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शनिवार, 11 जुलाई 2020

परिवार


     जब मैं और मेरे पति, उनकी बहन के निकट रहने के लिए एक दूसरे शहर को स्थानांतरित हुए, तो हमें पता नहीं था कि हम कहाँ रहेंगे या काम करेंगे। एक किराए का घर ढूँढने में स्थानीय चर्च ने हमारी सहायता की, और उस घर में कई शयन-कक्ष थे। हम एक कमरे में रह सकते थे, और अन्य कमरों को वहाँ अध्ययन के लिए आने वाले अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थियों को किराए पर दे सकते थे। अगले तीन वर्षों तक हम ऐसे परदेशी थे, जो संसार भर से आने वाले अन्य परदेशियों का स्वागत करते थे, उनके साथ अपने घर और भोजन को साझा करते थे। और वे लोग हमारे साथ परमेश्वर के वचन बाइबल के अध्ययन में सम्मिलित होने के लिए हर शुक्रवार को अन्य दर्जनों अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थियों को लाया करते थे।

     परमेश्वर के लोग जानते हैं कि घर से दूर होने का क्या अर्थ होता है। सैंकड़ों वर्षों तक, इस्राएली मिस्र में परदेशी थे, दास थे। लैव्यव्यवस्था 19 में, अन्य चिर-परिचित निर्देशों जैसे कि “अपने माता और पिता का आदर करना” और “चोरी न करना” (पद 3, 11) के साथ परमेश्वर ने अपने लोगों को स्मरण दिलाया कि वे दयालु होकर परदेशियों की देखभाल करें, क्योंकि उन्हें परदेशी तथा आतंकित होने का अनुभव था (पद 33-34)।

     आज प्रभु परमेश्वर के अनुयायी होते हुए हम में से अधिकाँश ने वास्तव में निर्वासित होने के अनुभव को नहीं जाना है, परन्तु हम सभी यह जानते हैं की पृथ्वी पर “परदेशी” होकर रहने (1 पतरस 2:11) का क्या अनुभव होता है – वे लोग जो यहाँ पर भी अपने आप को बाहर का अनुभव करते हैं, परमेश्वर के स्वर्गीय राज्य के साथ संबंधित होने के कारण। हमें पहुनाई करने वाले समुदाय के निर्माण के लिए कहा गया है, जहाँ परदेशी परमेश्वर के परिवार के सदस्य बनने के लिए अन्य परदेशियों का स्वागत करते हैं।

     उस नए शहर में जो उदार और प्रेमपूर्ण स्वागत मुझे और मेरे पति को मिला, उसने हमें उस स्वागत को औरों तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया, और यही परमेश्वर के परिवार का सदस्य होने का मर्म है (रोमियों 12:13)।

 

आज हम किसे पहुनाई दिखा सकते हैं?


पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है। - इब्रानियों 13:2

बाइबल पाठ: लैव्यव्यवस्था 19:1-9, 33-34

लैव्यव्यवस्था 19:1 फिर यहोवा ने मूसा से कहा,

लैव्यव्यवस्था 19:2 इस्त्राएलियों की सारी मण्डली से कह, कि तुम पवित्र बने रहो; क्योंकि मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा पवित्र हूं।

लैव्यव्यवस्था 19:3 तुम अपनी अपनी माता और अपने अपने पिता का भय मानना, और मेरे विश्राम दिनों को मानना; मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।

लैव्यव्यवस्था 19:4 तुम मूरतों की ओर न फिरना, और देवताओं की प्रतिमाएं ढालकर न बना लेना; मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।

लैव्यव्यवस्था 19:5 जब तुम यहोवा के लिये मेलबलि करो, तब ऐसा बलिदान करना जिससे मैं तुम से प्रसन्न हो जाऊं।

लैव्यव्यवस्था 19:6 उसका मांस बलिदान के दिन और दूसरे दिन खाया जाए, परन्तु तीसरे दिन तक जो रह जाए वह आग में जला दिया जाए।

लैव्यव्यवस्था 19:7 और यदि उस में से कुछ भी तीसरे दिन खाया जाए, तो यह घृणित ठहरेगा, और ग्रहण न किया जाएगा।

लैव्यव्यवस्था 19:8 और उसका खानेवाला यहोवा के पवित्र पदार्थ को अपवित्र ठहराता है, इसलिये उसको अपने अधर्म का भार स्वयं उठाना पड़ेगा; और वह प्राणी अपने लोगों में से नाश किया जाएगा।

लैव्यव्यवस्था 19:9 फिर जब तुम अपने देश के खेत काटो तब अपने खेत के कोने कोने तक पूरा न काटना, और काटे हुए खेत की गिरी पड़ी बालों को न चुनना।

लैव्यव्यवस्था 19:33 और यदि कोई परदेशी तुम्हारे देश में तुम्हारे संग रहे, तो उसको दु:ख न देना।

लैव्यव्यवस्था 19:34 जो परदेशी तुम्हारे संग रहे वह तुम्हारे लिये देशी के समान हो, और उस से अपने ही समान प्रेम रखना; क्योंकि तुम भी मिस्र देश में परदेशी थे; मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूं।     

 एक साल में बाइबल: 

  • भजन 1-3
  • प्रेरितों 17:1-15

मंगलवार, 5 मार्च 2019

स्वागत और पहुनाई



      हमने एक भोज का आयोजन किया, जिसमें पाँच देशों के निवासियों के परिवार हमारे साथ भोजन करने के लिए सम्मिलित हुए, और वह हमारे लिए एक अद्भुत यादगार है। भोज के समय हमारे वार्तालाप में सभी सम्मिलित हुए, यह वार्तालाप एक या दो तक ही सीमित नहीं रहा। उपस्थित सभी लोगों ने लंडन शहर में जीवन के प्रति, उनके विभिन्न देशों से होने के परिदृश्य में होकर, अपने विचारों को साझा किया। उस संध्या की समाप्ति के बाद, मेरे पति और मैंने अनुभव किया कि हमने जितना दिया था, उससे कहीं अधिक हमें मिल गया था, जिसमें नए मित्र बनाने और भिन्न संसकृतियों के विषय सीखने से संबंधित भावनाओं का स्नेहिल एहसास भी था।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों को लिखी पत्री के अन्त में लेखक सामाजिक जीवन से संबंधित कुछ बातों के विषय कुछ निर्देश देता है, जिनमें से एक है कि उसके पाठक अतिथिसत्कार में लगे रहें। क्योंकि इस सेवा में “इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है” (13:2)। संभव है कि लेखक के मन में अब्राहम और सारा का विचार हो, जिनके विषय हम उत्पत्ति 18:1-14 में देखते हैं कि उन्होंने कुछ अजनबियों का अपने निवास-स्थान में स्वागत किया, उनकी पहुनाई की, उन्हें उत्तम भोजन खिलाया। वे नहीं जानते थे कि वे स्वर्गदूतों की पहुनाई कर रहे हैं, जो उनके लिए आशीष का सन्देश लेकर आए थे।

      हम लोगों को अपने घरों में, उनसे कुछ प्राप्त करने के लिए स्वागत नहीं करते हैं, परन्तु बहुधा हम पहुनाई के द्वारा जितना देते हैं, उससे अधिक प्राप्त कर लेते हैं। प्रभु परमेश्वर के नाम में लोगों का स्वागत और पहुनाई करने के द्वारा हम प्रभु के प्रेम को औरों तक पहुँचने का माध्यम बनते हैं; स्वागत और पहुनाई में लगे रहें। - एमी बाउचर पाई


जब हम पहुनाई करते हैं, हम परमेश्वर की भलाई और उपहारों को बांटते हैं।

भाईचारे की प्रीति बनी रहे। पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है। - इब्रानियों 13:1-2

बाइबल पाठ: उत्पत्ति 18:1-14
Genesis 18:1 इब्राहीम माम्रे के बांजो के बीच कड़ी धूप के समय तम्बू के द्वार पर बैठा हुआ था, तब यहोवा ने उसे दर्शन दिया:
Genesis 18:2 और उसने आंख उठा कर दृष्टि की तो क्या देखा, कि तीन पुरूष उसके साम्हने खड़े हैं: जब उसने उन्हे देखा तब वह उन से भेंट करने के लिये तम्बू के द्वार से दौड़ा, और भूमि पर गिरकर दण्डवत की और कहने लगा,
Genesis 18:3 हे प्रभु, यदि मुझ पर तेरी अनुग्रह की दृष्टि है तो मैं बिनती करता हूं, कि अपने दास के पास से चले न जाना।
Genesis 18:4 मैं थोड़ा सा जल लाता हूं और आप अपने पांव धोकर इस वृक्ष के तले विश्राम करें।
Genesis 18:5 फिर मैं एक टुकड़ा रोटी ले आऊं और उस से आप अपने जीव को तृप्त करें; तब उसके पश्चात आगे बढें: क्योंकि आप अपने दास के पास इसी लिये पधारे हैं। उन्होंने कहा, जैसा तू कहता है वैसा ही कर।
Genesis 18:6 सो इब्राहीम ने तम्बू में सारा के पास फुर्ती से जा कर कहा, तीन सआ मैदा फुर्ती से गून्ध, और फुलके बना।
Genesis 18:7 फिर इब्राहीम गाय बैल के झुण्ड में दौड़ा, और एक कोमल और अच्छा बछड़ा ले कर अपने सेवक को दिया, और उसने फुर्ती से उसको पकाया।
Genesis 18:8 तब उसने मक्खन, और दूध, और वह बछड़ा, जो उसने पकवाया था, ले कर उनके आगे परोस दिया; और आप वृक्ष के तले उनके पास खड़ा रहा, और वे खाने लगे।
Genesis 18:9 उन्होंने उस से पूछा, तेरी पत्नी सारा कहां है? उसने कहा, वह तो तम्बू में है।
Genesis 18:10 उसने कहा मैं वसन्त ऋतु में निश्चय तेरे पास फिर आऊंगा; और तब तेरी पत्नी सारा के एक पुत्र उत्पन्न होगा। और सारा तम्बू के द्वार पर जो इब्राहीम के पीछे था सुन रही थी।
Genesis 18:11 इब्राहीम और सारा दोनो बहुत बूढ़े थे; और सारा का स्त्रीधर्म बन्द हो गया था
Genesis 18:12 सो सारा मन में हंस कर कहने लगी, मैं तो बूढ़ी हूं, और मेरा पति भी बूढ़ा है, तो क्या मुझे यह सुख होगा?
Genesis 18:13 तब यहोवा ने इब्राहीम से कहा, सारा यह कहकर क्यों हंसी, कि क्या मेरे, जो ऐसी बुढिय़ा हो गई हूं, सचमुच एक पुत्र उत्पन्न होगा?
Genesis 18:14 क्या यहोवा के लिये कोई काम कठिन है? नियत समय में, अर्थात वसन्त ऋतु में, मैं तेरे पास फिर आऊंगा, और सारा के पुत्र उत्पन्न होगा।  


एक साल में बाइबल: 
  • गिनती 34-36
  • मरकुस 9:30-50



मंगलवार, 4 अगस्त 2015

विचार करें


   माता-पिता अपने बच्चों के विकास के चरणों को स्मरण करके आनन्दित होते हैं। अनेक माता-पिता एक छोटी पुस्तिका में लिख कर रखते हैं कि उनके बच्चे ने पहली बार कब पलटना आरंभ किया, कब बैठना, कब घुटनों के बल चलना, कब खड़े होकर चलना आदि आरंभ किया। कई दफा वे बच्चों के इन विकास-चरणों की फोटो भी निकाल कर और उनके छोटे-छोटे कपड़े सहेज कर रखते हैं, जिससे उन बहुमूल्य पलों के अनुभवों का आनन्दमय स्मरण उनके साथ रह सके।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में लूका 2:19 में हम लिखा पाते हैं कि प्रभु यीशु की सांसारिक माता - मरियम ने भी प्रभु यीशु के जन्म और विकास का ब्यौरा अपने मन में सहेज कर रखा और वह उन बातों पर विचार करती थी। यहाँ मूल युनानी भाषा के जिस शब्द का अनुवाद ’विचार करना’ हुआ है उसका तात्पर्य होता है तुलनात्मक अध्ययन के लिए साथ-साथ रखना। मरियम ने प्रभु यीशु के जन्म के समय स्वर्गदूतों तथा चरवाहों से अपने पुत्र के संबंध में बड़ी-बड़ी बहुत सी बातें सुनी थीं (लूका 1:32; 2:17-18)। अब जैसे जैसे प्रभु का जीवन मरियम के सामने खुल रहा था वह उसके संबंध में दी गई प्रतिज्ञाओं और उसके प्रत्यक्ष जीवन एवं व्यवहार पर तुलनात्मक विचार करती रहती थी।

   यह हम मसीही विश्वासियों के लिए एक अनुसरणीय उदाहरण है - जब हम परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रभु यीशु के बारे में लिखी भविष्यवाणियों और बातों का अध्ययन करके उन बातों की तुलना प्रभु यीशु के जीवन तथा उसके द्वारा हमारे जीवनों में किए जाने वाले कार्यों से करते हैं, तो हमारा मसीही विश्वास बढ़ता है और हम प्रोत्साहित होते हैं। बाइबल हमें आश्वस्त करती है कि प्रभु यीशु हमारे जीवनों में कार्य करता है (यूहन्ना 14:21); वह हमारी प्रार्थनाओं को सुनकर उनका उत्तर देने वाला परमेश्वर है (1 यूहन्ना 5:14-15); वह हमारे क्लेषों में हमें ढाढ़स और सांत्वना देता है (2 कुरिन्थियों 1:3-4) और हमारी सभी आवश्यकताओं को पूरा करता है (फिलिप्पियों 4:19)।

   जब हम अपने प्रभु परमेश्वर और उसके वचन तथा कार्यों पर विचार करते हैं तो परमेश्वर की विश्वासयोग्यता, उसके महान कार्य, उसकी सामर्थ, उसकी योजनाएं हमारे सामने आती हैं और हमें हमारे मसीही विश्वास में स्थिर तथा दृढ़ करती हैं। प्रभु यीशु और उसके वचन के बारें विचार करें; यह आपके जीवन की उन्नति एवं बढ़ोतरी के लिए लाभदायक रहेगा। - डेनिस फिशर


परमेश्वर प्रतिज्ञाओं द्वारा देता है जिससे हम विश्वास द्वारा उसे ग्रहण कर सकें।

और मेरा पिता मुझे यह कह कर सिखाता था, कि तेरा मन मेरे वचन पर लगा रहे; तू मेरी आज्ञाओं का पालन कर, तब जीवित रहेगा। - नीतिवचन 4:4 

बाइबल पाठ: लूका 2:8-19
Luke 2:8 और उस देश में कितने गड़ेरिये थे, जो रात को मैदान में रहकर अपने झुण्ड का पहरा देते थे। 
Luke 2:9 और प्रभु का एक दूत उन के पास आ खड़ा हुआ; और प्रभु का तेज उन के चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए। 
Luke 2:10 तब स्वर्गदूत ने उन से कहा, मत डरो; क्योंकि देखो मैं तुम्हें बड़े आनन्द का सुसमाचार सुनाता हूं जो सब लोगों के लिये होगा। 
Luke 2:11 कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिये एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है। 
Luke 2:12 और इस का तुम्हारे लिये यह पता है, कि तुम एक बालक को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे। 
Luke 2:13 तब एकाएक उस स्वर्गदूत के साथ स्‍वर्गदूतों का दल परमेश्वर की स्‍तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिया। 
Luke 2:14 कि आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है शान्‍ति हो। 
Luke 2:15 जब स्वर्गदूत उन के पास से स्वर्ग को चले गए, तो गड़ेरियों ने आपस में कहा, आओ, हम बैतलहम जा कर यह बात जो हुई है, और जिसे प्रभु ने हमें बताया है, देखें। 
Luke 2:16 और उन्होंने तुरन्त जा कर मरियम और यूसुफ को और चरनी में उस बालक को पड़ा देखा। 
Luke 2:17 इन्हें देखकर उन्होंने वह बात जो इस बालक के विषय में उन से कही गई थी, प्रगट की। 
Luke 2:18 और सब सुनने वालों ने उन बातों से जो गड़िरयों ने उन से कहीं आश्चर्य किया। 
Luke 2:19 परन्तु मरियम ये सब बातें अपने मन में रखकर सोचती रही।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 66-67
  • रोमियों 7


सोमवार, 3 अगस्त 2015

आतिथ्य तथा महिमा


   पिछली शरद ऋतु की बात है, एक आयोजित कार्यक्रम में हम कुछ लोग मिलकर Our Daily Bread से संबंधित सामग्री के पैकेट बना रहे थे, जब कोरीन से हमारी मुलाकात हुई। उस समय दिन चढ़ चुका था, और उसे निश्चय था कि हम प्यासे और भूखे होंगे। मैंने उस से कहा कि हम "ठीक हैं" तो उस ने उत्तर दिया, "मैं जानती हूँ कि आप सब ठीक हैं, लेकिन आपको कुछ खाने की आवश्यकता है।" कुछ ही मिनिटों में वह हमारे लिए नाश्ता और ठंडा पानी लेकर आ गई। दो दिनों के उस कार्यक्रम में, कोरीन बार बार यह सुनिश्चित करती रही कि हम ठीक हैं कि नहीं, हमारे लिए नाश्ते और पानी का प्रबंध करती रही, और हमारे द्वारा हो रहे कूड़े का निपटारा करती रही। एक समय मैंने उसे धन्यवाद देते हुए कहा, "कोरीन; आप में आतिथ्य का वरदान है!" उसने नज़रें नीचे रखकर उत्तर दिया, "मैं यह नहीं जानती; आप मनन के लिए लेख लिखती रहिए, मैं सफाई करती रहूँगी और परमेश्वर की महिमा होती रहेगी।"

   कोरीन की इच्छा है कि लोगों की सहायता कर के वह परमेश्वर की महिमा करे। इसमें कोई सन्देह नहीं है कि उस में आतिथ्य का वरदान है, और वह उस वरदान का भली भांति प्रयोग भी करती है। परमेश्वर ने अपने सभी बच्चों, अर्थात हम मसीही विश्वासियों को अपने अनुग्रह में कुछ ना कुछ गुण या योग्यताएं दी हैं, जिनके द्वारा वह चाहता है कि हम औरों की सेवा करें, सहायता करें और परमेश्वर को हम में होकर उन लोगों के जीवनों में कार्य करने का अवसर प्राप्त हो सके। आप इन गुणों, योग्यताओं, वरदानों की सूचि परमेश्वर के वचन बाइबल में विभिन्न स्थानों पर देख सकते हैं: रोमियों 12:4-13; 1 कुरिन्थियों 12:27-31; इफीसियों 4:7-11; 1 पतरस 4:9-11।

   परमेश्वर ने हमें ये सब इसलिए दिए हैं "...जिस से सब बातों में यीशु मसीह के द्वारा, परमेश्वर की महिमा प्रगट हो..." (1 पतरस 4:11)। अपने जीवनों के द्वारा अपने परमेश्वर पिता को महिमा और आदर देना, उसके प्रेम, अनुग्रह, दया और करुणा को सब पर प्रकट करना हम सभी मसीही विश्वासियों का कर्तव्य और ज़िम्मेदारी है। - ऐनी सेटास


आप अपनी तरह के एकमात्र हैं - आपको परमेश्वर की ऐसी महिमा करने के लिए बनाया गया है जैसी कोई दूसरा नहीं कर सकता।

पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है। - इब्रानियों 13:2 

बाइबल पाठ: 1 पतरस 4:7-11
1 Peter 4:7 सब बातों का अन्‍त तुरन्त होने वाला है; इसलिये संयमी हो कर प्रार्थना के लिये सचेत रहो। 
1 Peter 4:8 और सब में श्रेष्ठ बात यह है कि एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो; क्योंकि प्रेम अनेक पापों को ढांप देता है। 
1 Peter 4:9 बिना कुड़कुड़ाए एक दूसरे की पहुनाई करो। 
1 Peter 4:10 जिस को जो वरदान मिला है, वह उसे परमेश्वर के नाना प्रकार के अनुग्रह के भले भण्‍डारियों की नाईं एक दूसरे की सेवा में लगाए। 
1 Peter 4:11 यदि कोई बोले, तो ऐसा बोले, मानों परमेश्वर का वचन है; यदि कोई सेवा करे; तो उस शक्ति से करे जो परमेश्वर देता है; जिस से सब बातों में यीशु मसीह के द्वारा, परमेश्वर की महिमा प्रगट हो: महिमा और साम्राज्य युगानुयुग उसी की है। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन 63-65
  • रोमियों 6


बुधवार, 20 मई 2015

आतिथ्य


   सन 1987 में मुझे कैलिफोर्निया के लौंग बीच क्षेत्र में सेवकाई के लिए स्थानान्तरित किया गया और हम सपरिवार वहाँ रहने के लिए पहुँचे। हमें हवाई अड्डे से हमारे नए घर तक ले जाने के लिए मेरी सहायक गाड़ी लेकर आई; हम जब हवाई अड्डे से निकलकर मुख्य मार्ग पर पहुँचे तो हमारे सामने वाली कार के पीछे लिखा दिखाई दिया: "कैलिफोर्निया में पधारने के लिए धन्यवाद...अब अपने घर वापस लौट जाईए!" इस वाक्य का दृष्टिकोण रखना किसी भी रीति से एक अच्छे आतिथ्य का दृष्टिकोण नहीं कहा जा सकता था।

   मैं सोचता हूँ कि कहीं अपने जीवनों से कभी हम भी जाने-अनजाने अपने आस-पास के लोगों को ऐसे ही नकारात्मक संकेत तो नहीं देते हैं? चाहे हम चर्च में हों या पड़ौसियों के साथ हों या किसी सामाजिक आयोजन में एकत्रित हुए हों, ऐसा हो सकता है कि हम लोगों को अपने हाव-भाव तथा बर्ताव से यह आभास दिलाएं कि उनका हमारे मध्य स्वागत नहीं है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में, रोमियों 2:13 में प्रेरित पौलुस ने अपने पाठकों को यह निर्देश दिए कि पहुनाई करने में लगे रहें। बाइबल में इब्रानियों के नाम लिखी गई पत्री तो इससे भी बढ़कर कहती है कि, "पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है" (इब्रानियों 13:2)। जो लोग हमारे संपर्क में आते हैं उनके साथ अनुग्रहपूर्ण कृपा का बर्ताव करके हम मसीही विश्वासी अपने उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह का संपूर्ण संसार के उद्धार के लिए दिया गया निमंत्रण दोहराते हैं, जहाँ प्रभु ने कहा, "... जो प्यासा हो, वह आए और जो कोई चाहे वह जीवन का जल सेंतमेंत ले" (प्रकाशितवाक्य 22:17)।

   किसी को प्रेम पूर्वक आतिथ्य दिखाना उसके लिए परमेश्वर से मिलने वाले उद्धार एवं अनन्तकाल की आशीष का द्वार खोलने का माध्यम हो सकता है। इसलिए पहुनाई करने को कभी नज़रन्दाज़ ना करें। - बिल क्राऊडर


ऐसे जीएं कि जब लोग आपको जानें तो वे आपके प्रभु यीशु के बारे में जानने के लिए भी उत्सुक्त हो जाएं।

पवित्र लोगों को जो कुछ अवश्य हो, उस में उन की सहायता करो; पहुनाई करने मे लगे रहो। - रोमियों 2:13

बाइबल पाठ: प्रकाशितवाक्य 22:16-21
Revelation 22:16 मुझ यीशु ने अपने स्वर्गदूत को इसलिये भेजा, कि तुम्हारे आगे कलीसियाओं के विषय में इन बातों की गवाही दे: मैं दाऊद का मूल, और वंश, और भोर का चमकता हुआ तारा हूं। 
Revelation 22:17 और आत्मा, और दुल्हिन दोनों कहती हैं, आ; और सुनने वाला भी कहे, कि आ; और जो प्यासा हो, वह आए और जो कोई चाहे वह जीवन का जल सेंतमेंत ले। 
Revelation 22:18 मैं हर एक को जो इस पुस्‍तक की भविष्यद्वाणी की बातें सुनता है, गवाही देता हूं, कि यदि कोई मनुष्य इन बातों में कुछ बढ़ाए, तो परमेश्वर उन विपत्तियों को जो इस पुस्‍तक में लिखीं हैं, उस पर बढ़ाएगा। 
Revelation 22:19 और यदि कोई इस भविष्यद्वाणी की पुस्‍तक की बातों में से कुछ निकाल डाले, तो परमेश्वर उस जीवन के पेड़ और पवित्र नगर में से जिस की चर्चा इस पुस्‍तक में है, उसका भाग निकाल देगा। 
Revelation 22:20 जो इन बातों की गवाही देता है, वह यह कहता है, हां शीघ्र आने वाला हूं। आमीन। हे प्रभु यीशु आ। 
Revelation 22:21 प्रभु यीशु का अनुग्रह पवित्र लोगों के साथ रहे। आमीन।

एक साल में बाइबल: 
  • 1 इतिहास 10-12
  • यूहन्ना 6:45-71


मंगलवार, 15 जुलाई 2014

पहुनाई


   अपनी पुस्तक Outlive Your Life में मैक्स लुकाडो लिखते हैं: "आतिथ्य असामान्य समुदाय के लिए द्वार खोल देता है। यह कोई इत्तिफाक नहीं है कि hospitality (आतिथ्य) तथा hospital शब्द एक ही मूल लातीनी शब्द से आए हैं, क्योंकि दोनों का ही परिणाम समान ही होता है - स्वस्थ करना। जब आप किसी के लिए अपने घर के द्वार खोलते हैं तो आप उसे जो सन्देश दे रहे हैं वह है, ’तुम मेरे और परमेश्वर के लिए महत्वपूर्ण हो।’ हो सकता है कि आप अपना द्वार दूसरे के लिए खोलते हुए उसे सन्देश देना चाह रहे हैं कि, ’आओ थोड़ी देर के लिए मेरे साथ संगति करो’, लेकिन जो आपके मेहमान को प्रतीत होता है वह है कि वह मेहमान आपके द्वारा उसके लिए प्रयास करने और परेशानी उठाने के काबिल है।"

   जब अक्विला और प्रिस्‍किल्ला ने अपने घर के द्वार प्रेरित पुलुस के स्वागत के लिए खोले तब पौलुस को भी ऐसा ही प्रतीत हुआ होगा। जब पौलुस उस समय कुरिन्थुस पहुँचा था, तब शायद एथेन्स से कुरिन्थुस तक की अपनी लंबी यात्रा से वह थका हुआ रहा होगा। संभव है कि एथेन्स में अपनी सेवकाई को लेकर (प्रेरितों 17:16-34) वह कुछ निराश भी रहा हो; क्योंकि बाद में पौलुस ने कुरिन्थुस की मण्डली को लिखा "और मैं निर्बलता और भय के साथ, और बहुत थरथराता हुआ तुम्हारे साथ रहा" (1 कुरिन्थियों 2:3)। संभवतः अक्विला और प्रिस्‍किल्ला पौलुस से बाज़ार में मिले होंगे और वहाँ से उन्होंने उसे अपने घर आने का निमंत्रण दिया। लेकिन जो बात प्रगट है वह है कि उन दोनों ने पौलुस के लिए करी गई अपनी मसीही पहुनाई द्वारा एक आत्मिक तरोताज़गी पाने का स्थान और अवसर प्रदान किया था।

   मसीह यीशु के विश्वासी और अनुयायी होने के कारण हमें आतिथ्य में सक्रीय रहने के लिए बुलाया गया है, जिससे उनके लिए जो जीवन की किसी कठिन समस्या से जूझ रहे हैं या किसी निराशा में पड़े हैं, हम एक ’स्वास्थ्य’ प्रदान करने का स्थान उपलब्ध करा सकें। क्योंकि प्रभु यीशु ने हमारी आवश्यकताओं को पूरा किया है और हमें आशीषें प्रदान करी हैं, इसलिए हमें प्रभु द्वारा उपलब्ध करवाए गए संसाधानों को पहुनाई द्वारा उसकी सेवाकाई के लिए उपयोग करते रहना चाहिए। - मार्विन विलियम्स


मसीही पहुनाई का अर्थ है एक खुला हुआ हृदय के साथ एक खुला हुआ घर।

मैं ने तुम्हें सब कुछ कर के दिखाया, कि इस रीति से परिश्रम करते हुए निर्बलों को सम्भालना, और प्रभु यीशु की बातें स्मरण रखना अवश्य है, कि उसने आप ही कहा है; कि लेने से देना धन्य है। - प्रेरितों 20:35

बाइबल पाठ: प्रेरितों 18:1-4
Acts 18:1 इस के बाद पौलुस अथेने को छोड़कर कुरिन्थुस में आया। 
Acts 18:2 और वहां अक्‍विला नाम एक यहूदी मिला, जिस का जन्म पुन्‍तुस का था; और अपनी पत्‍नी प्रिस्‍किल्ला समेत इतालिया से नया आया था, क्योंकि क्‍लौदियुस ने सब यहूदियों को रोम से निकल जाने की आज्ञा दी थी, सो वह उन के यहां गया।
Acts 18:3 और उसका और उन का एक ही उद्यम था; इसलिये वह उन के साथ रहा, और वे काम करने लगे, और उन का उद्यम तम्बू बनाने का था। 
Acts 18:4 और वह हर एक सब्त के दिन आराधनालय में वाद-विवाद कर के यहूदियों और यूनानियों को भी समझाता था।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 12-14


मंगलवार, 10 सितंबर 2013

पहुनाई

   सितंबर 11, 2001 को अमेरिका के न्यू-यॉर्क शहर में हुए आतंकी हमले के बाद अमेरिकी हवाई क्षेत्र को सभी उड़ानों के लिए बंद कर दिया गया और अमेरिका की ओर आ रही सभी उड़ानों को निर्देश दिए गए कि वे अपने निकटतम हवाई अड्डे पर उतर जाएं। अमेरिका की उत्तरी सीमा के निकट कैनाडा के न्यूफाउन्डलैंड प्रांत के एक छोटे से शहर गैन्डर में 40 वायुयान उतारे गए और उन वायुयानों से उतरने वाले हज़ारों यात्रियों के कारण गैन्डर की जनसंख्या अनेपक्षित रूप से थोड़े ही समय में लगभग दोगुनी हो गई। वे यात्री भयभीत थे, भविष्य के लिए अनिश्चित और चिंतित थे। गैन्डर के निवासियों ने अपने घर उन लोगों के लिए खोल दिए, अधिकारियों ने वहाँ के हाई-स्कूल, लॉज, चर्च, सामाजिक भवनों आदि सभी उपलब्ध स्थानों को उन यात्रियों के लिए रहने के स्थान बना दिया। वे सभी यात्री गैन्डर के लोगों के इस प्रेम, मित्रवता और उदारता से अभिभूत हो गए।

   जिस प्रेम को गैन्डर के लोगों ने प्रदर्शित किया वह परमेश्वर के वचन बाइबल में इब्रानियों 13:2 के अनुसार है: "पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है।" संभवतः इस पद का संकेत इस्त्राएल के प्राचीन पितामह अब्राहम की ओर है। अब्राहम ने एक समय यात्रा कर रहे तीन अनजान पुरुषों को अपने डेरे में आमंत्रित करके उनकी पहुनाई करी थी; वह उस समय निर्वंश था, और परमेश्वर से सन्तान की प्रार्थना में था। अब्राहम नहीं जानता था कि जिन पुरुषों को उसने आमंत्रित किया है उन तीन पुरुषों में से दो स्वर्गदूत और एक परमेश्वर स्वयं था, और वे उसे उसके आने वाले वंश के विषय में बताने आए थे (उत्पत्ति 18:1-16)। बाइबल शिक्षक और टीकाकार एफ. एफ. ब्रूस ने अब्राहम के संबंध में लिखा, "यहूदियों में अब्राहम अपने अद्भुत आतिथ्य के लिए उतना ही प्रसिद्ध है जितना अपने अन्य गुणों के लिए। अब्राहम के वंशज को भी अपने मूल पिता के समान ही अतिथि-सत्कार करने वाला होना चाहिए।"

   मसीही विश्वासियों के लिए परमेश्वर के प्रति अपने प्रेम को प्रदर्शित करने का एक मार्ग है भले कार्यों, पहुनाई और अनुकंपा जैसे सदगुणों को अपने दैनिक व्यावाहरिक जीवन में जी कर दिखाना। क्या आज आप इन सदगुणों को अपने जीवन में प्रदर्शित करने को तैयार हैं? - एनी सेटास


मसीही विश्वास का जीवन मसीह के प्रेम को अपने जीवन से दिखाता है।

वरन अपने शत्रुओं से प्रेम रखो, और भलाई करो: और फिर पाने की आस न रखकर उधार दो; और तुम्हारे लिये बड़ा फल होगा; और तुम परमप्रधान के सन्तान ठहरोगे, क्योंकि वह उन पर जो धन्यवाद नहीं करते और बुरों पर भी कृपालु है। जैसा तुम्हारा पिता दयावन्‍त है, वैसे ही तुम भी दयावन्‍त बनो। - लूका 6:35-36

बाइबल पाठ: इब्रानियों 13:1-6
Hebrews 13:1 भाईचारे की प्रीति बनी रहे।
Hebrews 13:2 पहुनाई करना न भूलना, क्योंकि इस के द्वारा कितनों ने अनजाने स्‍वर्गदूतों की पहुनाई की है।
Hebrews 13:3 कैदियों की ऐसी सुधि लो, कि मानो उन के साथ तुम भी कैद हो; और जिन के साथ बुरा बर्ताव किया जाता है, उन की भी यह समझकर सुधि लिया करो, कि हमारी भी देह है।
Hebrews 13:4 विवाह सब में आदर की बात समझी जाए, और बिछौना निष्‍कलंक रहे; क्योंकि परमेश्वर व्यभिचारियों, और परस्त्रीगामियों का न्याय करेगा।
Hebrews 13:5 तुम्हारा स्‍वभाव लोभरिहत हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा।
Hebrews 13:6 इसलिये हम बेधड़क हो कर कहते हैं, कि प्रभु, मेरा सहायक है; मैं न डरूंगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकता है।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 8-9 
  • 2 कुरिन्थियों 3



गुरुवार, 27 सितंबर 2012

पहुनाई


   परमेश्वर के वचन बाइबल के नए नियम खंड में पहुनाई को मसीही जीवन का प्रमाण चिन्ह बताया गया है। इसे चर्च का अगुवा होने वालों का एक गुण कहा गया है (१ तिमुथियुस ३:२; तीतुस १:८) और मसीह के प्रत्येक अनुयायी के लिए प्रेम प्रदर्शित करने की विधि तथा आज्ञा के रूप में दिया गया है (रोमियों १२:१३; १ पतरस ४:९)। किंतु पहुनाई का अर्थ केवल अपने घरों को मेहमानों के लिए खुला रखने या एक अच्छा मेज़बान होना ही नहीं है; वह तो उस से कहीं अधिक गहरा है।

   मूल युनानी भाषा में प्रयुक्त जिस शब्द का अनुवाद ’पहुनाई’ किया गया है उसका अर्थ ’अपरिचितों से प्रेम’ था। जब प्रेरित पौलुस कहता है "पहुनाई करने में लगे रहो" (रोमियों १२:१३), तो उसका तात्पर्य था कि ज़रूरतमन्दों के साथ संबंध बनाओ और फिर उन संबंधों को भलि-भांति निभाओ। यह कोई सरल कार्य नहीं है।

   लेखक हेनरी नौवेन के अनुसार यह उन लोगों की ओर हाथ बढ़ाना और उनकी सहायता करना है जिनसे हम अपनी जीवन यात्रा में मिलते हैं - लोग जो अपने देश, संसकृति, दोस्तों, संबंधियों, परिवारजनों से दूर हैं, और शायद परमेश्वर से भी दूर हैं। नौवेन ने लिखा: "इसलिए पहुनाई का अर्थ है अपने जीवन में एक ऐसा स्थान बनाना जहां कोई अपरिचित अन्दर आ सके और शत्रु नहीं वरन मित्र बन सके। पहुनाई का अर्थ लोगों को बदलना नहीं है, वरन वह स्थान उपलब्ध कराना है जहां उनके अन्दर एक परिवर्तन संभव हो सके।"

   चाहे हम किसी घर में हों, या किसी छात्रावास में, किसी सैनिक बैरक में हों या कैदखाने में, पहुनाई के अवसर सदा उपलब्ध रहते हैं; हम लोगों का स्वागत कर सकते हैं और उन्हें मसीही प्रेम दिखा सकते हैं। पहुनाई आवश्यकता में पड़े लोगों की सहायता करना है। - डेविड मैक्कैसलैंड


किसी एकाकी मन के खालीपन को पहुनाई से भरा जा सकता है।

बिना कुड़कुड़ाए एक दूसरे की पहुनाई करो। - १ पतरस ४:९

बाइबल पाठ: रोमियों १२:९-२१
Rom 12:9  प्रेम निष्‍कपट हो; बुराई से घृणा करो, भलाई में लगे रहो। 
Rom 12:10  भाईचारे के प्रेम से एक दूसरे पर दया रखो; परस्‍पर आदर करने में एक दूसरे से बढ़ चलो। 
Rom 12:11  प्रयत्‍न करने में आलसी न हो; आत्मिक उन्माद में भरो रहो; प्रभु की सेवा करते रहो। 
Rom 12:12  आशा में आनन्‍दित रहो; क्‍लेश मे स्थिर रहो; प्रार्थना मे नित्य लगे रहो। 
Rom 12:13   पवित्र लोगों को जो कुछ अवश्य हो, उस में उन की सहायता करो; पहुनाई करने में लगे रहो। 
Rom 12:14   अपने सताने वालों को आशीष दो; आशीष दो श्राप न दो। 
Rom 12:15  आनन्‍द करने वालों के साथ आनन्‍द करो, और रोने वालों के साथ रोओ। 
Rom 12:16  आपस में एक सा मन रखो; अभिमानी न हो, परन्‍तु दीनों के साथ संगति रखो; अपनी दृष्‍टि में बुद्धिमान न हो। 
Rom 12:17  बुराई के बदले किसी से बुराई न करो; जो बातें सब लोगों के निकट भली हैं, उन की चिन्‍ता किया करो। 
Rom 12:18   जहां तक हो सके, तुम अपने भरसक सब मनुष्यों के साथ मेल मिलाप रखो। 
Rom 12:19  हे प्रियो अपना पलटा न लेना; परन्‍तु क्रोध को अवसर दो, क्‍योंकि लिखा है, पलटा लेना मेरा काम है, प्रभु कहता है मैं ही बदला दूंगा। 
Rom 12:20  परन्‍तु यदि तेरा बैरी भूखा हो तो उसे खाना खिला, यदि प्यासा हो, तो उसे पानी पिला; क्‍योंकि ऐसा करने से तू उसके सिर पर आग के अंगारों का ढेर लगाएगा। 
Rom 12:21  बुराई से न हारो परन्‍तु भलाई से बुराई का जीत लो।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह ३-४ 
  • गलतियों ६

सोमवार, 6 अगस्त 2012

पहुनाई


   जनवरी के महीने में मुझे एक शोध कार्य के लिए जर्मनी जाना था। मुझे यह जान कर बड़ा विसमय हुआ कि हमारे ठहरने और रहने का प्रबंध एक मठ में किया गया है। ठंड और बर्फ के उस मौसम में अपने रहने के स्थान के बारे में मेरी कलपना एक बहुत एकाकी स्थान की थी जहां कमरा गर्म करने का कोई साधन नहीं होगा और पत्थर के ठंडे फर्श तथा कठोर बेआराम बिसतरों पर सोना पड़ेगा। किंतु जब मैं वहां पहुँचा तो अपनी कलपना के विपरीत मेरा स्वागत एक गर्म और अच्छे आरामदेह कमरे से हुआ। मेरे सहकर्मी ने समझाया, "मठ में रहने वाले ये मसीही सन्यासी अपने मेहमानों का वैसे ही स्वागत करने में विश्वास रखते हैं जैसा वे मसीह यीशु का करना चाहते हैं" यद्यपि वे सन्यासी स्वयं उन आराम की बातों का प्रयोग नहीं करते।

   रोबर्ट हेरिक नामक एक १७वीं शताब्दी के कवि ने लिखा: "मसीह, वह जिसके पास भी जाता, खाता और रहता है, उससे सर्वोत्तम की आशा करता है; अपनी प्रत्येक वस्तु और बात का सर्वोत्तम उसे दीजिए, रहने के लिए भी; आपका दिल ही उसके लिए रहने का सर्वोत्तम स्थान है।"

    जब लोग हमारे समय या स्थान का थोड़ी देर के लिए थोड़ा सा प्रयोग करना चाहते हैं तब उनके प्रति हमार व्यवहार कैसा होता है - एक आदरणीय मेहमान के समान या किसी घुसपैठिये के समान? मसीह यीशु के लिए अपने दिल को खोलना अपने जीवन का दूसरों के लिए खोले जाने से आसान प्रतीत हो सकता है; लेकिन जिसने वास्तव में मसीह के लिए अपना दिल खोला है, वह दुसरों के लिए भी खोलेगा।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पतरस ने लिखा: "और सब में श्रेष्‍ठ बात यह है कि एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो, क्‍योंकि प्रेम अनेक पापों को ढ़ांप देता है। बिना कुड़कुड़ाए एक दूसरे की पहुनाई करो" (१ पतरस ४:८-९); और प्रभु यीशु ने कहा: "...तुम ने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक के साथ किया, वह मेरे ही साथ किया" (मत्ती २५:४०)।

   जब हम मसीह के प्रेम के अन्तर्गत दूसरों को अपने घर का सर्वोत्तम स्थान, प्रेम से और स्वेच्छा से उनकी पहुनाई और अपने मनों में उन्हें स्थान देते हैं तो मसीह यीशु को आदर देते हैं। - डेविड मैक्कैसलैंड


प्रेम जानने के लिए अपने मन को प्रभु यीशु के लिए खोलिए; प्रेम दिखाने के लिए अपने मन को दूसरों के लिए खोलिए।

बिना कुड़कुड़ाए एक दूसरे की पहुनाई करो। - १ पतरस ४:९

बाइबल पाठ: मत्ती २५:३१-४३
Mat 25:31  जब मनुष्य का पुत्र अपनी महिमा में आएगा, और सब स्‍वर्ग दूत उसके साथ आएंगे तो वह अपनी महिमा के सिहांसन पर विराजमान होगा। 
Mat 25:32  और सब जातियां उसके साम्हने इकट्ठी की जाएंगी; और जैसा चरवाहा भेड़ों को बकिरयों से अलग कर देता है, वैसा ही वह उन्‍हें एक दूसरे से अलग करेगा। 
Mat 25:33   और वह भेड़ों को अपनी दाहिनी ओर और बकिरयों को बाईं और खड़ी करेगा। 
Mat 25:34   तब राजा अपनी दाहिनी ओर वालों से कहेगा, हे मेरे पिता के धन्य लोगों, आओ, उस राज्य के अधिकारी हो जाओ, जो जगत के आदि से तुम्हारे लिये तैयार किया हुआ है। 
Mat 25:35   क्योंकि मैं भूखा था, और तुम ने मुझे खाने को दिया; मैं प्यासा था, और तुम ने मुझे पानी पिलाया, मैं परदेशी था, तुम ने मुझे अपने घर में ठहराया। 
Mat 25:36  मैं नंगा था, तुम ने मुझे कपड़े पहिनाए; मैं बीमार था, तुम ने मेरी सुधि ली, मैं बन्‍दीगृह में था, तुम मुझ से मिलने आए। 
Mat 25:37   तब धर्मी उस को उत्तर देंगे कि हे प्रभु, हम ने कब तुझे भूखा देखा और खिलाया? या प्यासा देखा, और पिलाया? 
Mat 25:38   हम ने कब तुझे परदेशी देखा और अपने घर में ठहराया? या नंगा देखा, और कपड़े पहिनाए?
Mat 25:39  हम ने कब तुझे बीमार या बन्‍दीगृह में देखा और तुझ से मिलने आए? 
Mat 25:40  तब राजा उन्‍हें उत्तर देगा; मैं तुम से सच कहता हूं, कि तुम ने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक के साथ किया, वह मेरे ही साथ किया। 
Mat 25:41  तब वह बाईं ओर वालों से कहेगा, हे श्रापित लोगो, मेरे साम्हने से उस अनन्‍त आग में चले जाओ, जो शैतान और उसके दूतों के लिये तैयार की गई है। 
Mat 25:42  क्‍योंकि मैं भूखा था, और तुम ने मुझे खाने को नहीं दिया, मैं प्यासा था, और तुम ने मुझे पानी नहीं पिलाया। 
Mat 25:43  मैं परदेशी था, और तुम ने मुझे अपने घर में नहीं ठहराया; मैं नंगा था, और तुम ने मुझे कपड़े नहीं पहिनाए; बीमार और बन्‍दीगृह में था, और तुम ने मेरी सुधि न ली। 
Mat 25:44  तब वे उत्तर देंगे, कि हे प्रभु, हम ने तुझे कब भूखा, या प्यासा, या परदेशी, या नंगा, या बीमार, या बन्‍दीगृह में देखा, और तेरी सेवा टहल न की? 
Mat 25:45  तब वह उन्‍हें उत्तर देगा, मैं तुम से सच कहता हूं कि तुम ने जो इन छोटे से छोटों में से किसी एक के साथ नहीं किया, वह मेरे साथ भी नहीं किया।

एक साल में बाइबल: 
  • भजन ७०-७१ 
  • रोमियों ८:२२-३९