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बुधवार, 3 जुलाई 2013

मन खोल के

   बसन्त ऋतु के आरंभ में मुझे और मेरी पत्नि को हमारी रसोई की खिड़की से एक रोचक दृश्य देखने को मिला। एक पक्षी युगल अपनी चोंच में घास और तिनके लिए पड़ौसी के घर की दीवार में बने एक छेद में आते और जाते थे। फिर कुछ सप्ताह बाद वहाँ से ज़ोर से चहचहाने की आवाज़ें आने लगीं और चिड़िया के चार बच्चे उस छेद से सिर निकाल और पूरा मूँह खोल कर, अपने माता-पिता से भोजन माँगते दिखने लगे; तथा चिड़िया माता पिता बारी बारी उनके लिए भोजन लाकर उनके मूँह और पेट भरने के प्रयास में लगे हुए दिखने लगे।

   चिड़िया के बच्चों के चौड़े खुले मूँह और अपना पेट भरा होने की तीव्र लालसा देख कर मुझे स्मरण हो आया कि कैसे परमेश्वर का वचन बाइबल हम मसीही विश्वासीयों को आत्मिक भोजन की लालसा रखने को कहती है। प्रेरित पतरस ने अपनी पहली पत्री में इस बात को समझाने के लिए छोटे बच्चों की भोजन पाते रहने की लालसा की उपमा दी है: "नये जन्मे हुए बच्‍चों की नाईं निर्मल आत्मिक दूध की लालसा करो, ताकि उसके द्वारा उद्धार पाने के लिये बढ़ते जाओ" (1 पतरस 2:2)। जिस शब्द का अनुवाद "लालसा" हुआ है वह एक संयुक्त शब्द है जिसका मूल युनानी भाषा में अर्थ है एक अति तीव्र इच्छा या बड़ी उत्सुकता से किसी चीज़ को पाने की इच्छा रखना।

   यह विचित्र लग सकता है कि परमेश्वर का वचन हम मसीही विश्वासियों को किसी चीज़ को पाने की तीव्र या उत्सुकता से इच्छा रखने की आज्ञा देता है। लेकिन पक्षियों या मनुष्य के भूखे बच्चों के व्यवहार के विपरीत, हम व्यसक विश्वासीयों को यह स्मरण दिलाने की आवश्यकता रहती है कि हमारी आत्मा को भी उपयुकत भोजन की, जो यथासमय और पौष्टिक हो, की आवश्यकता रहती है। चाहे हम ने बीते समय में बाइबल का अध्ययन किया हो, तो भी हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि शारीरिक भोजन की आवश्यकता के समान ही हमारी आत्मा को भी समय समय पर आत्मिक भोजन की आवश्यकता रहती है, और यदि समय समय पर यह आवश्यकता पूरी नहीं की गई तो हम आत्मिक रीति से कमज़ोर होते जाएंगे।

   परमेश्वर ने अपने बच्चों को भरपेट आत्मिक भोजन भी देने का प्रबंध किया हुआ है, बस हमें मन खोल कर उसे ग्रहण करने भर की आवश्यकता है। - डेनिस फिशर


परमेश्वर के वचन की उपेक्षा आपकी आत्मा को कमज़ोर कर देगा; लेकिन उस पर मनन करते रहने से आप आत्मिक रीति से बलवंत होते जाएंगे।

नये जन्मे हुए बच्‍चों की नाईं निर्मल आत्मिक दूध की लालसा करो, ताकि उसके द्वारा उद्धार पाने के लिये बढ़ते जाओ। - 1 पतरस 2:2

बाइबल पाठ: 1 पतरस 2:1-5
1 Peter 2:1 इसलिये सब प्रकार का बैर भाव और छल और कपट और डाह और बदनामी को दूर करके।
1 Peter 2:2 नये जन्मे हुए बच्‍चों की नाईं निर्मल आत्मिक दूध की लालसा करो, ताकि उसके द्वारा उद्धार पाने के लिये बढ़ते जाओ।
1 Peter 2:3 यदि तुम ने प्रभु की कृपा का स्‍वाद चख लिया है।
1 Peter 2:4 उसके पास आकर, जिसे मनुष्यों ने तो निकम्मा ठहराया, परन्तु परमेश्वर के निकट चुना हुआ, और बहुमूल्य जीवता पत्थर है।
1 Peter 2:5 तुम भी आप जीवते पत्थरों की नाईं आत्मिक घर बनते जाते हो, जिस से याजकों का पवित्र समाज बन कर, ऐसे आत्मिक बलिदान चढ़ाओ, जो यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर को ग्राह्य हों।

एक साल में बाइबल: 
  • अय्युब 25-27 
  • प्रेरितों 12


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