ई-मेल संपर्क / E-Mail Contact

इन संदेशों को ई-मेल से प्राप्त करने के लिए अपना ई-मेल पता इस ई-मेल पर भेजें / To Receive these messages by e-mail, please send your e-mail id to: rozkiroti@gmail.com

मंगलवार, 27 जुलाई 2021

प्रशिक्षण

 

          ब्राज़ील की एक कंपनी के मैनेजर ने अपनी बिलडिंग में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों से कहा कि वे प्रतिदिन उसे अपने कार्य के बारे में लिखित ब्यौरा दिया करें। वह जानना चाहती थी कि किसने कौन सा कमरा साफ़ किया, कौन से कमरे बिना साफ़ हुए छूट गए, और कर्मचारियों ने प्रत्येक कमरे में कितना समय बिताया। उसके निर्देशों के अनुसार उसे पहली “दैनिक” रिपोर्ट एक सप्ताह के बाद मिली, वह भी अधूरी।

          उस मैनेजर ने इसके कारणों का पता लगाया तो उसे पता चला कि सफाई कर्मचारियों में से अधिकांश अनपढ़ थे। वह उन सभी को नौकरी से बरखास्त कर सकती थी, और उनके स्थान पर पढ़े लिखे कर्मचारियों को नियुक्त कर सकती थी। लेकिन उसने ऐसा नहीं किया, वरन उसने उनके लिए काम के समय के दौरान उन्हें पढ़ना-लिखना सिखाने का इंतज़ाम किया। पाँच ही महीनों में, वे सभी कर्मचारी पढ़ना-लिखना सीख गए थे, और उनकी नौकरी भी बनी रही थी।

          अकसर परमेश्वर हमारी कठिनाइयों को, उसके लिए हमारे और अधिक उपयोगी बनने के लिए अवसरों के समान प्रयोग करता है। हम परमेश्वर के वचन बाइबल में प्रेरित पतरस के जीवन में प्रभु के साथ चलने में की गई अनेकों गलतियों और अनुभवहीनता के कार्यों को देखते हैं। जब उसने पानी पर चलने का प्रयास किया तो तुरंत ही उसका विश्वास डगमगा गया। उसे यह ठीक से पता नहीं था कि प्रभु यीशु को मंदिर का कर भरना चाहिए अथवा नहीं (मत्ती 17:24-27)। उसने प्रभु द्वारा की गई उसके क्रूस पर चढ़ाए जाने और पुनरुत्थान की भविष्यवाणी को भी नकार दिया (मत्ती 16:21-23)। किन्तु उसकी हर गलती के द्वारा प्रभु ने उसे अपने बारे में और अधिक सिखाया, उसे समझाया कि वह ही प्रतिज्ञागत मसीहा है (पद 16)। पतरस सुनता, देखता, सीखता रहा, और तैयार होता चला गया; और आगे चलाकर वह  प्रथम चर्च के संस्थापकों में से एक महत्वपूर्ण जन बना।

          यदि आज आप अपनी किसी असफलता के कारण निराश हैं, तो मत भूलिए कि प्रभु यीशु आपके उस अनुभव का प्रयोग आपको सिखाने और उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ाने के लिए कर सकता है। पतरस की सभी कमियों, गलतियों के बावजूद, प्रभु उसके साथ कार्य करता रहा, उसे प्रशिक्षित करता रहा। उसी प्रकार से आपको भी प्रशिक्षण देने के द्वारा प्रभु आपको भी अपने राज्य के निर्माण में सहयोगी होने के लिए प्रयोग कर सकता है। उससे प्रशिक्षण लेते रहें और उसके आगमन तक उसके कार्य में लगे रहें। - जेनिफर बेनसन शुल्ट

 

हे प्रभु मेरी असफलताओं और अनुभवहीनता के द्वारा मुझे 

अपने राज्य के निर्माण में उपयोगी होने के लिए प्रशिक्षित करें।


तब सुनने वालों के हृदय छिद गए, और वे पतरस और शेष प्रेरितों से पूछने लगे, कि हे भाइयों, हम क्या करें? पतरस ने उन से कहा, मन फिराओ, और तुम में से हर एक अपने अपने पापों की क्षमा के लिये यीशु मसीह के नाम से बपतिस्मा ले; तो तुम पवित्र आत्मा का दान पाओगे। - प्रेरितों के काम 2:37-38

बाइबल पाठ: मत्ती 16:21-28

मत्ती 16:21 उस समय से यीशु अपने चेलों को बताने लगा, कि मुझे अवश्य है, कि यरूशलेम को जाऊं, और पुरनियों और महायाजकों और शास्त्रियों के हाथ से बहुत दुख उठाऊं; और मार डाला जाऊं; और तीसरे दिन जी उठूं।

मत्ती 16:22 इस पर पतरस उसे अलग ले जा कर झिड़कने लगा कि हे प्रभु, परमेश्वर न करे; तुझ पर ऐसा कभी न होगा।

मत्ती 16:23 उसने फिरकर पतरस से कहा, हे शैतान, मेरे सामने से दूर हो: तू मेरे लिये ठोकर का कारण है; क्योंकि तू परमेश्वर की बातें नहीं, पर मनुष्यों की बातों पर मन लगाता है।

मत्ती 16:24 तब यीशु ने अपने चेलों से कहा; यदि कोई मेरे पीछे आना चाहे, तो अपने आप का इनकार करे और अपना क्रूस उठाए, और मेरे पीछे हो ले।

मत्ती 16:25 क्योंकि जो कोई अपना प्राण बचाना चाहे, वह उसे खोएगा; और जो कोई मेरे लिये अपना प्राण खोएगा, वह उसे पाएगा।

मत्ती 16:26 यदि मनुष्य सारे जगत को प्राप्त करे, और अपने प्राण की हानि उठाए, तो उसे क्या लाभ होगा? या मनुष्य अपने प्राण के बदले में क्या देगा?

मत्ती 16:27 मनुष्य का पुत्र अपने स्‍वर्गदूतों के साथ अपने पिता की महिमा में आएगा, और उस समय वह हर एक को उसके कामों के अनुसार प्रतिफल देगा।

मत्ती 16:28 मैं तुम से सच कहता हूं, कि जो यहां खड़े हैं, उन में से कितने ऐसे हैं; कि जब तक मनुष्य के पुत्र को उसके राज्य में आते हुए न देख लेंगे, तब तक मृत्यु का स्वाद कभी न चखेंगे।

 

एक साल में बाइबल: 

  • भजन 43-45
  • प्रेरितों 27:27-44

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें