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Friday, January 30, 2015

बाधाएं



   मैंने कुछ लोगों को इस रवैये के साथ कार्य करते देखा है कि यदि उन्हें कोई ऐसा विचार आता है जो उनकी दृष्टि में अच्छा है, या कोई ऐसा अवसर दिखाई देता है जो उन्हें लाभप्रद प्रतीत होता है तो वे उसे पूरा करने के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं, उस की पूर्ति के लिए अपने सारे साधन लगा देते हैं, और यदि उस पूर्ति में कोई बाधा आए तो उन्हें फिर चाहे बाधा के ऊपर होकर जाना पड़े या फिर उसके नीचे से, चाहे बाधा में होकर जाना पड़े या बाधा के इर्द-गिर्द घूम कर, लेकिन उस पूर्ति के लिए वह बाधा को हर रीति से पार करने के लिए तैयार रहते हैं। उनकी यह निष्ठा अच्छी तो प्रतीत होती है, लेकिन आवश्यक नहीं कि यह बात हमेशा सही ही हो; और इस बात को प्रमाणित करने के लिए मैं बिलाम नामक एक आदमी तथा उसके गदहे को आपके सामने रखना चाहता हूँ।

   परमेश्वर के वचन बाइबल में बिलाम नाम के एक व्यक्ति का उल्लेख आता है जो पहली नज़र में परमेश्वर का आज्ञाकारी भक्त दिखाई देता है, लेकिन वास्तव में परमेश्वर के नाम से अपनी ही लालसाओं और लालचों के आधीन कार्य करने वाला था। जब परमेश्वर इस्त्राएल को मिस्त्र के दासत्व से निकाल कर कनान देश में बसाने के लिए ले कर जा रहा था, तो मार्ग के एक स्थान के राजा ने उन इस्त्राएलियों का नाश करने के लिए बिलाम की सहायता माँगी, और बिलाम को इसके प्रतिफल में अच्छा ईनाम देने का वायदा किया। बिलाम ने परमेश्वर से इस बात के लिए आज्ञा माँगी लेकिन परमेश्वर ने उसे मना कर दिया। तब राजा ने बिलाम को और भी अधिक ईनाम का लालच दिया, और बिलाम फिर से परमेश्वर से इस्त्राएल के विरुद्ध हाथ बढ़ाने की अनुमति माँगने लगा। क्योंकि परमेश्वर बिलाम के हृदय की दशा जानता था, इसलिए उसने बिलाम को आज्ञा तो दे दी लेकिन कुछ सख्त शर्तें साथ जोड़ दीं, लेकिन फिर भी परमेश्वर बिलाम से प्रसन्न नहीं था। इसलिए जब बिलाम इस्त्राएल को श्राप देने के लिए अपने गदहे पर बैठा जा रहा था तो मार्ग में एक बहुत संकरे स्थान पर परमेश्वर ने अपने एक दूत को खड़ा कर दिया जिससे बिलाम का आगे बढ़ना रुक जाए; बिलाम उस दूत को नहीं देख पा रहा था लेकिन वह उसके गदहे को दिखाई दे रहा था और वह जानवर उस दूत को देख कर वहीं रुक गया। बिलाम के बहुत प्रयास करने पर भी जब वह गदहा आगे नहीं बढ़ा तो बिलाम गदहे पर बहुत क्रोधित हुआ और उसे पीटा भी। तब परमेश्वर का दूत उस पर प्रगट हुआ और बिलाम को अपनी गलती का एहसास हुआ।

   बिलाम के साथ हुई यह घटना हमें सिखाती है कि ज़रूरी नहीं कि प्रत्येक बाधा से पार निकलने का प्रयास किया जाए; कभी कभी परमेश्वर हमारे मार्ग अवरुद्ध करता है ताकि हम कुछ मूर्खतापूर्ण या अनुचित ना कर बैठें। इसलिए जब हमारी कुछ योजनाएं पूरी नहीं हो पा रही हों, कुछ प्रयास बारंबार विफल हो रहे हों तो हमें यही नहीं मान लेना चाहिए कि शैतान हमारे रास्ते में बाधा डाल रहा है। हो सकता है कि परमेश्वर ही वह बाधा डाल रहा हो जिससे हम किसी नुकसान में पड़ने से बच जाएं। इसलिए बाधा में भी परमेश्वर की इच्छा जानने और फिर उस इच्छा के अनुसार कार्य करने की प्रवृति रखना लाभप्रद है। - जूली ऐकरमैन लिंक


परमेश्वर हर समय अपने बच्चों की रखवाली तथा रक्षा करता रहता है; तब भी जब उन्हें आभास भी नहीं होता कि उन्हें उसकी आवश्यकता है।

और मैं तुझे तेरे लोगों से और अन्यजातियों से बचाता रहूंगा, जिन के पास मैं अब तुझे इसलिये भेजता हूं। कि तू उन की आंखे खोले, कि वे अंधकार से ज्योति की ओर, और शैतान के अधिकार से परमेश्वर की ओर फिरें; कि पापों की क्षमा, और उन लोगों के साथ जो मुझ पर विश्वास करने से पवित्र किए गए हैं, मीरास पाएं। - प्रेरितों 26:17-18

बाइबल पाठ: गिनती 22:10-34
Numbers 22:10 बिलाम ने परमेश्वर से कहा सिप्पोर के पुत्र मोआब के राजा बालाक ने मेरे पास यह कहला भेजा है, 
Numbers 22:11 कि सुन, जो दल मिस्र से निकल आया है उस से भूमि ढंप गई है; इसलिये आकर मेरे लिये उन्हें शाप दे; सम्भव है कि मैं उनसे लड़कर उन को बरबस निकाल सकूंगा। 
Numbers 22:12 परमेश्वर ने बिलाम से कहा, तू इनके संग मत जा; उन लोगों को शाप मत दे, क्योंकि  वे आशीष के भागी हो चुके हैं। 
Numbers 22:13 भोर को बिलाम ने उठ कर बालाक के हाकिमों से कहा, तुम अपने देश को चले जाओ; क्योंकि यहोवा मुझे तुम्हारे साथ जाने की आज्ञा नहीं देता। 
Numbers 22:14 तब मोआबी हाकिम चले गए और बालाक के पास जा कर कहा, कि बिलाम ने हमारे साथ आने से ना किया है। 
Numbers 22:15 इस पर बालाक ने फिर और हाकिम भेजे, जो पहिलों से प्रतिष्ठित और गिनती में भी अधिक थे। 
Numbers 22:16 उन्होंने बिलाम के पास आकर कहा, कि