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रविवार, 20 अक्तूबर 2019

सुन्दरता



      मुझे ग्रैंड कैनियन निहारना बहुत अच्छा लगता है। जब भी मैं उस घाटी के किनारे खड़े होकर उसे निहारता हूँ, मुझे सृष्टिकर्ता परमेश्वर की उस भव्य कृति में कुछ नए अंश दिखाई देते हैं; यह सब मुझे स्तब्ध कर देते हैं। यद्यपि ग्रैंड कैनियन धरती में बने एक बहुत विशाल ‘गढ्ढे’ के अतिरिक्त और कुछ भी नहीं है, फिर भी वह मुझे स्वर्ग के बारे में विचार करने पर विवश करती है।

      एक बार एक बारह वर्षीय लड़के ने बड़ी ईमानदारी से मुझसे पूछा, “क्या स्वर्ग उबाऊ नहीं होगा? क्या आप को नहीं लगता कि सारे समय परमेश्वर की प्रशंसा करते-करते हम थक जाएँगे?” परन्तु जब धरती में बना एक ‘गढ्ढा’ इतना आकर्षक और सुन्दर हो सकता है कि हम उसे निहारते हुए नहीं थकते हैं, तो हम उस आनन्द की तो केवल कल्पना ही कर सकते हैं जब हम सृष्टि और उसकी सारी सुन्दरता के स्त्रोत, हमारे प्रेमी स्वर्गीय पिता परमेश्वर को देखेंगे – एक नई सृष्टि की अद्भुत कारीगरी के साथ।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में दाऊद ने इस लालसा को व्यक्त किया जब उसने लिखा, “एक वर मैं ने यहोवा से मांगा है, उसी के यत्न में लगा रहूंगा; कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊं, जिस से यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूं, और उसके मन्दिर में ध्यान किया करूं” (भजन 27:4)। परमेश्वर की उपस्थिति से बढ़कर सुन्दर और कुछ है ही नहीं, जब हम प्रभु यीशु में लाए गए विश्वास के साथ उसके खोजी होते हैं, तो उसकी उपस्थिति में होने की इच्छा हमें इस पृथ्वी पर उसकी ओर खींचती है, और उसे आमने-सामने देखने की लालसा हमारे अन्दर जागृत करती है।

      तब हम अपने अद्भुत प्रभु परमेश्वर की आराधना और सराहना करते हुए कभी नहीं थकेंगे, क्योंकि उसकी भलाईयों और उसके हाथों की सृष्टि के अचरजों का कोई अन्त नहीं होगा, वे सदा नए होते रहेंगे; और उसकी उपस्थिति सदा काल तक हमारे लिए उसकी सुन्दरता और उसके प्रेम का स्तब्ध कर देने वाला प्रगटीकरण करती ही रहेगी। - जेम्स बैंक्स

हमारी सृष्टि अनन्तकाल के लिए परमेश्वर का आनन्द लेने के लिए हुई है।

क्योंकि तेरी करूणा जीवन से भी उत्तम है मैं तेरी प्रशंसा करूंगा। इसी प्रकार मैं जीवन भर तुझे धन्य कहता रहूंगा; और तेरा नाम ले कर अपने हाथ उठाऊंगा। - भजन 63:3-4

बाइबल पाठ: भजन 27:1-4
Psalms 27:1 यहोवा परमेश्वर मेरी ज्योति और मेरा उद्धार है; मैं किस से डरूं? यहोवा मेरे जीवन का दृढ़ गढ़ ठहरा है, मैं किस का भय खाऊं?
Psalms 27:2 जब कुकर्मियों ने जो मुझे सताते और मुझी से बैर रखते थे, मुझे खा डालने के लिये मुझ पर चढ़ाई की, तब वे ही ठोकर खाकर गिर पड़े।
Psalms 27:3 चाहे सेना भी मेरे विरुद्ध छावनी डाले, तौभी मैं न डरूंगा; चाहे मेरे विरुद्ध लड़ाई ठन जाए, उस दशा में भी मैं हियाव बान्धे निशचिंत रहूंगा।
Psalms 27:4 एक वर मैं ने यहोवा से मांगा है, उसी के यत्न में लगा रहूंगा; कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊं, जिस से यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूं, और उसके मन्दिर में ध्यान किया करूं।

एक साल में बाइबल: 
  • यशायाह 59-61
  • 2 थिस्सलुनीकियों 3



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