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Wednesday, September 30, 2015

जीवन जल


   कॉलेराडो आने वाले पर्यटक अकसर इस बात से अनभिज्ञ रहते हैं कि क्यों उनके शरीर से पानी की मात्रा कम होती जा रही है। उस क्षेत्र का शुष्क वातावरण और चिलचिलाती धूप, विशेषकर पहाड़ों में, शरिर से जल को सुखा देती है। इसीलिए यहाँ अनेक पर्यटक मानचित्रों और स्थान स्थान पर लगे चिन्हों पर लोगों से काफी मात्रा में पानी पीते रहने का आग्रह लिखा मिलता है।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में जल को अकसर जीवन जल प्रभु यीशु के प्रतीक के रूप में दिया गया है, ऐसा जल जो हमारी प्रत्येक प्यास को तृप्त करता है। बाइबल में लिखे प्रभु यीशु के सबसे यादगार वार्तालापों में से एक है उनका कुँए के पास सामरी स्त्री से किया गया वार्तालाप (यूहन्ना 4:1-42)। वार्तालाप का आरंभ हुआ प्रभु यीशु के सामरी स्त्री से जल माँगने के द्वारा (पद 7), और वार्तालाप का सिलसिला बढ़ते बढ़ते कुछ और गहरी बातों की ओर मुड़ गया जब प्रभु यीशु ने कुँए के जल के संदर्भ में उस स्त्री से कहा: "...जो कोई यह जल पीएगा वह फिर प्यासा होगा। परन्तु जो कोई उस जल में से पीएगा जो मैं उसे दूंगा, वह फिर अनन्तकाल तक प्यासा न होगा: वरन जो जल मैं उसे दूंगा, वह उस में एक सोता बन जाएगा जो अनन्त जीवन के लिये उमड़ता रहेगा" (यूहन्ना 4:13-14)।

   इस वार्तालाप का परिणाम हुआ कि वह सामरी स्त्री और फिर उस स्थान के अनेक निवासियों प्रभु यीशु पर विश्वास किया कि वही मसीह अर्थात संसार का उद्धारकर्ता है (पद 42)।

   जैसे हमारे शरीर जल के बिना जीवित नहीं रह सकते, वैसे ही हमारे प्राण और आत्मा उस आत्मिक जल के बिना जीवित नहीं रह सकते जो प्रभु यीशु अपने विश्वास करने वाले को देता है। आज यह जीवन जल परमेश्वर की ओर से संसार के हर व्यक्ति के लिए सेंत-मेंत उपलब्ध है; इस जीवन जल से अपनी आत्मिक प्यास बुझाने के अवसर को जाने ना दें। - डेविड मैक्कैसलैंड


प्यासी आत्मा को केवल जीवन जल प्रभु यीशु ही तृप्त कर सकता है।

और उसके वचन के कारण और भी बहुतेरों ने विश्वास किया। और उस स्त्री से कहा, अब हम तेरे कहने ही से विश्वास नहीं करते; क्योंकि हम ने आप ही सुन लिया, और जानते हैं कि यही सचमुच में जगत का उद्धारकर्ता है। - यूहन्ना 4:41-42

बाइबल पाठ: यूहन्ना 4:6-15
John 4:6 और याकूब का कूआं भी वहीं था; सो यीशु मार्ग का थका हुआ उस कूएं पर यों ही बैठ गया, और यह बात छठे घण्टे के लगभग हुई। 
John 4:7 इतने में एक सामरी स्त्री जल भरने को आई: यीशु ने उस से कहा, मुझे पानी पिला। 
John 4:8 क्योंकि उसके चेले तो नगर में भोजन मोल लेने को गए थे। 
John 4:9 उस सामरी स्त्री ने उस से कहा, तू यहूदी हो कर मुझ सामरी स्त्री से पानी क्यों मांगता है? (क्योंकि यहूदी सामरियों के साथ किसी प्रकार का व्यवहार नहीं रखते)। 
John 4:10 यीशु ने उत्तर दिया, यदि तू परमेश्वर के वरदान को जानती, और यह भी जानती कि वह कौन है जो तुझ से कहता है; मुझे पानी पिला तो तू उस से मांगती, और वह तुझे जीवन का जल देता। 
John 4:11 स्त्री ने उस से कहा, हे प्रभु, तेरे पास जल भरने को तो कुछ है भी नहीं, और कूआं गहिरा है: तो फिर वह जीवन का जल तेरे पास कहां से आया? 
John 4:12 क्या तू हमारे पिता याकूब से बड़ा है, जिसने हमें यह कूआं दिया; और आप ही अपने सन्तान, और अपने ढोरों समेत उस में से पीया? 
John 4:13 यीशु ने उसको उत्तर दिया, कि जो कोई यह जल पीएगा वह फिर प्यासा होगा। 
John 4:14 परन्तु जो कोई उस जल में से पीएगा जो मैं उसे दूंगा, वह फिर अनन्तकाल तक प्यासा न होगा: वरन जो जल मैं उसे दूंगा, वह उस में एक सोता बन जाएगा जो अनन्त जीवन के लिये उमड़ता रहेगा। 
John 4:15 स्त्री ने उस से कहा, हे प्रभु, वह जल मुझे दे ताकि मैं प्यासी न होऊं और न जल भरने को इतनी दूर आऊं।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 9-10
  • इफिसियों 3