाद आप ही तुम्हें सिद्ध और स्थिर और बलवन्‍त करेगा।

 

 एक साल में बाइबल: 

  • नीतिवचन 3-5
  • 2 कुरिन्थियों 1

शुक्रवार, 28 अगस्त 2020

विश्वासयोग्य

 

         मैं जब किशोरावस्था में था, और जब मेरी माँ मुझे परमेश्वर में विश्वास रखने के लिए प्रोत्साहित करती थी, और कहती थी “परमेश्वर में विश्वास रखो। वह तुम्हारी सहायता करेगा” तो कभी-कभी मैं पलटकर कहता था, “अरे माँ, यह इतनी सीधी बात नहीं है! परमेश्वर भी उन्हीं की सहायता करता है जो अपनी सहायता स्वयं करने का प्रयास करते हैं।”

         परन्तु ये शब्द, “परमेश्वर भी उन्हीं की सहायता करता है जो अपनी सहायता स्वयं करने का प्रयास करते हैं” परमेश्वर के वचन बाइबल में कहीं नहीं पाए जाते हैं। वरन परमेश्वर का वचन हमें सिखाता है कि हम अपने दैनिक आवश्यकताओं के लिए उस पर निर्भर रहना सीखें। प्रभु यीशु ने कहा, आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं; तौभी तुम्हारा स्वर्गीय पिता उन को खिलाता है; क्या तुम उन से अधिक मूल्य नहीं रखते। तुम में कौन है, जो चिन्ता कर के अपनी अवस्था में एक घड़ी भी बढ़ा सकता है” (मत्ती 6:26-27)।

         हम जिन भी बातों का आनन्द लेते हैं – यहाँ तक कि अपना जीवन यापन करने तथा अपनी सहायता कर पाने की हमारी सामर्थ्य, सब परमेश्वर से मिले उपहार हैं जो हम से असीम प्रेम करता है।

         मेरी माँ के जीवन के अन्त के दिनों में उन्हें एलज्हाइमर रोग हो गया, जिससे मानसिक तथा स्मरण शक्ति जाती रहती है, और उनकी भी रचनात्मक कार्यों की क्षमता और स्मृति जाती रही, परन्तु परमेश्वर में उनका विश्वास बना रहा। वे हमारे साथ हमारे घर में रहीं, और मुझे प्रत्यक्ष देखने का अवसर मिला कि कैसे परमेश्वर अद्भुत और अनपेक्षित तरीकों से उनकी आवश्यकताओं को पूरा करता रहा, जिससे मुझे यह समझने और मानने का अवसर मिला कि सदा से उनकी बात ही सही थी। चिंता करने की बजाए उन्होंने अपने आप को उसके भरोसे छोड़ दिया था जिसने उनकी देखभाल करने का वायदा किया था – और प्रभु परमेश्वर विश्वासयोग्य प्रमाणित हुआ। - जेम्स बैंक्स

 

कल की चिंता न करें – परमेश्वर वहाँ पहले ही से उपस्थित है।


इस कारण मैं इन दुखों को भी उठाता हूं, पर लजाता नहीं, क्योंकि मैं उसे जिस पर मैंने विश्वास किया है, जानता हूं; और मुझे निश्चय है, कि वह मेरी धरोहर की उस दिन तक रखवाली कर सकता है। - 2 तीमुथियुस 1:12

बाइबल पाठ: मत्ती 6:25-34

मत्ती 6:25 इसलिये मैं तुम से कहता हूं, कि अपने प्राण के लिये यह चिन्ता न करना कि हम क्या खाएंगे? और क्या पीएंगे? और न अपने शरीर के लिये कि क्या पहनेंगे? क्या प्राण भोजन से, और शरीर वस्त्र से बढ़कर नहीं?

मत्ती 6:26 आकाश के पक्षियों को देखो! वे न बोते हैं, न काटते हैं, और न खत्तों में बटोरते हैं; तौभी तुम्हारा स्वर्गीय  पिता उन को खिलाता है; क्या तुम उन से अधिक मूल्य नहीं रखते।

मत्ती 6:27 तुम में कौन है, जो चिन्ता कर के अपनी अवस्था में एक घड़ी भी बढ़ा सकता है

मत्ती 6:28 और वस्त्र के लिये क्यों चिन्ता  करते हो? जंगली सोसनों पर ध्यान करो, कि वे कैसे बढ़ते हैं, वे न तो परिश्रम करते हैं, न कातते हैं।

मत्ती 6:29 तौभी मैं तुम से कहता हूं, कि सुलैमान भी, अपने सारे वैभव में उन में से किसी के समान वस्त्र पहने हुए न था।

मत्ती 6:30 इसलिये जब परमेश्वर मैदान की घास को, जो आज है, और कल भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा वस्त्र पहनाता है, तो हे अल्प-विश्वासियों, तुम को वह क्योंकर न पहनाएगा?

मत्ती 6:31 इसलिये तुम चिन्ता कर के यह न कहना, कि हम क्या खाएंगे, या क्या पीएंगे, या क्या पहनेंगे?

मत्ती 6:32 क्योंकि अन्यजाति इन सब वस्तुओं की खोज में रहते हैं, और तुम्हारा स्वर्गीय पिता जानता है, कि तुम्हें ये सब वस्तुएं चाहिए।

मत्ती 6:33 इसलिये पहिले तुम उसे राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएंगी।

मत्ती 6:34 सो कल के लिये चिन्ता न करो, क्योंकि कल का दिन अपनी चिन्ता आप कर लेगा; आज के लिये आज ही का दुख बहुत है।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 123-125
  • 1 कुरिन्थियों 10:1-18

शनिवार, 15 अगस्त 2020

अद्भुत


         परमेश्वर के वचन बाइबल में अय्यूब की पुस्तक में हम इस विषय पर कि संसार में दुःख क्यों है, लगभग हर संभव तर्क को देखते है, परन्तु उन तर्कों से अय्यूब को अपनी परिस्थिति को समझने या उसके निवारण के लिए कुछ विशेष सहायता नहीं मिली। अय्यूब की परेशानी तर्कों से अधिक संदेह से संबंधित थी – क्या वह परमेश्वर पर भरोसा कर सकता है? अपनी इस विकट स्थिति में अय्यूब को एक बात की सर्वाधिक लालसा थी – वह एकमात्र जन जो उसकी इस दुखदायी स्थिति को समझा सकता, वह उसके सामने प्रकट हो जाए – वह परमेश्वर से आमने–सामने मिलना चाहता है, उससे अपनी स्थिति के बारे में प्रश्न करना चाहता है।

         अन्ततः अय्यूब की इच्छा पूरी होती है। परमेश्वर उसके सम्मुख आता है (देखें अय्यूब 38:1)। परमेश्वर अय्यूब के सामने आने के समय को अद्भुत रीति से निर्धारित करता है – तब, जब अय्यूब का मित्र एलीहू उसे समझा रहा है कि क्यों उसे कोई अधिकार नहीं है कि उसे परमेश्वर से कोई दर्शन मिले।

         फिर परमेश्वर जो अय्यूब से कहना आरंभ करता है, उसके लिए न तो अय्यूब और न ही उसका कोई मित्र तैयार था। अय्यूब के पास प्रश्नों की एक लम्बी सूची थी, परन्तु सामने आने पर, अय्यूब नहीं वरन परमेश्वर प्रश्न करना आरम्भ करता है। परमेश्वर अपनी बात “पुरुष के समान अपनी कमर बान्ध ले, क्योंकि मैं तुझ से प्रश्न करता हूँ, और तू मुझे उत्तर दे” (38:3) के साथ आरंभ करता है। दुःख पर पिछले पैंतीस अध्यायों में चली चर्चा और विवादों को एक ओर हटा कर, परमेश्वर अपनी अद्भुत सृष्टि के विषय बात करना आरंभ करता है।

         परमेश्वर की बात का मुख्य निहितार्थ है सृष्टि के सृजनहार और पालनहार परमेश्वर तथा सृष्टि के एक छोटे से अय्यूब के समान मनुष्य के मध्य का महान अंतर। परमेश्वर की उपस्थिति और बातें अय्यूब के सबसे बड़े प्रश्न – “क्या कोई है जिसे उसका ध्यान रहता है, जो उसकी चिंता करता है?” का समाधान करती है कि परमेश्वर की दृष्टि से कुछ छुपा नहीं है, और वह हर बात, हर परिस्थिति पर नियंत्रण रखता है, सब कुछ का संचालन करता है। परमेश्वर की वास्तविकता को जानने और समझने के बाद, अय्यूब अपनी नासमझी का एहसास करने पाता है, पश्चाताप में परमेश्वर के आगे समर्पण कर देता है, और परमेश्वर से अद्भुत आशीषें प्राप्त करता है (अध्याय 42)। हमारा सृष्टिकर्ता परमेश्वर हमारी हर परिस्थिति, हर बात को जानता है और उनके अद्भुत प्रयोजन करता है। - फिलिप यैन्सी

 

कोई भी त्रासदी परमेश्वर की सार्वभौमिकता से बाहर नहीं है।


मैं कानों से तेरा समाचार सुना था, परन्तु अब मेरी आंखें तुझे देखती हैं; इसलिये मुझे अपने ऊपर घृणा आती है, और मैं धूल और राख में पश्चात्ताप करता हूँ। - अय्यूब 42:5-6

बाइबल पाठ: अय्यूब 38:1-11

अय्यूब 38:1 तब यहोवा ने अय्यूब को आँधी में से यूं उत्तर दिया,

अय्यूब 38:2 यह कौन है जो अज्ञानता की बातें कहकर युक्ति को बिगाड़ना चाहता है?

अय्यूब 38:3 पुरुष के समान अपनी कमर बान्ध ले, क्योंकि मैं तुझ से प्रश्न करता हूँ, और तू मुझे उत्तर दे।

अय्यूब 38:4 जब मैं ने पृथ्वी की नेव डाली, तब तू कहां था? यदि तू समझदार हो तो उत्तर दे।

अय्यूब 38:5 उसका नाप किस ने ठहराया, क्या तू जानता है उस पर किस ने सूत खींचा?

अय्यूब 38:6 उसकी नेव कौन सी वस्तु पर रखी गई, वा किस ने उसके कोने का पत्थर बिठाया,

अय्यूब 38:7 जब कि भोर के तारे एक संग आनन्द से गाते थे और परमेश्वर के सब पुत्र जयजयकार करते थे?

अय्यूब 38:8 फिर जब समुद्र ऐसा फूट निकला मानो वह गर्भ से फूट निकला, तब किस ने द्वार मूंदकर उसको रोक दिया;

अय्यूब 38:9 जब कि मैं ने उसको बादल पहनाया और घोर अन्धकार में लपेट दिया,

अय्यूब 38:10 और उसके लिये सिवाना बान्धा और यह कहकर बेंड़े और किवाड़ लगा दिए, कि

अय्यूब 38:11 यहीं तक आ, और आगे न बढ़, और तेरी उमड़ने वाली लहरें यहीं थम जाएं?

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 91-93
  • रोमियों 15:1-13

शुक्रवार, 7 अगस्त 2020

प्रार्थना


    सन 1997 के एशियाई वित्तीय संकट के समय में उतनी नौकरियां नहीं थीं जितने लोग नौकरी खोज रहे थे। मैं भी उन नौकरी खोजने वालों में से एक थी। नौ महीनों के चिंता भरे महीने प्रतीक्षा करने के बाद मुझे एक छोटी सी नौकरी मिली, लेकिन जिस कंपनी में नौकरी मिली थी, वह शीघ्र ही बन्द हो गई और मैं फिर से बेरोजगार हो गई।

    क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है? आपको लगने लगता है कि अब जो कुछ बुरा हो सकता था, वह हो चुका है, अब और कुछ नहीं बिगड़ेगा, तभी अचानक ही आपके पैरों तले से ज़मीन खिसक जाती है। परमेश्वर के वचन बाइबल में हम सारपत की विधवा के साथ कुछ ऐसा ही होता हुआ पाते हैं (1 राजाओं 17:12)। देश में पड़े हुए अकाल के कारण वह विधवा अपने और अपने बेटे के लिए अपना अंतिम भोजन पकाने की तैयारी कर रही थी, कि एलिय्याह भविष्यद्वक्ता ने उस से कहा कि वह पहले उसे एक रोटी बना कर दे। उसने हिचकिचाते हुए उसकी बात स्वीकार कर ली, और परमेश्वर ने उसके लिए एक निरंतर बने रहने वाली तेल और मैदा की आपूर्ति का प्रावधान कर दिया (आयतें 10-16)।

    लेकिन इसके बाद उसका बेटा बीमार पड़ गया, और उसकी हालत बिगड़ती चली गई, यहाँ तक कि उसकी साँस भी रुक गई। वह विधवा एलिय्याह के सामने विलाप कर के कहने लगी, तब वह एलिय्याह से कहने लगी, “हे परमेश्‍वर के जन! मेरा तुझ से क्या काम? क्या तू इसलिये मेरे यहाँ आया है कि मेरे बेटे की मृत्यु का कारण हो और मेरे पाप का स्मरण दिलाए?” (पद 18)।

    कभी-कभी हम उस विधवा के समान प्रतिक्रिया देना चाहते हैं – यह सोचते हुए कि परमेश्वर हमें दण्ड दे रहा है, लेकिन क्यों, यह हमारी समझ में नहीं आता है। हम भूल जाते हैं कि इस पतित संसार में, बुरी बातें होती हैं।

    एलिय्याह ने उसकी चिंता को परमेश्वर के सामने रखा, उस बच्चे के लिए सच्चाई और बल देकर प्रार्थना की, और परमेश्वर ने उस बच्चे को जिला दिया! (पद 20-22)।

    जब हमारे पैरों तले ज़मीन खिसकने लगे, हम भी एलिय्याह के समान इस बात को स्मरण रखें कि हमारा विश्वासयोग्य स्वर्गीय पिता हमें कभी नहीं छोड़ेगा! हम परमेश्वर के उद्देश्यों में आश्वासन रखते हुए अपनी प्रार्थनाएँ उसके सामने रख सकते हैं।

 

परमेश्वर हर समय में, भले या बुरे, अच्छा ही रहता है।

इसलिये आओ, हम अनुग्रह के सिंहासन के निकट हियाव बान्धकर चलें, कि हम पर दया हो, और वह अनुग्रह पाएँ, जो आवश्यकता के समय हमारी सहायता करे। - इब्रानियों 4:16

बाइबल पाठ: 1 राजाओं 17:15-24

1 राजाओं 17:15 तब वह चली गई, और एलिय्याह के वचन के अनुसार किया, तब से वह और स्त्री और उसका घराना बहुत दिन तक खाते रहे।

1 राजाओं 17:16 यहोवा के उस वचन के अनुसार जो उसने एलिय्याह के द्वारा कहा था, न तो उस घड़े का मैदा समाप्‍त हुआ, और न उस कुप्पी का तेल घटा।

1 राजाओं 17:17 इन बातों के बाद उस स्त्री का बेटा जो घर की स्वामिनी थी, रोगी हुआ, और उसका रोग यहाँ तक बढ़ा कि उसका साँस लेना बन्द हो गया।

1 राजाओं 17:18 तब वह एलिय्याह से कहने लगी, “हे परमेश्‍वर के जन! मेरा तुझ से क्या काम? क्या तू इसलिये मेरे यहाँ आया है कि मेरे बेटे की मृत्यु का कारण हो और मेरे पाप का स्मरण दिलाए?”

1 राजाओं 17:19 उसने उससे कहा, “अपना बेटा मुझे दे।” तब वह उसे उसकी गोद से लेकर उस अटारी पर ले गया जहाँ वह स्वयं रहता था, और अपनी खाट पर लिटा दिया।

1 राजाओं 17:20 तब उसने यहोवा को पुकारकर कहा, “हे मेरे परमेश्‍वर यहोवा! क्या तू इस विधवा का बेटा मार डालकर जिसके यहाँ मैं टिका हूँ, इस पर भी विपत्ति ले आया है?”

1 राजाओं 17:21 तब वह बालक पर तीन बार पसर गया और यहोवा को पुकारकर कहा, “हे मेरे परमेश्‍वर यहोवा! इस बालक का प्राण इसमें फिर डाल दे।” 

1 राजाओं 17:22 एलिय्याह की यह बात यहोवा ने सुन ली, और बालक का प्राण उसमें फिर आ गया और वह जी उठा।

1 राजाओं 17:23 तब एलिय्याह बालक को अटारी पर से नीचे घर में ले गया, और एलिय्याह ने यह कहकर उसकी माता के हाथ में सौंप दिया, “देख तेरा बेटा जीवित है।”

1 राजाओं 17: 24 स्त्री ने एलिय्याह से कहा, “अब मुझे निश्‍चय हो गया है कि तू परमेश्‍वर का जन है, और यहोवा का जो वचन तेरे मुँह से निकलता है, वह सच होता है।”

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 72-73
  • रोमियों 9:1-15


मंगलवार, 28 जुलाई 2020

प्रेम


     कुछ समस्याओं पर पिता ही का नाम लिखा हुआ होता है। उदाहरण के लिए, मेरे बच्चों ने देखा कि हमारे सामने के बरामदे में आई एक दरार में मधुमक्खियों ने छत्ता बना लिया था। इसलिए कीड़े मारने वाली दवाई के स्प्रे को लेकर मैं उन्हें वहाँ से हटाने के लिए गया। ऐसा करते समय मुझे पांच बार मधुमक्खियों ने डंक मारा।

     मुझे कीटों द्वारा डसे जाना तो पसंद नहीं है, परन्तु इसके स्थान पर कि मेरे बच्चों या पत्नी को डसा जाए, मैं ही डंक सह लूंगा; अपने परिवार की देखभाल और सुरक्षा मेरे दायित्वों में सर्व-प्रथम जो है। मेरे बच्चों ने एक आवश्यकता को पहचाना, और मुझे उस से अवगत करवा दिया। उन्हें भरोसा था कि मैं उस से उन की सुरक्षा करूँगा जिससे उन्हें डर लग रहा था।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में मत्ती 7 अध्याय में, प्रभु यीशु हमें सिखाते हैं कि हमें भी अपनी आवश्यकताएं प्रभु के समक्ष लानी चाहिए (पद 7) और उनके लिए उस पर भरोसा रखना चाहिए। इसे और अधिक अच्छे से समझाने के लिए प्रभु यीशु ने उदाहरण का प्रयोग किया: “तुम में से ऐसा कौन मनुष्य है, कि यदि उसका पुत्र उस से रोटी मांगे, तो वह उसे पत्थर दे? वा मछली मांगे, तो उसे सांप दे?” (पद 9-10)। बच्चों से प्रेम करने वाले माता-पिता का उत्तर तो स्पष्ट है। परन्तु प्रभु यीशु फिर भी स्वयं उत्तर देते हैं, जिसके द्वारा वे हमें पिता परमेश्वर की उदार भलाई में भरोसा न छोड़ने को प्रोत्साहित करते हैं: “सो जब तुम बुरे हो कर, अपने बच्चों को अच्छी वस्तुएं देना जानते हो, तो तुम्हारा स्वर्गीय पिता अपने मांगने वालों को अच्छी वस्तुएं क्यों न देगा?” (पद 11)।

     मैं अपने बच्चों को और भी अधिक प्रेम करने के किसी तरीके की कल्पना भी नहीं कर सकता हूँ। परन्तु प्रभु यीशु हमें आश्वस्त करते हैं कि पृथ्वी के सर्वोत्तम पिता का अपने बच्चों के प्रति प्रेम, हमारे प्रति परमेश्वर के हमारे प्रति प्रेम के सामने कुछ भी नहीं है। - ऐडम होल्ज़

 

हम अपनी प्रत्येक आवश्यकता के लिए आने पिता पर भरोसा कर सकते हैं।


और अपनी सारी चिन्ता उसी पर डाल दो, क्योंकि उसको तुम्हारा ध्यान है। - 1पतरस 5:7

बाइबल पाठ: मत्ती 7:7-11

मत्ती 7:7 मांगो, तो तुम्हें दिया जाएगा; ढूंढ़ो, तो तुम पाओगे; खटखटाओ, तो तुम्हारे लिये खोला जाएगा।

मत्ती 7:8 क्योंकि जो कोई मांगता है, उसे मिलता है; और जो ढूंढ़ता है, वह पाता है और जो खटखटाता है, उसके लिये खोला जाएगा।

मत्ती 7:9 तुम में से ऐसा कौन मनुष्य है, कि यदि उसका पुत्र उस से रोटी मांगे, तो वह उसे पत्थर दे?

मत्ती 7:10 वा मछली मांगे, तो उसे सांप दे?

मत्ती 7:11 सो जब तुम बुरे हो कर, अपने बच्चों को अच्छी वस्तुएं देना जानते हो, तो तुम्हारा स्वर्गीय पिता अपने मांगने वालों को अच्छी वस्तुएं क्यों न देगा?

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 46-48
  • प्रेरितों 28


रविवार, 24 मई 2020

शांत



     क्या कुछ ऐसा है जो आपको रात को ठीक से सोने नहीं देता है? हाल ही में मैं ठीक से सो नहीं पा रही हूँ, बिस्तर पर इधर से उधर करवट बदलती रहती हूँ, और फिर मुझे चिंता होने लगती है कि मैं आने वाले दिन की समस्याओं का सामना करने के लिए पर्याप्त आराम नहीं करने पाऊँगी। क्या आप का भी यही अनुभव रहता है? किसी संबंध को लेकर चिंता, भविष्य की अनिश्चितता, या अन्य जो भी बात हो – हम सभी कभी न कभी चिंता करते ही हैं।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि राजा दाऊद वास्तव में परेशानियों में था, जब उस ने भजन 4 लिखा था। लोग मिथ्या, आधारहीन आरोप लगा कर उसकी साख़ को ख़राब कर रहे थे (पद 2)। कुछ तो उस के राज करने की योग्यता पर प्रश्न चिह्न लगा रहे थे (पद 6)। संभवतः ऐसे अनुचित व्यवहार के कारण दाऊद क्रोधित भी हो रहा होगा। लेकिन फिर भी हम ये अद्भुत शब्द पढ़ते हैं: “मैं शान्ति से लेट जाऊंगा और सो जाऊंगा; क्योंकि, हे यहोवा, केवल तू ही मुझ को एकान्त में निश्चिन्त रहने देता है” (पद 8)।

     सुविख्यात मसीही प्रचारक चार्ल्स स्पर्जन ने पद 8 की बहुत सुन्दर व्याख्या की है; वे कहते हैं, “इस प्रकार से लेट जाने के द्वारा...[दाऊद] ने अपने आप को एक अन्य के हाथों में छोड़ दिया; उस ने ऐसा संपूर्णतः किया, क्योंकि वह फिर निश्चिन्त हो कर सो गया; उसे पूरा भरोसा था।” उसे यह भरोसा क्यों था? आरम्भ से ही दाऊद को विश्वास था कि परमेश्वर उस की प्रार्थनाएं सुनेगा और उन का उत्तर देगा (पद 3)। और वह निश्चित था कि क्योंकि परमेश्वर ने उस से प्रेम करना चुना है, इस लिए वह अपने प्रेम में होकर उस की प्रत्येक आवश्यकता को पूरा भी करेगा।

     जब भी हमें चिंताएँ सताएँ, परमेश्वर हमारी सहायता करे कि हम उसकी सामर्थ्य और उपस्थिति में शांत हो सकें। हम उस की सर्वशक्तिशाली और प्रेम भरी बाहों में शांत हो कर लेट जाएं और सो जाएं। - पोह फैंग चिया

हम पूर्णतः विश्वासयोग्य परमेश्वर में अपना पूरा भरोसा रख सकते हैं।

चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं!  - भजन 46:10

बाइबल पाठ: भजन 4
भजन संहिता 4:1 हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूं तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं सकेती में पड़ा तब तू ने मुझे विस्तार दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले।
भजन संहिता 4:2 हे मनुष्यों के पुत्रों, कब तक मेरी महिमा के बदले अनादर होता रहेगा? तुम कब तक व्यर्थ बातों से प्रीति रखोगे और झूठी युक्ति की खोज में रहोगे?
भजन संहिता 4:3 यह जान रखो कि यहोवा ने भक्त को अपने लिये अलग कर रखा है; जब मैं यहोवा को पुकारूंगा तब वह सुन लेगा।
भजन संहिता 4:4 कांपते रहो और पाप मत करो; अपने अपने बिछौने पर मन ही मन सोचो और चुपचाप रहो।
भजन संहिता 4:5 धर्म के बलिदान चढ़ाओ, और यहोवा पर भरोसा रखो।
भजन संहिता 4:6 बहुत से हैं जो कहते हैं, कि कौन हम को कुछ भलाई दिखाएगा? हे यहोवा तू अपने मुख का प्रकाश हम पर चमका!
भजन संहिता 4:7 तू ने मेरे मन में उस से कहीं अधिक आनन्द भर दिया है, जो उन को अन्न और दाखमधु की बढ़ती से होता था।
भजन संहिता 4:8 मैं शान्ति से लेट जाऊंगा और सो जाऊंगा; क्योंकि, हे यहोवा, केवल तू ही मुझ को एकान्त में निश्चिन्त रहने देता है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 22-24
  • यूहन्ना 8:28-59



शुक्रवार, 24 अप्रैल 2020

शांत



     क्या कुछ ऐसा है जो आपको रात को ठीक से सोने नहीं देता है? हाल ही में मैं ठीक से सो नहीं पा रही हूँ, बिस्तर पर इधर से उधर करवट बदलती रहती हूँ, और फिर मुझे चिंता होने लगती है कि मैं आने वाले दिन की समस्याओं का सामना करने के लिए पर्याप्त आराम नहीं करने पाऊँगी। क्या आप का भी यही अनुभव रहता है? किसी संबंध को लेकर चिंता, भविष्य की अनिश्चितता, या अन्य जो भी बात हो – हम सभी कभी न कभी चिंता करते ही हैं।

     परमेश्वर के वचन बाइबल में हम देखते हैं कि राजा दाऊद वास्तव में परेशानियों में था, जब उस ने भजन 4 लिखा था। लोग मिथ्या, आधारहीन आरोप लगा कर उसकी साख़ को ख़राब कर रहे थे (पद 2)। कुछ तो उस के राज करने की योग्यता पर प्रश्न चिह्न लगा रहे थे (पद 6)। संभवतः ऐसे अनुचित व्यवहार के कारण दाऊद क्रोधित भी हो रहा होगा। लेकिन फिर भी हम ये अद्भुत शब्द पढ़ते हैं: “मैं शान्ति से लेट जाऊंगा और सो जाऊंगा; क्योंकि, हे यहोवा, केवल तू ही मुझ को एकान्त में निश्चिन्त रहने देता है” (पद 8)।

     सुविख्यात मसीही प्रचारक चार्ल्स स्पर्जन ने पद 8 की बहुत सुन्दर व्याख्या की है; वे कहते हैं, “इस प्रकार से लेट जाने के द्वारा...[दाऊद] ने अपने आप को एक अन्य के हाथों में छोड़ दिया; उस ने ऐसा संपूर्णतः किया, क्योंकि वह फिर निश्चिन्त हो कर सो गया; उसे पूरा भरोसा था।” उसे यह भरोसा क्यों था? आरम्भ से ही दाऊद को विश्वास था कि परमेश्वर उस की प्रार्थनाएं सुनेगा और उन का उत्तर देगा (पद 3)। और वह निश्चित था कि क्योंकि परमेश्वर ने उस से प्रेम करना चुना है, इस लिए वह अपने प्रेम में होकर उस की प्रत्येक आवश्यकता को पूरा भी करेगा।

     जब भी हमें चिंताएँ सताएँ, परमेश्वर हमारी सहायता करे कि हम उसकी सामर्थ्य और उपस्थिति में शांत हो सकें। हम उस की सर्वशक्तिशाली और प्रेम भरी बाहों में शांत हो कर लेट जाएं और सो जाएं। - पोह फैंग चिया

हम पूर्णतः विश्वासयोग्य परमेश्वर में अपना पूरा भरोसा रख सकते हैं।

चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान हूं, मैं पृथ्वी भर में महान हूं!  - भजन 46:10

बाइबल पाठ: भजन 4
भजन संहिता 4:1 हे मेरे धर्ममय परमेश्वर, जब मैं पुकारूं तब तू मुझे उत्तर दे; जब मैं सकेती में पड़ा तब तू ने मुझे विस्तार दिया। मुझ पर अनुग्रह कर और मेरी प्रार्थना सुन ले।
भजन संहिता 4:2 हे मनुष्यों के पुत्रों, कब तक मेरी महिमा के बदले अनादर होता रहेगा? तुम कब तक व्यर्थ बातों से प्रीति रखोगे और झूठी युक्ति की खोज में रहोगे?
भजन संहिता 4:3 यह जान रखो कि यहोवा ने भक्त को अपने लिये अलग कर रखा है; जब मैं यहोवा को पुकारूंगा तब वह सुन लेगा।
भजन संहिता 4:4 कांपते रहो और पाप मत करो; अपने अपने बिछौने पर मन ही मन सोचो और चुपचाप रहो।
भजन संहिता 4:5 धर्म के बलिदान चढ़ाओ, और यहोवा पर भरोसा रखो।
भजन संहिता 4:6 बहुत से हैं जो कहते हैं, कि कौन हम को कुछ भलाई दिखाएगा? हे यहोवा तू अपने मुख का प्रकाश हम पर चमका!
भजन संहिता 4:7 तू ने मेरे मन में उस से कहीं अधिक आनन्द भर दिया है, जो उन को अन्न और दाखमधु की बढ़ती से होता था।
भजन संहिता 4:8 मैं शान्ति से लेट जाऊंगा और सो जाऊंगा; क्योंकि, हे यहोवा, केवल तू ही मुझ को एकान्त में निश्चिन्त रहने देता है।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 22-24
  • यूहन्ना 8:28-59



शुक्रवार, 17 अप्रैल 2020

चिंतित



     मुझे जहाँ तक भी याद आता है, मेरा हमेशा से ही माँ बनने का सपना रहा है। मैं विवाह करने, गर्भवती होने, और अपने बच्चे को पहली बार अपने हाथों में उठाने के बारे में सोचा करती थी। जब मेरा विवाह हुआ तो मैंने और मेरे पति ने कभी बच्चों के होने को टालने के बारे में नहीं सोचा। परन्तु मैं कभी गर्भवती नहीं हो सकी, और हमें यह एहसास हो गया की हम बाँझपन के साथ संघर्ष कर रहे हैं। महीनों तक डॉक्टरों के पास जांच और इलाज के लिए जाना, कई प्रकार के परीक्षण करवाना, आँसू बहाना, यही सिलसिला चलता रहा; हम चिंताओं के तूफ़ान से जूझते रहे। बाँझ होना स्वीकार करना बहुत कडुवा घूँट था, और मेरे मन में परमेश्वर की भलाई और विश्वासयोग्यता को लेकर प्रश्न उठने लगे।

     अब जब मैं अपनी जीवन यात्रा के उस भाग को मुड़ कर देखती हूँ और उसके बारे में विचार करती हूँ, तो मुझे परमेश्वर के वचन बाइबल में यूहन्ना 6 अध्याय में दिए गए प्रभु यीशु के शिष्यों के तूफ़ान में फंसे होने की घटना स्मरण हो आती है। जब वे शिष्य नाव से होकर, झील पार कर रहे थे, और अचानक उठे तूफ़ान ने उन्हें आ घेरा, तो उनकी यात्रा लहरों और तूफानी हवाओं के साथ होने वाला संघर्ष बन गई। ऐसे में प्रभु यीशु उन तूफानी लहरों पर चलते हुए उनके पास आए, और अपनी उपस्थिति से उन्हें शांत किया, उन्हें आश्वस्त किया, “परन्तु उसने उन से कहा, कि मैं हूं; डरो मत” (पद 20)।

     उन शिष्यों के समान, मुझे और मेरे पति को भी हमारे जीवन में आने वाले इस तूफ़ान का कोई अंदेशा नहीं था, और न ही उन बातों का जो इस तूफ़ान के साथ हमारे जीवनों में आएंगी। परन्तु हमें भी शांति और आश्वासन मिला जब हम ने उन परिस्थितियों में भी परमेश्वर को और अधिक गहराई से जाना, और समझा कि वह सदा ही विश्वासयोग्य और सच्चा बना रहता है। हमने जिस बच्चे का सपना देखा था, यद्यपि वह तो हमें नहीं मिला, परन्तु हमने सीखा कि अपने सभी संघर्षों में हम उसकी शान्ति देने वाली उपस्थिति को अनुभव कर सकते हैं। और क्योंकि वह हमारे जीवनों में सदैव उपस्थित तथा कार्यरत है, इसलिए हमें चिंतित रहने की आवश्यकता नहीं है। - कैरेन वुल्फ

हम जीवन के तूफानों में ही परमेश्वर की शांतिदायक उपस्थिति का अनुभव करते हैं।

मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूं, इधर उधर मत ताक, क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर हूं; मैं तुझे दृढ़ करूंगा और तेरी सहायता करूंगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे सम्हाले रहूंगा। - यशायाह 41:10

बाइबल पाठ: यूहन्ना 6:16-21
यूहन्ना 6:16 फिर जब संध्या हुई, तो उसके चेले झील के किनारे गए।
यूहन्ना 6:17 और नाव पर चढ़कर झील के पार कफरनहूम को जाने लगे: उस समय अन्‍धेरा हो गया था, और यीशु अभी तक उन के पास नहीं आया था।
यूहन्ना 6:18 और आन्‍धी के कारण झील में लहरे उठने लगीं।
यूहन्ना 6:19 सो जब वे खेते खेते तीन चार मील के लगभग निकल गए, तो उन्होंने यीशु को झील पर चलते, और नाव के निकट आते देखा, और डर गए।
यूहन्ना 6:20 परन्तु उसने उन से कहा, कि मैं हूं; डरो मत।
यूहन्ना 6:21 सो वे उसे नाव पर चढ़ा लेने के लिये तैयार हुए और तुरन्त वह नाव उस स्थान पर जा पहुंची जहां वह जाते थे।

एक साल में बाइबल: 
  • 2 शमुएल 1-2
  • लूका 14:1-24



मंगलवार, 14 जनवरी 2020

जानना और प्रेम



      मसीही आराधना के सबसे प्रचलित गीतों, विशेषकर बच्चों के लिए, में से एक है “Jesus loves me this I know, for the Bible tells me so” (“यीशु मुझ से प्यार करता, यह मैं जानता हूँ, क्योंकि बाइबल मुझे बताती है”)। इस गीत को एन्ना बी. वार्नर ने लगभग 200 वर्ष पहले लिखा था, और इस गीत के बोल बड़ी कोमलता से प्रभु के साथ हमारे संबंध को बताते हैं।

      किसी ने मेरी पत्नी को एक पट्टिका भेंट में दी, जिसमें इस गीत के शब्दों को आगे-पीछे करके उन्हें एक नया अर्थ दिया गया है। उस पट्टिका पर लिखा है, “यीशु मुझे जानता है, और मैं इस से प्यार करता हूँ।” यह प्रभु के साथ हमारे संबंध को एक बिलकुल नया दृष्टिकोण प्रदान करता है – वह हमें जानता है!

      प्राचीन इस्राएल में एक सच्चे चरवाहे और भाड़े के मज़दूर में फर्क उनके भेड़ों को जानने से प्रकट हो जाता था; भेड़ों को जानने वाला और उनसे प्रेम करने वाला ही सच्चा चरवाहा होता था। सच्चा चरवाहा भेड़ों के साथ इतना समय बिताता था कि वह अपनी भेड़ों के बारे में बहुत कुछ जानकारी रखता था और उनकी बहुत दिल से देखभाल करता था। इसी लिए हम परमेश्वर के वचन बाइबल में देखते हैं कि प्रभु यीशु मसीह ने अपने विषय कहा, “अच्छा चरवाहा मैं हूं; जिस तरह पिता मुझे जानता है, और मैं पिता को जानता हूं...मेरी भेड़ें मेरा शब्द सुनती हैं, और मैं उन्हें जानता हूं, और वे मेरे पीछे पीछे चलती हैं” (यूहन्ना 10:14, )।

      हमारा प्रभु हमें जानता है और हम से बहुत प्रेम करता है! हमारे प्रति प्रभु के उद्देश्यों पर हम पूर्णतः भरोसा रख सकते हैं और हमारे लिए उसकी देखभाल को लेकर निश्चिन्त रह सकते हैं क्योंकि परमेश्वर पिता का आश्वासन है कि “...क्योंकि तुम्हारा पिता तुम्हारे मांगने से पहिले ही जानता है, कि तुम्हारी क्या क्या आवश्यक्ता है” (मत्ती 6:8)। जब आप आज जीवन के उतार-चढ़ाव का सामना करें, तो शांत तथा आश्वस्त रहें, आपका सच्चा चरवाहा आपको जानता है और आपसे प्रेम रखता है। - बिल क्राउडर

कितनी अद्भुत बात है – प्रभु यीशु मुझ से प्रेम करता है!

यहोवा ने मुझे दूर से दर्शन देकर कहा है। मैं तुझ से सदा प्रेम रखता आया हूँ; इस कारण मैं ने तुझ पर अपनी करुणा बनाए रखी है। - यिर्मयाह 31:3

बाइबल पाठ: यूहन्ना 10:7-16
John 10:7 तब यीशु ने उन से फिर कहा, मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि भेड़ों का द्वार मैं हूं।
John 10:8 जितने मुझ से पहिले आए; वे सब चोर और डाकू हैं परन्तु भेड़ों ने उन की न सुनी।
John 10:9 द्वार मैं हूं: यदि कोई मेरे द्वारा भीतर प्रवेश करे तो उद्धार पाएगा और भीतर बाहर आया जाया करेगा और चारा पाएगा।
John 10:10 चोर किसी और काम के लिये नहीं परन्तु केवल चोरी करने और घात करने और नष्‍ट करने को आता है। मैं इसलिये आया कि वे जीवन पाएं, और बहुतायत से पाएं।
John 10:11 अच्छा चरवाहा मैं हूं; अच्छा चरवाहा भेड़ों के लिये अपना प्राण देता है।
John 10:12 मजदूर जो न चरवाहा है, और न भेड़ों का मालिक है, भेड़िए को आते हुए देख, भेड़ों को छोड़कर भाग जाता है, और भेड़िय़ा उन्हें पकड़ता और तित्तर बित्तर कर देता है।
John 10:13 वह इसलिये भाग जाता है कि वह मजदूर है, और उसको भेड़ों की चिन्‍ता नहीं।
John 10:14 अच्छा चरवाहा मैं हूं; जिस तरह पिता मुझे जानता है, और मैं पिता को जानता हूं।
John 10:15 इसी तरह मैं अपनी भेड़ों को जानता हूं, और मेरी भेड़ें मुझे जानती हैं, और मैं भेड़ों के लिये अपना प्राण देता हूं।
John 10:16 और मेरी और भी भेड़ें हैं, जो इस भेड़शाला की नहीं; मुझे उन का भी लाना अवश्य है, वे मेरा शब्द सुनेंगी; तब एक ही झुण्ड और एक ही चरवाहा होगा।

एक साल में बाइबल: 
  • उत्पत्ति 33-35
  • मत्ती 10:1-20