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रविवार, 8 फ़रवरी 2015

रहस्यमय सत्य


   कभी कभी जब अनन्त और असीमित परमेश्वर अपने विचारों को नाशमान एवं सीमित मनुष्यों तक पहुँचाता है तो वह रहस्यमय लगता है। उदाहरण के लिए परमेश्वर के वचन बाइबल में भजन की पुस्तक में एक गंभीर पद है जिससे उत्तर कम और प्रश्न अधिक जन्म लेते हैं: "यहोवा के भक्तों की मृत्यु, उसकी दृष्टि में अनमोल है" (भजन 116:15)। मैं इस बात पर विचार करता और विस्मय के साथ अपना सिर हिलाता हूँ, कि यह कैसे हो सकता है? मैं तो पृथ्वी की आँखों तथा दृष्टिकोण से देखता हूँ और मुझे यह समझना बहुत कठिन होता है कि मेरी 17 वर्षीय पुत्री मेलिस्सा के एक कार दुर्घटना में आक्समिक मारे जाने, या किसी अन्य जन के अपने किसी प्रीय जन को खो देने में भला क्या "अनमोल" हो सकता है?

   इस रहस्य से पर्दा उठना तब आरंभ होता है जब हम इस बात पर विचार करते हैं कि जो परमेश्वर के लिए अनमोल है वह केवल सांसारिक आशीषों तक ही सीमित नहीं है; यह पद परमेश्वर के स्वर्गीय दृष्टिकोण को लेकर लिखा गया है। परमेश्वर के वचन के एक और भाग, भजन 139:16 से मैं समझने पाता हूँ कि मेलिस्सा का परमेश्वर के पास स्वर्ग में आना अपेक्षित था, परमेश्वर उसके आने की बाट जोह रहा था, और यह उसके लिए अनमोल था। इसे ऐसे समझिए, जब हमारे बच्चे किसी दूर स्थान पर कुछ समय बिता कर लौट कर आते हैं, तो उन्हें वापस अपने पास, अपने साथ देखने का सुख और आनन्द कैसा अद्भुत होता है, कितना अनमोल होता है। ऐसे ही परमेश्वर भी अपने बच्चों के वापस घर आने से आनन्दित होता है और यह आनन्द उसके लिए भी अनमोल है।

   जब एक मसीही विश्वासी के लिए मौत आती है, तब वास्तव में परमेश्वर स्वर्ग में उसका स्वागत अपनी बाहें खोलकर अपनी उपस्थिति में कर रहा होता है। प्रीय जनों से पृथ्वी पर बिछुड़ने के दुख में भी हम इस बात से सांत्वना ले सकते हैं कि यह परमेश्वर की दृष्टि में अनमोल है। - डेव ब्रैनन


एक स्थान का सूर्यास्त, दूसरे स्थान का सूर्योदय होता है।

धर्मी जन नाश होता है, और कोई इस बात की चिन्ता नहीं करता; भक्त मनुष्य उठा लिये जाते हैं, परन्तु कोई नहीं सोचता। धर्मी जन इसलिये उठा लिया गया कि आने वाली आपत्ति से बच जाए - यशायाह 57:1

बाइबल पाठ: यूहन्ना 17:20-26
John 17:20 मैं केवल इन्‍हीं के लिये बिनती नहीं करता, परन्तु उन के लिये भी जो इन के वचन के द्वारा मुझ पर विश्वास करेंगे, कि वे सब एक हों। 
John 17:21 जैसा तू हे पिता मुझ में हैं, और मैं तुझ में हूं, वैसे ही वे भी हम में हों, इसलिये कि जगत प्रतीति करे, कि तू ही ने मुझे भेजा। 
John 17:22 और वह महिमा जो तू ने मुझे दी, मैं ने उन्हें दी है कि वे वैसे ही एक हों जैसे की हम एक हैं। 
John 17:23 मैं उन में और तू मुझ में कि वे सिद्ध हो कर एक हो जाएं, और जगत जाने कि तू ही ने मुझे भेजा, और जैसा तू ने मुझ से प्रेम रखा, वैसा ही उन से प्रेम रखा। 
John 17:24 हे पिता, मैं चाहता हूं कि जिन्हें तू ने मुझे दिया है, जहां मैं हूं, वहां वे भी मेरे साथ हों कि वे मेरी उस महिमा को देखें जो तू ने मुझे दी है, क्योंकि तू ने जगत की उत्‍पत्ति से पहिले मुझ से प्रेम रखा। 
John 17:25 हे धामिर्क पिता, संसार ने मुझे नहीं जाना, परन्तु मैं ने तुझे जाना और इन्‍होंने भी जाना कि तू ही ने मुझे भेजा। 
John 17:26 और मैं ने तेरा नाम उन को बताया और बताता रहूंगा कि जो प्रेम तुझ को मुझ से था, वह उन में रहे और मैं उन में रहूं।

एक साल में बाइबल: 
  • लैव्यवस्था 4-5
  • मत्ती 24:29-51



शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2010

अन्मोल लोग

अमेरिका के एक प्रसिद्ध अखबार में एक लेख छपा, जिसमें कुछ अधेड़ अमेरिकी नागरिकों द्वारा उनकी खोई हुई प्रिय कार को ढूंढ निकालने के प्रयासों का वर्णन था। ये लोग विज्ञापनों द्वारा खोज कर, रद्दी सामान के स्थानों में ढूंढकर और ढूंढने में माहिर विशेषज्ञों का सहारा लेकर, जो एक घंटे के लिये $४०० तक का मेहनताना लेते हैं, अपनी जवानी के प्रतीक को खोज निकालना चाहते हैं। उन्हें अपनी कार जैसी कोई दूसरी कार नहीं चाहिये, उन्हें केवल वही खोई हुई कार चाहिये जो कभी उनकी हुआ करती थी!

बहुत से लोगों के लिये उनके ये प्रयास व्यर्थ तथा समय और पैसे की बरबादी हैं, लेकिन उन लोगों के लिये उनकी वह खोई हुई कार अन्मोल है और उसकी कीमत वे ही समझते हैं।

बाइबल के लूका १५ में कुछ ऐसे लोगों के बारे में लिखा है जो समाज की दृष्टि में निन्दित और तिरिस्किरित थे, पर वे प्रभु यीशु के पास उसके प्रवचन सुनने आते थे। कुछ धार्मिक अगुवों को यह नागवार गुज़रा और उन्होंने प्रभु के लिये लांछन दिया "...कि यह तो पापियों से मिलता है और उन के साथ खाता भी है" (लूका १५:२)। यह सुन कर प्रभु यीशु ने तीन नीतिकथाएं सुनाईं जिनके द्वारा उसने सिखाया कि ये पापी भी परमेश्वर की दृष्टि में कितने बहुमूल्य हैं। ये तीन नीतिकथाएं थीं खोयी हुए भेड़ (लूका १५:४-७), खोये हुए सिक्के (लूका १५:८-१०) और खोए हुए पुत्र (लूका १५:११-३२) के विषय में। हर एक नीतिकथा कुछ खोने के दर्द, खोजने के प्रयास और पाने के आनन्द को दर्शाती है। हर एक नीतिकथा में हम परमेश्वर के चित्रण को देखते हैं, उस प्रेमी परमेश्वर पिता के रूप में जो पाप में खोई हुई प्रत्येक आत्मा के वापस लौट आने से अति आनन्दित होता है।

चाहे आज आप अपने आप को परमेश्वर से कितना भी दूर महसूस करते हों या उससे कितना भी दूर क्यों न चले गए हों, आप आज भी उसकी दृष्टि में अनमोल हैं। वह आपको ढूंढ रहा है और आपके लौट आने का इन्तिज़ार कर रहा है। - डेविड मैककैसलैंड


जो खोए हुओं में से वापस लौट आए हैं, अब उनका कर्तव्य खोए हुओं को ढूंढना और लौटने का मार्ग दिखाना है।

क्‍योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है : खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्‍द करने लगे। - लूका १५:२४


बाइबल पाठ: लूका १५:१-२४

सब चुंगी लेने वाले और पापी उसके पास आया करते थे ताकि उस की सुनें।
और फरीसी और शास्त्री कुड़कुड़ा कर कहने लगे, कि यह तो पापियों से मिलता है और उन के साथ खाता भी है।
तब उस ने उन से यह दृष्टान्त कहा।
तुम में से कौन है जिस की सौ भेड़ें हों, और उन में से एक खो जाए तो निन्नानवे को जंगल में छोड़कर, उस खोई हुई को जब तक मिल न जाए खोजता न रहे?
और जब मिल जाती है, तब वह बड़े आनन्द से उसे कांधे पर उठा लेता है।
और घर में आकर मित्रों और पड़ोसियों को इकट्ठे करके कहता है, मेरे साथ आनन्द करो, क्योंकि मेरी खोई हुई भेड़ मिल गई है।
मैं तुम से कहता हूं; कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में भी स्वर्ग में इतना ही आनन्द होगा, जितना कि निन्नानवे ऐसे धमिर्यों के विषय नहीं होता, जिन्हें मन फिराने की आवश्यकता नहीं।
या कौन ऐसी स्त्री होगी, जिस के पास दस सिक्के हों, और उन में से एक खो जाए; तो वह दीया बारकर और घर झाड़ बुहार कर जब तक मिल न जाए, जी लगाकर खोजती न रहे?
और जब मिल जाता है, तो वह अपने सखियों और पड़ोसिनियों को इकट्ठी करके कहती है, कि मेरे साथ आनन्द करो, क्योंकि मेरा खोया हुआ सिक्का मिल गया है।
मैं तुम से कहता हूं; कि इसी रीति से एक मन फिराने वाले पापी के विषय में परमेश्वर के स्वर्गदूतों के साम्हने आनन्द होता है।
फिर उस ने कहा, किसी मनुष्य के दो पुत्र थे।
उन में से छुटके ने पिता से कहा कि हे पिता संपत्ति में से जो भाग मेरा हो, वह मुझे दे दीजिए। उस ने उन को अपनी संपत्ति बांट दी।
और बहुत दिन न बीते थे कि छुटका पुत्र सब कुछ इकट्ठा करके एक दूर देश को चला गया और वहां कुकर्म में अपनी संपत्ति उड़ा दी।
जब वह सब कुछ खर्च कर चुका, तो उस देश में बड़ा अकाल पड़ा, और वह कंगाल हो गया।
और वह उस देश के निवासियों में से एक के यहां जा पड़ा : उस ने उसे अपने खेतों में सूअर चराने के लिये भेजा।
और वह चाहता था, कि उन फलियों से जिन्हें सूअर खाते थे अपना पेट भरे; और उसे कोई कुछ नहीं देता था।
जब वह अपने आपे में आया, तब कहने लगा, कि मेरे पिता के कितने ही मजदूरों को भोजन से अधिक रोटी मिलती है, और मैं यहां भूखा मर रहा हूं।
मैं अब उठकर अपने पिता के पास जाऊंगा और उस से कहूंगा कि पिता जी मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है।
अब इस योग्य नहीं रहा कि तेरा पुत्र कहलाऊं, मुझे अपने एक मजदूर की नाईं रख ले।
तब वह उठकर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा।
पुत्र ने उस से कहा; पिता जी, मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है; और अब इस योग्य नहीं रहा, कि तेरा पुत्र कहलाऊं।
परन्तु पिता ने अपने दासों से कहा; झट अच्छे से अच्छा वस्त्र निकालकर उसे पहिनाओ, और उसके हाथ में अंगूठी, और पांवों में जूतियां पहिनाओ।
और पला हुआ बछड़ा लाकर मारो ताकि हम खांए और आनन्द मनावें।
क्योंकि मेरा यह पुत्र मर गया था, फिर जी गया है : खो गया था, अब मिल गया है: और वे आनन्द करने लगे।

एक साल में बाइबल:
  • यर्मियाह १८, १९
  • २ तिमुथियुस ३