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Thursday, September 27, 2012

पहुनाई


   परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खंड में पहुनाई को मसीही जीवन का प्रमाण चिन्ह बताया गया है। इसे चर्च का अगुवा होने वालों का एक गुण कहा गया है (१ तिमुथियुस ३:२; तीतुस १:८) और मसीह के प्रत्येक अनुयायी के लिए प्रेम प्रदर्शित करने की विधि तथा आज्ञा के रूप में दिया गया है (रोमियों १२:१३; १ पतरस ४:९)। किंतु पहुनाई का अर्थ केवल अपने घरों को मेहमानों के लिए खुला रखने या एक अच्छा मेज़बान होना ही नहीं है; वह तो उस से कहीं अधिक गहरा है।

   मूल युनानी भाषा में प्रयुक्त जिस शब्द का अनुवाद ’पहुनाई’ किया गया है उसका अर्थ ’अपरिचितों से प्रेम’ था। जब प्रेरित पौलुस कहता है "पहुनाई करने में लगे रहो" (रोमियों १२:१३), तो उसका तात्पर्य था कि ज़रूरतमन्दों के साथ संबंध बनाओ और फिर उन संबंधों को भलि-भांति निभाओ। यह कोई सरल कार्य नहीं है।

   लेखक हेनरी नौवेन के अनुसार यह उन लोगों की ओर हाथ बढ़ाना और उनकी सहायता करना है जिनसे हम अपनी जीवन यात्रा में मिलते हैं - लोग जो अपने देश, संसकृति, दोस्तों, संबंधियों, परिवारजनों से दूर हैं, और शायद परमेश्वर से भी दूर हैं। नौवेन ने लिखा: "इसलिए पहुनाई का अर्थ है अपने जीवन में एक ऐसा स्थान बनाना जहां कोई अपरिचित अन्दर आ सके और शत्रु नहीं वरन मित्र बन सके। पहुनाई का अर्थ लोगों को बदलना नहीं है, वरन वह स्थान उपलब्ध कराना है जहां उनके अन्दर एक परिवर्तन संभव हो सके।"

   चाहे हम किसी घर में हों, या किसी छात्रावास में, किसी सैनिक बैरक में हों या कैदखाने में, पहुनाई के अवसर सदा उपलब्ध रहते हैं; हम लोगों का स्वागत कर सकते हैं और उन्हें मसीही प्रेम दिखा सकते हैं। पहुनाई आवश्यकता में पड़े लोगों की सहायता करना है। - डेविड मैक्कैसलैंड


किसी एकाकी मन के खालीपन को पहुनाई से भरा जा सकता है।

बिना कुड़कुड़ाए एक दूसरे की पहुनाई करो। - १ पतरस ४:९

बाइबल पाठ: रोमियों १२:९-२१
Rom 12:9  प्रेम निष्‍कपट हो; बुराई से घृणा करो, भलाई में लगे रहो। 
Rom 12:10  भाईचारे के प्रेम से एक दूसरे पर दया रखो; परस्‍पर आदर करने में एक दूसरे से बढ़ चलो। 
Rom 12:11  प्रयत्‍न करने में आलसी न हो; आत्मिक उन्माद में भरो रहो; प्रभु की सेवा करते रहो। 
Rom 12:12  आशा में आनन्‍दित रहो; क्‍लेश मे स्थिर रहो; प्रार्थना मे नित्य लगे रहो। 
Rom 12:13   पवित्र लोगों को जो कुछ अवश्य हो, उस में उन की सहायता करो; पहुनाई करने में लगे रहो। 
Rom 12:14   अपने सताने वालों को आशीष दो; आशीष दो श्राप न दो। 
Rom 12:15  आनन्‍द करने वालों के साथ आनन्‍द करो, और रोने वालों के साथ रोओ। 
Rom 12:16  आपस में एक सा मन रखो; अभिमानी न हो, परन्‍तु दीनों के साथ संगति रखो; अपनी दृष्‍टि में बुद्धिमान न हो। 
Rom 12:17  बुराई के बदले किसी से बुराई न करो; जो बातें सब लोगों के निकट भली हैं, उन की चिन्‍ता किया करो। 
Rom 12:18   जहां तक हो सके, तुम अपने भरसक सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो। 
Rom 12:19  हे प्रियो अपना पलटा न लेना; परन्‍तु क्रोध को अवसर दो, क्‍योंकि लिखा है, पलटा लेना मेरा काम है, प्रभु कहता है मैं ही बदला दूंगा। 
Rom 12:20  परन्‍तु यदि तेरा बैरी भूखा हो तो उसे खाना खिला, यदि प्यासा हो, तो उसे पानी पिला; क्‍योंकि ऐसा करने से तू उसके सिर पर आग के अंगारों का ढेर लगाएगा। 
Rom 12:21  बुराई से न हारो परन्‍तु भलाई से बुराई का जीत लो।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ३-४ 
  • गलतियों ६