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Sunday, September 8, 2019

संभाल



      हाल ही में मुझे अपने कॉलेज के समय में लिखी गई डायरियां मिलीं, और मैं उन्हें फिर से पढ़ने लगी। उन डायरियों में लिखी बातों को पढ़ने से मुझे एहसास हुआ कि मैं अपने बारे में तब वैसे विचार नहीं रखती थे, जैसे आज रखती हूँ। उस समय अकेलेपन और मेरे मसीही विश्वासों के प्रति संदेह के संघर्ष मुझे बहुत विवश करने वाले प्रतीत होते थे। परन्तु अब जब मैं पीछे मुड़कर अपनी जीवन यात्रा के पड़ावों को देखती हूँ, तो मुझे स्पष्ट दिखाई देता है कि परमेश्वर मुझे कैसे संभाल कर लाया है। यह स्मरण करने से कि कैसे उस कठिन लगने वाले समय में भी परमेश्वर बड़ी कोमलता से मेरी अगुवाई एवँ सहायता करता आया था, मुझे भरोसा होता है कि आज जो अभिभूत करने वाला प्रतीत हो रहा है, वही कुछ समय के बाद उसके चँगा करने वाले और संभाले रखने वाले प्रेम की गाथा का एक भाग होगा।

      परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन 30 एक उत्सव मनाने का भजन है, जहाँ भजनकार इसी प्रकार से पीछे मुड़कर जीवन के अनुभवों को देखता है और अचरज करता है, कृतज्ञ होता है, कि परमेश्वर कैसी सामर्थी रीति से संभाले रहा – रोग से निरोगी होने में, मृत्यु के जोखिम से जीवित निकाल लाने में, परमेश्वर के न्याय का सामना करने से उसकी कृपा का अनुभव करने में, शोक से आनन्द मनाने में (पद 2, 3, 11)।

      दाउद को इस भजन का लेखक माना जाता है, और दाऊद ने पवित्र-शास्त्र में कुछ अत्यंत शोकपूर्ण विलाप के भजन लिखे हैं। परन्तु दाऊद ने इतने अद्भुत बहाल किए जाने का भी अनुभव किया है, जिसके कारण वह लिख सका कि, “क्योंकि उसका क्रोध, तो क्षण भर का होता है, परन्तु उसकी प्रसन्नता जीवन भर की होती है। कदाचित् रात को रोना पड़े, परन्तु सबेरे आनन्द पहुंचेगा” (पद 5)। दाऊद द्वारा अनुभव किए गए उस दुःख और पीड़ा के साथ ही, उसने कुछ इससे भी बढ़कर अनुभव किया – परमेश्वर का चंगाई देने वाला सामर्थी हाथ।

      यदि आज आप दुखित हैं, और आपको संभाल तथा प्रोत्साहन की आवश्यकता है, तो अपने जीवन के उन समयों को स्मरण कीजिए जब परमेश्वर आपको संभाले रहा, और कठिन परिस्थितियों में से भी सुरक्षित निकाल लाया; वह पहले भी संभालता आया है, और आगे भी संभालता रहेगा। - मोनिका ब्रैंड्स


हमारे जीवन के दुखों में से भी परमेश्वर प्रेमपूर्वक हमें संभाले हुए,
 आनन्द और बहाली की ओर ले जा रहा है।

हे इस्राएल तेरा रचने वाला और हे याकूब तेरा सृजनहार यहोवा अब यों कहता है, मत डर, क्योंकि मैं ने तुझे छुड़ा लिया है; मैं ने तुझे नाम ले कर बुलाया है, तू मेरा ही है। जब तू जल में हो कर जाए, मैं तेरे संग संग रहूंगा और जब तू नदियों में हो कर चले, तब वे तुझे न डुबा सकेंगी; जब तू आग में चले तब तुझे आंच न लगेगी, और उसकी लौ तुझे न जला सकेगी। - यशायाह 43:1-2

बाइबल पाठ: भजन 30:1-12
Psalms 30:1 हे यहोवा मैं तुझे सराहूंगा, क्योंकि तू ने मुझे खींचकर निकाला है, और मेरे शत्रुओं को मुझ पर आनन्द करने नहीं दिया।
Psalms 30:2 हे मेरे परमेश्वर यहोवा, मैं ने तेरी दोहाई दी और तू ने मुझे चंगा किया है।
Psalms 30:3 हे यहोवा, तू ने मेरा प्राण अधोलोक में से निकाला है, तू ने मुझ को जीवित रखा और कब्र में पड़ने से बचाया है।
Psalms 30:4 हे यहोवा के भक्तों, उसका भजन गाओ, और जिस पवित्र नाम से उसका स्मरण होता है, उसका धन्यवाद करो।
Psalms 30:5 क्योंकि उसका क्रोध, तो क्षण भर का होता है, परन्तु उसकी प्रसन्नता जीवन भर की होती है। कदाचित् रात को रोना पड़े, परन्तु सबेरे आनन्द पहुंचेगा।
Psalms 30:6 मैं ने तो अपने चैन के समय कहा था, कि मैं कभी नहीं टलने का।
Psalms 30:7 हे यहोवा अपनी प्रसन्नता से तू ने मेरे पहाड़ को दृढ़ और स्थिर किया था; जब तू ने अपना मुख फेर लिया तब मैं घबरा गया।
Psalms 30:8 हे यहोवा मैं ने तुझी को पुकारा; और यहोवा से गिड़गिड़ाकर यह बिनती की, कि
Psalms 30:9 जब मैं कब्र में चला जाऊंगा तब मेरे लोहू से क्या लाभ होगा? क्या मिट्टी तेरा धन्यवाद कर सकती है? क्या वह तेरी सच्चाई का प्रचार कर सकती है?
Psalms 30:10 हे यहोवा, सुन, मुझ पर अनुग्रह कर; हे यहोवा, तू मेरा सहायक हो।
Psalms 30:11 तू ने मेरे लिये विलाप को नृत्य में बदल डाला, तू ने मेरा टाट उतरवाकर मेरी कमर में आनन्द का पटुका बान्धा है;
Psalms 30:12 ताकि मेरी आत्मा तेरा भजन गाती रहे और कभी चुप न हो। हे मेरे परमेश्वर यहोवा, मैं सर्वदा तेरा धन्यवाद करता रहूंगा।

एक साल में बाइबल: 
  • नीतिवचन 3-5
  • 2 कुरिन्थियों 1